मणिपुर हिंसा: सोमवार को सुप्रीम कोर्ट और संसद में क्या-क्या हुआ?

सोमवार को मॉनसून सत्र के दौरान मणिपुर में हिंसा पर चर्चा और प्रधानमंत्री के बयान की मांग को लेकर हंगामे का दौर जारी रहा.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and स्नेहा

  1. मणिपुर के मुद्दे पर सरकार संसद में बोली- आज दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए

    पीयूष गोयल

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    राज्यसभा में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा है कि सरकार दो बजे मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार है.

    इस बीच लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विपक्ष का हंगामा जारी रहा. लोकसभा को दो बजे और राज्यसभा को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया है.

    धनधड़ ने कहा, ''मैंने आप लोगों से कहा था कि मणिपुर पर चर्चा के लिए मैं सदन के नेता से पूछकर बताऊंगा. मैंने उनसे बात की. सरकार मणिपुर पर आज (सोमवार) को चर्चा के लिए तैयार है.''

    इससे पहले राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा- ''जब मणिपुर पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है, तब विपक्ष जो कर रहा है वो देश देख रहा है. विपक्ष आख़िर क्या मैसेज देना चाहता है, क्या विपक्ष बहस से भाग रहा है? ये मणिपुर की सच्चाई सामने नहीं लाने दे रहे. इस सदन में हम मणिपुर पर चर्चा आज ही चाहते हैं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए. आज दोपहर दो बजे ही मणिपुर पर चर्चा की जाए.''

    कुछ दिन पहले मणिपुर का एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में पुरुषों की भीड़ दो औरतों को निर्वस्त्र कर दौड़ाते और यौन उत्पीड़न करते हुए दिखी थी. पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया था.

    वीडियो वायरल होने के बाद से विपक्ष मांग कर रहा है कि पीएम मोदी इस मुद्दे पर दोनों सदनों में आकर बयान दें.

    सरकार का कहना है कि विपक्ष कभी मणिपुर पर चर्चा की मांग करता है तो कभी पीएम मोदी से संबोधन की मांग करता है.

  2. मणिपुर दौरे से लौट कर बोले मनोज झा- वहां वो हो रहा है जो आप देख भी नहीं पाएंगे

    मणिपुर

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    शनिवार को मणिपुर के दौरे पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (I.N.D.I.A) के सांसद पहुंचे. 21 सांसदों में से एक आरजेडी के सांसद मनोज कुमार झा भी थे.

    अपने दौरे से लौट कर उन्होंने मणिपुर का हाल बयां करते हुए कहा, “मणिपुर को रणनीति नहीं, मरहम की ज़रुरत है. मरहम रणनीति का हिस्सा नहीं हो सकता. वहां समुदायिक रिश्ते बिखर गए हैं, तार-तार हो गए हैं. हमारे पास क्या विकल्प है यही कि हम न्याय के साथ शांति की अपील करें.”

    “स्टूडेंट्स का करियर दांव पर लगा हुआ है, इंटरनेट शटडॉउन है, अफवाह उड़ायी जा रही है. कमोबेश वहां के रिलीफ़ कैंप और लोगों को देखने के बाद लगता है कि अगर सरकार अभी भी प्रो एक्टिव ना हो, अभी भी पीएम संसद में आकर संदेश ना दें तो क्या बचा है.”

    “मणिपुर के लोग अपनी सामूहिक पीड़ा को जल्दी भूलेंगे नहीं. मीडिया एजेंसियों के लोग हैं वहां, उनसे पूछिए, आप वो देख नहीं सकते, वहां टिक नहीं पाएंगे, भावनाओं पर काबू नहीं कर पाएंगे और ये सब तीन महीने से चल रहा है.”

    बीते तीन महीने से मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हिंसा जारी है. अब तक 180 लोगों की मौत इस हिंसा में हो चुकी है और कई हज़ार लोग राहत शिविरों में रहने को मज़बूर हैं.

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  3. दिल्ली सर्विस बिल आज संसद में हो सकता है पेश, राघव चड्ढा बोले- लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे अलोकतांत्रिक काम

    राघव चड्ढा

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    दिल्ली सर्विस बिल को आज केंद्र सरकार संसद में पेश कर सकती है.

    बीते दिनों केंद्र सरकार इसे लेकर एक अध्यादेश लायी थी अब इसे क़ानून बनाने के लिए संसद में पेश किया जाएगा.

    इस पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा है, “यह भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे अलोकतांत्रिक, अवैध विधायी काम है जो बीजेपी कर रही है. ये बिल दिल्ली के दो करोड़ लोगों पर हमला है."

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस अध्यादेश के खिलाफ़ हैं. कांग्रेस और अन्य पार्टियां भी इस अध्यादेश का विरोध कर रही हैं.

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    क्या है ये बिल

    इस साल मई में केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) अध्यादेश, 2023 लेकर आई. इसके तहत दिल्ली में सेवा दे रहे 'दानिक्स' कैडर के 'ग्रुप-ए' अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए 'राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण' गठित किया जाएगा. प्राधिकरण को सभी 'ग्रुप ए और दानिक्‍स के अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति से जुड़े फैसले लेने का हक़ तो होगा लेकिन आख़िरी मुहर उपराज्यपाल की होगी.

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पक्ष में फ़ैसला सुनाते हुए दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफ़र और पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को दे दिया था. लेकिन इस फ़ैसले के खिलाफ़ केंद्र सरकार अध्यादेश लेकर आई और ये हक़ फ़िर दिल्ली के उपराज्यपाल को दे दिया गया है, जिसे केंद्र सरकार चुनती है.

    ये मामला इस वक़्त सुप्रीम कोर्ट में है और अब पांच सदस्यीय संविधान पीठ इस पर सुनवाई करेगी.

  4. मणिपुर वायरल वीडियो मामले में महिलाएं पहुंची सुप्रीम कोर्ट, आज होगी सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट

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    मणिपुर की कुकी महिलाएं, जिनके साथ हुई यौन हिंसा का वीडियो बीते दिनों वायरल हुआ था, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया है.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती को महिलाओं के वकील ने बताया है कि इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.

    चीफ़ जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी.

    दोनों महिलाओं ने केंद्र और मणिपुर सरकार के ख़िलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

    याचिका में निष्पक्ष जांच के आदेश देने की मांग की गई है. साथ ही महिलाओं ने अनुरोध किया है कि उनकी पहचान सार्वजनिक ना की जाए.

    चार मई को मणिपुर में दो कुकी महिलाओं को भीड़ ने निर्वस्त्र कर परेड कराई थी, उनके साथ यौन हिंसा की गई और आरोप है कि इनमें से एक महिला के साथ सरेआम रेप किया गया. ये वीडियो 19 जुलाई को वायरल हुआ था.

    इस वीडियो के सामने आने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर को लेकर बयान दिया, और कहा- इस घटना ने 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार किया है.

    सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, महाराष्ट्र: आरपीएफ के जवान ने चलती ट्रेन में चार लोगों को मारी गोली

    रेलवे सुरक्षा बल

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    रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक जवान ने सोमवार को महाराष्ट्र के पालघर में जयपुर से मुंबई जा रही ट्रेन में चार लोगों को गोली मार दी.

    इन चारों लोगों की मौत हो गई है. रेलवे सुरक्षा बल ने बताया है कि अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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    पश्चिमी रेलवे ने बताया है कि पालघर स्टेशन पार करने के बाद एक आरपीएफ कांस्टेबल ने चलती ट्रेन जयपुर एक्सप्रेस के अंदर फ़ायरिंग कर दी.

    इस घटना में एक आरपीएफ एएसआई और तीन यात्रियों की मौत हुई है.

  6. मुहर्रम जुलूस के रास्ते यात्रा निकालने की ज़िद पर अड़े कांवड़ियों पर एक्शन लेने वाले एसएचओ सस्पेंड

    कांवड़ का जत्था

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    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बिना अनुमति वाले रास्ते से कांवड़ का जत्था डीजे के साथ निकालने की जिद पर अड़े कावंड़ियों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.

    बरेली हाईवे पर मुहर्रम जुलूस निकाल रहे लोगों के साथ कांवड़ियों का एक समूह आमने-सामने आ गया था. कावड़ियों का एक समूह मुस्लिमों के इलाके से जत्था निकालना चाहता था, और पुलिस को बलप्रयोग करना पड़ा था.

    इसके बाद रविवार को तीन पुलिसकर्मियों को "कर्तव्य में लापरवाही" के लिए निलंबित कर दिया है.

    एसपी अतुल शर्मा ने मीडिया को बताया, “प्रारंभिक जांच के बाद, जहानाबाद पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) प्रवीण कुमार और पुलिस चौकी प्रभारी आदित्य सिंह को कर्तव्य में लापरवाही के आधार पर निलंबित कर दिया गया है. अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार यादव को घटना की जांच करने को कहा गया है. ”

    इससे पहले चौकी प्रभारी आदित्य सिंह ने इस मामले में एक एफ़आईआर दर्ज की थी जिसमें 125 अज्ञात लोगों को नमज़द किया गया था.

    शनिवार को बरेली हाइवे पर मुहर्रम जुलूस निकाल रहे लोगों और कांवड़ियों का एक समूह आमने-सामने आ गया था, लेकिन पुलिस ने समय पर हस्तक्षेप कर मामले को काबू में कर लिया.पुलिस की ओर पथराव भी किया गया, जिसमें क्षेत्राधिकारी (सदर) प्रतीक दहिया घायल हो गये थे.

  7. मुहर्रम के जुलूस को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल दिल्ली पुलिस को ज्ञापन देने पहुंचे

    बजरंग दल

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    विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने पश्चिमी दिल्ली में मुहर्रम के जुलूस के दौरान शनिवार को हुई झड़पों पर पुलिस को एक ज्ञापन सौंपा. ये जानकारी दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने दी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अधिकारी ने ये भी बताया है कि ज्ञापन सौंपने के बाद इन दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नांगलोई पुलिस स्टेशन के बाहर 'देश के गद्दारो को गोली मारो...' और 'जय श्री राम' के नारे लगाए. लगभग आधे घंटे तक ये नारेबाजी की गई.

    अधिकारियों ने बताया कि नांगलोई में मुहर्रम के जुलूस में शामिल होने वाली "अनियंत्रित भीड़" की पुलिस कर्मियों के साथ झड़प हुई और उन पर पथराव किया गया. जिसके बाद पुलिस ने रविवार को इसे लेकर तीन मामले दर्ज किए.

    इन झड़पों में छह पुलिसकर्मियों सहित 12 लोग घायल हुए हैं, जबकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है.

    पुलिस ने शनिवार को कहा था, ''नांगलोई इलाके में कई ताजिया जुलूस निकाले जा रहे थे और उनमें करीब आठ से 10 हजार लोगों ने हिस्सा लिया. मेन रोहतक रोड पर एक या दो आयोजक अनियंत्रित हो गए और उस मार्ग से भटकने की कोशिश की जो पहले से तय किए गए थे.''

    पुलिस ने उन्हें पूर्व-निर्धारित रास्ते पर बनाए रखने के लिए ज़रूरी क़दम उठाए और डंडों का भी इस्तेमाल किया. पुलिस के मुताबिक़ उनमें से अधिकांश लोगों ने सहयोग किया लेकिन कुछ लोग अनियंत्रित हो गए और जनता को भड़काना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस पर पथराव किया गया.

  8. नीजेर में तख्तापलट के बाद पश्चिम अफ़्रीकी देशों ने दी सैन्य कार्रवाई की धमकी

    नीजेर

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    पश्चिम अफ़्रीकी देशों के नेताओं ने पिछले सप्ताह तख्तापलट कर सत्ता में आए नीजेर के जुंटा के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दी है.

    नेताओं ने बंदी बनाए गए देश के राष्ट्रपति मुहम्मद बज़ूम को बहाल करने के लिए जुंटा को सात दिन का समय दिया है.

    इससे पहले, जुंटा ने चेतावनी दी थी कि वह क्षेत्रीय या पश्चिमी शक्तियों की ओर से नीजेर के ख़िलाफ़ किसी भी आक्रामक योजना का विरोध करेगा.

    इस बीच सैकड़ों तख्तापलट समर्थकों ने राजधानी नियामी में फ्रांसीसी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. 1960 में आज़ादी मिलने तक फ्रांस ने नीजेर पर एक औपनिवेशिक शक्ति के रूप में शासन किया.

    पश्चिम अफ़्रीकी देशों के गुट इकोवास के नेताओं ने नीजेर के तख्तापलट पर चर्चा करने के लिए रविवार को नाइजीरिया की राजधानी अबुजा में एक बैठक की. नीजेर में ये तख्तापलट माली और बुर्किना फ़ासो में सेना के तख्तापलट के बाद हुआ है.

    इस बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि इकोवास देश तख्तापलट को बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. यदि एक सप्ताह के भीतर मांगें पूरी नहीं की गईं तो क्षेत्रीय गुट "संवैधानिक व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएगा".

    बीते सप्ताह नीजेर की सेना ने नेशनल चैनल पर देश में तख्तापलट का एलान किया था.

    उन्होंने कहा था कि देश का संविधान ख़त्म कर दिया गया है, सभी संस्थाओं को रद्द कर दिया गया है और देश की सीमाएं बंद कर दी गई हैं.

    नीजेर के राष्ट्रपति मुहम्मद बज़ूम को बुधवार सुबह से ही बंधक बना कर रखा गया है.

  9. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो. ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा. 30 जुलाई के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहांक्लिककरें.