महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान, पढ़िए आज क्या-क्या हुआ

एक ओर जहां एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने अजित पवार के धड़े में शामिल नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है. वहीं, अजित पवार गुट ने पार्टी में कई नई नियुक्तियों का एलान किया है.

लाइव कवरेज

विकास त्रिवेदी and अनुराग कुमार

  1. शरद पवार पहुंचे सतारा, कार्यकर्ताओं को दिया ये संदेश

    शरद पवार

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    भतीजे अजित पवार समेत पार्टी के कई प्रमुख नेताओं के महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के एक दिन बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सतारा में कार्यकर्ताओं से बात की और कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने की ज़रूरत है.

    उन्होंने हालिया घटनाक्रम और महाविकास अघाड़ी सरकार को गिराए जाने का ज़िक्र किया और आरोप लगाया कि देश में चुनी हुई सरकारों को गिराया जा रहा है.

    उन्होंने कहा, "हम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र की सेवा कर रहे हैं लेकिन कुछ लोगों ने हमारी सरकार गिरा दी. देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी ऐसा ही हुआ."

    शरद पवार ने कहा, "आज देश में लोकतंत्र को बचाने की ज़रूरत है."

    शरद पवार सतारा के कराड़ में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री यशवंत राव चव्हाण की समाधि पर पहुंचे थे.

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    कार्यकर्ताओं को पार्टी मजबूत करने का संदेश देते हुए शरद पवार ने कहा, "फिर से नई शुरुआत करने की ज़रूरत है. "

    उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आज समाज में सांप्रदायिक दरार पैदा करने वाली शक्तियों से लड़ने की ज़रूरत है.

    शरद पवार ने कहा, "आज देश और महाराष्ट्र में कुछ समूहों द्वारा जाति और धर्म के नाम पर समाज के बीच दरार पैदा की जा रही है. इनसे लड़ने की ज़रूरत है. "

  2. महाराष्ट्र की सियासी हलचल के बीच विपक्षी एकजुटता का क्या होगा, नेताओं के अलग-अलग दावे

    पटना में विपक्ष की एकजुटता

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    एक ऐसे वक़्त में जब 2024 चुनाव को लेकर बीजेपी के ख़िलाफ़ विपक्षी पार्टियां एकजुट हो रही हैं, तब महाराष्ट्र से विपक्षी खेमे के लिए अच्छी ख़बर नहीं आई.

    एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार और पार्टी के आठ अन्य नेता एकनाथ शिंदे की सरकार में शामिल हो गए.

    अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

    शरद पवार ने इस घटनाक्रम के बाद कहा, ''आज देश और महाराष्ट्र में कुछ समूहों की ओर से जाति और धर्म के नाम पर समाज के बीच दरार पैदा की जा रही है.''

    शरद पवार सोमवार को महाराष्ट्र में कई इलाक़ों का दौरा कर रहे हैं. रविवार को शरद पवार ने कहा था कि वो पार्टी को फिर से खड़ा करेंगे.

    जानकारों की राय है कि महाराष्ट्र में जो हो रहा है, उसका असर देश की राजनीति पर भी देखने को मिलेगा. विपक्षी दलों की अगली बैठक की तारीख आगे बढ़ाने जाने की भी चर्चा है.

    सुशील मोदी ने क्या कहा?

    बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राज्यसभा से बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने दावा किया है कि महाराष्ट्र जैसी स्थिति बिहार में भी देखने को मिल सकती है.

    सुशील कुमार मोदी ने कहा, ''बिहार में भी महाराष्ट्र-जैसी स्थिति बन सकती है, इसे भांप कर नीतीश कुमार ने विधायकों से अलग-अलग बात करना शुरू कर दिया है.''

    जेडीयू पर सुशील कुमार मोदी ने कहा, ''जेडीयू के विधायक-सांसद न राहुल गांधी को स्वीकार करेंगे, न तेजस्वी यादव को. जेडीयू में भगदड़ की आशंका है.''

    नारायण राणे का दावा

    उधर, केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने दावा किया है कि चुनाव के पहले विपक्ष के कई और नेता सत्ताधारी खेमे में आ सकते हैं.

    इस बीच ये भी चर्चा है कि विपक्षी दलों की शिमला में प्रस्तावित अगली बैठक आगे बढ़ाई जा सकती है.

    मनोज झा ने क्या कहा?

    राज्यसभा से आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, ''विपक्ष की अगली बैठक में कुछ देरी हो सकती है. या फिर हो सकता है कि ये बैठक 2-4 दिन पहले हो जाए. अभी कोई तारीख़ तय नहीं है. लेकिन संभव है कि संसद के मॉनसून सत्र से पहले ये बैठक होगी.''

    मनोज झा बोले, ''सुविधा के हिसाब से तारीख़ तय की जाएगी. बिहार में सेशन चल रहा है. ममता जी की भी कुछ मजबूरियां हैं. स्टालिन जी भी व्यस्त हैं जो संभवत: कुछ देर हो सकती है.''

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  3. 'अजित दादा चक्की पीसिंग एंड पीसिंग' बयान पर क्यों घिरे देवेंद्र फडणवीस ?

    देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार

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    इमेज कैप्शन, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार

    अजित पवार ने जब रविवार को उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो राजनीति के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.

    अजित पवार एनसीपी के नौ विधायकों समेत महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हुए.

    इस मौक़े पर अजित पवार की देवेंद्र फडणवीस के साथ की एक तस्वीर भी सामने आई.

    इस तस्वीर में देवेंद्र फडणवीस अजित पवार के साथ मुस्कुराते हुए दिख रहे थे.

    इस तस्वीर और नए सियासी मिलन पर आलोचकों की भी नज़र गई. साथ ही कांग्रेस नेताओं समेत कुछ लोगों को देवेंद्र फडणवीस का एक पुराना बयान भी याद आया.

    ये बयान साल 2014 का है.

    तब देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, ''सिंचाई घोटाले में अजित दादा ने क्या किया, ये सबको पता है. जब हमारी सरकार आएगी, तब अजित दादा चक्की पीसिंग, पीसिंग, पीसिंग एंड पीसिंग.''

    फडणवीस का ये बयान शोले फ़िल्म के डायलॉग से प्रेरित है. फ़िल्म के एक सीन में वीरू का किरदार निभा रहे धर्मेंद्र पानी की टंकी पर चढ़कर 'चक्की पीसिंग एंड पीसिंग' बसंती की मौसी के लिए कहते हैं.

    ऐसे में जो फडणवीस कभी अजित पवार को जेल भेजने की बात करते थे, वो जब दूसरी बार अजित पवार के साथ आए और उनके उप-मुख्यमंत्री की शपथ लेते वक़्त मौजूद रहे तो ये बात सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आई.

    कांग्रेस नेता चंदन यादव ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा, ''देवेंद्र फडणवीस अजित पवार से जेल में चक्की पिसवा रहे थे. अब वे उनके बराबर उप-मुख्यमंत्री बन गए हैं.''

    वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया, ''अजित दादा चक्की पीसिंग और पिसिंग, पिसिंग करते करते अब फडणवीस के साथ उप-मुख्यमंत्री बन गए हैं.''

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    पीएम मोदी के दावे पर विपक्ष के सवाल

    सोशल मीडिया पर कई लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई के दावे पर भी सवाल उठा रहे हैं.

    निगार परवीन लिखती हैं, ''किसी ने सुना था, कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार पर कुछ बोल रहे थे? सारे भ्रष्टाचारी डिप्टी सीएम, मंत्री बना दिए जाएंगे तो जेल में किसको डालेंगे?''

    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी पीएम मोदी के हाल ही में दिए बयान का वीडियो शेयर किया.

    इस वीडियो में पीएम मोदी कहते दिखते हैं, ''अगर उनकी घोटाले की गारंटी है तो मोदी की भी गारंटी है. मेरी गारंटी है कि हर घोटालेबाज़ पर कार्रवाई की गारंटी है.''

    संजय सिंह ने आरोप लगाया, ''नरेंद्र मोदी देश में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े पोषक हैं. दो दिन पहले भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की गारंटी दी. आज “चक्की पिसिंग” वाले को उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल को मंत्री बनाया.''

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  4. शरद पवार के फिर से पार्टी खड़ा करने के दावे पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री नारायण राणे

    नारायण राणे

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    केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के दावे पर सवाल उठाया है और कहा है कि उनके लिए पार्टी को दोबारा खड़ा करना आसान नहीं होगा.

    अजित पवार और दूसरे नेताओं के महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद शरद पवार ने कहा था कि वो चिंतित नहीं हैं. उनके साथ पहले भी ऐसा हो चुका है और वो फिर से लोगों के बीच जाकर पार्टी को खड़ा करेंगे.

    नारायण राणे ने इस दावे को ख़ारिज करते हुए कहा कि उनके लिए आज के दौर में ऐसा करना आसान नहीं होगा.

    नारायण राणे ने कहा, "पवार साहब इसके पहले भी ऐसा ही कहते थे, सब मेरे साथ हैं, पार्टी मजबूत है, मैं अध्यक्ष हूं तो उनके सामने 40 लोग निकल गए. "

    उन्होंने कहा, "इतना आसान नहीं है पार्टी फिर खड़ा करना आज की तारीख में. इधर तो सरकार है. दिल्ली में सरकार है. "

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    उद्धव ठाकरे पर क्या कहा?

    नारायण राणे ने दावा किया कि ताज़ा घटनाक्रम के बाद शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी टेंशन में हैं.

    उन्होंने कहा, "उद्धव ठाकरे टेंशन में आए हैं अभी. वो तीन साल पहले बोल रहे थे कि खुद के बूते पर चुनाव लड़ेंगे."

    नारायण राणे ने दावा किया कि विरोधी खेमे से नेताओं का बीजेपी गठबंधन में आने का क्रम आगे भी जारी रहेगा.

    उन्होंने कहा, "जैसे चुनाव नजदीक आएगा, महा विकास अघाड़ी के काफ़ी नेता आ जाएंगे. "

  5. एस जयशंकर ने बताया- पीएम मोदी का अमेरिकी दौरा बाक़ी प्रधानमंत्रियों से अलग क्यों था?

    जयशंकर, मोदी, बाइडन

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    विदेश मंत्री एस जयंशकर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि की वजह से उनका अमेरिकी दौरा पहले के प्रधानमंत्रियों के दौरे से अलग स्तर पर रहा.

    विदेश मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के फ़ैसलों का असर दुनिया की राजनीति पर पड़ता है.

    जयशंकर ने कहा, ''आपने देखा होगा कि पहले भी कई प्रधानमंत्री अमेरिका पर जा चुके हैं. इस बार ये दौरा अलग स्तर का था. ऐसा इसलिए था क्योंकि मोदी जी की अपनी पहचान, छवि थी.''

    जयशंकर बोले, ''आज दुनिया में लोग पीएम मोदी को मानते हैं. ख़ासकर लोकतांत्रिक देशों में पीएम मोदी को वरिष्ठ, विश्वसनीय, अनुभवी नेता के तौर पर देखे जाते हैं. जब पीएम मोदी कुछ तय करते हैं तो इसका पूरा असर विश्व की राजनीति पर पड़ता है.''

    अपनी सरकार की तारीफ़ करते हुए जयशंकर ने कहा, ''अगर पिछले नौ साल के आइडिया की बात करें तो वो आइडिया भारत से आए हैं.''

    भारत की विदेश नीति बीते कुछ सालों से चर्चा में रही है. ख़ासकर जिस तरह से रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने तेल खरीदने को लेकर स्टैंड लिया, उसका असर भारत समेत कई देशों पर देखने को मिला.

    जयशंकर खुद भी अपनी सरकार की नीतियों पर बोले, ''आज विदेश नीति में तकनीक का बहुत अहम रोल है. आप चाहें या ना चाहें दुनिया आपके यहां तो आएगी ही. ये अवसरों के तौर पर भी आ सकती हैं और कई बार चुनौतियों के तौर पर भी आ सकती हैं.''

    जयशंकर भले ही अपनी सरकार की तारीफ़ कर रहे हों मगर कांग्रेस पीएम मोदी के दौरे पर तंज कसती रही है.

    कांग्रेस ने कहा था कि पीएम मोदी अमेरिका में हैं मगर मणिपुर पर ख़ामोश हैं.

    मणिपुर में बीते 60 दिनों से ज़्यादा वक़्त से हिंसा जारी है.

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  6. सुशील कुमार मोदी बोले- महाराष्ट्र जैसा हाल बिहार में भी संभव

    सुशील कुमार मोदी

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    महाराष्ट्र में हुए बड़े सियासी फेरबदल पर बिहार से भी प्रतिक्रिया आ रही है.

    बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बिहार में महाराष्ट्र जैसे हालात बनने की संभावनाओं का दावा किया है.

    सुशील कुमार मोदी ने रविवार शाम ट्वीट किया, ''शरद पवार की पार्टी एनसीपी में विद्रोह विपक्षी एकता की पटना बैठक का परिणाम है, जिसमें राहुल गाँधी को प्रोजेक्ट करने की ज़मीन तैयार की जा रही थी.''

    सुशील कुमार मोदी बोले, ''बिहार में भी महाराष्ट्र-जैसी स्थिति बन सकती है, इसे भांप कर नीतीश कुमार ने विधायकों से अलग-अलग बात करना शुरू कर दिया है.''

    जेडीयू पर टिप्पणी करते हुए सुशील कुमार मोदी ने कहा, ''जेडीयू के विधायक-सांसद न राहुल गांधी को स्वीकार करेंगे, न तेजस्वी यादव को. जेडीयू में भगदड़ की आशंका है.''

    नीतीश कुमार को घेरते हुए सुशील मोदी और क्या बोले?

    • जेडीयू पर वजूद बचाने का ऐसा संकट पहले कभी नहीं था, इसलिए नीतीश कुमार ने 13 साल में कभी विधायकों को नहीं पूछा.आज वो हर किसी से अलग से मिल रहे हैं.
    • जेडीयू अगर महागठबंधन में रहा तो टिकट बँटवारे में उसके हिस्से लोकसभा की 10 से ज्यादा सीट नहीं आएगी.
    • कई सांसदों पर बेटिकट होने की तलवार लटकती रहेगी. यह भी विद्रोह का कारण बन सकता है.
    • नीतीश कुमार ने विधायकों से बिना पूछे भाजपा से गठबंधन तोड़ा, लालू प्रसाद से फिर हाथ मिलाया और बिहार में विकास की रफ्तार तोड़ी. इससे पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है. अब वन-टू-वन बातचीत से आग बुझने वाली नहीं है.
  7. महाराष्ट्र का सियासी ड्रामा: शिवसेना नेता संजय राउत ने किया बड़ा दावा

    संजय राउत

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    महाराष्ट्र में सियासी हलचल सोमवार को भी जारी है.

    अजित पवार के महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने और उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ है.

    अब शिवसेना नेता संजय राउत ने बड़ा दावा किया है.

    संजय राउत ने कहा, ''महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बदलने जा रहा है. एकनाथ शिंदे के साथ जो 16 विधायक हैं, वो जल्द ही अयोग्य ठहराए जाएंगे. जो सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय है, उसके हिसाब से उनको कोई नहीं बचा सकता.''

    संजय राउत बोले, ''इसीलिए अजित पवार और उनके लोगों को शामिल किया है. एकनाथ शिंदे (बतौर सीएम) कुछ दिनों के मेहमान हैं.''

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    रविवार को अजित पवार समेत नौ एनसीपी विधायक महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे.

    इस फ़ैसले के बाद शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था- ''जिन लोगों को ज़िम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने ढंग से उसे नहीं निभाया. हम जनता के बीच जाएंगे. एनसीपी को फिर से खड़ा करेंगे.''

    इस बीच सोमवार को शरद पवार महाराष्ट्र में सतारा की ओर रुख कर रहे हैं.

    शरद पवार के काफ़िले के साथ एनसीपी समर्थकों की भीड़ देखी जा सकती है.

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  8. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी के आवास के ऊपर दिखी ड्रोन जैसी चीज़, दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

    पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास सात लोक कल्याण मार्ग के ऊपर ड्रोन जैसी चीज़ उड़ते दिखने की ख़बर है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सोमवार सुबह पांच बजे पीसीआर को इस बारे में कॉल रिसीव हुई थी कि प्रधानमंत्री आवास के ऊपर ड्रोन जैसी कुछ चीज़ उड़ती दिखी है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, जैसे ही ड्रोन के बारे में पता चला, प्रधानमंत्री की सुरक्षा का ज़िम्मा संभालने वाली एसपीजी ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया.

    पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जब जांच की तो अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है.

    दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने कहा कि इस बारे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भी कुछ नहीं मिला है.

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    एएनआई के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है.

    प्रधानमंत्री आवास नो-फ्लाइंग ज़ोन होता है. यानी इस इलाक़े में ड्रोन, हेलिकॉप्टर के उड़ाने की मनाही होती है.

    प्रधानमंत्री आवास दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग में है. ये आवास 12 एकड़ में बना है.

  9. शरद पवार ने कहा- हम परिवार में राजनीति की बात नहीं करते

    सुप्रिया सुले. शरद पवार और अजीत पवार

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    अजित पवार के बाग़ी होने के बाद महाराष्ट्र में सियासी गतिविधियां तेज़ हो गई हैं.

    अजित पवार अपने चाचा शरद पवार का साथ छोड़कर रविवार को महाराष्ट्र सरकार में शामिल हुए हैं. अजित ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. अजित समेत एनसीपी के नौ विधायक भी एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हुए हैं.

    इससे पहले भी एक बार अजित पवार ने एनसीपी विधायकों के साथ मिलकर फडणवीस सरकार से हाथ मिलाया था. हालांकि ये साथ तब ज़्यादा दिन नहीं चल पाया था.

    अब जब अजित पवार एक बार फिर विपक्ष के पाले से सत्ता के पाले में पहुंच गए हैं तब पवार परिवार की एकता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

    शरद पवार से एनडीटीवी के रिपोर्टर ने इस बारे में सवाल किया कि आपके परिवार में सब ठीक है?

    शरद पवार ने जवाब दिया, ''परिवार में कोई दिक़्क़त नहीं है. हम परिवार में राजनीति पर बात नहीं करते हैं. हर कोई अपने फ़ैसले ख़ुद लेता है.''

    शरद पवार सोमवार सुबह सतारा के लिए निकले हैं. वो बोले, ''मैंने अब तक किसी से कोई बात नहीं की है. न ही किसी से संपर्क किया है. मैं बस सतारा के लिए निकल रहा हूं.''

    अजित पवार समेत नौ विधायकों के सत्ता में बैठने पर शरद पवार ने कहा था, ''जिन लोगों को ज़िम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने ढंग से उसे नहीं निभाया. हम जनता के बीच जाएंगे. एनसीपी को फिर से खड़ा करेंगे.''

    इससे पहले एनसीपी सांसद और अजीत पवार की बहन सुप्रिया सुले ने भी अपने भाई संग रिश्तों पर प्रतिक्रिया दी थी.

    सुप्रिया सुले ने रविवार देर रात कहा था, ''जो हुआ वो काफ़ी तकलीफ़देह था. लेकिन इससे मेरे कज़न (चचेरे भाई) अजित से मेरा रिश्ता पहले जैसा ही रहेगा.''

    सुले ने कहा था, ''मैं पर्सनल और प्रोफ़ेशनल रिश्ते को मिक्स नहीं करूंगी. मैं अपने भाई से कभी नहीं लड़ सकती. इमोशनल और प्रोफेशनल काम दो अलग चीज़ें होती हैं.''

  10. पाकिस्तानी मीडिया में अचानक जैक मा की चर्चा क्यों?

    जैक मा

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    अलीबाबा कंपनी के मालिक और चीनी उद्योगपति जैक मा के अचानक लाहौर पहुंचने की ख़बरें पाकिस्तान के मीडिया में बनी हुई हैं.

    पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, जैक मा 29 जून को पाकिस्तान दौरे पर गए थे.

    पाकिस्तानी अख़बारों के मुताबिक़, जैक मा पाकिस्तान में एक दिन रुके थे.

    द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से बात करते हुए बोर्ड ऑफ़ इन्वेस्टमेंट के पूर्व चेयरमैन मोहम्मद अज़फ़ार अहसान ने जैक मा के दौरे की पुष्टि की है.

    जैक मा ने पाकिस्तान दौरे पर न ही सरकार के किसी नुमाइंदे से मुलाक़ात की और न ही मीडिया से बात की.

    द एक्सप्रेस ट्रिब्यून लिखता है कि जैक मा एक प्राइवेट लोकेशन पर रुके हुए थे और वो एक प्राइवेट जेट से पाकिस्तान आए थे.

    जैक मा के आने से पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. इनमें से कुछ लोगों को ये भी उम्मीद है कि संभव है जैक मा भविष्य में पाकिस्तान में निवेश करने के मक़सद से मुल्क आए हों.

    हालांकि इस बारे में पुख़्ता या आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता.

    जैक मा के साथ सात अन्य कारोबारी भी थे. इनमें पांच चीनी नागरिक, एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे.

    अखबार लिखता है कि जैक मा नेपाल दौरे के बाद पाकिस्तान आए थे.

    मोहम्मद अज़फ़ार अहसान ने ट्वीट कर कहा कि जैक मा के दौरे के बारे में चीनी दूतावास को भी जानकारी नहीं थी.

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    जियो न्यूज़, पाकिस्तान ऑब्जर्वर समेत पाकिस्तान के कई मीडिया संस्थानों ने लिखा है कि जैक मा नेपाल के दौरे पर थे, वहां वो कई जगहों पर घूमने के बाद पाकिस्तान आए.

    अज़फ़ार ने जैक मा की पाकिस्तान दौरे की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं.

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    पाकिस्तान के एक कारोबारी जावेद अफ़रीदी ने भी जैक मा के दौरे पर ट्वीट किया- पाकिस्तान में आपका स्वागत है जैक मा.

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  11. अजित पवार समेत नौ बाग़ी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से अपील

    शरद पवार

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    अजित पवार समेत नौ एनसीपी विधायक महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए हैं.

    अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

    राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार ने शिंदे सरकार में शामिल होने वाले अपने नौ विधायकों को अयोग्य ठहराने की अपील विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर के पास की है.

    इन विधायकों के ख़िलाफ़ दलबदल क़ानून के तहत कार्रवाई हो सकती है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा है, ''हमने विधानसभा अध्यक्ष के पास अयोग्य ठहराने की अर्जी लगाई है. हम इस अर्जी की हार्ड कॉपी भी जल्द भेजेंगे. ये अर्जी नौ नेताओं के ख़िलाफ़ लगाई गई है.''

    पाटिल बोले, ''इन लोगों ने किसी को नहीं बताया था कि पार्टी छोड़ रहे हैं. ये एनसीपी के ख़िलाफ़ है. हमने इस बारे में चुनाव आयोग को भी लिखा है. विधायकों ने जो किया, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.''

    पाटिल ने कहा हैं, ''हमारा मानना है कि ज़्यादातर विधायक पार्टी में लौटेंगे और हम उनको फिर अपना लेंगे.''

    अजित पवार के बाग़ी होने के बाद एनसीपी ने जितेंद्र आव्हाड को नेता प्रतिपक्ष चुना है. रविवार देर रात जितेंद्र भी विधानसभा स्पीकर के पास अपना नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे थे.

    इस बड़े सियासी फेरबदल के बाद रविवार को शरद पवार ने कहा था, ''बागी नेताओं के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई पर फै़सला लेने के लिए विधायक और सभी वरिष्ठ नेता एक साथ बैठेंगे. अध्यक्ष होने के नाते मैंने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को अहम पदों पर नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने अपनी ज़िम्मेदारियों का पालन नहीं किया. इसलिए, मुझे उनके ख़िलाफ़ कुछ कार्रवाई करनी होगी.''

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  12. वर्ल्ड कप: पाकिस्तान के भारत दौरे को लेकर पीसीबी ने शहबाज़ शरीफ़ को लिखा ख़त

    पाकिस्तान

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    क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 भारत में होना है. इस टूर्नामेंट में जिन दो टीमों के मुकाबले का पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस को इंतज़ार रहता है, वो हैं भारत और पाकिस्तान.

    आईसीसी के शेड्यूल के मुताबिक़, भारत और पाकिस्तान का मैच 15 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है.

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अहमदाबाद में मैच को लेकर सवाल उठाता रहा है.

    ऐसे में जब से क्रिकेट वर्ल्ड कप का शेड्यूल आया है, तब से ये कहा जा रहा है कि क्या पाकिस्तान वर्ल्ड कप खेलने भारत आएगा?

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को ख़त लिखा है.

    इस ख़त में क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान टीम भारत जा सकती है या नहीं, इस पर आधिकारिक क्लीयरेंस मांगी गई है.

    पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़

    पीसीबी ने क्या कहा?

    ये ख़त पाकिस्तान के विदेश मंत्री को भी लिखा गया है और सलाह मांगी गई है कि क्या पाकिस्तान टीम भारत जा सकती है.

    इएसपीएन क्रिकइंफ़ो की ख़बर के मुताबिक़, इस ख़त में जिन पांच जगहों पर पाकिस्तान की टीम को मैच खेलना है, उस पर भी राय मांगी गई है. पीसीबी ने इस बारे में इएसपीएन क्रिकइंफ़ो को जानकारी दी है.

    पीसीबी ने कहा है, ''भारत में मैच खेलने का फ़ैसला पाकिस्तान की हुकूमत को करना है और हमें सरकार पर पूरा भरोसा है वो जो कहेगी उसको माना जाएगा.''

    माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत में एक सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल भेजेगा और ये प्रतिनिधिमंडल मैच के वैन्यू जाकर मुआयना करेगा कि पाकिस्तानी टीम भारत भेजी जा सकती या नहीं.

    सूत्रों के हवाले से ये बताया गया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद ये प्रतिनिधिमंडल भारत भेजा जा सकता है.

    पाकिस्तान को भारत में जिन पांच स्टेडियमों में मैच खेलना तय है, उनमें चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता और अहमदाबाद शामिल हैं.

  13. नमस्कार

    आपका दिन शुभ हो.

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