फ्रांस में जारी हिंसा के बारे में अब तक जो कुछ पता है

फ़्रांस की प्रधानमंत्री एलिज़ाबेथ ने कहा है कि दंगाग्रस्त सड़कों पर पुलिस अब बख़्तरबंद गाड़ियों में उतरेगी.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अनंत प्रकाश

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  2. फ्रांस में जारी हिंसा के बारे में अब तक जो कुछ पता है

    पेरिस

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    फ्रांस की राजधानी पेरिस समेत तमाम दूसरे शहरों में जारी हिंसा और आगज़नी का दौर अभी भी जारी है.

    फ्रांस सरकार ने हिंसा रोकने के लिए कई नए कदम उठाने का एलान किया है.

    फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर हुई आपातकालीन बैठक के बाद एक संक्षिप्त बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने अभिवावकों से अपने बच्चों को घरों से न निकलने देने की सलाह दी है.

    इस मुद्दे पर अब तक जो कुछ पता है-

    • फ्रांस में हिंसा और आगज़नी बीते मंगलवार एक 17 साल के युवा नाहेल एम की हत्या के बाद भड़की जिसे पुलिस ने बेहद क़रीब से गोली मारी थी.
    • फ्रांसीसी गृह मंत्री ने कहा है कि गुरुवार रात ही सड़कों पर आगज़नी की 3,880 घटनाएं दर्ज की गई हैं, इससे पहले बुधवार रात आगज़नी की 2,391 घटनाएं दर्ज की गयी थीं.
    • गृह मंत्रालय ने कहा है कि दंगे और हिंसा की तीसरी रात को पूरे फ़्रांस में हिंसा और आगजनी हुई और इस दौरान 875 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
    • फ्रांस में तीन दिन से जारी हिंसा के दौरान 492 इमारतों और 2,000 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.
    • एएफ़पी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि गुरुवार की रात आगजनी की 3,880 घटनाएं हुईं.
    • समाचार एजेंसियों के मुताबिक, भारी हिंसा पर काबू पाने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों अब बेझिझक सुरक्षा के कड़े उपाय उठाने के लिए तैयार हैं.
    • फ़्रांस की प्रधानमंत्री एलिज़ाबेथ ने कहा है कि दंगाग्रस्त सड़कों पर पुलिस अब बख़्तरबंद गाड़ियों में उतरेगी.
    • हिंसा को काबू करने में जुटे 249 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं.
    फ्रांस

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    • गुरुवार की आगज़नी की घटनाओं में 2024 पेरिस ओलिम्पिक के पहले एक निर्माणाधीन तैराकी सेंटर में आग लग गई.
    • संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा है कि फ़्रांस में मौजूदा हिंसा की वजह से क़ानून लागू करने वाली एजेंसियों में गहरे पैठे नस्लवादी मुद्दे पर ध्यान देना ज़रूरी है.
    • पेरिस के बाहरी इलाक़े में एक बस स्टेशन को आग लगा दिया गया जिसमें 12 बसें जल कर खाक हो गई हैं.
    • जबकि तीसरे दिन की सुबह पेरिस के बाहरी इलाक़ों के अधिकांश हिस्से में लूटी हुई दुकानों का नज़ारा आम था.
    • स्थानीय मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक गुरुवार की रात कम्युनिटी सेंटरों, स्कूलों, सिटी हॉल को निशाना बनाया गया.
    • सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी आरएटीपी ने ट्वीट कर इस घटना की कड़ी निंदा कर दी है.
    • पेरिस में बीबीसी संवाददाता सोफ़िया बेटिज़ा ने कहा कि गुरुवार को सुबह सड़कों पर जगह जगह जली, टूटी या उल्टी पड़ी गाड़ियां दिखाई दे रही थीं.
    • उत्तरी फ्रांस के रॉबेक्स में अल्मा डिस्ट्रिक्ट में स्थित टेक कंपनी टेस्सी की इमारत को आग के हवाले कर दिया गया है.
  3. विदेशी मुद्रा भंडार 2.9 अरब डॉलर घटकर 593 अरब डॉलर हुआ

    भारतीय रिज़र्व बैंक

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    रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के अनुसार, 23 जून तक भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का स्तर 2.9 अरब डॉलर घटकर 593.19 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

    हालांकि, इसके पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 2.35 अरब डॉलर बढ़कर 596 अरब डॉलर हो गया था.

    अक्टूबर 2021 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सर्वाधिक 645 अरब डॉलर हो गया था.

    विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूदा कमी, रिज़र्व बैंक द्वारा कमजोर होते रुपये को और टूटने से बचाने की कोशिशों की वजह से आई है.

  4. एस जयशंकर ने कश्मीर पर नेहरू नीति पर कही ये बात

    केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर

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    केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित श्यामा प्रसाद मुखर्जी लेक्चर के दौरान चीन के साथ रिश्तों से लेकर अनुच्छेद 370 और कश्मीर पर नेहरू सरकार की नीतियों पर अहम बातें कहीं हैं.

    चीन के साथ रिश्तों पर जयशंकर ने कहा, "चीन और भारत के बीच रिश्तों में गिरावट हमारी वजह से नहीं आई है. इसके लिए चीन ज़िम्मेदार है. उसने 1993 और 1996 में हुए दो समझौतों का उल्लंघन करते हुए अपनी सैन्य टुकड़ियों को एलएसी के पार भेजा."

    "ऐसे में हमारे बीच में अच्छे रिश्ते बनने के लिए चीन को इन समझौतों का मान रखना होगा. चीन को अपनी ओर से यथास्थिति को बदलने के प्रयास बंद करने होंगे."

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 'ताली एक हाथ से नहीं बजती है. चीन को भी एक चलने लायक रिश्ते में यकीन बनाना होगा.'

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    वहीं, जम्मू-कश्मीर और अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर उन्होंने कहा कि "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे."

    इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर और अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मुद्दे पर कश्मीर पर नेहरू सरकार की नीति की आलोचना की.

    उन्होंने कहा, "श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू से कहा था कि कश्मीर को लेकर आपकी नीति ने देश के भीतर और बाहर इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है. सरदार पटेल ने भी इस बारे में कहा था कि ये अपने हितों को दूसरों के आगे छोड़ देने जैसा था."

    इसके बाद एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "1947 में की गई भूल को हमने सुधार लिया है. इस पर चर्चा हुई लेकिन अगर आप कोई ग़लती को ऐसे ही छोड़ देंगे तो दुनिया उसका फायदा उठाएगी और इसका नुक़सान हमें झेलना पड़ेगा."

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  5. पुतिन ने की पीएम मोदी से बात, वागनर ग्रुप के विद्रोह के बारे में क्या कहा?

    पुतिन, मोदी

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    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत में वागनर ग्रुप की ओर से की गई सशस्त्र बग़ावत पर चर्चा की है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, पुतिन ने पीएम मोदी को बताया कि उन्होंने इस बग़ावत का किस तरह दमन किया.

    इस पर पीएम मोदी ने पुतिन की ओर से उठाए गए निर्णायक कदमों के प्रति समर्थन जताया.

    रूस में पिछले हफ़्ते पुतिन के क़रीबी माने जाने वाले येवगेनी प्रिगोज़िन की प्राइवेट आर्मी वागनर ग्रुप ने सैन्य नेतृत्व के ख़िलाफ़ संघर्ष का एलान किया था.

    वागनर के प्रमुख ने कहा कि वो सरकार के विरोध में नहीं हैं और विद्रोह नहीं कर रहे, बल्कि वो रक्षा मंत्री और देश की सेना प्रमुख से बात करना चाहते हैं.

    हालांकि, इसके 24 घंटे के अंदर उन्होंने अपना विद्रोह वापस लिया. और वागरन के प्रमुख येवगेनी प्रिगोज़िन बेलारूस चले गए हैं.

    मोदी और पुतिन के बीच बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को बेहतर करने के लिए प्रतिबद्धता भी जाहिर की.

    ये फोन कॉल भारत की ओर से आयोजित की जा रही एससीओ वर्चुअल समिट से कुछ दिन पहले ही हुई है.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, इन बचत योजनाओं पर केंद्र सरकार ने ब्याज दर बढ़ाया

    भारतीय मुद्रा

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    जुलाई-सितंबर की तिमाही के लिए केंद्र सरकार ने कुछ चुनिंदा बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 0.3 फ़ीसदी तक वृद्धि करने का फ़ैसला किया है.

    बैंकिंग सिस्टम में जारी ऊंची ब्याज दरों के साथ तालमेल बिठाने के लिए केंद्र सरकार ने ये निर्णय लिया है.

    पांच साल तक की अवधि वाले रेकरिंग डिपॉजिट एकाउंट में मिलने वाली ब्याज दर में 0.3 फीसदी की वृद्धि की गई है.

    चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए अब 6.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. ये पहले 6.2 फीसदी था.

    इस संशोधन के बाद पोस्ट ऑफिस में चलने वाले एक साल के टर्म डिपॉजिट एकाउंट (सावधि जमा खाता) में मिलने वाली ब्याज दर को 0.1 फीसदी बढ़ाकर 6.9 फीसदी कर दिया गया है.

    दो साल की अवधि वाले सावधि जमा खाते में मिलने वाली ब्याज दर को 6.9 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया गया है.

    हालांकि तीन साल और पांच साल की डिपॉजिट स्कीम पर मिलने वाली ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पहले की तरह दोनों योजनाओं पर क्रमश: सात और 7.5 फ़ीसदी की दर से ब्याज मिलता रहेगा.

    पीपीएफ और बचत खाते में मिलने वाली ब्याज दर में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये पूर्व की तरह 7.1 फीसदी और 4 फीसदी रहेगा.

    नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (7.7 फीसदी), सुकन्या समृद्धि योजना (8 फीसदी) में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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  7. यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड के उत्तराखंड सरकार के ड्राफ़्ट पर क्या बोली कांग्रेस

      • Author, आसिफ़ अली
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, देहरादून से
    कांग्रेस नेता यशपाल आर्य

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता यशपाल आर्य

    कांग्रेस पार्टी ने उत्तराखंड सरकार की ओर से गठित समिति के समान नागरिक संहिता मसौदे को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है.

    उत्तराखंड विधानसभा में नेता विपक्ष यशपाल शर्मा ने इस मसौदे को बीजेपी का नया सियासी बखेड़ा करार दिया है.

    इससे पहले शुक्रवार दोपहर समान नागरिक संहिता (UCC) पर गठित कमेटी ने यूसीसी कानून के लिए अपना ड्राफ्ट तैयार होने की जानकारी दी थी.

    ड्राफ्टिंग कमेटी की सदस्य जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रसाद देसाई ने शुक्रवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत कर बताया कि यूसीसी का मसौदा पूरा हो चुका है, कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

    उन्होंने कहा ड्राफ्ट के साथ विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जल्द ही छापी जाएगी और उत्तराखंड सरकार को सौंपी जाएगी.

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पहले में दावा किया था कि 30 जून को समिति रिपोर्ट का पहला मसौदा सरकार को सौंपेगी.

    लिहाजा सबकी नजर इस समिति पर थी. लेकिन इसके पहले ही अब उत्तराखंड में सियासी दंगल भी शुरू होता नज़र आ रहा है.

    एक तरफ दिल्ली में जहाँ मीडिया को ड्राफ्टिंग कमेटी की सदस्य जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रसाद देसाई ड्राफ्ट के बारे में बता रही थी तो वहीं देहरादून में सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि "यूसीसी कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा."

    रंजना देसाई

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    इमेज कैप्शन, ड्राफ्टिंग कमेटी की सदस्य जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रसाद देसाई

    सीएम धामी ने इसे लागू करने को देवभूमि का सौभाग्य बताते हुए जल्द अपने अगले कदम का इशारा दे दिया है. ऐसे में अब सबकी नज़र ड्राफ्ट के सरकार की मेज़ तक पहुँचने पर टिक गयी है.

    एक तरफ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इंतज़ार कर रहे हैं कि ड्राफ्ट कमेटी का मसौदा उनकी मेज़ तक पहुंचे और राज्य सरकार यूसीसी पर अगला कदम बढ़ाए.

    इस बीच उत्तराखंड के कद्दावर नेता और नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सीधे-सीधे भाजपा सरकार की मंशा पर ही सवाल खड़ा कर दिया है.

    नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि, "भारत के संविधान में आस्था रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सवाल यह नहीं होना चाहिए कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) होनी चाहिए या नहीं."

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    उन्होंने कहा कि "असली सवाल तो यह है कि समान नागरिक संहिता कैसे कब और किस सिद्धांत के आधार पर लागू की जाए."

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "अंबेडकर के अलावा नेहरू, लोहिया आदि द्वारा समान नागरिक संहिता को नीति निर्देशक तत्वों में रखने के पीछे मंशा यह थी कि इन्हें लागू करना देश के लिए एक लक्ष्य होगा."

    उन्होंने कहा, ''पिछले सप्ताह से देश की जनता से समान नागरिक संहिता पर राय मांगी जा रही है. जबकि इससे पहले भी मोदी जी के नेतृत्व वाली भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा जस्टिस चौहान की अध्यक्षता में गठित विधि आयोग ने भी नवंबर 2016 में इसी मुद्दे पर जनता की राय मांगी थी.''

    तब विधि आयोग ने रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा था कि, अभी सभी समुदायों के अलग-अलग पारिवारिक कानून के बदले एक संहिता बनाना न तो जरूरी है और न ही वांछित.

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, ''पांच साल पहले भाजपा सरकार द्वारा गठित विधि आयोग की इस रिपोर्ट के बाद भी 2023 में दोबारा इसी प्रक्रिया को दोहराने से सरकार की मंशा पर कहीं न कहीं संदेह होता है.''

    उन्होंने कहा, ''अभी भी देश में स्पेशल मैरिज एक्ट जैसा कानून है जिसके तहत किसी भी धर्म या सम्प्रदाय के जोड़े शादी रजिस्टर्ड कर सकते हैं. समान नागरिक संहिता के सवाल पर एक नया बखेड़ा शुरू करने की बजाय बेहतर होगा अगर मोदी सरकार अपने ही द्वारा नियुक्त किए पिछले विधि आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए सभी समुदायों के पारिवारिक कानूनों में तर्कसंगत और संविधान सम्मत बदलाव करने की शुरूआत करे.''

  8. फ्रांस में फिर हिंसा, मैकों पर कितना दबाव, दिनभर सुनिये मोहनलाल शर्मा और सुमिरन के साथ

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  9. उत्तराखंड सरकार की बनाई समिति ने तैयार किया समान नागरिक संहिता पर मसौदा

    सांकेतिक तस्वीर

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    उत्तराखंड सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए बनाई गई समिति ने शुक्रवार को बताया है कि इस मसौदे को तैयार कर लिया गया है.

    इस समिति की अध्यक्षा सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने समाचार एजेंसियों से बात करते हुए कहा है कि इस ड्राफ़्ट के साथ विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट उत्तराखंड सरकार को सौंपी जाएगी.

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    सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने बताया है कि 'समिति ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, राज्य वैधानिक आयोग के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के नेताओं के साथ भी बातचीत की.'

    उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार ने साल 2022 में चुनाव जीतने के बाद समान नागरिक संहिता के लिए एक समिति बनाई थी.

  10. कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी की फिल्‍म 'सत्‍यप्रेम की कथा' कैसी है?

    वीडियो कैप्शन, कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी की फिल्‍म 'सत्‍यप्रेम की कथा' कैसी है?

    कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी की फिल्‍म 'सत्‍यप्रेम की कथा' 29 जून को बकरीद के मौके पर रिलीज हुई है.

    आइए, जानें फ़िल्म समीक्षकों ने फ़िल्म को दिए हैं कितने स्टार...

  11. फ्रांस हिंसा: यूएन ने की सख़्त टिप्पणी, 2000 गाड़ियां जलकर खाक, 875 लोग गिरफ़्तार

    फ्रांस में जारी हिंसा की एक तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, फ्रांस की राजधानी पेरिस के क़रीब जारी हिंसा की एक तस्वीर

    संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार एजेंसी ने शुक्रवार को फ्रांस में बीते तीन दिनों से जारी हिंसा पर तीख़ी टिप्पणी की है.

    मानवाधिकार एजेंसी ने कहा है कि ये गोलीकांड बताता है कि फ्रांस को अपनी कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों में व्याप्त नस्लवाद से जुड़ी चुनौती का सामना करना होगा.

    वहीं, जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने कहा है कि फ्रांसीसी अधिकारियों को ये सुनिश्चित करना होगा कि पुलिस की ओर से इस्तेमाल किया गया बल प्रयोग विधिक, उचित और भेदभाव रहित हो.

    फ्रांस

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    फ्रांस में बीते तीन दिनों से जारी हिंसा और आगजनी की घटनाओं में अब तक दो हज़ार गाड़ियां जलाई जा चुकी हैं. और 492 घरों को नुकसान पहुंचा है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, बीती रात ही आगजनी की 3800 घटनाएं दर्ज की गयी हैं. इसके साथ ही अब तक 875 लोगों को अब तक गिरफ़्तार किया गया है.

    हिंसा और आगजनी की घटनाएं फ्रांसीसी राजधानी पेरिस से आगे बढ़कर कई शहरों तक पहुंच चुकी है.

    फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ब्रसेल्स

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    इमेज कैप्शन, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ब्रसेल्स

    क्या कर रही है सरकार

    फ्रांसीसी सरकार ने हिंसा के इस दौर को थामने के लिए चालीस हज़ार पुलिसकर्मियों को तैनात किया हुआ है.

    इसके साथ ही तमाम कस्बों में कर्फ़्यू लगाया जा चुका है.

    फ्रांसीसी शहर मारसे में शाम सात बजे के बाद से सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ब्रसेल्स में जारी यूरोपीय देशों की एक बैठक को छोड़कर पेरिस लौट आए हैं.

    और, कुछ वक़्त पहले मैक्रों और फ्रांसीसी प्रधानमंत्री एलिज़ाबेथ बोर्ने के बीच आपातकालीन बैठक हुई है.

  12. कार्टून: मेरे मुंह से निकल गया

  13. बिहार के छपरा में एक ट्रक ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या, अब तक 7 गिरफ्तार

      • Author, विष्णु नारायण
      • पदनाम, बिहार से बीबीसी हिंदी के लिए
    बिहार

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    बिहार के सारण (छपरा) ज़िले से एक बार फिर से मॉब लिंचिंग की घटना रिपोर्ट हुई है.

    ज़िले के जलालपुर थाना क्षेत्र में पड़ने वाली एक सड़क पर 28 जून देर रात ज़हीरुद्दीन नाम के एक ट्रक ड्राइवर की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी.

    ज़हीरुद्दीन की उम्र लगभग 55 वर्ष की थी.

    बिहार

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    ऐसा कहा जा रहा है कि ज़हीरुद्दीन अपने ट्रक में जानवरों की हड्डी लादकर ज़िले के ही गौरा स्थित हड्डी फ़ैक्ट्री में ले जा रहे थे.

    इसी दौरान बंगरा गाँव के पास उनके ट्रक में कुछ ख़राबी आ गई. जब ट्रक रुका तो उनसे कई लोगों ने पूछताछ की कि ट्रक में क्या लदा है?

    भीड़ ने ट्रक के कंटेनर को खुलवाकर देखा भी कि आख़िर उसमें क्या चीज है. हड्डी देखते ही लोगों ने ट्रक चालक और बाक़ी स्टाफ़ को पीटना शुरू कर दिया. बाक़ी स्टाफ़ किसी तरह बच निकले, लेकिन ड्राइवर नहीं भाग सका.

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    पिटाई से ड्राइवर बुरी तरह घायल हो गया, और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.

    जलालपुर के थानाध्यक्ष पिंटु कुमार ने इस पूरे मामले पर कहा कि यह बात सही है कि भीड़ ने एक व्यक्ति को पीटकर मार डाला.

    उन्होंने बताया कि इस मामले में 6 लोगों पर नामज़द एफआईआर और 20-25 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ अलग-अलग धाराओं में मुक़दमा दर्ज कराया गया है.

    अब तक सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. प्रशासन मामले की गंभीरता को समझते हुए हर तरह की गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए है.

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  14. कहीं बारिश कहीं बाढ़, मानसून का पैटर्न इतना क्यों बदल गया?

    वीडियो कैप्शन, कहीं बारिश कहीं बाढ़, मॉनसून का पैटर्न इतना क्यों बदल गया?

    मौसम इस बार हैरान और परेशान कर रहा है. सिर्फ़ आम लोग ही नहीं बल्कि मौसम विज्ञानी भी इसके बदलते पैटर्न से हैरान हो रहे हैं.

    जहां केरल में मानसून देरी से पहुंचा तो वहीं दिल्ली में यह वक़्त से पहले पहुंच गया. आखिर मॉनसून के बदलते पैटर्न की क्या वजह है?

  15. दुनिया के सबसे पुराने अखबारों में से एक ने बंद किया अपना प्रिंट संस्करण

    वीनर जैतुंग

    इमेज स्रोत, ALEX HALADA/AFP via Getty Images

    दुनिया के सबसे पुराने अखबारों में से एक ने रोज़ाना प्रकाशित होने वाले अपने प्रिंट एडिशन को बंद करने का फ़ैसला किया है.

    इस अख़बार का इतिहास 300 साल से भी ज़्यादा पुराना है.

    वियना से निकलने वाले अख़बार 'वीनर जैतुंग' ने आज अपना आखिरी प्रिंट ए़डिशन प्रकाशित किया. अख़बार अपने ऑनलाइन ऑपरेशन का काम जारी रखेगा.

    हालांकि अब महीने में एक बार इसका प्रिंट एडिशन जारी किया जाएगा. ऑस्ट्रिया की सरकार के पास इस अख़बार की मिल्कियत है लेकिन संपादकीय रूप से ये एक स्वतंत्र मीडिया संस्थान है.

    ऑस्ट्रिया में हाल ही में कंपनियों के लिए अख़बारों के प्रिंट संस्करणों को विशिष्ट सेवाओं के बदले किए जाने वाले भुगतान की अनिवार्यता ख़त्म कर दी गई है.

    इस फ़ैसले के बाद 'वीनर जैतुंग' के राजस्व में तेज़ गिरावट देखी गई.

  16. BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

  17. मोदी सरकार ने दस दिन में पाकिस्तान में घुसकर की सर्जिकल स्ट्राइक: अमित शाह

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

    इमेज स्रोत, Twitter/BJP4India

    इमेज कैप्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राजस्थान के उदयपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान कांग्रेस और तमाम दूसरे विपक्षी दलों पर निशाना साधा है.

    बीजेपी के तमाम शीर्ष नेता इन दिनों अलग-अलग राज्यों में जनसभाओं में हिस्सा ले रहे हैं जिनके केंद्र में आगामी विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले आम चुनाव हैं.

    इन जन सभाओं में बीजेपी की ओर से मुख्य विपक्षी पार्टियों जैसे कांग्रेस, सपा, आरजेडी, और डीएमके आदि को निशाना बनाया जा रहा है.

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    इनमें से कई दलों के नेताओं ने पिछली 23 जून को बिहार की राजधानी पटना में एक अहम बैठक की थी.

    इस बैठक की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "सारे विपक्ष के नेताओं ने एक मंच पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. यह 21 पार्टी के लोग थे और 21 लाख के घपले और घोटाले करने वाले लोग इक्कठ्ठा हुए. 21 पार्टियां 21 लाख का भ्रष्टाचार करने वाले राहुल बाबा को प्रधानमंत्री बनाएंगे."

    "सोनिया के जीवन का लक्ष्य है राहुल को पीएम बनाना, लालू का लक्ष्य है अपने बेटे तेजस्वी को पीएम बनाना, ममता का लक्ष्य है अभिषेक को मुख्यमंत्री बनाना, स्टालिन का इंट्रेस्ट उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना और अशोक गहलोत का इंट्रेस्ट है अपने बेटे वैभव गहलोत को मुख्यमंत्री बनाना है."

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    इसके साथ ही अमित शाह ने राज्य की अशोक गहलोत सरकार को भ्रष्टाचार, पेपर लीक, अपराध को लेकर घेरा.

    उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तारीफ़ करते हुए कहा, वसुंधरा राजे ने राजस्थान में विकास की नई राह बनाने का काम किया है.

    सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए अमित शाह बोले, "ये गहलोत जी खामखा इस आयु में इधर - उधर घूम रहे हैं. इस सभा का कोई उनको वीडियो दिखा दे तो उनको मालूम हो जाएगा कि उनके जाने का समय हो गया है."

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    "गहलोत की सरकार तीन चार साल से भ्रष्टाचार करने में देश में नंबर एक है. इस सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ने का काम किया है. पेपर लीक, बेरोजगारी, बलात्कार में देश में नंबर एक है."

    कन्हैया लाल हत्याकांड पर गहलोत को घेरा

    अमित शाह ने उदयपुर की घटना पर गहलोत सरकार को घेरते हुए कहा, "कन्हैया लाल को सुरक्षा नहीं दी, मरने तक सुरक्षा नहीं दी. स्पेशल कोर्ट नहीं बना रही नहीं तो अब तक कन्हैया लाल के हत्यारों को फांसी पर लटका देते."

    "कोटा में पीएफआई की रैली, अलवर में मंदिर ढहा दिया गया, भगवा ध्वज उतारने का काम गहलोत सरकार ने किया. ये वोटबैंक की राजनीति करने वाले लोग हैं."

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    भरतपुर, प्रतापगढ़ और राजस्थान सचिवालय का ज़िक्र करते हुए कहा, "सचिवालय में दो करोड़ और एक किलो सोना निकलता है. गहलोत बताएं यह सोना किसका है?"

    इस जनसभा के दौरान अमित शाह ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को भी घेरा.

    उन्होंने कहा, "सोनिया, मनमोहन की सरकार थी तब पाकिस्तान से आलिया, मालिया, जमालिया घुस जाते थे और हमारे यहां बम धमाके करते थे.

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    पुलवामा और उरी में पाकिस्तान ने गलती कर दी, इस बार मोनी बाबा मनमोहन पीएम नहीं थे. मोदी पीएम थे, कांग्रेस नहीं बीजेपी की सरकार थी.

    दस दिन में पाकिस्तान के घर में घुस कर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक कर के आतंकवादियों का खात्मा करने का काम मोदी सरकार ने किया."

  18. मणिपुर हिंसा पर कठघरे में आए सीएम बीरेन सिंह को कितना जानते हैं आप

    बीरेन सिंह

    इमेज स्रोत, @NBirenSingh

    पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर इस समय हिंसा के कारण सुर्ख़ियों में है.

    यहाँ की पहाड़ियाँ इस प्रदेश की सुंदरता का प्रमुख कारण रही है, लेकिन अब इसकी चर्चा किसी और वजह से हो रही है.

    नगालैंड, मिज़ोरम, असम के साथ-साथ पड़ोसी मुल्क म्यांमार से घिरी इन पहाड़ियों पर राज्य की 40 फ़ीसदी आबादी बसी है, जो यहाँ की मान्यता प्राप्त जनजातियाँ है.

    बीते दिनों यहाँ की पहाड़ियों पर बसी कुकी जनजाति और मैतेई समुदाय के बीच भड़की हिंसा, आगजनी और एक-दूसरे पर किए गए हमलों ने समूचे प्रदेश को एक हिंसाग्रस्त क्षेत्र में तब्दील कर दिया था.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी का ये ट्वीट समझ नहीं पाए लोगों ने कहा- ट्विटर भी ट्रांसलेशन नहीं दे रहा है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्वीट

    इमेज स्रोत, Twitter/NarendraModi

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया है जिसमें इस्तेमाल की गयी भाषा और लिपि देखकर लोग अचरज में पड़ गए.

    दरअसल, पीएम मोदी ने ये ट्वीट संथाली भाषा में किया है जिसमें उन्होंने हूल दिवस के लिए आदिवासी समाज के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं.

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    इस ट्वीट से पहले उन्होंने हिंदी में भी एक ट्वीट किया है जिसमें पीएम मोदी की ओर से लिखा गया है,

    "'हूल दिवस' पर हमारे आदिवासी समाज के वीर-वीरांगनाओं को शत-शत नमन. यह विशेष अवसर हमें अन्याय के खिलाफ सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो समेत कई अन्य पराक्रमियों के शौर्य और साहस का स्मरण कराता है. उनके संघर्ष की गाथा देशवासियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी."

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    इस ट्वीट के जवाब में लिखते हुए कुछ लोग सोच रहे हैं कि क्या पीएम मोदी का ट्विटर अकाउंट हैक हो गया है.

    वहीं, कुछ लोग इस भाषा और लिपि के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं.

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    ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ एचएस गंगवार ने लिखा है कि 'ये कौन सी भाषा है.'

    वहीं, खुद को फोटोग्राफ़र बताने वाले हेमंत झा लिखते हैं कि 'मोदी जी, कौन सी भाषा में अनुवाद करें?'

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  20. मणिपुर दौरे पर राहुल गांधी ने क्या-क्या किया?

    वीडियो कैप्शन, मणिपुर दौरे पर राहुल गांधी ने क्या-क्या किया?

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी दो दिन के मणिपुर दौरे पर हैं. 30 जून को उनके दौरे का दूसरा दिन रहा.

    मणिपुर के मोइरांग में राहुल गांधी राहत शिविरों में गए और वहां रह रहे पीड़ितों का हालचाल जाना.

    अपने दो दिन के दौरे में राहुल कई पार्टी के नेताओं और सामाजिक संगठनों से भी मुलाक़ात कर रहे हैं.

    राहुल गांधी के दौरे पर बीजेपी हमलावर है, पार्टी का कहना है कि राहुल राजनीति कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी को लोकतंत्र में भरोसा नहीं है.