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विनेश, साक्षी और बजरंग ने कहा- सड़क की जगह कोर्ट में जारी रहेगी लड़ाई

तीनों पहलवानों ने सोशल मीडिया पर बताया कि सरकार ने उनसे जो वादे किए हैं उनके पूरे होने का उन्हें इंतज़ार है.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल

  1. विनेश, साक्षी और बजरंग ने कहा- सड़क की जगह कोर्ट में जारी रहेगी लड़ाई

    भारतीय पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने स्पष्ट किया है कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रही उनकी लड़ाई अब सड़कों पर नहीं बल्कि कोर्ट में लड़ी जाएगी.

    तीनों पहलवानों ने अब से थोड़ी देर पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला जिसमें उन्होंने ये भी लिखा कि सरकार ने उनसे जो वादे किए हैं उन्हें उनके पूरे होने का इंतज़ार है.

    उन्होंने लिखा, "7 जून को सरकार के साथ हमारी बातचीत हुई थी जिसके बाद सरकार ने वादा पूरा किया है. पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस केस में जब तक न्याय नहीं मिल जाता पहलवानों की क़ानूनी लड़ाई सड़क की जगह कोर्ट में जारी रहेगी."

    साथ ही उन्होंने लिखा, "भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है और 11 जुलाई को इसका चुनाव होना है. इस संबंध में हमें सरकार के किए वादे पूरे होने का इंतज़ार रहेगा."

  2. एंटोनी ब्लिंकन बोले, पुतिन यूक्रेन में कीएव की चौखट पर थे, अब मॉस्को बचाने में जुटे

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि यूक्रेन पर हमला करने के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के फ़ैसले ने रूस के भीतर उथलपुथल मचा दी है.

    उन्होंने टेलीविज़न चैनल एबीसी से कहा, "अगर आप बीते 16 महीनों को देखें तो पुतिन यूक्रेन में कीएव की चौखट तक पहुंच गए थे. वो इस शहर को मिट्टी में मिला देना चाहते थे, इसे देश को मानचित्र से हटा देना चाहते थे."

    वागनर ग्रुप की बग़ावत की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "अब उन्हें अपने देश की राजधानी को उन भाड़े के लड़ाकों से बचाना है, जिन्हें ख़ुद उन्होंने खड़ा किया है. हम कह सकते हैं कि हमें उनकी सत्ता में दरारें दिखने लगी हैं."

    उन्होंने कहा कि अभी किसी भी बात का अंदाज़ा लगाना जल्दबाज़ी होगा.

    उन्होंने कहा, "अभी पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हुई है. वो कहां जाएंगे, कहां पहुंचेंगे, क्या करेंगे. अभी हम इस बात का अंदाज़ा नहीं लगा सकते कि आगे क्या होने वाला है."

    सीएनएन से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वागनर प्रमुख की ये बग़ावत असल में "पुतिन की सत्ता को सीधी चुनौती" था.

    उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से कई सवाल खड़े होते हैं जिनका जवाब हमें आने वाले वक्त में मिलेगा."

  3. शाहरुख ख़ान के फ़िल्म करियर के 31 साल: वो उपलब्धि जिस पर है किंग ख़ान को सबसे ज़्यादा नाज़

    बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख ख़ान ने रविवार को अपने फ़िल्म करियर के 31 साल पूरे कर लिए.

    शाहरुख ने कहा कि इस दौरान तमाम लोगों का कई बार मनोरंजन कर पाना उन्हें अपनी ‘ऐसी उपलब्धि लगती है जिस पर उन्हें सबसे ज़्यादा गर्व है.’

    57 साल के शाहरुख ख़ान ने कई कामयाब फ़िल्में दी हैं जिन्हें लेकर उन्हें ‘किंग ख़ान’ का उपनाम मिला हुआ है.

    शाहरुख ख़ान की पहली फ़िल्म ‘दीवाना’ साल 1992 में रिलीज़ हुई थी. इस फ़िल्म में उनके साथ ऋषि कपूर और दिव्या भारती की प्रमुख भूमिकाएं थीं. इसके पहले वो टीवी का जाना पहचाना चेहरा थे.

    इस साल जनवरी में रिलीज़ हुई उनकी फ़िल्म ‘पठान’ ने कामयाबी के नए रिकॉर्ड कायम किए हैं.

    फ़िल्म करियर के 31 साल पूरे होने पर उन्होंने ट्विटर के जरिए अपने फैन्स से बात की.

    इस दौरान एक सवाल के जवाब में शाहरुख ख़ान ने “तमाम लोगों का तमाम बार मनोरंजन कर पाने को” अपने लिए सबसे गर्वभरी उपलब्धि बताया.

  4. विश्व हिंदू परिषद ने कहा- टीवी सीरियल, वेब सिरीज़ हिंदू समाज के लिए ख़तरा

      • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
      • पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि मौजूदा दौर में टीवी सीरियल, वेब सिरीज़ और कई विज्ञापनों हिंदू समाज के लिए बड़ा ख़तरा बन गए हैं.

    विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा है कि भारत के घर-घर में सबसे बड़ा आक्रमण, मनोरंजन उद्योग द्वारा किया जा रहा है.

    रायपुर में विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक के बाद विहिप के केंद्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने बैठक में हुई चर्चा की जानकारी दी.

    उन्होंने कहा कि हिंदू परिवार व्यवस्था पर हो रहे चौतरफा प्रहार, 'लव जिहाद और धर्मांतरण' की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए बैठक में एक व्यापक कार्य योजना बनाई गई.

    आलोक कुमार ने बताया कि बजरंग दल इस साल 30 सितंबर से 14 अक्टूबर के बीच देश भर में 'शौर्य जागरण' यात्राएं निकालेगा.

    विहिप की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बैठक में पारित प्रस्ताव को लेकर कहा गया है कि बच्चों में "संस्कारों का अभाव, युवा पीढ़ी की स्वच्छंदता और बुज़ुर्गों की दुरावस्था के मूल में परिवार व्यवस्था का कमज़ोर होते जाना है."

    इस प्रस्ताव में विहिप ने सरकारों से अनुरोध किया है कि शिक्षा नीति बनाने से लेकर परिवार सम्बन्धी क़ानूनों बनाते समय इस व्यवस्था को और मज़बूत बनाने का काम करें.

    प्रस्ताव में न्यायपालिका से भी अपेक्षा की गई है कि वह अपने फ़ैसलों में इस बात का ध्यान रखे.

    विहिप के प्रस्ताव में हिन्दू परिवारों से अपील की गई है कि एकल परिवारों में रहने वालों को मूल परिवार से संपर्क रखने, पूर्वजों के स्थानों के बारे में बताने, पारिवार के कार्यक्रमों और उत्सवों में शामिल होने के लिए उत्साहित किया जाना चाहिए.

    आलोक कुमार के अनुसार विहिप अपने बाल संस्कार केंद्रों के विस्तार के साथ गीता और रामायण की परीक्षाएं भी आयोजित करेगी.

  5. वागनर ग्रुप की बग़ावत: रूस में आज क्या-क्या हुआ?

    रूस में जहां शनिवार के दिन काफी हलचल रही, वहीं उसके मुक़ाबले रविवार का दिन अपेक्षाकृत शांत रहा. हालांकि जो कुछ हुआ उसे लेकर अभी भी कई सवालों के जवाब मिलने बाक़ी हैं.

    • अब से कुछ घंटों पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने कहा कि वागनर ग्रुप की बग़ावत ने रूस राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ता में "कमज़ोरियों" को सामने ला दिया है. अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये बग़ावत असल में "पुतिन की सत्ता को सीधी चुनौती" था.
    • रूस के पूर्व प्रधानमंत्री मिखाइल कैसियानोव ने कहा है कि "ये पुतिन के अंत की शुरुआत है... और वे फिलहाल बड़ी मुसीबत में हैं." कैसियानोव 2000 से 2004 के बीच देश के पीएम थे और पुतिन के आलोचक माने जाते हैं. 2004 में पुतिन ने मिखाइल कैसियानोव की सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया था.
    • जानकारों का कहना है पुतिन और रूसी मीडिया ने बीते सालों में पुतिन की जो छवि बनाई थी प्रिगोज़िन के विद्रोह से उसे ऩुकसान पहुंचा है.
    • कुछ जानकार मानते हैं इसके बाद पुतिन और अधिक निरंकुश हो जाएंगे और वो विद्रोह से जुड़े लोगों का दमन कर सकते हैं.
    • वागनर ग्रुप के लड़ाकों के मॉस्को मार्च के मद्देनज़र रूस के शहरों में लगाई पाबंदियों को अब हटाया जा रहा है. कल वागनर ग्रुप के लड़ाकों ने जिन सैन्य ठिकानों पर कब्ज़ा किया था, वहां से वो बाहर निकल रहे हैं.
    • वागनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोज़िन रोस्तोव छोड़कर बेलारूस की तरफ जा रहे हैं. हालांकि अभी वो कहां हैं इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है.
  6. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कहां हैं, अटकलों का बाज़ार गर्म

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अभी कहां हैं, इसे लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है.

    वागनर ग्रुप की बग़ावत के बाद से पुतिन ने सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा है. ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वो राजधानी मॉस्को को छोड़कर रूस के उत्तर पश्चिम इलाक़े में चले गए हैं.

    राष्ट्रपति के विमान को राजधानी से उस दिशा में जाते देखा गया. अटकलें इसी के बाद शुरू हुईं.

    रूस के सरकारी टीवी ने आज (रविवार को) राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक इंटरव्यू प्रसारित किया. ये इंटरव्यू चार दिन पहले रिकॉर्ड किया गया था.

    इसमें पुतिन ने कहा कि उन्हें इस बात का यकीन है कि वो यूक्रेन में अपनी योजना को लागू करेंगे.

    पुतिन ने कहा कि उनका हर दिन यूक्रेन में 'विशेष सैन्य अभियान' को फोकस में रखते हुए शुरू होता है और इसी पर ख़त्म होता है.

    उनका इशारा यूक्रेन में जारी युद्ध को लेकर था.

  7. योगेश्वर दत्त के सवाल के जवाब में विनेश फोगाट ने जारी की चिट्ठी

    कॉमनवेल्थ खेलों में मेडल जीत चुकी जामीमानी पहलवान विनेश फोगाट ने खेल मंत्रालय को लिखी वो चिट्ठी सार्वजनिक कर दी है, जो बीते दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है.

    पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने भी इस चिट्ठी को ट्वीट किया है.

    रविवार को विनेश ने इस चिट्ठी की एक तस्वीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट की और लिखा, "हमने खेल मंत्रालय से एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप के ट्रायल के लिए वक्त मांगा था."

    खेल मंत्री को लिखी इस चिट्ठी में कोई तारीख नहीं दी गई है. इसमें उन छह पहलवानों के नाम हैं जिन्होंने मंत्रालय से ट्रायल के लिए थोड़ा और वक्त मांगा था.

    पहलवानों का कहना है कि बीते कुछ महीनों से वो कुश्ती महांसघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे जिस कारण वो पूरी तरह तैयारी नहीं कर पाए हैं.

    इससे पहले इंडियन ओलंपिक असोसिएशन (आईओए) की एड-हॉक कमिटी ने साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा को ट्रायल में छूट दी थी.

    ओलंपिक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने शुक्रवार को इसका विरोध करते हुए कहा था कि कुश्ती के लिए ये बिल्कुल अच्छा फ़ैसला नहीं, ये ग़लत नींव रखने की कोशिश है.

    उन्होंने अपील की थी कि सभी पहलवानों को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को चिट्ठी लिखकर इसका फ़ैसले का विरोध करना चाहिए.

    • ट्रायल के मुद्दे पर भिड़े पहलवान, विनेश फोगाट ने योगेश्वर दत्त को बताया जयचंद और चापलूस

    विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने शनिवार को फेसबक लाइव कर इसका विरोध किया और कहा कि उन्होंने ने 'देश की महिलाओं के विरोध में' काम किया है. योगेश्वर दत्त कभी भी 'महिलाओं के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आए' हैं.

    पहलवानों ने कहा कि उन्होंने ट्रायल न देने से जुड़ी कोई चिट्ठी कमिटी में नहीं दी है, बल्कि उन्होंने कमिटी से केवल थोड़ा वक्त मांगा था.

    • योगेश्वर दत्त पर जमकर बरसे विनेश, बजरंग और साक्षी, कहा- बृजभूषण को जेल भेजकर लेंगे दम
  8. मिस्र ने दिया सर्वोच्च नागरिक सम्मान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- शुक्रिया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिस्र ने अपने सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ़ द नील' से सम्मानित किया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये सम्मान मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी ने दिया. ये मिस्र का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है.

    1915 में शुरू हुआ ये सम्मान मिस्र या मानवता की उल्लेखनीय सेवा करने वाले राष्ट्र प्रमुखों, क्राउन प्रिंस और उप राष्ट्रपतियों को दिया जाता है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने इसके लिए मिस्र की सरकार और वहां के लोगों को शुक्रिया कहा है.

    पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "बेहद विनम्रता के साथ मैं 'ऑर्डर ऑफ़ द नील' स्वीकार करता हूं. मैं मिस्र की सरकार और लोगों का इस सम्मान के लिए शुक्रिया अदा करता हूं. ये भारत और हमारे देश के लोगों के प्रति उनकी गर्मजोशी और लगाव को ज़ाहिर करता है. "

    पीएम मोदी ने अरबी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में ट्वीट किया है.

    प्रधानमंत्री मोदी मिस्र की दो दिन की यात्रा पर थे. वो रविवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं.

  9. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात, क्या हुई बात

      • Author, दिलीप शर्मा
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    मणिपुर में पिछले 50 दिनों से चल रही हिंसा को देखते हुए कांग्रेस ने शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को तत्काल हटाने की मांग की थी जबकि शनिवार को ही संसद भवन में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मणिपुर के मौजूदा हालात और सरकार की तरफ से किए जा रहे उपायों पर चर्चा की गई थी.

    इस सर्वदलीय बैठक के एक दिन बाद आज नई दिल्ली में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने गृह मंत्री शाह से मुलाकात कर उन्हें राज्य की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया है.

    मुख्यमंत्री बीरेन सिंह आज अमित शाह से मिलने उनके आवास पर गए थे.

    इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सिंह ने एक ट्वीट कर जानकारी दी, "माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी आज नई दिल्ली में मुलाकात कर उन्हें मणिपुर में जमीनी स्तर पर उभरती स्थिति के बारे में जानकारी दी."

    "अमित शाह जी की कड़ी निगरानी में राज्य और केंद्र सरकार पिछले सप्ताह में हिंसा को काफी हद तक नियंत्रित करने में सक्षम रही है. गौरतलब है कि 13 जून के बाद से हुई हिंसा में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.केंद्रीय गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार मणिपुर में सामान्य स्थिति लाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी."

    मुख्यमंत्री सिंह की गृह मंत्री से यह मुलाकात तब हुई है जब शनिवार को 18 राजनीतिक दल, पूर्वोत्तर के चार सांसद और मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने राज्य की स्थिति पर तीन घंटे बैठक कर अपनी चिंताएं जाहिर की थी.

    इस बैठक के बाद कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने मीडिया के समक्ष कहा कि मणिपुर की मौजूदा सरकार प्रभावी शासन प्रदान करने में बुरी तरह विफल रही है जब इसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी.

    उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री बीरेन सिंह स्वयं स्थिति को संभालने और संकट से निपटने में अपनी विफलता को दो बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके है.लिहाजा मुख्यमंत्री को तुरंत बदला जाना चाहिए.

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  11. ये पुतिन के अंत की शुरुआत है: रूस के पूर्व प्रधानमंत्री कैसियानोव

    मिखाइल कैसियानोव साल 2000 से 2004 के बीच रूस के प्रधानमंत्री थे. देश की कमान उस वक्त भी व्लादिमीर पुतिन के हाथ में ही थी. लेकिन उन्होंने साल 2004 की फरवरी में मिखाइल कैसियानोव की सरकार को बर्खास्त कर दिया था.

    उसके बाद से ही मिखाइल कैसियानोव राष्ट्रपति पुतिन के प्रमुख आलोचकों में गिने जाते हैं.

    बीबीसी ने कैसियानोव से वागनर ग्रुप के बॉस येवगेनी प्रिगोज़िन के अगले पड़ाव के बारे में बातचीत की.

    इस सवाल के जवाब में कैसियानोव ने कहा, "वो पहले बेलारूस जाएंगे. लेकिन मुझे लगता है कि वो बेलारूस से अफ्रीका के लिए रवाना होंगे और शायद कहीं जंगल में या ऐसी ही किसी जगह पर होंगे."

    हालांकि रूस में पिछले दो-तीन दिनों में जो कुछ हुआ है, उस पर मिखाइल कैसियानोव ने बीबीसी से कहा कि "राष्ट्रपति पुतिन इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे."

    उन्होंने कहा कि येवगेनी प्रिगोज़िन ने पुतिन की सत्ता को चुनौती दी है और इसके बाद उनके जीवन पर हमेशा बड़ा सवाल बना रहेगा.

    पुतिन के लिए मिखाइल कैसियानोव ने कहा कि "ये उनके अंत की शुरुआत है... और वे फिलहाल बड़ी मुसीबत में हैं."

    कैसियानोव को पुतिन के पहले राष्ट्रपति रहे बोरिस येल्तसिन का क़रीबी माना जाता है.

  12. सिक्किम की ये रानी क्या सीआईए एजेंट थीं? - विवेचना

    सिक्किम के चोग्याल ने साल 1963 में अमेरिकी युवती होप कुक से शादी की थी.

    लेकिन जब चोग्याल की मुश्किलें शुरू हुईं तो वो उन्हें छोड़ कर वापस अमेरिका चली गईं.

    होप कुक के 83वें जन्मदिन पर रेहान फ़ज़ल उनके उथल-पुथल भरे जीवन पर डाल रहे हैं एक नज़र विवेचना में.

  13. ओवैसी ने क्यों कहा- 'आप मुसलमानों से कितनी नफरत करते हैं, मैं आपके ख़िलाफ़ केस दायर करूंगा'

    एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कुछ समाचार चैनलों पर ये आरोप लगाया कि उनकी बुलढाणा (महाराष्ट्र) रैली में मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब के समर्थन में कथित तौर पर नारे लगाए जाने की झूठी रिपोर्टें दिखाई जा रही हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ओवैसी ने कहा कि ऐसे चैनलों पर फेक न्यूज़ दिखाने के लिए मुकदमा किया जाएगा.

    उन्होंने कहा, "पुलिस उस वक़्त वहां पर (बुलढाणा के मलकापुर में) थी. आप (न्यूज़ चैनल) झूठ दिखा रहे हैं. आप मुसलमानों से कितनी नफरत करते हैं, मैं आपके ख़िलाफ़ केस दायर करूंगा."

    इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में कहा है कि वे इस बात को लेकर हैरत में हैं कि अचानक राज्य में ऐसे लोग कहां से आ गए हैं.

    उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र और भारत के सभी मुसलमान औरंगज़ेब के वंशज नहीं हैं. ये बात जल्द ही सामने आ जाएगी कि ऐसे नारे कौन लोग लगा रहे थे और किसकी शह पर."

  14. जजों और वकीलों की जगह क्या आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ले लेगा?

    आपको याद होगा कि इस साल फरवरी महीने में महाराष्ट्र में चली राजनीतिक खींचतान का मुद्दा जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो उस बहस को ट्रांसक्राइब करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया.

    वहीं भारत सरकार अदालतों को डिजिटल बनाने के लिए ई-कोर्ट्स प्रोजक्ट की शुरुआत कर चुकी है जिसके लिए 7000 करोड़ रुपए आवंटित भी किए गए हैं और अब काम तीसरे चरण में है, जिसका एक अहम हिस्सा एआई है.

    ऐसे में हम सब के ज़हन में एक सवाल ये उठता है कि क्या जजों की जगह एआई ले सकता है?

  15. रूस के सैनिक नेतृत्व को चुनौती देने वाले वागनर ग्रुप के बॉस येवगेनी प्रिगोज़िन कहां हैं?

    रूस की सत्ता के केंद्र कहे जाने वाले क्रेमलिन और प्राइवेट मिलिट्री कंपनी वागनर ग्रुप के बॉस येवगेनी प्रिगोज़िन के बीच आख़िर क्या समझौता हुआ है, इसके बारे में बहुत से अनुत्तरित प्रश्न हमारे सामने हैं.

    सवाल ये भी है कि क्रेमलिन और वागनर ग्रुप का अगला कदम क्या होगा? इन्हीं सवालों में से एक सवाल ये भी है कि येवगेनी प्रिगोज़िन फिलहाल कहां हैं?

    उन्हें आखिरी बार शनिवार रात रोस्तोव-ऑन-डॉन शहर छोड़ते वक़्त देखा गया था. वे एक कार में बैठे हुए.

    दक्षिणी रूस के इस शहर के बारे में येवगेनी प्रिगोज़िन ने दावा किया था अब उनकी प्राइवेट मिलिट्री का इस पर नियंत्रण है.

    उन्होंने मुस्कुराते हुए स्थानीय लोगों की तरफ़ हाथ हिलाकर अभिवादन किया था. इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं.

    अब ये कहा जा रहा है कि येवगेनी प्रिगोज़िन का अगला ठिकाना बेलारूस है.

    चर्चा है कि राष्ट्रपति पुतिन के करीबी और बेलारूस के शासक अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने वागनर ग्रुप के बॉस येवगेनी प्रिगोज़िन से क्रेमलिन का ये समझौता करवाया है.

    लेकिन इसके बाद से येवगेनी प्रिगोज़िन इस बात को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं कि उनकी यात्रा में अगला पड़ाव कहां पर है. दक्षिण पश्चिमी रूस में इस समय नो फ्लाई ज़ोन का आदेश लागू है.

    इसका मतलब ये है कि रोस्तोव शहर का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट वोल्गोग्रैड और सोची में है जो वहां से लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

    येवगेनी प्रिगोज़िन कार या ट्रेन से सफर कर सकते हैं लेकिन ये फिर भी बेलारूस से बहुत दूर है और इसके लिए उन्हें यूक्रेन के रास्ते से जाना होगा.

  16. हाइड्रोजन से दूर होगी क्या दुनिया की ये किल्लत? - दुनिया जहान

    हाइड्रोजन की सबसे अच्छी बात यह है कि यह रिन्यूएबल ऊर्जा साबित हो सकता है और जलवायु परिवर्तन की समस्या को सुलझाने में भी लाभदायक सिद्ध हो सकता है.

    तो क्या हाइड्रोजन हमारी ऊर्जा आपूर्ति की समस्या का हल हो सकता है?

  17. सेना के जवानों पर मस्जिद में 'जय श्री राम' के नारे लगवाने का आरोप, ग़ुलाम नबी आज़ाद ने भी उठाया मुद्दा

    जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी के नेता ग़ुलाम नबी आज़ादी ने पुलवामा के एक मस्जिद में हुई कथित घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने रविवार को ट्विटर पर कहा, "मैं पुलवामा के मस्जिद में हुई कथित घटना की कड़ी निंदा करता हूं. फिलहाल ये केवल आरोप हैं लेकिन हमें फौरन इस मामले की तह में जाना होगा. ऐसी चीज़ें न तो हमारी संस्कृति में हैं और न ही कानून इसकी इजाजत देता है. सरकार से इस घटना की जांच की अपील करता हूं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए."

    इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने भी ये मुद्दा उठाया था. उन्होंने भारतीय सेना के जवानों पर पुलवामा की एक मस्जिद में घुसकर मुसलमानों से जबरन 'जय श्री राम' के नारे लगवाने का गंभीर आरोप लगाया है.

    शनिवार को उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "50 आरआर के जवानों के पुलवामा की एक मस्जिद में घुसकर मुसलमानों को 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए मजबूर करने की खबर सुनकर स्तब्ध हूं. ऐसा तब हुआ जब अमित शाह यहां हैं और यात्रा से पहले ऐसा करना उकसावे की कार्रवाई है."

    उन्होंने भी इस मामले में जांच की मांग की है. मामले पर अभी तक भारतीय सेना की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

  18. मिस्र की जिस अल-हाकिम मस्जिद में गए पीएम मोदी, उसका भारत से कनेक्शन

  19. वागनर ग्रुप के बॉस के साथ समझौते से क्या पुतिन की छवि कमज़ोर हुई है?

    बीबीसी की रूसी सेवा के संपादक स्टीव रोज़नबर्ग का कहना है कि टीवी पर रूस के राष्ट्रपति के संबोधन के बाद जिस तरह से प्राइवेट मिलिट्री कंपनी वागनर ग्रुप के बॉस येवगेनी प्रिगोज़िन के साथ समझौता हुआ, उससे पुतिन की छवि कोई बहुत मजबूत नहीं लग रही है.

    स्टीव रोज़नबर्ग का कहना है कि शनिवार को वागनर ग्रुप के बग़ावती तेवर अपनाने के बाद पुतिन ने कहा कि रूस की पीठ में छुरा भोंका गया है.

    लेकिन दिन ख़त्म होने के साथ ही इस प्राइवेट मिलिट्री कंपनी के बॉस येवगेनी प्रिगोज़िन के ख़िलाफ़ लगाए गए सभी आरोप रद्द कर दिए गए जबकि राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें गद्दार करार दिया था.

    बीबीसी की लॉरा क्ववेंसबर्ग से बातचीत में स्टीव रोज़नबर्ग ने कहा कि अभी क्रेमलिन और वागनर ग्रुप के बीच हुए समझौते का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है.

    आने वाले दिनों में मुमकिन है कि इस करार से जुड़ी और जानकारियां सामने आए लेकिन पुतिन इसके बाद कोई बहुत मजबूत नहीं दिखाई दे रहे हैं.

  20. ग्रीस नाव हादसा: पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के एक गांव में पसरा मातम