वागनर ग्रुप के प्रमुख ने कहा- 'खून खराबा रोकने' के लिए लड़ाके वापस लौट रहे हैं

प्रिगोज़िन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक ऑडियो संदेश में कहा है कि रूसी राजधानी की ओर बढ़ रहे लड़ाकों को रास्ते में ही ‘रोकने’ पर वो सहमत हो गए हैं.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and कमलेश मठेनी

  1. यूपी के मैनपुरी में परिवार के पांच लोगों की हत्या के बाद खुद को मारी गोली: पुलिस

    परिवार के पांच लोगों की हत्या के बाद खुद को मारी गोली

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    उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले के थाना किशनी क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई.

    पुलिस का कहना है कि परिवार के ही बड़े बेटे ने पूरी घटना को अंजाम दिया है. घटना को अंजाम देने के बाद शिववीर ने खुद को गोली मार ली जिससे उनकी मौके पर उसकी मौत हो गई.

    वहीं उनके हमले में उनकी पत्नी और मामी भी घायल हुए हैं. पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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    मैनपुरी के एसपी विनोद कुमार ने बताया है, "30 साल के शिववीर यादव के भाई सोनू की कल शादी थी. बारात कल इटावा से लौटकर आई थी. रात में इन्होंने (शिववीर) अपने सगे भाई भुल्लन यादव, सोनू यादव, उनकी पत्नी सोनी, बहनोई सौरभ और उनके दोस्त दीपक की बांका-फरसा से हत्या कर दी. इसके बाद उन्होंने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है."

    पुलिस का कहना है, "वह हत्या के कारणों के बारे में जानकारी जुटा रही है. शिववीर ने अपनी पत्नी डॉली पर भी हमला किया था, जिससे उनके हाथ में चोट लगी है. हमले में उनकी मामी सुषमा को भी चोट लगी है जिन्हें अस्पताल भेजा गया है."

    शिववीर, नोएडा में कोई प्राइवेट काम करता था. वह 20 दिन पहले ही अपने भाई की शादी में शामिल होने घर आया था. शिववीर ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया, पुलिस इस बारे में जांच कर रही है.

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  3. रूस के दक्षिणी सैन्य मुख्यालय पर वागनर ग्रुप का नियंत्रण- दावा

    वागनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोज़िन

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    वागनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोज़िन ने रूसी शहर रोस्तोव के सैन्य ठिकानों पर नियंत्रण करने का दावा किया है.

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट की गई है जिसमें येवगेनी प्रिगोज़िन के रोस्तोव शहर के सैन्य मुख्यालय में होने का दावा किया गया है. यह रूस का दक्षिणी सैन्य मुख्यालय है.

    वीडियो में प्रिदोज़िन कह रहे हैं कि जब तक रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और जनरल वालेरी गेरासिमोव उनसे मिलने नहीं आते तब तक वे शहर की नाकेबंदी करेंगी और मॉस्को की तरफ कूच करेंगे.

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    वागनर ग्रुप समर्थित चैनल पर पोस्ट किए गए अलग अलग वीडियोज में प्रिगोजिन को सेना के दो जनरलों के बीच बैठे हुए दिखाया गया है, जिनमें से एक सेना के लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयव हैं.

    जनरल व्लादिमीर ने इससे पहले वागनर ग्रुप को पीछे हटने के लिए कहा था.

    रूस की प्राइवेट आर्मी ‘वागनर ग्रुप’ के कथित तौर पर बाग़ी रुख़ अपना लेने के बाद राजधानी मॉस्को में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

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    वागनर ग्रुप खुद को एक ‘प्राइवेट मिलिट्री कंपनी’ बताता है, लेकिन अब रूस की सरकार इस ग्रुप पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाती दिख रही है, क्योंकि इसके चीफ येवगेनी प्रिगोज़िन ने राष्ट्रपति पुतिन के ख़िलाफ़ बग़ावत करने का दावा किया है.

    रूस के सरकारी मीडिया रशिया टुडे के मुताबिक क्रेमलिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने शनिवार को कहा कि वागनर ग्रुप के तख्तापलट करने की कोशिशों के जवाब में उठाए जा रहे कदमों के बारे में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सुरक्षा एजेंसियां अपडेट कर रही हैं.

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  5. रूस के शहर रोस्तोव पर वागनर ग्रुप के नियंत्रण का दावा, तस्वीरों में देखिए...

    वागनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोज़िनी ने दावा किया है कि उनके लड़ाकों ने रूस के दक्षिणी शहर रोस्तोव के सैन्य ठिकानों को अपने नियंत्रण में ले लिया है.

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    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रोस्तोव शहर की कुछ तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें सड़कों पर टैंक और सैनिक दिखाई दे रहे हैं.

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    रूस का दक्षिणी सैन्य जिला कमांड रोस्तोव शहर से ही चलता है, इसलिए भी यह शहर काफी महत्वपूर्ण है और यूक्रेन के साथ युद्ध में रूस के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है.

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    ऐसा अनुमान है कि वागनर ग्रुप के पास 50 हजार लड़ाके हैं, जो यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहे हैं.

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  6. तीन दिन बाद शव का अंतिम संस्कार, दलित युवती से कथित रेप और हत्या का मामला

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    तीन दिन बाद शव का अंतिम संस्कार, दलित युवती से कथित रेप और हत्या का मामला

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    राजस्थान में बीकानेर ज़िले के खाजूवाला में दलित युवती से कथित रेप के बाद हत्या मामले में तीन दिन बाद शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार हुआ.

    घटना के विरोध में शुक्रवार को खाजूवाला का बाज़ार भी बंद रहा.

    कथित रेप के बाद हत्या का आरोप खाजूवाला थाने के दो कांस्टेबल समेत तीन लोगों पर है.

    बीकानेर एसपी तेजस्विनी गौतम ने बीबीसी से कहा है, "अब तक दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. तीन को हिरासत में लिया है, जिन्हें आज गिरफ्तार कर लेंगे. खाजूवाला के पूर्व एसएचओ को आईजी के आदेश पर निलंबित कर दिया गया है."

    घटना के बाद परिजन थाने के बाहर धरने पर थे, मांगों पर प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद बुधवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ.

    लेकिन, अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था.

    परिजनों और प्रशासन के साथ शुक्रवार को हुई बातचीत सफल रही. जिसके बाद धरना खत्म हुआ और शव का अंतिम संस्कार किया गया.

    बीकानेर के संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने परिजनों से हुई बातचीत के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, "इस मामले की जांच के लिए तीन एडिशनल एसपी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है. जो भी दोषी होगा वो बख्शा नहीं जाएगा."

  7. रूस की वो प्राइवेट आर्मी जिसने कर दी है 'बग़ावत'

    वागनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोज़िन

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    ऐसा माना जाता है कि यूक्रेन में वागनर ग्रुप के साथ हज़ारों भाड़े के सैनिक यूक्रेन में रूस के लिए लड़ रहे हैं.

    हाल ही में वागनर ग्रुप के सैनिकों ने बख़मुत शहर को यूक्रेन सेना से लेने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और रूस की बढ़त में अहम भूमिका निभाई.

    वागनर ग्रुप खुद को एक ‘प्राइवेट मिलिट्री कंपनी’ बताता है, लेकिन अब रूस की सरकार इस ग्रुप पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाती दिख रही है, क्योंकि इसके चीफ येवगेनी प्रिगोज़िन ने राष्ट्रपति पुतिन के ख़िलाफ़ बग़ावत करने का दावा किया है.

    वागनर ग्रुप की पहचान पहली बार 2014 में हुई थी जब वह यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादी ताकतों का समर्थन कर रहा था.

    उस समय यह एक सीक्रेट ग्रुप था, जो ज़्यादातर अफ्रीका और मध्य पूर्व में सक्रिय था और ऐसा माना जाता है कि उस वक्त इस ग्रुप में सिर्फ पांच हज़ार लड़ाके शामिल थे, लेकिन इनमें ज़्यादातर रूस के स्पेशल फोर्स के सैनिक थे.

    वागनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोज़िन

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    वागनर ग्रुप के लड़ाके को कितने रुपये मिलते हैं?

    धीरे धीरे ग्रुप में लड़ाकों की संख्या बढ़ती गई. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने जनवरी में बताया था कि वागनर ग्रुप के पास यूक्रेन में करीब 50 हज़ार लड़ाके हैं जो रूस की तरफ़ से लड़ रहे हैं.

    मंत्रालय ने बताया कि संगठन ने 2022 में बड़े पैमाने पर भर्ती की क्योंकि रूस को अपनी सेना में लोगों को भर्ती करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था.

    वहीं अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि यूक्रेन में लड़ रहे वागनर ग्रुप के करीब 80 प्रतिशत लड़ाकों को जेल से निकालकर भर्ती किया गया था.

    वागनर ग्रुप के एक पूर्व सैनिक ने बीबीसी को बताया था कि यूक्रेन में युद्ध से पहले इस ग्रुप में शामिल होने वाले लोग छोटे-छोटे गांवों से आते थे. इन गाँवों में अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियाँ मिलना मुश्किल होता था. इसलिए वे इस ग्रुप में शामिल हो जाते थे.

    वागनर ग्रुप में काम करने वालों को 1500 डॉलर (करीब 1.22 लाख रुपये) सैलरी मिलती थी. अगर कोई सैनिक युद्ध के मैदान में लड़ने जाता था तो उसे 2000 डॉलर (1.6 लाख रुपये) मिलते थे.

    हालांकि रूस में भाड़े की सेनाओं पर प्रतिबंध है. वागनर ग्रुप ने 2022 में एक कंपनी के रूप में खुद को पंजीकृत किया था और सेंट पीटर्सबर्ग में एक नया ऑफिस खोला था.

    रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट थिंक टैंक के डॉ सैमुअल रमानी कहते हैं कि वागनर ग्रुप रूसी शहरों में होर्डिंग लगाकर खुलेआम लड़ाकों की भर्ती कर रहा है और रूसी मीडिया में इसे एक देशभक्त संगठन के लिए प्रचारित किया जा रहा है.

    वागनर ग्रुप ने 2022 में एक कंपनी के रुप में खुद को पंजीकृत किया था और सेंट पीटर्सबर्ग में एक नया ऑफिस खोला था.

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    यूक्रेन में वागनर ग्रुप

    जब रूस ने पूर्वी यूक्रेन के बखमुत शहर पर कब्ज़ा किया तो इसमें वागनर ग्रुप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

    यूक्रेन के सैनिकों का कहना है कि वागनर ग्रुप के लड़ाकों को बड़ी संख्या में खुले मैदान में लड़के के लिए भेजा गया था, जिसके चलते उनके कई लोग मारे गए.

    शुरू में रूस के रक्षा मंत्रालय ने लड़ाई में वागनर ग्रुप के शामिल होने से इनकार किया था, हालांकि बाद में साहसी और निस्वार्थ भूमिका निभाने के लिए अपने भाड़े के सैनिकों की तारीफ की थी.

  8. तस्वीरों में देखिए- रूस में सड़कों पर उतरे टैंक, बग़ावत का डर

    यूक्रेनी सीमा के पास रूस के दक्षिण पश्चिमी शहर रोस्तोव में सड़कों पर टैंक दिखाई दे रहे हैं.

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    रूस की प्राइवेट आर्मी ‘वागनर ग्रुप’ के चीफ़ येवगेनी प्रिगोज़िन ने दावा किया है कि उनके सैनिकों ने यूक्रेन के साथ मिलकर कई जगहों पर रूस की सीमा पार कर ली है.

    रूस के रोस्तोव शहर के स्थानीय टेलीग्राम चैनलों पर कुछ फुटेज ऐसे आ रहे हैं जिनमें सैनिक सरकारी इमारतों को घेरते हुए दिखाई दे रहे हैं.

    इन फुटेज की बीबीसी पुष्टि नहीं करता है. तस्वीरों में दो टैंक भी दिखाई दे रहे हैं, जिनके ऊपर बंदूकें लगी हुई हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह पुलिस मुख्यालय है. वहीं स्थानीय गवर्नर गोलुबेल ने लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है.

    रूस के

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    रूस की राजधानी मॉस्को में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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    मॉस्को के मेयर ने घोषणा की है कि राजधानी में सुरक्षा मज़बूत बनाने के लिए आतंकवाद रोधी उपाय किए गए हैं.

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    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी मिखाइल खोदोरकोवस्की ने रूसी लोगों से वागनर के चीफ़ येवगेनी प्रिगोज़िन का समर्थन करने की अपील की है.

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    वागनर ग्रुप के चीफ प्रिगोज़िन ने कथित तौर पर मॉस्को के सैन्य नेतृत्व को उखाड़ फेंकने का फ़ैसला किया है.

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  9. मॉस्को में सुरक्षा कड़ी, पुतिन के ‘दुश्मन’ ने रूसियों से ‘प्राइवेट आर्मी’ की मदद करने को कहा

    सैनिक

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    रूस की प्राइवेट आर्मी ‘वागनर ग्रुप’ के कथित तौर पर बाग़ी रुख़ अपना लेने के बाद राजधानी मॉस्को में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    मॉस्को के मेयर ने घोषणा की है कि राजधानी में सुरक्षा मज़बूत बनाने के लिए आतंकवाद रोधी उपाय किए गए हैं.

    टेलीग्राम पर सर्गेई सोब्यानिन ने लिखा, “आ रही सूचनाओं के मद्देनज़र आतंकवाद रोधी उपाय अपनाए जा रहे हैं ताकि मॉस्को में सुरक्षा मज़बूत की जा सके.”

    “सड़कों पर अतिरिक्त नियंत्रण को बढ़ा दिया गया है. सार्वजनिक कार्यक्रमों को भी सीमित किए जाने की संभावना है. कृपया समझदारी से उठाए गए क़दमों पर विचार करें.”

    मिखाइल खोदोरकोवस्की

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    वहीं, दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी मिखाइल खोदोरकोवस्की ने रूसी लोगों से वागनर के चीफ़ येवगेनी प्रिगोज़िन का समर्थन करने की अपील की है.

    प्रिगोज़िन ने कथित तौर पर मॉस्को के सैन्य नेतृत्व को उखाड़ फेंकने का फ़ैसला किया है.

    खोदोरकोवस्की एक समय रूस के सबसे अमीर ओलीगार्क थे. उनका कहना है, “हमें अब मदद करने की ज़रूरत है और अगर जरूरत पड़ी तो हम लड़ेंगे भी.”

    पुतिन के साथ अनबन के बाद खोदोरकोवस्की ने 10 साल रूसी जेल में बिताए थे और रूसी राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंधों की मांग की थी.

  10. पीएम मोदी का अमेरिकी दौरा हुआ पूरा, एक ख़ास वीडियो किया ट्वीट

    मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दिवसीय अमेरिका दौरा समाप्त हो चुका है जिसके बाद वो मिस्र के दो दिवसीय दौरे के लिए राजधानी काहिरा के लिए निकल चुके हैं.

    अमेरिकी दौरे की समाप्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने लिखा है, “बेहद ख़ास अमेरिकी दौरे की समाप्ति. यहां मुझे भारत-अमेरिका मित्रता को रफ़्तार देने के उद्देश्य से कई कार्यक्रमों और बातचीत में भाग लेने का मौक़ा मिला.”

    “हमारे राष्ट्र आने वाली पीढ़ियों के लिए इस दुनिया को बेहतर जगह बनाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.”

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    पीएम मोदी अब दो दिन मिस्र में रहेंगे जहां पर वो देश के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल-सीसी के साथ द्विपक्षीय मुलाक़ात करेंगे.

    इसके अलावा पीएम मोदी अल-हाकिम मस्जिद का भी दौरा करेंगे.

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  11. मॉस्को की सड़कों पर टैंक, रूस में बगावत का खतरा

    रूस के शहर रोस्तोव में सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं टैंक

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    रूस की प्राइवेट आर्मी ‘वागनर ग्रुप’ के चीफ़ येवगेनी प्रिगोज़िन ने दावा किया है कि उनके सैनिकों ने कई जगहों पर यूक्रेन से लगी रूस की सीमा पार कर ली है.

    येवगेनी पर रूस के ख़िलाफ़ विद्रोह के आरोप के बाद रूस के महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

    टेलीग्राम पर प्रकाशित नई ऑडियो रिकॉर्डिंग में येवगेनी प्रिगोज़िन ने बताया कि जब उनके सैनिकों ने सीमा पार की तो वहां मौजूद सैनिकों ने उन्हें गले लगाने का काम किया.

    उन्होंने यह भी दावा किया कि बॉर्डर पर मौजूद रूसी सैनिकों को उन्हें रोकने का आदेश दिया गया था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

    येवगेनी ने कहा कि वे यूक्रेनी सीमा के पास दक्षिण पश्चिमी शहर रोस्तोव में प्रवेश कर रहे हैं.

    प्रिगोज़िन ने कहा, "अगर कोई हमारे रास्ते में आया तो हम अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को तबाह कर देंगे…हम आगे बढ़ रहे हैं.”

    बीबीसी इन दावों की पुष्टि नहीं करता है. अभी रूस में वागनर सैनिकों की तस्वीरें या वीडियो सामने नहीं आए हैं.

    रूस की राजधानी मॉस्को में बढ़ाई गई सुरक्षा

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    रूसी मीडिया के रोस्तोव शहर में ऑपरेशन फोर्ट्रेस को सक्रिय कर दिया गया है. इस प्लान को कथित तौर पर रूस की राजधानी मॉस्को में भी चलाया गया है ताकि क्रेमलिन की हिफ़ाज़त की जा सके.

    क्रेमलिन रूसी राष्ट्रपति के आवासीय परिसर को कहा जाता है, जो राजधानी मॉस्को में स्थित है.

    ऐसी जानकारियां भी सामने आ रही हैं कि आंतरिक मंत्रालय की बिल्डिंग के एंट्री और एग्जिट गेट को बंद कर दिया गया है और सैन्य वाहनों को राजधानी के कुछ इलाकों में तैनात किया गया है.

    पश्चिमी विशेषज्ञों के मुताबिक़, वागनर रूसी सरकार के समर्थन वाला लड़ाकों का समूह है जो रूसी हितों के लिए काम करते हैं.

    इस निजी सेना को एक कंपनी की शक्ल में येवगेनी प्रिगोज़िन फंड करते हैं. जो पुतिन के क़रीबी हैं.

    एक समय में रेस्तरां चलाने वाले प्रिगोज़िन पर युद्ध अपराध और मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े आरोप लगते रहे हैं. इससे पहले वागनर क्राइमिया, सीरिया, लीबिया, माली और सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक में तैनात रही हैं.

    इस वक्त वागनर ग्रुप की कमान येवगेनी प्रिगोज़िन के पास है.

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    वागनर ग्रुप को किसने बनाया?

    इस वक्त इस समूह की कमान येवगेनी प्रिगोज़िन के पास है.

    द जेम्सटाइन फ़ाउंडेशन थिंक टैंक के सीनियर फ़ेलो डॉ सर्गेई सुखान्किन के मुताबिक वागनर ग्रुप को दिमित्री उत्किन नाम के एक व्यक्ति ने बनाया था.

    वे 2013 तक रूसी विशेष सैन्य दस्ते में शामिल थे.

    सुखान्किन कहते हैं, "वागनर ग्रुप में उन्होंने 35 से 50 साल की उम्र वाले ऐसे लोगों की भर्ती की जिन पर परिवार का या फिर कर्ज़ का बोझ था. ये अधिकतर छोटे शहरों से थे जहां काम के मौक़े कम थे. इनमें से कुछ चेचन्या में हुए संघर्ष और कुछ रूस-जॉर्जिया युद्ध में शामिल थे. इनके पास युद्ध का अनुभव था, लेकिन ये आम जीवन में अपनी जगह नहीं तलाश पाए थे."

    सर्गेई बताते हैं कि रूसी सैन्य ख़ुफ़िया विभाग के पास एक जगह पर क़रीब तीन महीनों तक इनकी ट्रेनिंग हुई. इससे ये अंदाज़ा लगाया गया कि इस ग्रुप के तार रूसी सेना से जुड़े थे.

    बताया जाता है कि दुनिया के कई संघर्षग्रस्त इलाक़ों में इसी ग्रुप के लड़ाके भेजे गए.

    वो कहते हैं, "मुझे लगता है रूस इसे लेकर इसलिए उत्सुक था क्योंकि वो चेचन्या और अफ़ग़ानिस्तान में हुई ग़लती नहीं दोहराना चाहता था. पुतिन को डर था कि विदेशी ज़मीन पर सैन्य अभियानों में अधिक रूसी सैनिकों की मौत हुई तो इससे देश में लोगों की नाराज़गी बढ़ेगी."

    चेचन्या और अफ़ग़ानिस्तान के सैन्य अभियानों में हज़ारों रूसी सैनिकों की जान गई थी. वागनर ग्रुप आधिकारिक तौर पर सेना का हिस्सा नहीं था, इसलिए इसे अभियान में शामिल करने से सैनिकों की मौतों का आंकड़ा कम रखने में मदद होती.

    सर्गेई कहते हैं, "एक बड़ी वजह ये थी कि रूस इनकी ज़िम्मेदारी लेने से इनकार कर सकता था. यानी वो ये कह सकता था कि उसे इन लड़ाकों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. एक और वजह ये भी है कि किसी और देश में संवेदनशील मिशन पर सेना या पैरामिलिटरी भेजना मुश्किल होता है."

  12. नमस्कार!

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