लापता पनडुब्बी टाइटन की खोज जारी, पढ़िए अब तक क्या-क्या हुआ?
रीयर एडमिरल जॉन मॉगर ने बीबीसी से कहा है कि टाइटैनिक जहाज़ देखने के लिए यात्रियों को लेकर गहरे समुद्र में गई पनडुब्बी टाइटन के पास अब 18 घंटे से कम वक्त का ही ऑक्सीजन बचा हो सकता है.
लाइव कवरेज
अभिनव गोयल and प्रियंका झा
लापता पनडुब्बी में कितनी ऑक्सीजन बची है और ये चलती कैसे है?
वीडियो कैप्शन, लापता पनडुब्बी में कितनी ऑक्सीजन बची है और ये चलती कैसे है?
दुनिया के सबसे चर्चित जहाज़ रहे टाइटैनिक के मलबे को दिखाने के लिए अटलांटिक महासागर में गई पनडुब्बी को खोजने के क्रम में एक सफलता हाथ लगी है.
यूएस कोस्ट गार्ड ने ट्वीट कर पुष्टि की है कि जिस क्षेत्र में खोज अभियान चलाया जा रहा है उस क्षेत्र से एक कनाडाई पी-3 विमान ने पानी के नीचे शोर का पता लगाया है.
शोर का पता लगने पर एक अतिरिक्त सोनार को चार घंटे बाद उस क्षेत्र में तैनात किया गया है.
एनसीईआरटी की किताबों से डार्विन के सिद्धांत को हटाए जाने पर क्या बोले शिक्षा मंत्री
इमेज स्रोत, ANI
एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से चार्ल्स डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत को हटाने को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बयान दिया है.
उन्होंने कहा, "मैं सार्वजनिक रूप से कहना चाहूंगा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है."
मंगलवार को पुणे के भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक कार्यक्रम में बोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने एनसीईआरटी से बात कर जानकारी मांगी है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
प्रधान ने कहा, "उनके अनुसार एक्सपर्ट्स ने सलाह दी थी कि कोविड-19 के दौरान दोहराव वाले हिस्सों को कम किया जा सकता है और बाद में उन्हें वापिस से शामिल किया जा सकता है."
"इसलिए क्लास आठ और नौ के कंटेंट में कुछ नहीं बदला गया है. क्लास दस की किताब में इवोल्यूशन की थ्योरी से संबंधित कुछ भाग को पिछले साल हटाया गया था, वहीं क्लास ग्यारहवीं और बारहवीं में कोई बदलाव नहीं किया गया है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
उन्होंने माना कि ऐसा जरूर है कि जो बच्चे दसवीं क्लास के बाद विज्ञान की पढ़ाई नहीं करेंगे, उनसे चार्ल्स डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत का कुछ हिस्सा छूट जाएगा.
प्रधान ने कहा, "पीरियोडिक टेबल क्लास 9, 11 और 12 में पढ़ाया जा रहा है और एनसीईआरटी के अनुसार विकासवाद से जुड़े एक या दो उदाहरणों को हटाया गया था, लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा रही है और उस नीति के तहत नई पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं."
ब्लिंकन की चीन यात्रा: अमेरिका-चीन संबंध सुधरे तो भारत पर क्या असर?
लापता पनडुब्बी: 'अगर आप भागने की कोशिश करेंगे तो एक सेकेंड भी बच नहीं पाएंगे'
इमेज स्रोत, OceanGate Expeditions/PA Wire
इमेज कैप्शन, टाइटैनिक जहाज का मलबा
टाइटैनिक जहाज का मलबा दिखाने ले गई लापता पनडुब्बी के बारे में ब्रिटेन की साउंथैम्पटन यूनिवर्सिटी में समुद्र विज्ञान के सीनियर लेक्चरर सिमोन बॉक्सल ने बीबीसी को बताया कि टाइटैनिक जहाज का मलबा समुद्र में 3800 मीटर नीचे है.
वे कहते हैं, "आप उस दबाव का अंदाजा नहीं लगा सकते हैं."
उन्होंने बताया, "अगर कोई वहां से बाहर निकलने की कोशिश करेगा तो वो कुचल जाएगा. इतनी गहराई से अगर आप भागने की कोशिश करेंगे तो आप एक सेकेंड भी बच नहीं पाएंगे."
उन्होंने कहा कि इसी वजह से टाइटन पनडुब्बी को सतह पर लाए जाने की ज़रूरत है.
इस पनडुब्बी के वापस लौटने का समय ख़त्म हो चुका है और इसमें ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर भी संशय की स्थिति है.
टेस्ला के सीईओ बोले, 'मैं भारतीय प्रधानमंत्री मोदी का फैन हूं...'
वीडियो कैप्शन, टेस्ला के सीईओ बोले, 'मैं भारतीय प्रधानमंत्री मोदी का फैन हूं...'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर अमेरिका पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने पहुँचते ही अमेरिका के कई बड़े बिज़नेसमैन और बड़ी शख़्सियतों से मुलाक़ात की है.
इनमें एक शख़्सियत एलन मस्क का नाम भी शामिल है. एलन मस्क सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर से लेकर स्पेस कंपनी स्पेस एक्स और इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के मालिक हैं.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात के बाद कहा, ‘मैं मोदी का फ़ैन हूँ.’
छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा- माओवादियों ने अपने ही साथी की कर दी हत्या
....में
Author, आलोक प्रकाश पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, ALOK PUTUL
इमेज कैप्शन, फ़ाइल फ़ोटो
छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित कांकेर ज़िले में पुलिस ने माओवादियों द्वारा अपने ही एक साथी की हत्या का दावा किया है. पुलिस के अनुसार संदिग्ध माओवादी पर पाँच लाख रुपये का इनाम था.
बस्तर रेंज के आईजी पुलिस सुंदरराज पी ने बीबीसी से कहा, "बुधवार को कांकेर के थाना कोयलीबेडा के गाँव केसोकोडी के पास नक्सल वर्दी में एक शव बरामद हुआ है, जिसकी पहचान मानु दुग्गा के रूप में की गई है. संदिग्ध माओवादी नारायणपुर के भरंडा का रहने वाला था."
सुंदरराज पी ने कहा कि मृतक माओवादी के पास से एक पर्चा भी बरामद किया गया है, जिसमें माओवादियों ने संगठन में महिलाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार को कारण बताते हुए हत्या की बात कही है.
संदिग्ध माओवादियों द्वारा जारी पर्चे में कहा गया है कि मानु दुग्गा महिलाओं पर अत्याचार करता था. उसे कई बार समझाया गया. ताज़ा घटनाक्रम में एक महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप में उसे पकड़ा गया और जन अदालत लगा कर उसकी हत्या की गई.
पुलिस ने कहा है कि मृतक मानु दुग्गा 2006 से माओवादी संगठन में सक्रिय था और माओवादियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के प्लाटून नंबर 17 से जुड़ा हुआ था. वह माओवादियों की किसकोड़ो एरिया समिति सदस्य था.
पाकिस्तान की आर्थिक हालत क्या भारत की मदद से सुधर सकती है?
वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान की आर्थिक हालत क्या भारत की मदद से सुधर सकती है?
भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की खटास नई नहीं है लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि बीते कई सालों में संबंधों से इतर, इस कड़वाहट का असर कभी भी दोनों देशों के बीच के व्यापारिक संबंधों पर नहीं पड़ा था लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है.
दोनों देशों के रिश्तों का असर अब व्यापार पर भी पड़ा है. ये स्थिति पाकिस्तान के लिए ख़ासतौर पर बुरी है क्योंकि फिलहाल पाकिस्तान एक बुरे आर्थिक दौर से गुज़र रहा है.
भारत-पाकिस्तान के व्यापारिक संबंधों पर वुसअतुल्लाह ख़ान का व्लॉग.
लापता पनडुब्बी को खोजने में मदद करेंगे पानी के अंदर चलने वाले रोबोट
इमेज स्रोत, Magellan Equipment and Resources
टाइटैनिक का मलबा दिखाने समुद्र के हज़ारों मीटर नीचे गोता लगाने वाली लापता पनडुब्बी को खोजने के लिए अब अंडरवॉटर रोबोट्स की मदद ली जाएगी.
समुद्र की गहराइयों में काम करने वाली ब्रितानी एक्सपर्ट कंपनी मैगलेन ने कहा कि वो टाइटन नाम की लापता पनडुब्बी को खोजने में मदद कर रही है.
ये पनडुब्बी रविवार से लापता है और माना जा रहा है कि इसमें कुछ ही घंटों की ऑक्सीजन बची होगी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
पनडुब्बी पर पाकिस्तानी कारोबारी शहज़ादा दाऊद, उनके बेटे सुलेमान, ब्रितानी अरबपति हामिश हार्डिंग सहित कुल पाँच लोग सवार हैं.
ब्रिटेन की कंपनी मैगलेन के पास ऐसे रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (आरओवी) या पानी के अंदर चलने वाले रोबोट हैं जो समुद्र में छह हज़ार मीटर नीचे तक जा सकते हैं. ये आरओवी पहले भी टाइटैनिक के मलबे तक जा चुके हैं.
एक्सप्लोरर क्लब के अध्यक्ष रिचर्ड गैरियट ने बताया कि पनडुब्बी पर सवार यात्रियों में से दो (हामिश हार्डिंग और पॉल आनरी नार्जेलेट) इस क्लब के सदस्य हैं. ये क्लब विज्ञान से जुड़ी खोजों के लिए एक वैश्विक नेटवर्क की तरह काम करता है.
गैरियट ने कहा कि तलाशी अभियान अब महत्पूर्ण चरण में पहुंच चुका है. समुद्र के अंदर कुछ आवाज़ें सुनाई दी हैं, जिससे ये उम्मीद जगी है कि पनडुब्बी आसपास ही है.
रिटायर्ड फौजी के शरीर से निकली इतनी बड़ी पथरी, बना रिकॉर्ड
वीडियो कैप्शन, रिटायर्ड फौजी के शरीर से निकली इतनी बड़ी पथरी, बना रिकॉर्ड
श्रीलंका में एक रिटायर्ड फौजी की किडनी से बहुत ही बड़े आकार की पथरी निकाली गई है.
डॉक्टरों ने 62 साल के कानिसटस कूंगे के शरीर से यह पथरी निकाली.
इस पथरी का आकार 13.372 सेंटीमीटर है और इसका वज़न 801 ग्राम है.
इसे गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे बड़े और भारी किडनी स्टोन के तौर पर दर्ज किया गया है.
'रामायण' में सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया ने 'आदिपुरुष' विवाद पर क्या कहा
इमेज स्रोत, Sagar Arts
फ़िल्म आदिपुरुष पर छिड़े विवाद के बीच, 36 साल पहले रामानंद सागर के 'रामायण' धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने कहा है कि रामायण मनोरंजन के लिए नहीं है.
ओम राउत की फ़िल्म आदिपुरुष पर विवाद को लेकर उन्होंने कहा है कि हिंदू महाकाव्य से किसी भी तरह के भटकाव को आलोचना झेलनी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि हर कुछ साल बाद फिल्मकारों को उन्हीं चीज़ों को दिखाने से बचना चाहिए.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में दीपिका चिखलिया ने कहा, "हर बार जब आप इसे स्क्रीन पर लेकर आएंगे, फिर वो टीवी हो या फिल्म तो इसमें ऐसा कुछ होगा जिससे लोगों की भावनाएं आहत होंगी क्योंकि आप हू-ब-हू वैसी रामायण नहीं बनाएंगे, जैसी हमने बनाई थी."
इमेज स्रोत, Sagar Arts
इमेज कैप्शन, रामानंद सागर के पौराणिक धारावाहिक 'रामायण' का एक दृश्य
कई डायलॉग को लेकर आदिपुरुष फ़िल्म भारत के साथ ही नेपाल में भी विवादों में घिरी हुई है.
उनके अनुसार हर फिल्मकार का अपना दृष्टिकोण होता है और वह कुछ अलग बनाना चाहता है.
उन्होंने कहा, " जो बात मुझे तकलीफ़ पहुंचाती है, वह ये कि क्यों हम हर साल-दो साल पर रामायण बनाने की कोशिश कर रहे हैं. रामायण कोई मनोरंजन के लिये नहीं है, यह कुछ ऐसा है जिससे आप सीखते हैं. यह ऐसी पुस्तक है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमारे पास आई है और यही हमारे संस्कार हैं."
इमेज कैप्शन, दीपिका चिखलिया
टाइटैनिक दिखाने ले गई लापता पनडुब्बी: 'कॉन्ट्रैक्ट के पहले पन्ने पर तीन बार मौत का जिक्र'
इमेज स्रोत, Ocean Gate / Handout/Anadolu Agency via Getty Images
इमेज कैप्शन, टाइटैनिक दिखाने ले गई लापता पनडुब्बी
टाइटैनिक दिखाने ले गई लापता पनडुब्बी में सफर करने वाले माइक रीस ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि लोग इसमें जान के ख़तरों के बारे में वाकिफ थे.
उन्होंने कहा, "हम सभी इसमें जाने के खतरों के बारे में जानते हैं. ये कोई मजाक नहीं है. आप इसमें सवार होने से पहले एक दस्तावेज पर दस्तख़त करते हैं, जिसके पहले ही पन्ने पर तीन बार मौत या मारे जाने का जिक्र है."
माइक रीस ने पिछले साल उस पनडुब्बी से यात्रा की थी. उनका कहना है कि उन्हें अब बहुत ज़्यादा उम्मीद नहीं है.
इमेज कैप्शन, माइक रीस
उन्होंने बीबीसी ब्रेकफास्ट से कहा, "मैं लॉजिस्टिक्स जानता हूं और मैं ये भी जानता हूं कि समंदर कितना बड़ा है और ये जहाज कितना छोटा."
उन्होंने कहा, "अगर ये कहीं बैकग्राउंड में ओझल हो गया है तो मुझे नहीं मालूम कि कोई इस तक कैसे पहुंच पाएगा."
हालांकि वे ये भी कहते हैं कि इस पर सवार होने वाले हरेक शख़्स को इसके जोखिमों के बारे में मालूम होता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने बताया, "आप एक डिस्क्लेमर पर दस्तखत करते हैं जिनमें एक के बाद एक उन बातों का जिक्र होता है जिसका एक ही मतलब है कि इस यात्रा में आपकी मौत भी हो सकती है. पहले पन्ने पर वो तीन बार मौत का जिक्र करते हैं तो ये बात आपके दिमाग में घर कर जाती है."
माइक रीस कहते हैं, "जब मैं इस पनडुब्बी पर सवार हो रहा था तो मुझे ये लग रहा था कि ये मेरा अंत हो सकता है. सबको मालूम है कि वो खुद को कहां ले जा रहे हैं. ये एक खोज होती है. कोई छुट्टी नहीं है. इसमें कोई थ्रिल नहीं है. ये गोताखोरी भी नहीं है. वे खोजी लोग और यात्री होते हैं जो कुछ देखना चाहते हैं."
पीएम मोदी का अमेरिका दौरा: यूएस भारत से क्या चाहता है? देखिए रिपोर्ट
वीडियो कैप्शन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राजकीय दौरे पर गए हैं.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राजकीय दौरे पर गए हैं. ये पीएम मोदी की पहली स्टेट विज़िट है.
एक तरफ़ ये भारत और अमेरिका के मज़बूत होते रिश्तों का संकेत है तो दूसरी ओर सवाल है कि इस दौरे से भारत को क्या हासिल होगा और अमेरिका भारत से क्या चाहेगा. कवर स्टोरी में आज इसी की बात.
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टेस्ट टीम पर इस वजह से लगा जुर्माना
इमेज स्रोत, ANI
बर्मिंघम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में धीमी गति से गेंदबाज़ी करने के लिए ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीम पर जुर्माना लगाया गया है.
जुर्माने के रूप में दोनों टीमों की मैच फीस का 40 फीसदी और आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप प्वाइंट्स में से दो-दो प्वॉयंट्स भी काटे गए हैं.
एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने दोनों टीमों के ख़िलाफ़ ये फ़ैसला दिया.
आईसीसी के नियमों के अनुसार, निर्धारित समय के भीतर धीमी गति से गेंदबाज़ी करने पर खिलाड़ियों की मैच फीस में से 20 फीसदी जुर्माने का प्रावधान है.
साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप प्वाइंट्स में से छूट गए ओवरों में से प्रति ओवर एक अंक काटने का प्रावधान है.
बर्मिंघम टेस्ट में सुस्त गेंदबाज़ी के कारण दो ओवर की बोलिंग रह गई थी, इसलिए दोनों टीमों के दो अंक कम किए गए.
कैप्टन पैट क्यूमिंस और बेन स्टोक्स ने धीमी गेंदबाज़ी के आरोपों को स्वीकार कर लिया, इसलिए इस मामले में कोई औपचारिक सुनवाई नहीं की गई.
नेपाल की रतन कुमारी बनना चाहती हैं लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत
वीडियो कैप्शन, नेपाल की रतन कुमारी बनना चाहती हैं लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत
सुना हम सबने है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती लेकिन करके दिखाया 80 साल की रतन कुमारी शुनुवार ने. वो पूर्वी नेपाल के दूर दराज़ के एक गांव रामेछाप से हैं.
बचपन में स्कूल जाने के बजाए खेतों में काम करना पड़ा, फिर शादी हो गई और बाद में बच्चों की देखभाल में लगी रहीं.
लेकिन बच्चों के बड़े हो जाने के बाद उन्होंने 54 साल की उम्र में फिर क़लम उठाई और पढ़ना शुरू किया.
रतन कुमारी कहती हैं कि वो नौकरी पाने के लिए पढ़ाई नहीं कर रहीं बल्कि वो उन लड़कियों को प्रेरणा देना चाहती हैं जिन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा. देखिए उनकी कहानी.
टाइटैनिक देखने गई लापता पनडुब्बी, चलती कैसे है?
टाइटैनिक का मलबा देखने समुद्र में गोता लगाने वाली पनडुब्बी रविवार से लापता है. इसमें पांच लोग सवार हैं और अब कुछ ही घंटों की ऑक्सीजन बची हुई है.
यूएस कोस्ट गार्ड के रियर एडमिरल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें पनडुब्बी के ऑपरेटर ने बताया है कि उसके लौटने का तय समय बीत चुका है.
जानकारी के मुताबिक पनडुब्बी में कुल 96 घंटों की ऑक्सीजन का इंतज़ाम था, जो तेजी से घट रही है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
6.7 मीटर लंबी यह पनडुब्बी समुद्र में चार हजार मीटर की गहराई तक जा सकती है. यह पनडुब्बी कैसे चलती है इसका जायजा लेने के लिए साल 2020 में टीम बीबीसी ने पनडुब्बी के अंदर यात्रा की थी.
गेमिंग रिमोट की तरह दिखने वाले एक रिमोट से पनडुब्बी को चलाया जा सकता है. रिमोट को लॉजिटेक ने सोनी प्लेस्टेशन स्टाइल कंट्रोलर की तरह बनाया है.
अगर आप पनडुब्बी को आगे ले जाना चाहते हैं तो गेमिंग रिमोट की तरह फॉरवर्ड का बटन दबाना होता है और अगर यात्री को पनडुब्बी पीछे करनी है तो उसे बैक बटन दबाना पड़ता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
दाएं या बाएं मुड़ने के लिए भी रिमोट का महज एक बटन काफी है.
आठ दिन के सफर पर करीब दो करोड़ रुपये का खर्च आता है.
टाइटैनिक का मलबा एटलांटिक महासागर में 3,800 मीटर की गहराई में मौजूद है. साल 1912 में डूबे इस जहाज़ पर सवार 1,500 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
ग्रीस में हादसा: सैकड़ों पाकिस्तानी लापता
वीडियो कैप्शन, पिछले हफ़्ते ग्रीस के तट के पास डूबी नाव में सवार थे सैकड़ों पाकिस्तानी.
पिछले हफ़्ते ग्रीस के तट के पास शरणार्थियों को ले जारी एक नाव डूब गई जिसमें अब तक अठत्तर लोगों की मारे जाने की पुष्टि हो गई है.
पर संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि क़रीब पांच सौ लोग अभी भी लापता हैं. इस नाव में पाकिस्तान के भी सैकड़ों लोग सवार थे जिनके बारे में अभी तक कोई पुख़्ता ख़बर नहीं मिल पाई है.
इस मामले में और जानकारी दे रही हैं पाकिस्तान के इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता सहर बलोच.
टाइटैनिक देखने गई तीन दिनों से लापता पनडुब्बी को खोजने में क्या दिक्कत आ रही है
इमेज स्रोत, Getty Images/openaccessgovernment
टाइटैनिक का मलबा देखने गई पनडुब्बी को खोजने के लिए उत्तरी अटलांटिक में खोज अभियान को तीन दिन से ज्यादा का समय हो गया है.
हर बीतते घंटे पनडुब्बी में मौजूद ऑक्सीजन की मात्रा कम हो रही है. रविवार को लापता हुई पनडुब्बी में अब महज तीस घंटों से भी कम की ऑक्सीजन बची है.
20 हज़ार वर्ग किलोमीटर से बड़े महासागर के क्षेत्र में यूएस कोस्ट, कनाडा की नौसेना, वायु सेना, कोस्ट गार्ड के साथ-साथ न्यूयॉर्क एयर नेशनल गार्ड भी मदद कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी है.
इमेज स्रोत, DAWOOD FAMILY
इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी कारोबारी परिवार के सदस्य शहज़ादा दाऊद और उनके बेटे सुलेमान पनडुब्बी में हैं.
अमेरिकी कोस्ट गार्ड के मुताबिक समुद्र के नीचे से कुछ आवाजें जरूर सुनाई दी हैं, जो काफी अहम मानी जा रही हैं.
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि यह खोज इतनी चुनौतीपूर्ण और मुश्किल क्यों बनी हुई है? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए बीबीसी ने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के मरीन इंजीनियरिंग के प्रोफेसर एलिस्टेयर ग्रेग से बात की है.
वे कहते हैं कि पानी के जरिए संचार करना हमेशा बहुत मुश्किल काम होता है. एक बार जब आप कम्युनिकेशन खो देते हैं तो उसे ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
ग्रेग बताते हैं, "खोज अभियान को यह नहीं पता है कि उन्हें पनडुब्बी को अटलांटिक महासागर की सतह पर खोजना है या फिर समुद्र के तल में. यह दोनों जगह हो सकती है. पनडुब्बी के इन दोनों के बीच होने की संभावना बहुत कम है."
पनडुब्बी महासागर में कैप कॉड से करीब 900 मील दूर लापता हुई है, जहां समुद्र की गहराई करीब 13 हजार फीट है.
ग्रेग बताते हैं कि अगर पनडुब्बी समुद्र की सतह पर होगी तो उसे ढूंढना बहुत मुश्किल है, क्योंकि उसे ऐसे बनाया गया है कि वह तैरती रहे. इसके साथ ही पनडुब्बी के रंग के चलते उसे हवा से भी नहीं देखा सकता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
प्रोफेसर कहते हैं कि अगर पनडुब्बी ने अपनी पॉवर खो दी होगी तो वह सिग्नल नहीं भेज पाएगी और ऐसे में उसका पता लगाना आसान काम नहीं है.
इसके अलावा एक सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि पनडुब्बी में बैठे यात्री खुद उससे बाहर नहीं आ सकते हैं, क्योंकि उन्हें अंदर बांधकर बिठाया जाता है, इसलिए वे उसके अंदर फंसे हुए हैं.
वे कहते हैं कि अगर पनडुब्बी समुद्र की सतह पर है तो उसे देखने की जरूरत नहीं है क्योंकि उसका पता लगाने के लिए हमारे पास सोनर तकनीक है, जिसमें सिग्नल भेजकर किसी चीज का पता लगाया जा सकता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
पनडुब्बी से टाइटैनिक का सफर
आठ दिन की इस यात्रा के लिए ढाई लाख डॉलर यानी 2 करोड़ रुपये से भी अधिक राशि की टिकट खरीदी जाती है. इस यात्रा के ज़रिए टाइटैनिक के मलबे को समुद्र में 3800 मीटर नीचे जाकर देखा जा सकता है.
ओशनगेट कंपनी के विज्ञापन के अनुसार, ये आठ दिनों की यात्रा साधारण ज़िंदगी से निकलने और कुछ असाधारण खोजने का मौका है.
इस छोटी पनडुब्बी में एक पायलट और तीन टिकट खरीदने वाले मेहमान यात्री होते हैं. उनके अलावा कंपनी के मुताबिक पनडुब्बी में एक एक्सपर्ट भी सवार होते हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 4
ये मिशन न्यूफ़ाउंडलैंड में सेंट जॉन्स से शुरू होता है.
कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, उसके पास तीन पनडुब्बी हैं, जिनमें से केवल लापता होने वाले टाइटन में ही इतनी गहराई तक जाने की क्षमता है.
इस पनडुब्बी का वज़न 10 हज़ार 432 किलोग्राम है और वेबसाइट की मानें तो ये 13 हज़ार 100 फ़ुट की गहराई तक जा सकती है. पनडुब्बी में 96 घंटे का ऑक्सीजन सपोर्ट बचा है.
टाइटैनिक जहाज़ साल 1912 में न्यूयॉर्क की अपनी पहली यात्रा के दौरान डूब गया था. ये अपने समय में सबसे बड़ा ज़हाज़ था. इसमें मौजूद 2200 यात्रियों और क्रू के सदस्यों में से 1500 से अधिक मारे गए थे. इस जहाज़ का मलबा पहली बार 1985 में खोजा गया था.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 5
पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के बीच रूस ने भारत के लिए क्या कहा?- प्रेस रिव्यू
'बेहद खतरनाक' आवारा कुत्तों को मारने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार से मांगा जवाब
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस याचिका पर केरल सरकार से जवाब मांगा है जिसमें कन्नूर जिले में 'रैबिज से संक्रमित' और 'बेहद ख़तरनाक' आवारा कुत्तों को मारे जाने की इजाजत मांगी गई है.
जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस एमएम सुंद्रेश ने केरल सरकार को इस मामले पर नोटिस जारी किया है और सात जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है.
कन्नूर की जिला पंचायत ने सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका दायर की है. इस महीने वहां एक 11 साल के ऑटिज़्म पीड़ित बच्चे की मौत आवारा कुत्तों के हमले के बाद हो गई थी.
याचिका में इस बच्चे की मौत का भी जिक्र किया गया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 जुलाई की तय की है.
याचिका में कहा गया है, "कन्नूर जिले में साल 2019 में आवारा कुत्तों के हमले के 5,794 मामले, 2020 में 3,951 मामले, 2021 में 7,927 मामले, 2022 में 11,776 मामले और 19 जून, 2023 तक 6,276 मामले रिपोर्ट हुए हैं. कन्नूर जिला पंचायत के क्षेत्र में लगभग 28,000 आवारा कुत्ते रहते हैं."
याचिका में कहा गया है कि तमाम कोशिशों के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है.
टाइटैनिक डूबने के 112 साल के बाद भी कायम हैं ये चार रहस्य