आदिपुरुष फ़िल्म पर विवाद के बीच मनोज मुंतशिर को मुंबई पुलिस ने दी सुरक्षा

मनोज मुंतशिर ने फिल्म को लेकर हो रहे विवाद के बाद अपनी जान पर ख़तरा बताया था.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and अनुराग कुमार

  1. उमर अब्दुल्ला ने क्यों कहा, 'लोकतंत्र वहां ख़त्म हो जाता है, जहां जम्मू कश्मीर शुरू होता है'

    उमर अब्दुल्ला

    जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने तंज़ भरे अंदाज़ में कहा है, ‘लोकतंत्र वहां ख़त्म हो जाता है, जहां से जम्मू कश्मीर शुरू होता है.’.

    उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, “लोकतंत्र हमारी शिराओं में है. ये हमारी संस्कृति का हिस्सा है. भारत लोकतंत्र का मंदिर है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय महान मायने वाले ऐसे शब्दों को हाथों हाथ लेता है और उन्हीं उबाऊ बातों को दुहराता है.”

    उन्होंने आगे लिखा है, “इस बीच जम्मू कश्मीर ने केंद्र के शासन के अधीन पांच साल पूरे कर लिए हैं.”

    उन्होंने लिखा, “लोकतंत्र वहां ख़त्म हो जाता है, जहां से जम्मू कश्मीर शुरू होता है”

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    जून 2018 में भारतीय जनता पार्टी ने महबूबा मुफ़्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ गठबंधन तोड़ दिया था.

    दोनों पार्टियां मिलकर सरकार चला रही थीं. इस सरकार में महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री थीं. छह महीने बाद यानी दिसंबर 2018 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.

    अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया. तब से वहां चुनाव नहीं हुए हैं.

  2. गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार देना गोडसे को इनाम देने जैसा- जयराम रमेश

    जयराम रमेश

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    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गीता प्रेस गोरखपुर को साल 2021 का गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने की आलोचना की है.

    उन्होंने गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने की तुलना सावरकर और गोडसे को पुरस्कृत करने से की है.

    उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि अक्षय मुकुल ने इस संगठन पर एक बहुत ही अच्छी जीवनी लिखी है, जिसमें महात्मा गांधी के साथ इसके संबंधों और राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक मोर्चों पर चल रही लड़ाइयों का पता चलता है.

    जयराम रमेश ने लिखा, "यह फैसला असल में सावरकर और गोडसे को पुरस्कार देने जैसा है."

    गांधी शांति पुरस्कार भारत सरकार की ओर से हर साल दिया जाता है. साल 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के मौके पर इस पुरस्कार को शुरू किया गया था.

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    बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पार्टी पर पलटवार किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वह परिवार के घोसले और पप्पू के चोचले से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. उन्हें लगता है कि सारे नोबेल पुरस्कार, सारे सम्मान वो सिर्फ एक ही परिवार के घोसले में सीमित रहने चाहिए. गीता प्रेस ने देश के संस्कार, संस्कृति और देश की समावेशी सोच को सुरक्षित रखा है."

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    क्यों दिया गया पुरस्कार?

    यह पुरस्कार गीता प्रेस को 'अहिंसा और गांधीवादी तरीके से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में बदलाव लाने में उत्कृष्ट योगदान' के लिए दिया जा रहा है.

    संस्कृति मंत्रालय ने रविवार को एक प्रेस रिलीज में यह जानकारी दी.

    गीता प्रेस की स्थापना 1923 में हुई थी और अब तक यहां से 14 भाषाओं में 41.7 करोड़ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं.

    इनमें से 16.21 करोड़ श्रीमद्भागवत गीता शामिल है.

    मंत्रालय ने बताया कि इस पुरस्कार के साथ एक करोड़ रुपये की राशि दी जाती है.

    इससे पहले ये पुरस्कार इसरो, रामकृष्ण मिशन, बांग्लादेश ग्रामीण बैंक को दिया जा चुका है.

    वहीं, इस पुरस्कार से दक्षिण अफ्रीका के दिवंगत नेता नेल्सन मंडेला और बाबा आमटे को भी सम्मानित किया गया है.

    पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में जूरी ने सर्वसम्मति से गीता प्रेस, गोरखपुर को यह पुरस्कार दिए जाने का निर्णय लिया गया.

  3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा: विदेश मंत्रालय ने दी ये जानकारी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 से 23 जून तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे, जिसके बाद वे मिस्र के लिए रवाना होंगे.

    विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका जा रहे हैं.

    विदेश सचिव ने कहा, "हमारे दोनों देशों के रिश्ते के लिहाज से ये मील का पत्थर है. ये बहुत अहम यात्रा है. ये बहुत महत्वपूर्ण है"

    उन्होंने कहा, "य़ह पीएम मोदी की पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा (ऑफ़िशियल स्टेट विजिट) है. इससे पहले पीएम करीब छह बार अमेरिका जा चुके हैं, ये सब द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कार्यक्रम थे."

    क्वात्रा ने बताया कि यात्रा की शुरुआत 21 जून को सुबह न्यूयॉर्क से होगी. यहां पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र के हेडक्वार्टर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे.

    इसके बाद वे न्यूयॉर्क में कुछ बड़े नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. 21 जून को ही वे वाशिंगटन के लिए रवाना होंगे और यहां वे एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

    उन्होंने बताया कि 21 जून को पीएम मोदी और जो बाइडन व्यक्तिगत रूप से मिल सकते हैं.

    दौरे के दूसरे दिन यानी 22 जून को वाशिंगटन में पीएम मोदी का व्हाइट हाउस में स्वागत होगा. उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ मुलाकात और द्विपक्षीय बैठकें होंगी.

    इसके बाद पीएम अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करेंगे. क्वात्रा ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पीएम के सम्मान में आधिकारिक राजकीय भोज का आयोजन किया है.

    23 जून को भी पीएम मोदी वाशिंगटन में रहेंगे और यहां कुछ चुने हुए सीईओ से मुलाकात करेंगे. इसके बाद अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस से लंच पर मिलेंगे.

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  4. आदिपुरुष: महाराष्ट्र के नालासोपारा में हिंदू संगठनों के लोगों ने सिनेमा हॉल में किया हंगामा

    सिनेमा हॉल में घुसकर फिल्म आदिपुरुष की स्क्रीनिंग को रोका गया

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    महाराष्ट्र में पालघर के नालासोपारा में रविवार को हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने सिनेमा हॉल में घुसकर फिल्म आदिपुरुष की स्क्रीनिंग को रोक दिया.

    कार्यकर्ताओं ने सिनेमा हॉल में नारे लगाए और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने घटना का वीडियो जारी किया है. वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए साफ सुना जा सकता है कि, "धिक्कार है आप लोगों के ऊपर, जो आप इस तरह की फिल्मों का समर्थन करते हैं. ये सिखाओगे अपने बच्चों को तुम."

    हिंदू संगठनों से जुड़े लोग सिनेमा के स्टॉफ को कह रहे हैं कि वे हिंदू देवी देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. जो भी अपमान करेगा, हम उसका प्रतिकार करेंगे. हमें फांसी पर भी चढ़ना हुआ तो हम तैयार हैं."

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    फिल्म के रिलीज के बाद से ही कुछ डायलॉग पर लोग सवाल उठा रहे हैं.

    रविवार को फ़िल्म 'आदिपुरुष' में डायलॉग लिखने वाले मनोज मुंतशिर ने घोषणा की लोगों की नाराजगी को देखते हुए फिल्म के डायलॉग बदले जाएंगे.

    उन्होंने कहा, "मेरे लिए आपकी भावना से बढ़कर और कुछ नहीं है. मैं अपने संवादों के पक्ष में अनगिनत तर्क दे सकता हूं, लेकिन इस से आपकी पीड़ा कम नहीं होगी."

    "मैंने और फ़िल्म के निर्माता-निर्देशक ने निर्णय लिया है, कि वो कुछ संवाद जो आपको आहत कर रहे हैं, हम उन्हें संशोधित करेंगे, और इसी सप्ताह वो फ़िल्म में शामिल किए जाएंगे. श्री राम आप सब पर कृपा करें!"

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  5. बीजेपी ने पूछा- विपक्ष का पीएम उम्मीदवार कौन, टीएमसी का जवाब- मोदी सरकार है स्वार्थी

    रविशंकर प्रसाद

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    बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी दलों की एकता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा?

    रविशंकर प्रसाद ने कहा, “कौन होगा प्रधानमंत्री? ममता तो कह रही हैं कि कांग्रेस पार्टी सीपीएम से दोस्ती करेगी तो मैं नहीं आऊंगी. मैं विरोध करूंगी. आप देख रहे हैं कि आपस में खटपट है.”

    उन्होंने कहा, “कुर्सी के लिए स्वार्थी लोगों का एक गठबंधन है. जिसकी एक मात्र ये कोशिश है, मोदी जी के ख़िलाफ़ अकेले कुछ नहीं कर सकते, तो साथ में भी वही आएगा.”

    उन्होंने कहा, "अब (पूर्व प्रधानमंत्री) देवगौड़ा, गुजराल, वीपी सिंह से देश बहुत आगे निकल चुका है. हिंदुस्तान स्थायी सरकार चाहता है. आपस में लड़ने वालों का रगड़ा नहीं चाहता है."

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    टीएमसी ने क्या कहा?

    इसके जवाब में तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ‘स्वार्थी और संकीर्ण सोच’ वाली है.

    उन्होंने कहा कि रविशंकर प्रसाद जो कहते हैं, उसकी कोई अहमियत नहीं है. ‘खुद उनकी पार्टी उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर चुकी है.’

    टीएमसी सांसद ने कहा, “मोदी सरकार स्वार्थी, सांप्रदायिक, संकीर्ण विचारों वाली और अडाणी पर निर्भर है.”

    उन्होंने कहा कि पटना में 23 जून को विपक्ष की बैठक होगी, जिसमें (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी का विकल्प देने का रास्ता तलाशा जाएगा.

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  6. बांग्लादेश: 26 लोगों को फांसी देने वाले जल्लाद शाहजहां की 32 साल बाद रिहाई, जेल से बाहर आकर बोले...

    74 साल के शाहजहां भुइयां को जल्लाद शाहजहां के नाम से भी जाना जाता है.

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    इमेज कैप्शन, 74 साल के शाहजहां भुइयां को जल्लाद शाहजहां के नाम से भी जाना जाता है.

    बांग्लादेश के इतिहास में सबसे ज्यादा लोगों को फांसी देने वाले जल्लाद शाहजहां भुइयां को जेल से रिहा कर दिया गया है.

    74 साल के शाहजहां भुइयां को जल्लाद शाहजहां के नाम से भी जाना जाता है.

    32 साल कैद की सजा काटने के बाद उन्हें रविवार को रिहा किया गया.

    बीबीसी बांग्ला के मुताबिक अलग अलग जेलों में जल्लाद की ड्यूटी करते हुए जल्लाद शाहजहां ने बांग्लादेश में मौत की सजा पाने वाले 26 दोषियों को फांसी पर लटकाया था.

    शाहजहां भुइयां को साल 1991 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उनके एक हथियार रखने के मामले में 12 साल और डकैती-हत्या के मामले में 30 साल की सजा सुनाई गई थी.

    सजा तो उन्हें 42 साल की हुई थी लेकिन जेल में अच्छा व्यवहार होने के चलते उन्हें सजा में रियायत दी गई और 31 साल बाद रिहा कर दिया गया.

    जेल में रहते हुए भी उन्होंने जल्लाद का काम किया. एक दशक तक जेल में रहने के बाद, उन्होंने 1989 में एक सहायक जल्लाद के रूप में अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत की थी. आठ साल के बाद 1997 में उन्हें मुख्य जल्लाद के पद पर पदोन्नत कर दिया गया था.

    जेल से रिहा होने के बाद क्या होले शाहजहां

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    जेल से रिहा होने के बाद क्या होले शाहजहां

    जेल से रिहा होने के बाद जल्लाद शाहजहां ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मुझे घर की जरूरत है क्योंकि मेरे पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है. मैं प्रधानमंत्री से गुजारिश करता हूं कि कृपया मुझे एक घर दे दें."

    "मेरे पास केवल मेरी बहन और भतीजा है, लेकिन लंबे समय से हमारा संपर्क टूट चुका है. मुझे डर है कि अब मुझे रहने के लिए दूसरे की दया पर निर्भर रहना पड़ेगा."

    उन्होंने कहा, "मैं अपना बचा हुआ जीवन शांति से जीना चाहता हूं."

    शाहजहां से पूछा गया कि क्या उन्हें लोगों को फांसी देने का कोई पछतावा है? सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी फांसी देनी है उसे वे तय नहीं करते हैं. ये काम कोर्ट का है."

    "जिन लोगों को अब तक फांसी दी गई है. उन सभी ने माफी के लिए सर्वोच्च अदालत और राष्ट्रपति तक को गुहार लगाई है. जब उनकी अपीलों को ही खारिज कर दिया गया तो मुझे क्यों ही पछतावा करना चाहिए?"

  7. कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप निज्जर की गोली मारकर हत्या

    हरदीप सिंह निज्जर

    इमेज स्रोत, KHALISTAN EXTREMISM MONITOR

    कनाडा में खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई है.

    यह घटना ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के पंजाबी बहुल शहर सरे की है, जहां उन्हें गोली मारी गई.

    वो मूल रूप से भारत में जालंधर के रहने वाले थे.

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हरदीप सिंह के खिलाफ कथित तौर पर आतंकी हमले की साजिश रचने के मामले में आरोपपत्र भी दायर किया था.

    भारत ने इससे पहले कनाडा के अधिकारियों ने हरदीप सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था.

    समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक हरदीप सिंह, सरे में गुरु नानक सिख गुरुद्वारे के अध्यक्ष थे और वे सिख फॉर जस्टिस नाम के संगठन से जुड़े थे.

    जानकारी के मुताबिक उन्होंने ब्रैम्पटन शहर में खालिस्तान जनमत संग्रह कराने में अहम भूमिका निभाई थी.

    हरदीप सिंह निज्जर

    इमेज स्रोत, www.nia.gov.in

  8. दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में लड़ाई, एक छात्र की चाकू मारकर हत्या

    दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में मर्डर

    इमेज स्रोत, ANI

    दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में हत्या का मामला सामने आया है.

    दिल्ली पुलिस के साउथ वेस्ट डीसीपी मनोज सी ने बताया कि निखिल नाम के छात्र पर चाकू से हमला किया गया. इस हमले में छात्र की मौत हुई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक बीए फस्ट ईयर का छात्र राहुल और दूसरा राहुल का दोस्त हारुन शामिल है.

    पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी पहचान की है.

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    मृतक निखिल के पिता ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "रविवार को बारह बजे जो बच्चे मेरे बेटे को अस्पताल लेकर गए थे उनका फोन आया था. अभी तक पुलिस ने कुछ नहीं बताया है."

    मृतक निखिल आर्यभट्ट कॉलेज में ही बीए फस्ट ईयर का छात्र था.

    आप ने उठाए सवाल

    इस हत्याकांड पर आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल का सबसे पहला काम कानून व्यवस्था को बनाए रखना है जिसमें वे फेल साबित हुए हैं. वे अरविंद केजरीवाल सरकार के कामों में दखलअंदाजी करने में लगे रहते हैं."

    उन्होंने कहा कि दिल्ली के एलजी को पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए और बताना चाहिए कि उन्होंने कितने थानों का औचक निरीक्षण किया.

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  9. क्या अमेरिकी विदेश मंत्री से मिलेंगे चीन के राष्ट्रपति?

    चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी के साथ अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन

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    अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन चीन के दो दिवसीय दौरे पर हैं.

    फिलहाल ब्लिंकन चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी और चीन के विदेश मंत्री चिन गांग से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात करेंगे?

    वांग यी, कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय विदेश मामलों के आयोग के प्रमुख हैं.

    अमेरिका ने अभी तक दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर पुष्टि नहीं की है, लेकिन ऐसी कई अटकलें हैं कि दोनों नेताओं की मुलाकात होगी.

    नवंबर, 2022 में अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने व्यक्तिगत रूप से शी जिनपिंग से मुलाकात की थी. यह मुलाकात थाईलैंड में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन में हुई थी.

    तब से अब तक अमेरिका के किसी भी शीर्ष अधिकारी ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात नहीं की है.

    रविवार को आठ घंटे की लंबी मुलाकात

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    रविवार को आठ घंटे की लंबी मुलाकात

    अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने रविवार को चीनी समकक्ष चिन गांग के साथ मुलाकात की और साथ में खाना खाया. यह मुलाकात निर्धारित समय से एक घंटा ज्यादा यानी करीब आठ घंटे तक चली.

    रविवार देर रात एक प्रेस ब्रीफिंग में, अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका चीन के साथ शीर्ष स्तर पर बातचीत को फिर से शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

    बताया गया कि दोनों नेताओं ने अमेरिका और चीन के बीच जारी मतभेदों पर भी चर्चा की.

  10. पंजाब में हरमंदिर साहिब की गुरबाणी का प्रसारण फ्री करने पर विवाद, क्या है पूरा मामला?

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

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    इमेज कैप्शन, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतसर के हरमंदिर साहिब में होने वाली गुरबाणी का प्रसारण सभी के लिए मुफ़्त करने की बात कही है.

    मान ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उनकी सरकार सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 में एक नया खंड जोड़ रहे हैं, जिससे हरमंदिर साहिब से गुरबाणी का प्रसारण सभी के लिए मुफ्त हो जाएगा और किसी को टेंडर लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

    उन्होंने कहा कि सोमवार, 19 जून को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया जाएगा और उसे 20 जून को होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पेश किया जाएगा.

    भगवंत मान ने कहा कि यह फ़ैसला दुनियाभर के सिख समुदाय की भावनाओं को देखते हुए लिया गया है.

    फ़िलहाल गुरबाणी को प्रसारित करने का अधिकार सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने यह अधिकार पीटीसी नेटवर्क के पास है. इस चैनल का स्वामित्व पंजाब में बादल परिवार के पास है.

    सीएम भगवंत मान का कहना है कि गुरबाणी के प्रसारण का अधिकार किसी एक चैनल को नहीं दिया जाना चाहिए.

    शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने उठाए सवाल

    शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने ट्वीट किया कि गुरबाणी प्रसारण सामान्य प्रसारण नहीं है, इसकी पवित्रता और नैतिकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

    धामी ने लिखा, "मुख्यमंत्री भगवंत मान जी सिखों के धार्मिक मामलों को भ्रमित करने की कोशिश न करें. सिख मामले संगत की भावनाओं और सरोकारों से जुड़े होते हैं, जिसमें सरकारों को सीधे दखल देने का कोई अधिकार नहीं है."

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    उन्होंने लिखा, 'आप सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 में संशोधन कर एक नई धारा जोड़ने की बात कर रहे हैं. आप प्रक्रिया के बारे में नहीं जानते हैं. यह कार्य भारत सरकार द्वारा केवल संसद में सिख समुदाय द्वारा चुनी गई संस्था शिरोमणि समिति की सिफारिशों से किया जा सकता है."

    "पंजाब सरकार को इस एक्ट में संशोधन करने का कोई अधिकार नहीं है. अपने राजनीतिक हितों के लिए देश को दुविधा में डालना बंद करें."

    शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल

    इमेज स्रोत, ANI

    अकाली दल का विरोध

    शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री की घोषणा का विरोध किया है और इसे सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है.

    शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'केजरीवाल की 'आप' सरकार के मुख्यमंत्री की पवित्र सिख गुरबानी को लेकर की गई घोषणा खालसा पंथ और सिख धर्मस्थलों पर सीधा सरकारी हमला है."

    उन्होंने कहा, "यह ग़लत फ़ैसला सिख समुदाय से गुरबाणी का उपदेश देने का अधिकार छीनकर सरकार द्वारा गुरुधामों को अपने कब्जे में लेने की दिशा में पहला ख़तरनाक क़दम है."

  11. भारत में मुसलमान औरंगजेब के वंशज नहीं हैं- देवेंद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    इमेज स्रोत, @Dev_Fadnavis

    महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारतीय मुसलमानों को लेकर बयान दिया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ अकोला ज़िले में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमारे राजा केवल छत्रपति शिवाजी महाराज हैं. हमारे पास दूसरा राजा नहीं हो सकता."

    "भारत में मुसलमान औरंगजेब के वंशज नहीं हैं. औरंगजेब और उसके वंश बाहर से आए थे. इस देश का मुसलमान जिसके पास राष्ट्रीय विचार है, उसने औरंगजेब को कभी स्वीकार नहीं किया. वे केवल छत्रपति शिवाजी महाराज का सम्मान करते हैं."

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    फडणवीस ने वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर के औरंगजेब के मकबरे पर जाने को लेकर भी सवाल उठाए.

    शनिवार को आंबेडकर ने औरंगाबाद स्थित मुग़ल शासक औरंगज़ेब के मकबरे पर फूल चढ़ाए थे.

    उन्होंने पूछा कि क्या उनके मकबरे पर जाने को लेकर उद्धव ठाकरे ने मंज़ूरी दी थी.

    इस साल की शुरुआत में ही उद्धव ठाकरे और प्रकाश आंबेडकर ने गठबंधन किया था.

  12. फिल्म आदिपुरुष पर भड़के स्वामी प्रसाद मौर्य

    स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ मनोज मुंतशिर

    इमेज स्रोत, ANI/Manoj Muntashir

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने फिल्म आदिपुरुष के मेकर्स पर महापुरुषों को अपमानित करने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि फिल्म में मनोज मुंतशिर और ओम राउत ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम, विद्वान रावण, आज्ञाकारी भाई लक्ष्मण और सेवक हनुमान से गुंडे, मवाली और टपोरियों की भाषा बुलवाकर महापुरुषों की मर्यादा गिराई है.

    मौर्य ने पूछा, “क्या इससे हिंदू धर्म के ठेकेदारों व सनातन धर्म का अपमान नहीं हुआ? अगर हुआ तो आतंकवादी भाषा बोलने वाले साधु-संत और धर्म के ठेकेदार किस चूहे के बिल में घुस गए हैं.”

    उन्होंने कहा कि मानस की कुछ चौपाइयों के अंश को संशोधित और प्रतिबंधित करने की जब उन्होंने मांग की थी तो उन्हें लोगों ने जान से मारने की धमकी दी थी लेकिन आज वही लोग चुपचाप बैठे हैं.

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    फिल्म के रिलीज के बाद से ही कुछ डायलॉग पर लोग सवाल उठा रहे हैं. रविवार को फ़िल्म 'आदिपुरुष' में डायलॉग लिखने वाले मनोज मुंतशिर ने घोषणा की लोगों की नाराजगी को देखते हुए फिल्म के डायलॉग बदले जाएंगे.

    उन्होंने कहा, "मेरे लिए आपकी भावना से बढ़कर और कुछ नहीं है. मैं अपने संवादों के पक्ष में अनगिनत तर्क दे सकता हूं, लेकिन इस से आपकी पीड़ा कम नहीं होगी."

    "मैंने और फ़िल्म के निर्माता-निर्देशक ने निर्णय लिया है, कि वो कुछ संवाद जो आपको आहत कर रहे हैं, हम उन्हें संशोधित करेंगे, और इसी सप्ताह वो फ़िल्म में शामिल किए जाएंगे. श्री राम आप सब पर कृपा करें!"

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  13. मैं इस देश को नहीं छोड़ूंगा, जेल जाने को तैयार हूँ- इमरान ख़ान

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा है कि वह किसी भी सूरत में देश नहीं छोड़ेंगे.

    उन्होंने कहा कि वे यह पाकिस्तान के भविष्य के लिए ऐसा कर रहे हैं.

    इमरान ख़ान ने कहा कि जेल जाने को तैयार हैं और वे ऐसा तब तक करते रहेंगे जब तक पाकिस्तान सही मायने में आज़ाद नहीं हो जाता.

    उन्होंने बताया कि 19 जून को वे इस्लामाबाद जा रहे हैं. उन्हें 19 मामलों में बेल मिली है. सरकार चाहे तो उन्हें फिर से पकड़ सकती है.

    ख़ान ने कहा कि 9 मई को कुछ लोग हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच घुस गए थे, जिन्होंने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमला किया. उन्होंने हैरानी जताई कि पुलिस ने उन प्रदर्शनकारियों को क्यों नहीं रोका जो कोर कमांडर हाउस में चले गे थे.

    तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने आरोप लगाया कि 9 मई के दिन जो कुछ हुआ उसका बहाना बनाकर देश में क़ानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

    उनके मुताबिक़ जेल से लौटने के बाद कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया कि 9 मई को कुछ लोग आए थे जिन्होंने कोर कमांडर के घर को जला देने और अलग अलग जगह आगजनी करने के लिए उकसाया था.

    इमरान ख़ान ने कहा कि यह सब सोची समझी साजिश थी. घटना के 24 घंटे के अंदर ही दस हजार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.

    9 मई ही वह तारीख थी जब इमरान ख़ान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन के लिए जाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.

    इमरान ख़ान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने शुरू हो गए थे.

  14. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 18 जून के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.