उमर अब्दुल्ला ने क्यों कहा, 'लोकतंत्र वहां ख़त्म हो जाता है, जहां जम्मू कश्मीर शुरू होता है'

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने तंज़ भरे अंदाज़ में कहा है, ‘लोकतंत्र वहां ख़त्म हो जाता है, जहां से जम्मू कश्मीर शुरू होता है.’.
उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, “लोकतंत्र हमारी शिराओं में है. ये हमारी संस्कृति का हिस्सा है. भारत लोकतंत्र का मंदिर है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय महान मायने वाले ऐसे शब्दों को हाथों हाथ लेता है और उन्हीं उबाऊ बातों को दुहराता है.”
उन्होंने आगे लिखा है, “इस बीच जम्मू कश्मीर ने केंद्र के शासन के अधीन पांच साल पूरे कर लिए हैं.”
उन्होंने लिखा, “लोकतंत्र वहां ख़त्म हो जाता है, जहां से जम्मू कश्मीर शुरू होता है”
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जून 2018 में भारतीय जनता पार्टी ने महबूबा मुफ़्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ गठबंधन तोड़ दिया था.
दोनों पार्टियां मिलकर सरकार चला रही थीं. इस सरकार में महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री थीं. छह महीने बाद यानी दिसंबर 2018 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.
अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया. तब से वहां चुनाव नहीं हुए हैं.
















