गुजरात के कच्छ ज़िले में जाखू बंदरगाह के पास गुरुवार को बिपरजोय तूफ़ान के टकराने की
आशंका है.
राज्य के तटीय ज़िलों में भारी बारिश होने की आशंका है और हवा की
गति 120-130 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
भारतीय मौसम ने सौराष्ट्र और कच्छ के लिए रेड अलर्ट जारी
किया है.
यहां बहुत गंभीर तूफ़ान बिपरजोय का असर काफ़ी गंभीर होगा.
जिससे यहां सड़कों, फसलों और घरों को नुकसान होने की पूरी आशंका है. साथ ही रेल मार्ग को भी नुकसान पहुंच सकता है.
बिजली के खंभों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका के साथ बिजली और संचार लाइनें भी बाधित हो सकती हैं.
आइए जानते हैं इस तूफ़ान से जुड़े पांच सवाल और उनके जवाब.
कितना ख़तरनाक है ये तूफ़ान?
चक्रवाती तूफ़ान उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगा और सौराष्ट्र, कच्छ और पाकिस्तान के तटीय इलाकों के ऊपर से गुजरेगा.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 जून यानी गुरुवार को तूफ़ान मांडवी कराची और कच्छ के जाखू बंदरगाह से गुजरेगा.
मौसम विभाग के मुताबिक़ इस तूफ़ान की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच हो सकती है.
हवा की की रफ़्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ सकती है
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफ़ान 'बेहद गंभीर' है. तूफान को गंभीरता की कैटेगरी-2 में रखा गया है.
गुजरात के कच्छ, द्वारका, जामनगर, पोरबंदर, राजकोट, मोरबी और जूनागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
सरकार क्या तैयारी कर रही है?
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय 24 घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है.
एनडीआरएफ ने 12 टीमों को तैनात किया है. इसके अलावा 15 टीमों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है.
कोस्ट गार्ड और नौसेना ने राहत और बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकाप्टरों को तैनात किया है. आर्मी एयर फ़ोर्स और इंजीनियर टास्क फ़ोर्स की इकाइयाँ नावों और बचाव उपकरणों के साथ स्टैंडबाय पर हैं.
सेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड के आपदा राहत दल और चिकित्सा दल भी मदद के लिए तैयार हैं.
सरकार के बयान के मुताबिक़, गुजरात में मुख्यमंत्री स्तर पर जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक हो चुकी है और पूरा राज्य प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.
तूफ़ान से निपटने के लिए गुजरात सरकार द्वारा किए गए उपायों के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई है बैठक में गृह मंत्री, प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद एक ट्वीट में लिखा, "हमारी टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षित निकासी और आवश्यक सेवाओं के रखरखाव को सुनिश्चित कर रही हैं."