इटली के भूतपूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी को लेकर इटली के लोगों के विचार बंटे हुए हैं.
कई लोग उन्हें उद्योगपतियों के लिए बेहतर माहौल बनाने, इटली की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और इतावली मूल्यों का रक्षक मानते हैं तो वहीं दूसरी ओर कई लोग उन्हें बेहद भ्रष्ट और राजनीति में नैतिक मूल्यों के पतन का ज़िम्मेदार मानते हैं.
86 साल के बर्लुस्कोनी का सोमवार को निधन हो गया है. इटली के उप प्रधानमंत्री मटेओ सल्वीनी ने कहा कि वो बर्लुस्कोनी की मौत से टूट गए हैं. बर्लुस्कोनी उनके लिए दोस्त और बड़े भाई जैसे थे जिन्होंने कई अहम और मुश्किल वक़्त में उनका साथ दिया.
रक्षा मंत्री ग्वीडो क्रोसेटो ने कहा, “एक युग का अंत हुआ. अलविदा सिल्वियो. आपके जाने से राजनीति में खालीपन आ गया है.”
सिल्वियो बर्लुस्कोनी कई सेक्स स्कैंडल और भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे थे. इसी वजह से उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी थी.
पिछले साल उनकी सेंटर राइट फ़ोर्ज़ा इटैलिया पार्टी ने जॉर्जियो मेलोनी की पार्टी के साथ गठबंधन किया था.
जॉर्जियो मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री बनीं थी और बर्लुस्कोनी उच्च सदन सीनेट के लिए चुने गए.
इसी साल अप्रैल में फेफड़ों में संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. वो एक दुर्लभ किस्म के ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे. 2020 से ही उनकी सेहत में लगातार गिरावट आ रही थी.
वो अरबपति मीडिया टायकून थे. बर्लुस्कोनी 1994 में पहली बार सत्ता में आए थे और 2011 तक वो चार बार इटली के प्रधानमंत्री बन चुके थे.
बर्लुस्कोनी का जन्म 1936 में मिलान में हुआ था.
उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में वैक्यूम क्लीनर्स भी बेचे. बाद में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी शुरू की.
वो आगे जाकर इटली के सबसे अमीर आदमी बने. उन्होंने मीडिया कंपनी, पब्लिशिंग कंपनीज़ और एड एजेंसीज़ खोलीं. 80 के दशक में उन्हें पूरी दुनिया में तब ख्याति मिली जब उन्होंने फ़ुटबॉल क्लब एसी मिलान को ख़रीदा और उसे दिवालिया होने से बचाया.
अपने करियर में उन पर रिश्वत, टैक्स चोरी और एक नाबालिग सेक्स वर्कर के साथ सेक्स करने के आरोप लगे.
लेकिन उनके समर्थक मानते हैं कि उन्होंने इटली में उद्योग जगत के लिए बेहतर माहौल बनाया और इटली की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का का क्रेडिट उन्हें जाता है.