ढहायी गयी उस स्कूल की छत जहां रखे गए थे बालासोर हादसे में मारे गए लोगों के शव
- Author, संदीप साहू
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, भुवनेश्वर से

इमेज स्रोत, Biswaranjan Mishra
बीते शुक्रवार को ओडिशा के बाहानगा स्टेशन में हुए भीषण रेल दुर्घटना के बाद जिस स्कूल में मृतकों के शव रखे गए थे, उसकी एसबेस्टस छत को आज जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार गिरा दिया गया है.
कल बालेश्वर के जिलाधीश और स्कूल प्रबंधन कमिटी (एस. एम. सी) के बीच हुई एक बैठक में कमिटी ने पूरी बिल्डिंग को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने की मांग की थी और कलेक्टर को इस संदर्भ में एक ज्ञापन भी दिया था.
लेकिन आज सुबह बीबीसी से फोन पर बात करते हुए कलेक्टर दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने साफ़ किया था कि इमारत गिराने के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

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उन्होंने कहा; "आज केवल छत को ही तोड़ा गया है क्योंकि उन कमरों में सफ़ाई की ज़रूरत है. पूरी बिल्डिंग को गिराने के बारे में निर्णय आज दिन के 11 बजे एस. एम. सी. के साथ होने वाली बैठक में लिया जाएगा."
स्कूल कमिटी के सदस्य राजाराम महापात्र ने कहा, "हमने बिल्डिंग को गिराकर नई बिल्डिंग बनवाने की मांग की है क्योंकि अभिभावक अपने बच्चों को उस बिल्डिंग में भेजने के लिए तैयार नहीं हैं जहां दुर्घटना के बाद सैकड़ों शव रखे गए थे. वे कह रहे हैं कि बच्चे डरे हुए हैं."

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गौरतलब है कि दुर्घटना में मृतकों को पहले इस स्कूल बिल्डिंग में रखा गया था जहां से उन्हें बाद में मुर्दाघर भेजा गया क्योंकि यह स्कूल दुर्घटना स्थल से केवल 500 मीटर की दूरी पर है.
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इस स्कूल की एक शिक्षिका ने एएनआई से बात करते हुए कहा है, “रेल हादसे से पहले इस स्कूल में बच्चे ख़ुशी-ख़ुशी आते थे. लेकिन इस हादसे के बाद से बच्चे स्कूल आने से मना कर रहे हैं. यहां मृतकों की लाशें रखी थीं. बोल रहे हैं कि यहां आत्मा वगैरह है. बच्चों को समझाने की ज़रूरत है कि यहां कुछ नहीं है.“






