महाराष्ट्र के
कोल्हापुर में मुग़ल शासक औरंगज़ेब को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट से शुरु हुए विवाद के बाद तनाव की स्थिति बन गई.
राज्य सरकार ने बताया है कि हालात काबू में हैं. पुलिस के मुताबिक इस मामले में केस दर्ज किया गया है और अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है.
घटना को लेकर पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर मंगलवार को शिकायत मिली थी.
कोल्हापुर के
एसपी महेंद्र पंडित ने बताया, "हमें कोल्हापुर में विवादस्पद (सोशल मीडिया) स्टेटस की शिकायत
मंगलवार को मिली थी. इसे लेकर दो मामले दर्ज किए
गए और पांच लोगों को हिरासत में लिया गया."
समाचार एजेंसी
एएनआई से बात करते हुए एसपी महेंद्र पंडित ने कहा, “भीड़ लक्ष्मीपुरी पुलिस थाने के बाहर जुट गई थी. जब भीड़ थाने से वापस जाने
लगी तो उनमें से कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाज़ी शुरू कर दी. इस मामले में भी एक
एफ़आईआर दर्ज की गई है.”
उन्होंने बताया, "“आज कुछ संस्थाओं ने कोल्हापुर बंद का आह्ववान किया और ये लोग शहर में एक जगह जुटे, जब यहां से प्रदर्शन करके ये लोग वापस जा रहे थे तो कल की ही तरह आज भी कुछ लोगों ने पत्थरबाज़ी कर दी. हमने उन पर भी कानूनी कार्रवाई की है. शहर में हर जगह पुलिस तैनात है और हालात काबू में हैं.”
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक हिंदू संगठनों के बंद के आह्वान के बाद कोल्हापुर में विरोध प्रदर्शन हुआ. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई.
झड़प के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. इलाक़े में धारा 144 लगा दी गई है.
सोशल मीडिया पर औरंगज़ेब का स्टेट्स लगाने वाले मुसलमान युवक की पिटाई का वीडियो भी वायरल हो रहा है.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि हालात काबू में हैं.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “शांति व्यवस्था बनाने की ज़िम्मेदारी सरकार की है. स्वयं अधिकारियों के साथ संपर्क में हूं.”
शिंदे ने कहा, “राज्य में सभी लोग शांति से रहें इसके लिए सभी लोगों को सहयोग करने की आवश्यक्ता है.”
'औरंगज़ेब का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं'
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "औरंगज़ेब के महिमामंडन को महाराष्ट्र में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
फडणवीस ने कहा, “एक ख़ास समाज के लोग औरंगज़ेब का महिमामंडन कर रहे हैं. औरंगज़ेब के महिमामंडन को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. ये महाराष्ट्र है, ये छत्रपति शिवाजी का महाराष्ट्र है.”
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में अलग-अलग ज़िलो में एक साथ औरंगज़ेब का महिमामंडन हो रहा है. ये सब अचानक नहीं हो सकता है. ये सिर्फ़ एक संयोग नहीं है.”
फडणनवीस ने सवाल किया कि महाराष्ट्र में औरंगज़ेब का महिमामंडन करने वाले लोग कहां से आए हैं और कौन इन्हें बढ़ावा दे रहा है?