केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों की मुलाक़ात के बाद अब खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि सरकार पहलवानों से बात करने के लिए तैयार है.
अनुराग ठाकुर ने देर रात ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है.
इससे पहले महाराष्ट्र में पत्रकारों से बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा था, “हम इस मुद्दे को बहुत संवेदनशील तरीक़े से ले रहे हैं. खिलाड़ियों की मांग समिति बनाने की थी, हमने बनाईं. वो जांच कराना चाहते थे, हमने करवाई. पुलिस से एफ़आईआर कराना चाहते थे, दिल्ली पुलिस ने एफ़आईआर भी की."
"वो सुप्रीम कोर्ट गए वहां भी सुप्रीम कोर्ट ने मैजिस्ट्रेट कोर्ट में जाने के लिए कहा. भारतीय कुश्ती संघ के पदाधिकारियों को काम नहीं करने देना चाहते थे, हमने वह भी किया. भारतीय ओलंपिक संघ ने प्रशासक समिति भी बनाकर दी है. ट्रायल भी यही समिति कर रही है.”
कई महिला पहलवानों ने बीजेपी सांसद और कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं. बृजभूषण इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं.
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में दो एफ़आईआर भी की हैं. दिल्ली पुलिस की एक टीम ने उत्तर प्रदेश के गोंडा में जाकर कई लोगों से पूछताछ भी की है. बृजभूषण गोंडा से ही हैं.
अनुराग ठाकुर ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपनी जांच कर रही है और जो आरोप बृजभूषण पर तय होंगे उन्हीं के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस जांच भी कर रही है. जो-जो खिलाड़ियों ने कहा है वही हुआ है. देश के किसी भी नागरिक की अगर इस तरह की शिकायत आती है तो पुलिस जांच करती है. इस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है. पुलिस ने बहुत से लोगों के बयान भी लिए हैं. पुलिस अपनी रिपोर्ट देगी और चार्जशीट दायर करेगी. जब चार्जशीट दायर हो जाएगी तो उचित कार्रवाई भी होगी. उन्हें पुलिस की जांच पूरी होने का इंतज़ार करना चाहिए.”
अनुराग ठाकुर ने कहा है कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “जो नेता इस पर राजनीति कर रहे हैं, हम उनसे यही कहेंगे कि देश का क़ानून सभी भारतीयों के लिए एक जैसा है. हमारे लिए खेल और खिलाड़ी दोनों ही महत्वपूर्ण हैं. जो मान-सम्मान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को दिया है ये किसी से छिपा नहीं है. लेकिन जहां तक पुलिस जांच की बात आती है तो पुलिस अपना काम कर रही है और इस मामले में भी चार्जशीट दाख़िल करेगी.”
पहलवानों के समर्थन में हरियाणा की खाप पंचायतें और किसान संगठन भी आ गए थे. लेकिन इसी बीच खिलाड़ियों के अमित शाह से मुलाक़ात करने की ख़बर आई जिसके बाद आगामी प्रस्तावित समर्थन महापंचायतों को टाल दिया गया है.
वहीं बजरंग पूनिया ने गृह मंत्री से मुलाक़ात की पुष्टि करते हुए कहा है कि सरकार के साथ उनका कोई सौदा नहीं हुआ है.
पूनिया ने कहा है कि उनसे कहा गया था कि गृह मंत्री से मुलाक़ात के बारे में किसी को नहीं बताना है.
इससे पहले पहलवान 30 मई को सरकार के विरोध में हरिद्वार में गंगा में अपने मेडल बहाने के लिए पहुंच गए थे. हालांकि किसान नेताओं ने उन्हें ऐसा ना करने के लिए मना लिया था.
दिल्ली के जंतर मंतर पर एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को 28 मई को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और उनका मंच हटा दिया था.
जंतर-मंतर से हटाये जाने के बाद पहलवानों ने मुजफ़्फ़रनगर और कुरुक्षेत्र में पंचायत की. वहीं हरियाणा के मुण्डलाना में हुई समर्थन पंचायत में सिर्फ़ बजरंग पूनिया ही पहुंचे थे.