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राहुल गांधी बोले- रेल हादसे में जवाबदेही से बच नहीं सकती सरकार, पीएम वैष्णव का तुरंत लें इस्तीफ़ा

राहुल गांधी बोले 270 लोगों की मौत के बाद भी सरकार ने कोई जवाबदेही तय नहीं की.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and दीपक मंडल

  1. एनडीआरएफ़ का वो जवान जिसने ओडिशा रेल हादसे के बारे में दी पहली सूचना

    ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार को हुए रेल हादसे के बारे में पहली सूचना एनडीआरएफ़ के एक जवान ने दी थी.

    अधिकारियों के मुताबिक वेंकटेश एनके नाम के ये जवान छुट्टी पर थे और पटरी से उतरी कोरमंडल एक्सप्रेस में सवार थे. वो हावड़ा से ट्रेन में सवार हुए थे और तमिलनाडु जा रहे थे.

    वेंकटेश ट्रेन के एसी कोच बी-7 कोच में सवार थे. हादसे के बाद उन्होंने सबसे पहले अपनी बटालियन के सीनियर इंस्पेक्टर को जानकारी दी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक 39 साल के वेंकटेश कॉन्सेटेबल हैं और कोलकाता स्थित एनडीआरएफ़ की सेकेंट बटालियन में तैनात हैं.

    'लाइव लोकेशन भेजी'

    अधिकारियों के मुताबिक वेंकटेश ने व्हाट्सऐप के जरिए एनडीआरएफ़ कंट्रोल रूम को कुछ तस्वीरें और घटनास्थल की लाइव लोकेशन भेजी.

    अधिकारियों ने बताया, “घटनास्थल तक जो पहली रेस्क्यू टीम (बचाव दल) पहुंची उसने इसी लाइव लोकेशन का इस्तेमाल किया.”

    वेंकटेश ने क्या बताया

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वेंकटेश ने बताया, “मुझे ज़ोरदार झटका लगा. मैंने अपने कोच के कुछ यात्रियों को गिरते हुए देखा.”

    उन्होंने बताया, “मैं एक यात्री को बाहर लेकर आया और रेलवे ट्रैक के पास की एक दुकान में बिठाया. इसके बाद मैं दूसरे लोगों की मदद के लिए गया.”

    उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग पीड़ितों के लिए असल मददगार साबित हुए. वेंकटेश ने बताया कि उस वक़्त अंधेरा था. उन्होंने और स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल की रोशनी के जरिए लोगों की मदद की.

    इस रेल हादसे में दो यात्री गाड़ी और एक मालगाड़ी शामिल थी. हादसे में अब तक 288 लोगों की मौत हो चुकी है.

  2. ओडिशा ट्रेन हादसा क्या टाला जा सकता था, ममता बनर्जी के सवाल पर रेल मंत्री का ये जवाब

    ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उठाए सवालों को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब दिया है.

    ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा, "मैं जब मंत्री थी तब एंटी कोलिजन डिवाइस तैयार किया गया था. (इसका मक़सद था कि) एक लाइन में दो ट्रेन आ जाएं तो वो रुक जाएं.”

    ममता बनर्जी यहां 'कवच' तकनीक की बात कर रही थीं, जिसे रेल हादसों को रोकने के लिए बनाया गया है.

    ममता बनर्जी जब मीडिया के साथ बात कर रही थीं, तब वहां रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे.

    अब ममता बनर्जी के सवालों पर अश्विनी वैष्णव ने कहा, "कवच का इससे कोई संबंध नहीं है. कल ममता जी यहां आकर बोलकर गई थीं. उनको जितना इस विषय में जानकारी होगी, उसके हिसाब से उन्होंने कहा."

    'ममता ने जो कहा, वो बात नहीं'

    रेल मंत्री ने कहा,"ये विषय अलग है. इस विषय में पॉइंट मशीन की बात है. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की बात है. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में जो चेंज (बदलाव) किया, जिसके कारण ये दुर्घटना हुई, जिसने भी किया, जो भी इसके कारण हैं, वो इनवेस्टिगेशन से निकलेगा. जो बात ममता जी ने कही वो नहीं है."

  3. LIVE: हरियाणा के मुंडलाना में पहलवानों के समर्थन में पंचायत हो रही है, ज़्यादा जानकारी के साथ दिलनवाज़ पाशा

    हरियाणा से LIVE: पहलवानों ने मेडल को गंगा में बहाने का जो अल्टीमेटम दिया था, उसके पांच दिन हो गए हैं. अब हरियाणा के मुंडलाना में समर्थन पंचायत हो रही है. ज़्यादा जानकारी के साथ दिलनवाज़ पाशा कैमरा: संदीप यादव

  4. ओडिशा ट्रेन हादसा: भुवनेश्वर भेजे गए 170 शव, कई की नहीं हुई है शिनाख़्त, हेल्पलाइन नंबर जारी

      • Author, सुब्रत कुमार पति
      • पदनाम, भुवनेश्वर से बीबीसी हिंदी के लिए

    ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना में मारे गए लोगों के शव भुवनेश्वर भेजे गए हैं. अभी तक 170 शव भुवनेश्वर पहुंचाए गए हैं.

    इनमें वो शव भी हैं जिनकी अब तक पहचान नहीं हो सकी है.

    भुवनेश्वर के कलेक्टर ने ट्विटर पर बताया है कि ऐसे सभी शव जिनकी पहचान नहीं हुए है, उन्हें भुवनेश्वर भेजा गया है.

    भुवनेश्वर एम्स, कैपिटल अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में शवों को रखा गया है.

    भुवनेश्वर के म्युनिसिपल कमिशनर बिजय अमृत कुलांगे ने बीबीसी को बताया कि मृतकों के परिजन को हर तरह की सहायता देने की व्यवस्था की गई है. शव को ढूंढने के लिए इधर-उधर जाने की ज़रूरत नही है.

    बीएमसी की तरफ से हेल्प लाइन नंबर 1929 जारी किया गया है. पहचान के बाद शव को अपने इलाके में ले जाने के लिए ओडिशा सरकार ने मुफ़्त व्यवस्था की है.

    अगर मृतकों के परिजन शव का अंतिम संस्कार भुवनेश्वर में करना चाहें तो उनको मदद की जाएगी. इसके लिए शहर के श्मशानों को तैयार रखा गया है.

  5. ओडिशा रेल दुर्घटना पीड़ितों के लिए एलआईसी ने दी ये रियायतें

    भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने बालासोर ट्रेन हादसे के पीड़ितों के क्लेम सेटलमेंट से जुडे़ नियमों में रियायत का एलान किया है.

    इस हादसे में अभी तक 288 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 747 लोग घायल हैं.

    शनिवार देर शाम एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "शुक्रवार को ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे से हम बेहद दुखी हैं. एलआईसी प्रभावितों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है और वह वित्तीय राहत देने के लिए सेटलमेंट क्लेम को जल्द से जल्द निपटाएगी."

    निगम ने एलआईसी पॉलिसी और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के दावेदारों की कठिनाइयों को कम करने के लिए कई रियायतों की भी घोषणा की.

    इसके अनुसार पंजीकृत मृत्यु प्रमाण पत्र के बदले रेलवे, पुलिस या किसी भी राज्य और केंद्रीय प्राधिकरणों की ओर से जारी हताहतों की सूची को मृत्यु के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाएगा.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एलआईसी ने दावा करने वालों की मदद के लिए एक स्पेशल डेस्क गठित की है और एक कॉल सेंटर नंबर (022-68276827) भी जारी किया है.

  6. डेढ़ करोड़ के इनामी माओवादी का निधन, केंद्रीय कमेटी ने बताया

      • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
      • पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    माओवादियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए अपने संगठन की केंद्रीय कमेटी और पोलित ब्यूरो के सदस्य कट्टम सुदर्शन की दिल का दौरा पड़ने से मौत की खबर साझा की है.

    कट्टम सुदर्शन पर 1.55 करोड़ का इनाम था.

    सीपीआई माओवादी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले कट्टम सुदर्शन को माओवादी संगठन में आनंद, भास्कर, मोहन, वीरेंद्र, मोहन टेकाम, सुदर्शन, रमेश, महेश और एएन के नाम से भी जाना जाता था.

    तेलंगाना के आदिलाबाद के रहने वाले लगभग 66 साल के कट्टम सुदर्शन पर देश के कई हिस्सों में हुए माओवादी हमलों में शामिल होने का आरोप है.

    पुलिस के अनुसार 1974 से माओवादी आंदोलन में सक्रिय कट्टम सुदर्शन पर, छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या के मामले में भी शामिल होने का आरोप है.

    एनआईए ने केवल इस मामले में कट्टम सुदर्शन पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, ओडिशा ट्रेन दुर्घटना की बुनियादी वजह पता चल गई है: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे की जांच पूरी हो गई है और इसकी मुख्य वजह भी पता चल गई है.

    पूरी रात मरम्मत के काम की निगरानी कर रहे रेल मंत्री ने रविवार सुबह मीडिया से बातचीत में ये जानकारी दी.

    उन्होंने बताया कि रातभर में एक पटरी की मरम्मत पूरी हो चुकी है. अभी ऊपर की तारों का काम हो रहा है.

    उन्होंने कहा, "इनक्वायरी पूरी कर ली गई है. कमिश्नर (रेल सेफ़्टी) वो अपनी पूरी इन्क्वायरी रिपोर्ट जल्दी से जल्दी देंगे. जैसे ही ये रिपोर्ट आएगी सारे तथ्य पता चलेंगे, लेकिन इतने दर्दनाक हादसे की बुनियादी वजह का पता चल चुका है."

    बालासोर हादसे में अब तक 288 लोगों की मौत हो चुकी है.

    रेल मंत्री ने बताया कि फिलहाल कोशिश ये है कि बुधवार सुबह तक ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बहाल हो सके.

  8. 'रेल मंत्री में थोड़ी भी शर्म है तो इस्तीफ़ा दे देना चाहिए'- ओडिशा की दुर्घटना पर बोले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह

    ओडिशा में तीन ट्रेनों के बीच टक्कर से हुए भीषण हादसे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

    एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा, "रेल मंत्री बार-बार इस बात को कहते हैं कि हमारा सिस्टम इतना फुल प्रूफ़ है कि इस प्रकार का हादसा नहीं हो सकता. रेल मंत्री जी रिटायर्ड आईएएस ऑफ़िसर हैं, ओडिशा काडर के ही हैं और ओडिशा में ही ये रेल हादसा हुआ."

    "वैसे तो पूर्व उदाहरण है कि एक रेल हादसे में लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. हमें मोदी जी के मंत्रिमंडल के किसी भी मंत्री से कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन मंत्री जी (अश्विनी वैष्णव) में थोड़ी-बहुत शर्म भी होगी तो उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. जिनकी इस हादसे में मृत्यु हुई है, उनको हम श्रद्धांजलि देते हैं."

    शुक्रवार शाम हुए इस ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या अब तक 288 हो गई है. वहीं, 747 लोग घायल हैं, जिनमें से 56 लोगों की हालत गंभीर है.

  9. ओडिशा रेल दुर्घटना: रात भर कैसे चला पटरियों की मरम्मत का काम

    ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम हुए भीषण रेल दुर्घटना के बाद अब पटरियों की मरम्मत का काम जारी है.

    शनिवार की पूरी रात अलग-अलग टीमों के करीब 1000 कर्मी इस बचाव और मरम्मत के काम में लगे रहे. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी खुद रात में कार्य की प्रगति का जायज़ा लेने पहुंचे.

    इस ट्रेन हादसे में अभी तक 288 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, 747 लोग घायल हैं, जिनमें से 56 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पटरियों को दुरुस्त करने का काम जल्द पूरा करने के लिए फिलहाल 1000 से अधिक लोग इसमें जुटे हुए हैं. इसके अलावा 7 पोकलेन मशीन, दो एक्सीडेंट रिलीफ़ ट्रेनें, 3-4 रेलवे और रोड क्रेन भी तैनात किए गए हैं.

    घटनास्थल पर मौजूद दक्षिण-पूर्वी रेलवे के सीपीआरओ आदित्य कुमार चौधरी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि पटरी से सभी पलटी हुई बोगियों को हटा लिया गया है. फिलहाल एक ओर से पटरी को जोड़ने का काम हो रहा है. इसे भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा.

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेनों में सफ़र कर रहे अधिकांश यात्री मुआवज़े की राशि लेकर अपने घर लौट चुके हैं.

    उन्होंने कहा कि अभी हमारी प्राथमिकता बुधवार सुबह तक ट्रेनों की आवाजाही को सामान्य करना है.

  10. ओडिशा ट्रेन दुर्घटना पर बोले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन

    ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडन ने शोक ज़ाहिर किया है.

    व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत में हुए घातक ट्रेन दुर्घटना से जो और जिल बाइडन बेहद दुखी हैं.

    बयान में कहा गया है, "हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ है जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया और जो घायल हुए हैं. अमेरिका और भारत के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं, जो इन दोनों देशों को एक करता है. इस शोक के समय में पूरे अमेरिका के लोग भारत के लोगों के साथ हैं."

    शुक्रवार शाम को बालासोर में तीन ट्रेनों के बीच हुई टक्कर में अभी तक 288 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, 747 लोग घायल हैं.

    फिलहाल दुर्घटना वाली जगह पर पटरी को दुरुस्त करने का काम जारी है.

  11. नमस्कार आपका दिन शुभ हो.

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