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धरना दे रहे पहलवानों के महिला महापंचायत की घोषणा के बाद पुलिस ने की दिल्ली सीमा की घेराबंदी

पहलवानों के नए संसद भवन के बाहर रविवार को महिला महापंचायत करने की घोषणा के बाद पुलिस ने दिल्ली बॉर्डर की घेराबंदी की है.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल and स्नेहा

  1. पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक, इन मुख्यमंत्रियों ने किया बहिष्कार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज नीति आयोग की आठवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक हो रही है.

    इस बैठक का आठ मुख्यमंत्रियों ने बहिष्कार किया है.

    बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक में शामिल न होने वाले मुख्यमंत्रियों पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने कहा, "आज नीति आयोग की बैठक में आठ मुख्यमंत्री नहीं आए. नीति आयोग देश के विकास और योजनाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस बैठक के लिए 100 मुद्दे तय किए गए हैं, अब जो मुख्यमंत्री नहीं आए हैं वो अपने प्रदेश की जनता की आवाज यहां तक नहीं ला रहे हैं. मोदी विरोध में आप कहां तक जाएंगे?"

    बैठक में शामिल नहीं होने वाले मुख्यमंत्रियों में दिल्ली के अरविंद केजरीवाल, पंजाब के भगवंत मान, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, बिहार के नीतीश कुमार, तेलंगाना के के. चंद्रशेखर राव और तमिलनाडु के एम के स्टालिन, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक शामिल हैं.

    क्या है नीति आयोग?

    1950 में योजना आयोग का गठन किया गया था. आयोग का काम देश के संसाधनों का आकलन कर पंचवर्षीय योजना को तैयार करना था, जिसके बाद बजट आवंटित किया जाता था.

    2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग को खत्म कर, इसकी जगह नीति आयोग लाने की घोषणा की थी.

    नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को हुआ. नीति आयोग का काम केंद्र सरकार को आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर सलाह देना है.

  2. संसद घेराव पर बाबा रामदेव ने दी पहलवानों को नसीहत

    योग गुरु बाबा रामदेव ने नई संसद के उद्घाटन के दिन पहलवानों, किसान संघों और खाप पंचायतों की ओर से घेराव करने की योजना का विरोध किया है.

    उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री देश की नई संसद का उद्घाटन कर रहे हैं. ये ऐतिहासिक क्षण है. कई पीढ़ियां इसको याद रखेंगीं. ये एक ऐसा अवसर है, जब हम संसद के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करते हैं.''

    ''संसद लोकतंत्र का मंदिर है. देश के पांच लाख लोगों के बलिदान की बदौलत जो आजादी मिली है, उसका सम्मान का ये सर्वोपरि केंद्र है. जब ये गौरव पल घटित हो रहा है उस पल उसका घेराव करना ठीक नहीं है.''

    • दिल्ली के जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना जारी, एक महीने में अब तक क्या क्या हुआ

    उन्होंने कहा, ''इस तरह के आंदोलन से या संसद के घेराव जैसे कदम से खिलाड़ियों को दूर रहना चाहिए. जो लोग कल संसद का घेराव करने वाले हैं उन्हें इस पर फिर से सोचना चाहिए और जिन विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है, उन्हें भी अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए.''

    ''मुझे विश्वास है कि हमारे पहलवान इस बात को समझेंगे और कल संसद की ओर नहीं बढ़ेंगे.''

    महिला पहलवानों के यौन शोषण के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों ने एलान किया है कि 28 मई को नए संसद भवन के सामने एक बड़ी महिला महापंचायत की जाएगी.

    साथ ही इस दिन संसद का घेराव किया जाएगा. इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे.

    महिला पहलवान 23 अप्रैल से बीजेपी सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.

  3. भारत आएंगे नेपाल के पीएम प्रचंड, एजेंडे में क्या-क्या है?

    नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल प्रचंड 31 मई से 3 जून तक भारत के दौरे पर रहेंगे.

    दिसंबर 2022 में प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रचंड की यह पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी.

    भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा.

    पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद यह प्रचंड की पहली विदेश यात्रा होगी.

    विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि यात्रा 31 मई से 3 जून तक होगी और मंत्रालय शनिवार को एक औपचारिक घोषणा करेगा.

    इस बीच, भारत में नियुक्त नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर प्रचंड की होने वाली यात्रा पर चर्चा की.

    प्रचंड ने मीडिया से कहा, ''इस बार मैं इस विश्वास के साथ भारत की यात्रा कर रहा हूं कि एक नया इतिहास रचा जाएगा."

    उन्होंने कहा, ''इस बार, मुझे विश्वास है, भारत यात्रा से कुछ नया हासिल होगा. मेरा मानना है कि नेपाल-भारत संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाया जाएगा. नेपाल और भारत दोनों के लिए यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाने का अवसर प्रदान करेगी.''

    क्या है प्रचंड का कार्यक्रम

    नेपाल के विदेश मंत्रालय ने दाहाल के कार्यक्रम का ब्योरा दिया है. इसके मुताबिक दाहाल की पीएम नरेंद्र मोदी के साथ 1 जून 2023 को हैदराबाद हाउस में बैठक होगी.

    इसमें दोनों देशों के शिष्टमंडलों के बीच बातचीत होगी. इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

    दाहाल, फेडरेशन ऑफ नेपाल चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और सीआईआई की ओर से संयुक्त रूप से जारी नेपाल-इंडिया बिज़नेस समिट को भी संबोधित करेंगे.

    नेपाली प्रधानमंत्री का उज्जैन और इंदौर भी जाएंगे. प्रधानमंत्री के तौर पर प्रचंड की चौथी भारत यात्रा है.

  4. कर्नाटक कैबिनेट का विस्तार, 24 नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण

    कर्नाटक में कांग्रेस के 24 विधायक मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं.

    इन विधायकों के शपथ लेने के बाद कर्नाटक सरकार की कैबिनेट में कुल मंत्रियों की संख्या 34 हो जाएगी.

    मंत्री पद की शपथ लेने वालों में एचके पाटिल, कृष्णा बाइरे गोंडा, एन. चेलुवरास्वामी, के. वेंकटेश, एचसी महादेवप्पा, ईश्वर खांदरे, कैथासांदरा एन राजन्ना, दिनेश गुंडु राव, सारनबासप्पा दर्शनपुर, शिवानंद पाटिल शामिल हैं.

    इसके अलावा तिम्मापुर रामप्पा बालप्पा, एसएस मल्लिकार्जुन, तंगादागी शिवराज संगप्पा, सरनाप्रकाश रुद्रप्पा, पाटिल मंकल वैद्य, लक्ष्मी आर. हेब्बलकर, रहीम खान, डी.सुधाकर, संतोष एस. लाड, एनएस बोसेराजु, सुरेश बीएस, मधु बंगरप्पा, डॉ. एमसी सुधाकर और बी. नागेंद्र भी मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं.

    कर्नाटक में मंत्रियों को अब तक विभागों का आवंटन नहीं किया गया है. हालांकि मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा कि मंत्रियों के विभागों की घोषणा शनिवार शाम तक की जा सकती है.

    इससे पहले 20 मई को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डी के शिवकुमार के साथ आठ नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली थी.

    इसमें जी.परमेश्वर, के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, सतीश जारकीहोली, प्रियांक खड़गे, रामालिंगा रेड्डी और बी.जेड. ज़मीर अहमद खान शामिल थे.

  5. इमरान ख़ान ने कहा, 'वे जानते हैं में जेल में रहूं तो भी मेरी पार्टी चुनाव जीत जाएगी'

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने सरकार को बैठकर बातचीत करने का ऑफर दिया है.

    फ्रांस 24 को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने सरकार को कहा, "मेरी पार्टी को घेरने की बजाय बैठकर बातचीत करो और समझाओ कि मैं इस देश के लिए इतना बड़ा खतरा कैसे हूं."

    उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी के नेताओं के साथ 10 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. जो भी पीटीआई का समर्थन करता है उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है."

    इमरान ख़ान ने कहा, "पाकिस्तान की सरकार को चुनाव का डर है. वे जानते हैं कि अगर मैं जेल में रहूं तो भी मेरी पार्टी चुनाव जीत जाएगी."

    उन्होंने कहा कि सरकार सैन्य अदालतों के जरिए उन्हें सजा दिलाना चाहती है क्योंकि सामान्य अदालतों में झूठे आरोपों के तहत सजा दिलाना मुश्किल है."

  6. 2000 के नोटों को वापस लेने पर आरबीआई ने कोर्ट में क्या कहा?

    रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा है कि 2000 रुपये के नोट को चलन से हटाने का फैसला नोटबंदी नहीं बल्कि करेंसी मैनेजमेंट व्यवस्था का हिस्सा है.

    'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी एक ख़बर के अनुसार एक याचिका की सुनवाई के दौरान आरबीआई ने कोर्ट में ये बात कही है.

    आरबीआई ने कहा है कि ये 'आर्थिक नीति' से जुड़ा मामला है. चीफ़ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की दिल्ली हाई कोर्ट की डिविज़न बेंच के समक्ष पेश होते हुए आरबीआई ने कहा कि 2000 रुपये का नोट फिलहाल चलन में है और लोग इसे इस्तेमाल कर सकते हैं.

    आरबीआई ने इसी महीने 19 मई को नोटिफ़िकेशन जारी कर कहा था कि 2000 रुपये के नोट चलन से वापस लिए जाएंगे, जिनके पास ये नोट हैं वो 30 सितंबर तक इन्हें बैंकों में जमा कर सकते हैं.

    कोर्ट में आरबीआई ने कहा है कि ये नोट बदलने की कवायद है और 30 सितंबर के बाद नतीजे देखने के बाद इस पर कोई फ़ैसला लिया जा सकता है.

    याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया एक्ट 1934 के तहत केंद्रीय बैंक के पास स्वतंत्र अधिकार नहीं है कि वो किसी भी मूल्य की मुद्रा को चलन से बाहर कर सके. आरबीआई एक्ट की धारा 24(2) के तहत ये अधिकार केंद्र सरकार के पास है.

  7. ग्लोबल रैंकिंग बनाने के तरीक़ों से भारत नाराज़, कहा- ये एजेंडे से प्रभावित

    भारत ग्लोबल एजेंसियों की ओर से जारी गवर्नेंस और 'प्रेस फ्रीडम इंडेक्स' जैसी रैंकिंग पर अपनी असहमतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ज़ोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रहा है.

    भारत ने इस तरह की रैंकिंग का एजेंडा से प्रभावित करार दिया है. भारत का कहना है कि ये 'नव उपनिवेशवादी' रैंकिंग हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, भारत के प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा कि भारत ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाना शुरू कर दिया है.

    उन्होंने कहा कि "ये सूचकांक 'उत्तरी अटलांटिक में थिंक टैंकों' के एक छोटे समूह की ओर से तैयार किए जाते हैं. इन्हें तीन या चार फंडिंग एजेंसियां प्रायोजित करती हैं, जो हमारी दुनिया को एजेंडे को प्रभावित करने वाली होती हैं.''

    उन्होंने कहा, ''ये न सिर्फ व्यापक तरीके से नैरेटिव बनाती हैं बल्कि इसका असर किसी देश के कारोबार, निवेश और दूसरी गतिविधियों पर पड़ता है.''

    वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान से भी नीचे चला गया है. वहीं एकेडेमिक फ्रीडम इंडेक्स में ये पाकिस्तान और भूटान से भी नीचे है.

    वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स नाम का संगठन बनाता है जबकि एकेडेमिक फ्रीडम इंडेक्स वी-डेम इंस्टीट्यूट बनाता है.

    सान्याल ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ सालों के दौरान वर्ल्ड बैंक, वर्ल्ड बैंक फोरम और यूनडीपी जैसे ग्लोबल संस्थाओं की बैठक में इस तरह ग्लोबल इंडेक्स बनाने में होने वाली गलतियों का मुद्दा उठाया है.

  8. जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर मोदी और राहुल ने किया उन्हें याद

    देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर आज उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धांजलि दी.

    ये नेता नेहरू की समाधि स्थल शांति वन पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा,''पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि.''.'

    राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा, ''उनके निधन के 58 साल बाद, पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचार, राजनीति और हमारे राष्ट्र के लिए उनके दृष्टिकोण उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे. भारत के इस अमर सपूत के मूल्य हमेशा हमारे कार्यों और विवेक का मार्गदर्शन करें.'

    इससे पहले कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया, "उनके दिमाग में दो बातें थीं. हमारे राष्ट्र की स्वतंत्रता, हमारे लोगों की समृद्धि. और पृथ्वी पर कोई भी ताकत, उस समय का सबसे बड़ा साम्राज्य भी, उन्हें इन सपनों को साकार करने के लिए अथक प्रयास करने से कभी रोक नहीं सके. पंडित नेहरू के व्यक्तित्व में निडरता थी.''

    महात्मा गांधी के पसंदीदा रहे नेहरू आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बनाए गए. नेहरू की छवि लोकतंत्र समर्थक, धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी नज़रिये वाले शख़्स की रही है.

    वह दुनिया के बड़े नेता थे और अपनी मृत्यु तक वैश्विक राजनीतिक पटल पर छाए रहे थे. उनकी छवि एक अंतरराष्ट्रीय नेता और विद्वान के रूप में थी. वो विकासशील देशों की मुखर आवाज़ भी माने जाते थे.

    साल 1955 में पंडित नेहरू को भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

    पंडित नेहरू ने ऐसे हालात में देश की कमान संभाली जब ये भुखमरी, गरीबी और अशिक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहा था. भारत के नवनिर्माण में नेहरू की भूमिका की तारीफ की जाती है.

  9. कंबोडिया में मगरमच्छों के बाडे़ में फंसा शख़्स, फिर सामने आया ख़ौफ़नाक मंज़र

    कंबोडिया में मगरमच्छों की देखभाल करने वाला एक शख़्स उनके बाड़े में फंस गया. लगभग 40 मगरमच्छों ने पलक झपकते ही उसके टुकड़े कर दिए.

    स्थानीय पुलिस ने कहा 72 साल के लुआन नाम अंडे पर बैठे एक मगरमच्छ को उसकी जगह से हटाने के लिए उनके बाडे़ में उतरे थे.

    लेकिन मगरमच्छों ने उस छड़ी को मुंह से पकड़ कर उन्हें अपने बाडे़ में खींच लिया जिससे वो उन्हें हटाने की कोशिश कर रहे थे. ठीक उसी समय लगभग 40 मगरमच्छों ने उस पर हमला कर दिया.

    यह घटना शुक्रवार को सिम रीप शहर में हुई. मारे गए शख्स के पूरे शरीर में काटने के निशान थे. उसका एक हाथ भी गायब है. वो मगरमच्छ पालने वाले किसानों के संगठन के अध्यक्ष भी थे.

    2019 में इसी फार्म में मगरमच्छों ने एक दो साल की बच्ची को मार डाला था. यह फार्म विश्व प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर के सामने है.

    दक्षिण एशियाई देशों में मगरमच्छों के अंडे, चमड़े और मांस का इस्तेमाल होता है.

  10. दिल्ली यूनिवर्सिटी के सिलेबस से हटेंगे 'सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' लिखने वाले इक़बाल

    दिल्ली यूनिवर्सिटी की एकेडेमिक काउंसिल ने 'सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' लिखने वाले कवि मोहम्मद इक़बाल को सिलेबस से निकालने का प्रस्ताव मंज़ूर कर लिया है.

    काउंसिल के सदस्यों ने इस बात की पुष्टि की है कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय कवि मोहम्मद इक़बाल के बारे में राजनीति विज्ञान में पढ़ाया जाने वाला चैप्टर हटाया जा रहा है.

    1877 में अविभाजित भारत के सियालकोट में पैदा हुए इक़बाल ने मशहूर गीत 'सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' लिखा था. उन्हें पाकिस्तान के विचार का जनक भी कहा जाता है.

    दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीए के छठे सेमेस्टर में पढ़ाए जाने वाले पेपर 'आधुनिक भारतीय राजनीतिक विचारधारा' में इक़बाल का ज़िक्र है. काउंसिल ने कहा है कि इस मामले को एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सामने रखा जाएगा. वो इस पर अंतिम फैसला लेगी.

    आरएसएस के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यूनिवर्सिटी के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है.

    एकेडेमिक काउंसिल के एक सदस्य ने कहा, ''राजनीति विज्ञान के सिलेबस में बदलाव के लिए एक प्रस्ताव लाया गया था. प्रस्ताव के मुताबिक़ इकबाल पर मौजूद अध्याय सिलेबस से हटा दिया गया है.''

  11. नमस्कार आपका दिन शुभ हो.

    ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा.

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