पाकिस्तान सेना ने कहा फ़ौजी इमारतों पर हमला करने वालों के विरुद्ध आर्मी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई

पाकिस्तान सेना ने कहा है कि सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रचने वाले और हमला करने वाले के ख़िलाफ़ पाकिस्तान सेना अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. पटना में नहीं लगेगा बागेश्वर बाबा का 'दिव्य दरबार', क्या है वजह?

      • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बिहार से
    धीरेंद्र शास्त्री

    इमेज स्रोत, FB/BAGESHWARDHAMSARKAROFFICIAL

    इमेज कैप्शन, धीरेंद्र शास्त्री

    बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बिहार की राजधानी पटना में लगने वाले ‘दिव्य दरबार’ को आज रद्द कर दिया है.

    आयोजकों का दावा है कि इसमें शामिल होने वाली संभावित भीड़ की वजह से ऐसा फ़ैसला किया गया है.

    यह दरबार 15 मई यानी सोमवार दिन में 11 बजे से शुरू होना था.

    बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है और दोपहर के वक़्त इस तरह के कार्यक्रम से लोगों की सेहत बिगड़ने की आशंका से ऐसा फ़ैसला करने का दावा किया गया है.

    दरअसल बागेश्वर बाबा 13 मई से 17 मई के बीच पटना के नौबतपुर इलाक़े में हनुमंत कथा कर रहे हैं. यह कथा हर रोज़ शाम 4 बजे शुरू होती है.

    आयोजकों का कहना है कि रविवार को कथा में अनुमान से कई गुना ज़्यादा भीड़ आ गई.

    यह आयोजन एक खुले मैदान में बने पंडाल में हो रहा है. यहां लोगों के आने-जाने से धूल उड़ने और गर्मी की वजह से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई.

    धीरेंद्र शास्त्री

    आयोजकों का दावा है कि रविवार को 3 लाख लोगों के कथा में शामिल होने का अनुमान था, लेकिन इसमें क़रीब 10 लाख लोग शामिल हो गए.

    आयोजकों का मानना है कि सोमवार को ‘दिव्य दरबार’ में इससे ज़्यादा भीड़ जुट सकती है और गर्मी की वजह से लोगों की सेहत बिगड़ सकती है.

    इसलिए दिव्य दरबार को स्थगित करने का फ़ैसला किया गया है.

    इस आयोजन से जुड़े मनीष शर्मा ने बीबीसी को बताया है कि बागेश्वर बाबा के हनुमंत कथा का आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक़ 17 मई तक चलेगा.

    बिहार
    इमेज कैप्शन, तेज प्रताप यादव

    दूसरी तरफ बागेश्वर बाबा की बिहार यात्रा का कई लोगों ने विरोध भी किया है. इसमें सबसे आगे बिहार सरकार में मंत्री और आरजेडी नेता तेजप्रताप यादव रहे हैं.

    राजनीति से लेकर अन्य लोग भी बागेश्वर बाबा पर अंधविश्वास फ़ैलाने का आरोप लगाते रहे हैं, इसे लेकर वो काफ़ी विवादों में भी रहे हैं.

    'दिव्य दरबार' में बागेश्वर बाबा लोगों के नाम से ‘पर्चा’ निकालते हैं और इसमें कई ऐसी बातें की जाती हैं, जिसे सीधा अंधविश्वास से जोड़ा जाता है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    बागेश्वर बाबा को जानने वालों का कहना है कि बाबा का दावा होता है कि दिव्य दरबार में उनको आधे से एक घंटे तक सिद्धि आती है.

    इस दौरान वो कुछ लोगों के नाम का पर्चा निकालते हैं. बागेश्वर बाबा का दावा होता है कि उनको यह सिद्धि (विशेष शक्ति) हनुमान जी के आशीर्वाद से मिलती है.

  2. रूस के अंदरुनी ठिकानों पर यूक्रेन के हमले का कोई इरादा नहीं : ज़ेलेंस्की

    ज़ेलेंस्की

    यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदोमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उनका रूसी ठिकानों पर हमले का कोई इरादा नहीं है.

    उन्होंने ये बयान जर्मनी में दिया है. रूस का आरोप है कि यूक्रेन लगातार उसके अंदरुनी ठिकानों पर हमला कर रहा है.

    रूस ने पिछले सप्ताह क्रेमलिन में ड्रोन हमले का आरोप लगाया था.

    जर्मनी के चासंलर ओलाफ़ शॉल्त्स से बातचीत के दौरान ज़ेलेंस्की ने कहा,''यूक्रेन रूसी जमीन पर हमले नहीं करने जा रहा है. हम सिर्फ जवाबी हमले की तैयारी कर रहे हैं ताकि अपनी जमीन को गैरकानूनी कब्ज़े से मुक्त करा सकें.''

    ओलाफ़ शॉल्त्स ने कहा,''जब तक ज़रूरत होगी जर्मनी यूक्रेन की मदद करेगा.''

    व्लोदोमीर ज़ेलेंस्की

    इमेज स्रोत, EFE

    इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदोमीर ज़ेलेंस्की जर्मनी के चासंलर ओलाफ़ शॉल्त्स के साथ

    जर्मनी ने यूक्रेन को 2.7 अरब यूरो के नए हथियार देने का वादा किया है. इनमें जर्मनी के अत्याधुनिक लेपर्ड टैंक और ज्यादा एंटी एयरक्राफ्ट टैंक शामिल हैं.

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि पिछले साल युद्ध शुरू होने के बाद से ये यूक्रेन को मिलने वाली हथियारों की सबसे बड़ी खेप होगी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    शुरू में जर्मनी ने यूक्रेन को हथियार और दूसरे साजोसामान देने में हिचकिचाहट दिखाई थी.

    लेकिन अब वो पहले की तुलना में यूक्रेन की दोगुनी मदद कर रहा है.

    रूस का आरोप है कि यूक्रेन लगातार उसके अंदर के ठिकानों पर हमला कर रहा है. रूस ने पिछले सप्ताह क्रेमलिन में ड्रोन हमले का आरोप लगाया था.

  3. मणिपुर हिंसा: मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और चार वरिष्ठ मंत्रियों को दिल्ली बुलाया गया, अमित शाह ने की बात

    एन. बीरेन सिंह

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह

    मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को दिल्ली आकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की.

    बीरेन सिंह के साथ राज्य के चार मंत्री और मणिपुर की बीजेपी अध्यक्ष सारदा देवी भी आई थीं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस मुलाकात की जानकारी मणिपुर के मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सपम रंजन सिंह ने दी है.

    मणिपुर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    मणिपुर में बड़े पैमाने पर जातीय संघर्ष के दौरान 60 से अधिक लोगों के मारे जाने के बाद इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं

    रविवार को देर रात हुई इस मुलाकात में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल थे.

    हालांकि सपम सिंह ने ये नहीं बताया कि मुलाकात के दौरान क्या बात हुई.

    लेकिन ये ज़रूर कहा कि मुख्यमंत्री सोमवार की सुबह पत्रकारों को दिल्ली में हुई इस मुलाकात की जानकारी देंगे.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि मुख्यमंत्री और उनके साथ के मंत्रियों को दिल्ली बुलाया गया था.

    मुलाकात में जो मंत्री शामिल थे उनमें टीएच विश्वजीत, गोविंददास कोंथुजाम और टीएच बसंतकुमार शामिल थे.

    ये लोग विशेष विमान से दिल्ली आए थे.

  4. तुर्की: राष्ट्रपति चुनाव में अर्दोआन आगे, लेकिन पार्टी का ख़राब प्रदर्शन

    तुर्की

    इमेज स्रोत, REU

    इमेज कैप्शन, कमाल कलचदारलू (बाएं) और राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन

    तुर्की में राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती जारी है. मौजूदा राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन को 49.49 फ़ीसदी वोट मिले हैं. उनके प्रतिद्वंद्वी कमाल कलचदारलू 44.79 फ़ीसदी वोटों के साथ दूसरे नंबर पर हैं.

    देश की सर्वोच्च चुनाव परिषद ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में अर्दोआन को 49.49 फ़ीसदी वोट मिले हैं. उनके प्रतिद्वंद्वी कमाल कलचदारलू 44.79 फ़ीसदी वोटों के साथ दूसरे नंबर पर हैं.

    तुर्की

    इमेज स्रोत, EPA

    इमेज कैप्शन, तुर्की की संसद

    चुनाव परिषद के मुताबिक़, राष्ट्रपति चुनाव में डाले गए वोटों में से 91.93 फ़ीसदी गिने जा चुके हैं.

    लेकिन संसदीय सीटों के लिए हुए चुनाव में अर्दोआन की पार्टी एकेपी का प्रदर्शन ख़राब रहा है. पार्टी को 35 फ़ीसदी वोट मिले हैं.

    सरकारी न्यूज़ एजेंसी एए के मुताबिक़, इस चुनाव में डाले गए वोटों में से 96 फ़ीसदी की गिनती हो चुकी है.

    तुर्की

    इमेज स्रोत, Reuters

    संसद की 600 सीटों के लिए वोटिंग हुई थी. 2002 के बाद ये पार्टी का सबसे ख़राब प्रदर्शन है.

    आज के नतीजों के बाद अर्दोआन की पार्टी को 267 सीटें मिलने की उम्मीद है.

    ये पिछली बार हासिल की गई सीटों से 28 कम हैं. लेकिन तीन दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन की वजह से अर्दोआन की पार्टी बहुमत के लिए जरूरी 56 सीटें हासिल कर सकती है.

    यानी पार्टी को 323 सीटें मिल सकती हैं. 2018 के चुनाव में उनकी पार्टी ने 344 सीटें जीती थीं.

  5. थाईलैंड के चुनावों में विपक्षी दल आगे, गठबंधन के लिए बातचीत के संकेत

    थाईलैंड

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, मूव फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख पिता लिम जारोनार्त समर्थकों का अभिवादन करते हुए

    थाईलैंड के आम चुनाव के बाद वोटों की गिनती में विपक्षी पार्टियां आगे चल रही हैं.

    नतीजों से ऐसा लग रहा है कि लोगों ने सेना के समर्थन वाली सरकार के ख़िलाफ़ वोट दिया है.

    विपक्षी दल मूव फ़ॉरवर्ड और फिऊ थाई, प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओचा की पार्टी से आगे चल रहे हैं.

    नतीजों के शुरुआती रुझानों के बाद दोनों विपक्षी दल गठबंधन के लिए बातचीत के लिए तैयार होते दिख रहे हैं.

    थाईलैंड

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, फिऊ थाई का पार्टी का नेतृत्व पेतोंगतार्न शिनवात्रा कर रही हैं

    थाईलैंड में इस चुनाव को देश की राजनीति का 'टर्निंग प्वाइंट' कहा जा रहा है.

    देश में हाल के कुछ वर्षों में सैन्य तख़्तापलट देखने को मिले हैं. 2014 में ख़ुद पीएम ने सैन्य तख़्तापलट का नेतृत्व किया था.

    लेकिन अब उन्हें मूव फ़ॉरवर्ड और फिऊ थाई जैसे दलों से कड़ी चुनौती मिली है.

    थाईलैंड
    इमेज कैप्शन, थाईलैंड में चुनाव प्रचार

    दोनों पार्टियां सैन्य शासन का विरोध करती रही हैं. मूव फ़ॉरवर्ड पार्टी का नेतृत्व टेक्नोलॉजी सेक्टर के बड़े अधिकारी रह चुके पिता लिम जारोनार्त कर रहे हैं.

    जबकि फिऊ थाई का पार्टी का नेतृत्व पेतोंगतार्न चिनावाट कर रही हैं. वो पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन चिनावाट की बेटी हैं.

  6. नमस्कार! आपका दिन शुभ हो.

    ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा.

    14 मई के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.