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नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग का ख़िताब अपने नाम किया

ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने दोहा में जारी डायमंड लीग में 88.67 मीटर जैवलिन फेंक कर इस स्पर्धा का ख़िताब जीत लिया है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and स्नेहा

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, LIVE: शरद पवार एनसीपी अध्यक्ष बने रहेंगे या नहीं?, मुंबई से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता मयूरेश कोण्णूर

  2. एससीओ की बैठक में जयशंकर ने कहा- 'आतंकवाद को हर रूप में रोकना होगा...'

    गोवा में शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है.

    इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद को हर रूप में रोकना होगा.

    जयशंकर ने कहा, "आतंकवाद का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. हम मानते हैं कि आतंकवाद किसी भी तरीके से उचित नहीं ठहराया जा सकता. सीमा पार आतंकवाद सहित इसे हर रूप में रोकना होगा. आतंकवाद से निपटना एससीओ के मुख्य उद्देश्यों में से एक है."

    अंग्रेज़ी को एससीओ की आधिकारिक भाषा का दर्जा देने की मांग का समर्थन देते हुए उन्होंने कहा, "इस बैठक में मुझे इस बात की खुशी है कि एससीओ में सुधार और उसके नवीनीकरण पर बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है."

    "मैं अंग्रेजी को एससीओ की तीसरी आधिकारिक भाषा बनाने के लिए भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग को फिर दोहराता हूं, ताकि अंग्रेजी बोलने वाले सदस्यों के साथ गहरी बातचीत हो सके."

    एससीओ के विदेश मंत्रियों कीबैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार को आमने-सामने मिले और जयशंकर ने बिलावल भुट्टो का बैठक में स्वागत किया.

    इसके अलावा विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़, एसएसीओ के जनरल सेक्रेट्री झांग मिंग का भी स्वागत किया.

    इस बैठक में किर्गिस्तान, कज़ाख़स्तान, उज़्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री भी शामिल हो रहे हैं.

    साल 2001 में गठित इस संगठन का उद्देश्‍य- सुरक्षा सहयोग, नस्लीय और धार्मिक चरमपंथ से निपटना और व्यापार और निवेश बढ़ाना है. एक तरह से एससीओ को अमेरिकी प्रभुत्‍व वाले नेटो का जवाब माना जाता है.

    वर्तमान में एससीओ के आठ सदस्य भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान हैं.

    इसके अलावा चार ऑब्ज़र्वर देश अफ़ग़ानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया हैं.

  3. अनिल दुजाना: 18 मर्डर, कोर्ट में सगाई, बेल पर शादी, कहानी पश्चिमी यूपी के गैंगस्टर की

    उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (एसटीएफ़) ने गैंगस्टर अनिल दुजाना उर्फ़ अनिल नागर को मेरठ में हुई मुठभेड़ के दौरान मारने का दावा किया है.

    यूपी एसटीएफ़ के एडीजी अमिताभ यश ने कहा, "वांछित अपराधी अनिल दुजाना को हमारी टीम ने गुरुवार दोपहर मेरठ के एक गाँव में घेरा. दुजाना ने भागने के इरादे से हमारी टीम पर गोली चलाई और जवाबी फ़ायरिंग में वो मारा गया."

    यूपी पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मीडिया को बताया, "एसटीएफ़ और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में गैंगस्टर अनिल दुजाना घायल हुआ. बाद में उसकी मृत्यु हो गई. वह चार पहिया गाड़ी में यात्रा कर रहा था. उसके पास से दो पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं."

    पश्चिमी यूपी के बड़े गैंगस्टरों में से एक माना जाने वाला अनिल दुजाना हफ़्ते भर पहले ही जेल से बाहर आया था.

  4. जयशंकर और बिलावल भुट्टो की हुई मुलाक़ात, एससीओ की बैठक में किया औपचारिक स्वागत

    गोवा में शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है.

    इस दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार को आमने-सामने मिले और जयशंकर ने बिलावल भुट्टो का बैठक में स्वागत किया.

    इसके अलावा विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़, एसएसीओ के जनरल सेक्रेट्री झांग मिंग का भी स्वागत किया.

    इस बैठक में किर्गिस्तान, कज़ाख़स्तान, उज़्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री भी शामिल हो रहे हैं.

    बिलावल भुट्टो साल 2011 के बाद भारत का दौरा करने वाले पाकिस्तान के पहले विदेश मंत्री हैं.

    2019 में भारत प्रशासित कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और पुलवामा में भारतीय सैनिकों पर हुए चरमपंथी हमले के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं.

    साल 2001 में गठित इस संगठन का उद्देश्‍य- सुरक्षा सहयोग, नस्लीय और धार्मिक चरमपंथ से निबटना और व्यापार और निवेश बढ़ाना है. एक तरह से एससीओ को अमेरिकी प्रभुत्‍व वाले नेटो का जवाब माना जाता है.

    वर्तमान में एससीओ के आठ सदस्य भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस,कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान हैं. इसके अलावा चार ऑब्ज़र्वर देश अफ़ग़ानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया हैं.

  5. शरद पवार के इस्तीफ़े के एलान पर पहली बार आया उद्धव ठाकरे का बयान

    महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने शरद पवार के एनसीपी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा के बाद पहली बार इस पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा है कि एनसीपी में चल रही उठापटक का एनसीपी, कांग्रेस और उनकी पार्टी के गठबंधन वाले महा विकास अघाड़ी (एमवीए) पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

    मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ये बात कही.

    उद्धव ठाकरे ने कहा, " एनसीपी के भीतर जो हो रहा है उसका हमारे गठबंधन पर कोई असर नहीं होगा. एमवीए की पुणे, कोल्हापुर और अमरावती में होने वाली वज्रमूठ सभा के रद्द होने की ख़बर ग़लत है. महाराष्ट्र के कई इलाकों में बढ़ते तापमान की वजह से फ़िलहाल एमवीए की सभा को आगे करने का निर्णय हुआ है. हम एमवीए को मज़बूत करने पर काम कर रहे हैं.''

    मंगलवार को शरद पवार के इस्तीफ़े की घोषणा की गई थी. इसके बाद मंच पर ही एनसीपी के बड़े नेताओं सहित कार्यकर्ता शरद पवार से अपना फ़ैसला वापस लेने की भावुक अपील करने लगे. फिर पवार अपने फ़ैसले पर दोबारा विचार करने के लिए राज़ी हुए थे.

    शुक्रवार को एनसीपी की एक अहम बैठक है. इस बैठक में एनसीपी के नए अध्‍यक्ष को लेकर चर्चा होने की ख़बर है. माना जा रहा है कि बैठक में उत्तराधिकारी चुनने के लिए गठित की गई समिति नए नामों की चर्चा से पहले शरद पवार से पार्टी प्रमुख के पद पर बने रहने का आग्रह करेगी.

  6. एनसीपी का अगला चीफ़ कौन, इसे लेकर आज होगी पार्टी की अहम बैठक

    शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की एक अहम बैठक है. इस बैठक में एनसीपी के नए अध्‍यक्ष को लेकर चर्चा होने की ख़बर है.

    कहा जा रहा है कि बैठक में उत्तराधिकारी चुनने के लिए गठित की गई समिति नए नामों की चर्चा से पहले शरद पवार से पार्टी प्रमुख के पद पर बने रहने का आग्रह करेगी.

    शरद पवार ने अब तक अपना इस्तीफ़ा वापस लेने की समर्थकों की अपील पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. पार्टी के बड़े नेता से लेकर कार्यकर्ता लगातार शरद पवार पर इस्‍तीफ़ा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. इस बीच आज होने वाली एनसीपी की बैठक काफ़ी अहम मानी जा रही है.

    अजित पवार की भाजपा से बढ़ती नजदीकियों की अटकलों के बीच बीते मंगलवार को शरद पवार के इस्तीफ़े की घोषणा की गई थी.

    इसके बाद मंच पर ही एनसीपी के बड़े नेताओं सहित कार्यकर्ता शरद पवार से अपना फ़ैसला वापस लेने की भावुक अपील करने लगे. इसके बाद पवार अपने फ़ैसले पर दोबारा विचार करने के लिए राज़ी हुए थे.

  7. केदारनाथ धाम पैदल मार्ग ग्लेशियर टूटने से बंद, प्रशासन ने श्रद्धालुओं से कहा- एहतियात बरतें

      • Author, आसिफ़ अली
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, देहरादून से

    चार धाम यात्रा के दौरान केदारनाथ मार्ग में ग्लेशियर का टूटना उत्तराखंड सरकार और यात्रा प्रबंधन के लिए चुनौती बनती जा रही है.

    गुरुवार की दोपहर क़रीब 2 बजकर 45 मिनट पर “भैरों ग्लेशियर” टूटने के कारण यात्रा मार्ग आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद हो गया है. अभी पैदल यात्रियों के लिए यात्रा रोक दी गयी है और उन्हें एहतियात बरतने को कहा गया है.

    ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि "केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग बीते बुधवार शाम को भी भैंरो गदेरे और कुबेर ग्लेशियर टूटने के कारण आवागमन के लिए बंद हो गया था."

    "डीडीएमए, एसडीआरएफ़, डीडीआरएफ़, एनडीआरएफ़, वाईएमएफ़ व पुलिस के जवानों ने बर्फ़ हटाने का काम किया था. जिसके बाद पैदल यात्रा कर रहे तीर्थ यात्रियों के लिए यात्रा मार्ग खोल दिया गया था."

    नंदन सिंह रजवार ने बताया कि गुरुवार को भैरों ग्लेशियर टूटने के कारण यात्रा मार्ग आवाजाही के लिए फिर पूरी तरह बंद हो गया है.

    उन्होंने कहा, "ज़िला प्रशासन ने केदारनाथ धाम पैदल यात्रा कर रहे तीर्थ यात्रियों से अपील की है कि यात्रा मार्ग पूरी तरह से दुरुस्त ना होने की वजह से केदारनाथ धाम की यात्रा पर न जाएं."

    लेकिन ज़िला प्रशासन ने कहा है कि जो यात्री हेलिकॉप्टर सेवा लेना चाहते हैं वो केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकते हैं .

  8. मणिपुर में हिंसा पर हिमंत बिस्व सरमा ने कहा- मणिपुर से आए लोगों का ख़्याल रखा जाएगा

    पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. जन-जातीय समूह और ग़ैर-जनजातीय समूहों के बीच हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने पांच दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं.

    हालात को क़ाबू में करने के लिए सेना की 55 टुकड़ियां और रैपिड एक्शन फ़ोर्स मणिपुर भेजी गई हैं. प्रशासन ने ‘शूट ऐट साइट’ का आदेश जारी किया है.

    इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मणिपुर की बीरेन सिंह सरकार को पूरा सहयोग देने की बात कही है.

    उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मणिपुर में हाल की घटनाओं से प्रभावित कई परिवारों ने असम में शरण ली है. मैंने कछार के ज़िला प्रशासन से इन परिवारों की देखभाल करने का अनुरोध किया है. मैं मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से लगातार संपर्क में हूं. असम सरकार मुश्किल के समय में मणिपुर सरकार का पूरा सहयोग करेगी.”

    कैसे हिंसा शुरू हुई

    19 अप्रैल को मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल करने के अनुरोध पर विचार करने के लिए कहा था.

    कोर्ट ने अपने आदेश में केंद्र सरकार को भी इस पर विचार के लिए एक सिफ़ारिश भेजने को कहा था.

    इसी के विरोध में ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर ने बुधवार को राजधानी इंफ़ाल से क़रीब 65 किलोमीटर दूर चुराचांदपुर ज़िले के तोरबंग इलाक़े में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया था. इस रैली में हज़ारों की संख्या में लोग शामिल हुए थे.

    कहा जा रहा है कि उसी दौरान हिंसा भड़क गई.

  9. अमेरिका ने क्रेमलिन पर हमले का मास्टरमाइंड होने के रूसी दावे को किया ख़ारिज

    अमेरिका ने रूस के उस दावे को ख़ारिज कर दिया है जिसमें उसने कहा था कि बुधवार को क्रेमलिन पर हुए हमले के पीछे मास्टरमाइंड अमेरिका है.

    इससे एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या की कोशिश का आरोप लगाया था, लेकिन गुरुवार को पुतिन के प्रवक्ता ने कहा कि यूक्रेन ने ये अमेरिका की मदद से किया है.

    अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने इसे ‘बेतुका दावा’ बताया है.

    वहीं, यूक्रेन ने कहा है कि इस हमले से उसका कोई लेना-देना नहीं है. यूक्रेन का कहना है कि रूस ने ये हमला ख़ुद पर करने का ढोंग रचा है ताकि वो इस बहाने से युद्ध को तीव्र कर सके.

    जिस वक्त क्रेमलिन पर ये हमला हुआ उस वक्त पुतिन इमारत में मौजूद नहीं थे.

    भले ही रूस की ओर से लगातार हमले जारी हैं और बुधवार को दक्षिण खेरसोन में 21 लोगों की मौत हुई है, लेकिन अब तक रूस की ओर से युद्ध तेज़ करने के कोई संकेत नहीं मिले हैं.

    हालांकि रविवार को कीएव में ड्रोन मार गिराए गए और ये राष्ट्रपति कार्यालय से ज़्यादा दूर नहीं हुआ. कुछ देर बाद यूक्रेन ने माना कि ये उसी के ड्रोन थे जिन्होंने अपना ‘क़ाबू खो दिया था.’ इन्हें नष्ट कर दिया गया ताकि ‘किसी अनहोनी’ से बचा जा सके.

    बीते बुधवार को रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्रि पेस्कोव ने बताया कि राष्ट्रपति के आवास- क्रेमलिन पर हमला किया गया है. इसका एक वीडियो भी सामने आया जिसमें क्रेमलिन के गुंबद पर ड्रोन मिसाइल से हमला होता दिख रहा है और इसके बाद धुंए का बड़ा ग़ुबार हवा में फैल जाता है.

    गुरुवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बिना सबूत कथित हमले के पीछे ‘निस्संदेह’ अमेरिका का हाथ बताया.

    पेस्कोव ने कहा, “इस तरह के हमले की योजना कीएव में नहीं बल्कि वॉशिंगटन में बनाई जाती है.”

    इसके जवाब में जॉन किर्बी ने कहा, “पेस्कोव सीधे और साफ़ तौर पर झूठ बोल रहे हैं.”

  10. नमस्कार.

    आपका दिन शुभ हो. ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा.

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