ब्रेकिंग न्यूज़, जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों का आरोप, पुलिस ने की धक्कामुक्की, दो पहलवान घायल
- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और कॉमनवेल्थ पदक विजेता विनेश फोगाट की अगुवाई में दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया है. पहलवानों ने दावा किया है कि 'पुलिस एक्शन' में उनके दो साथी घायल हुए हैं.
घायल पहलवानों के नाम दुष्यंत फोगाट और राहुल बताए गए. पहलवान बीते 11 दिन से कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ धरना दे रहे हैं. बृजभूषण बीजेपी के सांसद हैं. वो पहलवानों की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते रहे हैं.
बुधवार देर रात विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया और उनके ख़िलाफ़ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.
दिल्ली पुलिस ने पहलवानों के साथ झड़प की पुष्टि की है. दिल्ली पुलिस के अधिकारी प्रणव तायल के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मियों और पहलवानों को चोट भी आई हैं.
पहलवानों ने दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत भी दी. दिल्ली पुलिस के एसीपी रविकांत कुमार ने बीबीसी को बताया कि वो सीसीटीवी फुटेज देखकर पहलवानों के दावों की पुष्टि करने का प्रयास कर रहे हैं.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती बिना अनुमति धरना स्थल पर फोल्डिंग बेड लाने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें रोका और इसी बात पर विवाद शुरु हो गया.
पहलवानों ने पुलिस के दावे को ख़ारिज किया है.
रात करीब साढ़े 12 बजे पहलवानों ने जंतर मंतर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पूरी घटना की जानकारी दी. रात के वक़्त जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया.
स्वाति मालीवाल को नहीं जाने दिया
पहलवानों के समर्थन में वहां पहुंच रहे लोगों को अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी जा रही थी.
दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल भी जंतर मंतर पहुंची थीं लेकिन पुलिस ने उन्हें बेरिकेड्स के अंदर नहीं जाने दिया. पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाकर एक गाड़ी में रखा और मंदिर मार्ग थाने भेज दिया.
किसान यूनियन के कुछ नेता जंतर मंतर पहुंचे. उन्होंने बेरिकेड्स पर खड़े होकर नारेबाज़ी की. कुछ लोगों को अंदर जाने दिया गया और बाकी को बाहर ही रोक दिया गया.