असम के तिनसुकिया जिले के बोरदुबी थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित बलात्कार की घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहें है.
दरअसल, यह घटना बीते 20 मार्च की है. इस संदर्भ में पीड़ित परिवार ने पुलिस में एक मामला दर्ज कराया है लेकिन अबतक पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है.
इस बीच पीड़ित लड़की की मां ने अपनी बेटी के साथ हुई इस घटना के बाद 14 अप्रैल को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है.
पीड़ित नाबालिग चाय बागान में काम करने वाले आदिवासी समुदाय से है, ऐसे में ऑल आदिवासी छात्र संघ ने घटना में पुलिस की धीमी कार्रवाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की है.
आदिवासी छात्र संघ के नेता रामानुस लाकड़ा ने कहा, "13 साल की नाबालिग के साथ बलात्कार की इस घटना को एक महीने से ज्यादा हो गया है लेकिन पुलिस अब तक अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. इस सदमे में लड़की की मां ने भी आत्महत्या कर ली. हमारे संगठन ने इस घटना को लेकर तिनसुकिया जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया है. अगर पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो हम व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे."
पुलिस में दर्ज की गई शिकायत के अनुसार अभियुक्त की पहचान सोमेंद्र राय के रूप में की गई है.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 60 साल के इस व्यक्ति ने नाबालिग लड़की को चॉकलेट का लालच देकर तालाप बाईपास के पास स्थित एक चाय बागान में ले गया और फिर उसके साथ बलात्कार किया.
इस घटना के बाद से अभियुक्त फरार है.
इस बीच असम प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर गोस्वामी ने मंगलवार को नाबालिग के साथ हुई इस घटना को लेकर राज्य महिला आयोग को एक ज्ञापन सौंपा हैं.
कांग्रेस आरोप लगा रही है कि बलात्कार के मामले में अभियुक्त एक स्थानीय भाजपा बूथ समिति का अध्यक्ष है, जिसने जघन्य अपराध किया है.
हालांकि पुलिस का कहना है कि उनकी टीम अभियुक्त की तलाश में कई जगह छापामारी कर रही है.
पुलिस पर धीमी कार्रवाई को लेकर लग रहे आरोपों का जवाब देते हुए तिनसुकिया जिले के डीएसपी हिरण्य बोरा ने बीबीसी से कहा, "इस मामले में पुलिस की कार्रवाई धीमी नहीं हुई है. हमने पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून) के तहत मामला दर्ज किया है. दरअसल, फरार हुए अभियुक्त की तलाश में हमारी टीम कई जगह अभियान चला रही है. हमने अभियुक्त की मौजूदा लोकेशन का पता लगाने के लिए कई लोगों से पूछताछ की है."