पीएम केयर फ़ंड का पैसा कहां खर्च हो रहा है?- कांग्रेस ने पूछा

कांग्रेस ने पूछा है कि 'केंद्र सरकार बताए कि इस फ़ंड का रुपया कहां खर्च हो रहा है? डोनर के नाम क्यों नहीं शेयर करते हैं?'

लाइव कवरेज

कुमारी स्नेहा and दीपक मंडल

  1. कांग्रेस बोली- अदानी, चीन पर चुप हैं मोदी, ये मन की नहीं 'मौन की बात'

    नरेंद्र मोदी

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    कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम 'मन की बात' पर हमला किया है.

    अगले रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम का 100वां प्रसारण होगा. कांग्रेस ने इस कार्यक्रम पर हमला करते हुए इसे 'मौन की बात' करार दिया है.

    कांग्रेस के कम्यूनिकेशन चीफ जयराम रमेश ने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पब्लिक रिलेशन मशीनरी रात-दिन काम कर रही है. लेकिन वो अदानी और चीन जैसे अहम मामलों पर मौन हैं."

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    "30 अप्रैल को होने जा रहे 'मन की बात' के 100वें एपिसोड की सूचना को फैलाने के लिए पीएम की शक्तिशाली पीआर मशीन ओवरटाइम कर रही है."

    "इस बीच 'मौन की बात' है — अडानी, चीन, सत्यपाल मलिक के खुलासों, एमएसएमई की बर्बादी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी.''

    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रोहतक के सर्वे के मुताबिक़ पिछले रविवार को 23 करोड़ लोगों ने 'मन की बात' सुना था. 65 फीसदी लोग इसे हिंदी में सुनना पसंद करते हैं.

    सर्वे से ये भी पता चला है कि ये प्रोग्राम टेलीविजन चैनल पर सबसे ज्यादा सुना जाता है. इसके बाद लोग इसे मोबाइल पर सुना जाता है. रेडियो पर इसे 17.6 फीसदी लोग सुनते हैं.

  2. आरएसएस ने तारेक फ़तह के निधन पर जताया शोक, कहा- उनके प्रशंसक उन्हें याद करेंगे

    तारेक फ़तह

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    पाकिस्तानी मूल के लेखक और पत्रकार तारेक फ़तह के निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

    आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने एक बयान जारी किया है.

    आरएसएस नेइस बयान को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है जिसमें लिखा है, “श्री तारेक फ़तह प्रख्यात विचारक, लेखक और टीकाकार थे. मीडिया और साहित्य जगत में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. वो जीवनभर अपने सिद्धांतों और विश्वासों के प्रति प्रतिबद्ध रहे और उनके साहस और दृढ़ विश्वास के लिए उनका सम्मान किया जाएगा.”

    बयान में आगे कहा गया है, “मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं जो उन्हें बहुत याद करेंगे. मैं उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्मा की सद्गति के लिए प्रार्थना करता हूं.”

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    पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तारेक फ़तह का सोमवार को 73 साल की आयु में निधन हो गया था. उनकी बेटी नताशा ने ट्विटर पर इसकी जानकारी साझा की थी.

    तारेक फ़तह कनाडा के नागरिक थे लेकिन वो अपनी पहचान भारत से जोड़कर बताते थे. अपने बयानों की वजह से वो अक्सर चर्चा में रहते थे. कई बार उनके बयानों को लेकर विवाद भी खड़े हुए.

    अपना परिचय देते हुए तारेक फ़तह ने एक ब्लॉग में लिखा था , "मैं एक भारतीय हूँ जो पाकिस्तान में पैदा हुआ है. मैं सलमान रुश्दी के बहुत सारे 'मिडनाइट चिल्ड्रेन' में से एक हूँ जिसे एक महान सभ्यता के पालने से उठा कर स्थाई शरणार्थी बना दिया गया. मैं इस बात का खुद गवाह हूँ कि किस तरह उनकी उम्मीदों के सपनों को नाकामयाबी के दु:स्वप्न में बदल दिया गया."

    तारेक फ़तह का जन्म 20 नवंबर, 1949 को हुआ था.

  3. बीजेपी नेता ने कहा- शिवमोगा शहर से हमें मुसलमानों के वोट की ज़रूरत नहीं

    ईश्वरप्पा

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    कर्नाटक में 10 मई को होने जा रहे मतदान से पहले पूर्व भाजपा मंत्री केएस इश्वरप्पा ने विवादित बयान दिया है.

    द हिंदू की एकरिपोर्ट के मुताबिक़ ईश्वरप्पा ने कहा है कि बीजेपी को विधानसभा चुनाव में शिवमोगा शहर के क़रीब 60 हज़ार मुसलमानों के वोटों की ज़रूरत नहीं है.

    रिपोर्ट के मुताबिक 24 अप्रैल को शिवमोगा के पास विनोबा नगर में एक रैली को संबोधित करते हुए ईश्वरप्पा ने कहा, "हमें सभी जातियों के लोगों से बात करनी चाहिए और पूछना चाहिए की बीजेपी की सत्ता के दौरान उन्हें क्या-क्या फ़ायदे पहुंचे हैं. शहर में क़रीब 60 हज़ार मुसलमान हैं, हमें उनके वोटों की ज़रूरत नहीं है. ज़रूर, ऐसे मुसलमान भी हैं, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से हमारी मदद मिली है, जब भी उन्हें ज़रूरत थी और वो हमें वोट देंगे. राष्ट्रवादी मुसलमान निश्चित रूप से बीजेपी को ही वोट देंगे."

    ईश्वरप्पा ने ये दावा भी किया कि बीजेपी की सरकार के दौरान हिंदू सुरक्षित रहे हैं और किसी ने हिंदुओं पर हमला करने की हिम्मत नहीं की है.

    नीचे लिंक पर क्लिक करके पढ़ें पूरी रिपोर्ट..

  4. रहाणे की टीम इंडिया में वापसी, बुमराह अभी भी बाहर

    रहाणे

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    आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2023 के फ़ाइनल के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा हो गई है. इंडियन टीम में अंजिक्य रहाणे की वापसी हुई है.

    माना जा रहा है कि आईपीएल में शानदार प्रदर्शन की वजह से रहाणे की टीम में वापसी हुई है.

    भारतीय टीम की कप्तानी रोहित शर्मा के हाथों में होगी. वहीं तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को टीम में जगह नहीं मिली है वो घायल होने की वजह से टीम से बाहर चल रहे हैं.

    ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फ़ाइनल 7 जून से लंदन के ओवल स्टेडियम में खेला जाएगा.

    भारतीय टीम कुछ इस प्रकार है-

    रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, केएल राहुल, केएस भारत (विकेटकीपर), आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, अक्षर पटेल, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव, जयदेव उनादकट.

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  5. SCO मीटिंग में हिस्सा लेने भारत आएंगे चीन के रक्षा मंत्री

    चीन

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    चीन के रक्षा मंत्री ली शिंगफू शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन यानी एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने भारत आएंगे.

    ये बैठक गोवा में होगी. चीन के सरकारी मीडिया 'ग्लोबल टाइम्स' ने चीनी रक्षा मंत्रालय के हवाले से ये जानकारी दी है.

    ली शिंगफू के अलावा रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के भी भारत आने की ख़बर है. एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे.

    चीनी रक्षा मंत्री का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के संघर्ष के बाद एलएसी पर बढ़े तनाव को कम करने की कोशिश हो रही है.

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    रविवार को एलएसी में शांति स्थापित करने के लिए दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच 18वें दौर की बातचीत हुई. बैठक के बाद दोनों देशों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बातचीत काफी खुली और विस्तार से हुई.

    इससे दोनों देशों को संबंधों को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. एलएसी में अभी भी भारत और चीन के 60 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं.

  6. नीतीश ने कहा- पीएम बनने की कोई मंशा नहीं, देशहित में काम करना मक़सद

    नीतीश

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    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वो देश का प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते हैं. इसके बजाय वो देशहित में काम करना पसंद करेंगे.

    नीतीश ने 2024 के आम चुनाव से पहले विपक्षी एकता की कोशिश के तहत समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने ये बात कही. उनके साथ उप मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी थे.

    सोमवार को तीनों के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई. इसके बाद नीतीश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीजेपी से टक्कर लेने के लिए वो और भी विपक्षी दलों को साथ लाने में जुटे हैं.

    कई नेताओं से बातचीत चल रही है. नीतीश ने इस दौरान कहा,'' मुझे पावर और पोजीशन का लालच नहीं है. मेरा प्रयास देशहित में काम करने का रहेगा.''

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    उन्होंने कहा कि वो देश का अगला प्रधानमंत्री नहीं बनने जा रहे. नीतीश से जब पूछा गया कि विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा तो उन्होंने कहा कि जब गठबंधन बन जाएगा तब इसका फैसला होगा.

    उन्होंने कहा,''मैं अपने लिए कुछ नहीं चाहता हूं.मैं देशहित में काम करूंगा. दूसरे लोग भी होंगे. हम साथ बैठक और फैसला करेंगे.

    इस बीच, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने नीतीश के प्रति समर्थन जताते हुए कहा,''बीजेपी भारत का इतिहास बदलना चाहती है.लेकिन पहले उन्हें इतिहास समझना होगा. बीजेपी वाले कोई काम नहीं कर रहे हैं. सिर्फ प्रचार कर रहे हैं. ''

    ''हम लोग ज्यादातर विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं. हम विपक्षी दलों को एकजुट कर 2024 के चुनाव मैदान में उतरेंगे.''

  7. सूडान में 72 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमति, अब तक 400 लोगों की मौत

    सूडान

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    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि सूडान में सेना और अर्द्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज संघर्ष विराम के लिए राजी हो गए हैं.

    दोनों पक्षों के बीच सोमवार आधी रात से संघर्ष विराम पर सहमति बनी है. दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी ओर से संघर्ष विराम का ऐलान किया है.

    ब्लिंकन ने बताया कि सेना और रैपिड फोर्सेज के बीच 48 घंटों की बातचीत के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी है.

    सूडान में इन दोनों के बीच संघर्ष में अब तक 400 लोगों की मौत हो चुकी. दोनों के बीच झड़पें 15 अप्रैल को शुरू हुई थीं और फिर ये हथियारबंद संघर्ष में बदल गया.

    संयुक्त राष्ट्र के महसचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी थी कि सूडान में हिंसा और बढ़ी तो ये आग इस पूरे इलाके को अपनी लपेट में ले लेगी. इसकी लपटें बाहर भी फैलेंगीं.

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    संघर्ष शुरू होते ही राजधानी खार्तूम से लड़ाई प्रभावित क्षेत्र में लोगों को घरों को अंदर रहने को कहा गया था. वहां अब खाना और पानी की सप्लाई बेहद कम हो गई है.

    उम्मीद है कि संघर्ष विराम के ऐलान के बाद हालात कुछ सुधरेंगे .संघर्ष विराम के दौरान पानी की पाइप समेत अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर्स को काफी नुकसान हुआ है.

    पानी की पाइपों को नुकसान पहुंचने से लोग सीधे नील नदी का पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं.

    संघर्ष विराम के ऐलान के बाद लोगों में ये उम्मीद जगी है वे सुरक्षित यहां से निकल सकते हैं. इससे पहले कई देशों ने वहां से अपने राजनयिकों और दूसरे कर्मचारियों को निकाल लिया था.

  8. चीन के अपने ही राजदूत से बढ़ा विवाद, अब आई चीन की सफ़ाई

  9. भारत और चीन में हुई 18वें दौर की वार्ता, जानिए क्या हुआ

    चीन-भारत

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    भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर आपसी तनाव वाले दो इलाक़ों में शांति बनाए रखने के लिए रविवार को बातचीत हुई.

    बताया जा रहा है कि बातचीत काफी विस्तार से हुई. इसमें खुल कर सभी मुद्दों पर चर्चा हुई. ये बातचीत ऐसे समय में हुई है जब चीन के रक्षा मंत्री एससीओ सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं.

    गलवान में भारत और चीन की सेना के बीच संघर्ष के बाद चीन के रक्षा मंत्री का ये भारत का पहला दौरा होगा.

    अप्रैल 2020 में गलवान में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के सीनियर सैन्य कमांडरों के बीच ये 18वें दौर की बातचीत थी.

    मीटिंग चीन के इलाके वाले चुसुल-मोल्दो पर हुई जहां दोनों देशों की सीमाएं मिलती हैं.

    नई दिल्ली में भारत की ओर से जारी बयान में कहा गया,'' पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में संबंधित मुद्दों पर दोनों देशों के बीच विस्तार से और खुल कर बात हुई ताकि सीमाई इलाकों में शांति बहाली हो सके. इससे दोनों देशों के संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा. इससे पहले मार्च में दोनों देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों की मुलाकात हुई थी. इसमें आगे की चर्चा पर सहमति बनी थी,''

    चीन के सरकारी मीडिया 'ग्लोबल टाइम्स' ने भी इस बैठक की ख़बर दी है. अख़बार ने लिखा है कि भारत और चीन के कोर कमांडरों की बीच बैठक हुई.

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    चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ऐसा लग रहा है कि दोनों देशों के बीच सीमा पर विवाद अब सामान्य होने की ओर बढ़ रहा है.

    चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि चीन और भारत की सेना के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के बारे में खुली और विस्तार से बातचीत हुई.

    ये सैन्य कमांडरों के बीच 18वीं बैठक थी. 17वें दौर की बैठक दिसंबर 2022 में हुई थी. प्रवक्ता ने कहा कि 18वें दौर की बातचीत काफी सफल रही.

  10. पाकिस्तान: स्वात घाटी में आतंकवाद रोधी विभाग के दफ़्तर में धमाका, 15 की मौत

    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान की स्वात घाटी में आतंकवाद रोधी विभाग के दफ़्तर में विस्फोट से 15 लोगों की मौत हो गई है.

    विस्फोट में 53 लोग घायल हुए है. इनमें आठ की हालत गंभीर है. सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

    मरने वाले में अधिकतर पुलिसकर्मी हैं. विस्फोट में आतंकवाद रोधी दफ़्तर की इमारत ध्वस्त हो गई है.

    इसके मलबे में दबे लोगों को भी निकालने का काम जारी है.

    स्वात पुलिस का कहना है कि आतंकवाद विरोधी विभाग के दफ़्तर में धमाका आतंकवादी कार्रवाई नहीं है.

    पुलिस ने पत्रकारों को बताया कि सीटीडी के पुराने कार्यालय में विस्फोट हुआ था, लेकिन हमें फ़िलहाल आतंकवादी हमले का कोई सुराग नहीं मिला है. यहाँ रखे हथियारों में बिजली की शॉट-सर्किट की वजह से आग लग लग गई थी.

    पाकिस्तानी तालिबान ग्रुप ने यहां हाल के दिनों में सुरक्षा बलों पर कई हमले किए हैं. लेकिन उन्होंने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने पहले इन विस्फोटों को 'फिदाइन हमला' बताया था लेकिन बाद में उन्होने कहा ''विस्फोट की वजह की जांच की जा रही है.''

    स्वात घाटी में आतंकवादी विरोधी अभियान चलता रहा है. इस वजह से यहां सुरक्षा बलों की खासी मौजूदगी रहती है 2012 में इसी घाटी में आतंकवादियों ने नोबेल विजेता मलाला युसूफज़ई पर हमला किया था.

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने पहले इन विस्फोटों को 'फिदाइन हमला' बताया था लेकिन बाद में उन्होने कहा ''विस्फोट की वजह की जांच की जा रही है.''

    स्वात घाटी में आतंकवादी विरोधी अभियान चलता रहा है. इस वजह से यहां सुरक्षा बलों की खासी मौजूदगी रहती है 2012 में इसी घाटी में आतंकवादियों ने नोबेल विजेता मलाला युसूफज़ई पर हमला किया था.

  11. नमस्कार! बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

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