सुप्रीम कोर्ट के चार जज कोविड पॉजिटिव ,सेम सेक्स मैरिज पर सुनवाई टली
- Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

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सुप्रीम कोर्ट के चार जजों के कोविड-19 पॉज़िटिव पाए जाने की ख़बर है.
इसके कारण समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने के लिए संविधान पीठ के सामने हो रही सुनवाई फ़िलहाल टाल दी गई है.
सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि बाक़ी मामलों की सुनवाई करने के लिए संविधान पीठ को फ़िलहाल निलंबित कर दिया गया है. साथ ही कई पीठों का पुनर्गठन किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया,‘‘सुप्रीम कोर्ट के चार जज जस्टिस एस रवींद्र भट,जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्र कोरोना पीड़ित पाए गए हैं. वहीं जस्टिस सूर्यकांत अभी एक हफ्ते पहले ही इससे उबरे हैं.’’
इनमें से जस्टिस भट समलैंगिक विवाह की सुनवाई कर रही संविधान पीठ के पांच सदस्यों में से एक हैं. सूत्र ने यह भी बताया है कि समलैंगिक विवाह मामले की सुनवाई कर रही पीठ के एक सदस्य जज जस्टिस संजय किशन कौल अपने ख़राब स्वास्थ्य के कारण सोमवार को अदालत नहीं आएंगे.
बार काउंसिल ने कहा, सुप्रीम कोर्ट समलैंगिक शादी का मुद्दा विधायका पर छोड़ दे
इस बीच, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वो समलैंगिक शादी को मान्यता देने का मुद्दा विधायिका पर छोड़ दे.
बीसीआई ने रविवार को इस मुद्दे पर एक बैठक बुलाई और सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि वो इस मामले को विधायिका पर छोड़ दें. यह बैठक संयुक्त तौर पर सभी राज्य बार काउंसिल के साथ हुई.
बीसीआई ने एक पत्र में कहा,'' भारत विविधताओं वाला देश है और कोई मामला जिससे समाज की मौलिक संरचना से छेड़छाड़ की संभावना हो, वह विधायी प्रक्रिया के तहत ही आनी चाहिए. ''
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बीसीआई ने अपने बयान में ये भी कहा, '' इस तरह के संवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट का कोई भी निर्णय आगे की पीढ़ियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. हम सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करते हैं कि वो देश के जनसमूह की भावनाओं और जनादेश का सम्मान करें और समलैंगिक विवाह के मुद्दे को विधायिका पर विचार के लिए छोड़ दें.''







