सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए जेद्दाह में वायु सेना के दो विमान तैयार: विदेश मंत्रालय
हिंसा प्रभावित सूडान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत ने जेद्दाह में दो सी-130जे सैन्य विमान को उड़ान भरने के लिए तैयार रखा है.
वहीं, भारतीय नौसेना का एक जहाज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बंदरगाह पर पहुंच गया है.
विदेश मंत्रालय ने इस बारे में बताया कि भारतीयों को सुरक्षित रूप से निकालने के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार रखी गई हैं.
वहीं, इसके पहले सऊदी अरब ने बताया है कि भारत समेत 12 मित्र देशों के 66 लोगों को बाहर निकाला गया है. भारत ने सऊदी अरब से मदद मांगी थी.
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अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने क्या कहा?
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बताया कि अमेरिकी सेना ने सूडान के ख़ार्तूम से अमेरिकी राजनयिकों और उनके परिवार को निकाल लिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, '' आज मेरे आदेश पर अमेरिका की सेना ने यूएस के कर्मचारियों को ख़ार्तूम से निकालने के लिए एक अभियान चलाया.''
अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान को तेजी से अंजाम दिया गया. ख़ार्तूम में अब अमेरिकी दूतावास बंद है.
अमेरिकी दूतावास ने बताया है कि अभी आम नागरिकों को निकालना सुरक्षित नहीं होगा.

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फ़्रांस ने क्या कहा?
वहीं, फ़्रांस का कहना है कि वह अपने नागरिकों और राजनयिकों को बाहर निकालना शुरू कर रहा है.
सूडान की सेना और उनके प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक बल -रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेस ने बताया है कि फ़्रांस के दूतावास से बाहर निकलने के समय रेस्क्यू दल पर गोलीबारी हुई और उसे वापस लौटना पड़ा.
हालांकि, इसकी जिम्मेदारी न तो सेना ने ली और न ही आरएसएफ़ ने. दोनों ने ही एक-दूसरे पर ऐसा करने का आरोप लगाया है.
इसमें फ्रांस के एक व्यक्ति के घायल होने की ख़बर है लेकिन फ्रांस के अधिकारियों ने इसकी अब तक पुष्टि नहीं की है.
नीदरलैंड भी अपने नागरिकों को बाहर निकालने की कोशिश में जुट गया है. विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों के तहत वह जॉर्डन की टीम के साथ काम कर रहा है. नीदरलैंड के विदेश मंत्री ने कहा कि वो डच नागरिकों को जल्द से जल्द निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
ब्रिटेन का कहना है कि वे भी अपने कर्मचारियों को बाहर निकालने के रास्ते तलाश रहे हैं.
भारत समेत कई मित्र देशों के 66 नागरिकों को सऊदी अरब ने सूडान से बाहर निकाला गया
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि उनके और 12 मित्र देशों के कई नागरिकों को सूडान से निकाला गया है.
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया है कि सूडान से निकाले गए लोगों में आम नागरिकों के अलावा राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय अधिकारी भी शामिल हैं.
इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने नागरिकों को सूडान से निकालने के लिए सऊदी अरब के विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद से मदद मांगी थी.
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, सूडान से निकाले गए लोगों में सऊदी अरब के 91 नागरिक और सहयोगी और मित्र देशों के 66 लोग शामिल हैं. मित्र देशों में 12 देशों के नागरिक हैं.
ये देश हैं- कुवैत, क़तर, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, ट्यूनीशिया, पाकिस्तान, भारत, बुल्गारिया, बांग्लादेश, फिलीपींस, कनाडा और बुर्किना फासो.

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सूडान में लोगों की क्या है स्थिति?
सूडान की राजधानी खार्तूम और देश के अन्य इलाक़ों में सेना और अर्धसैनिक बल के बीच संघर्ष चल रहा है.
इस बीच नागरिकों के हालात बहुत बुरे हो गए हैं.
बताया जा रहा है कि ख़ार्तूम में पानी सप्लाई करने वाले मुख्य पंपिंग स्टेशन पर हमला हुआ है.
एक स्थानीय निवासी हिंदा ने बीबीसी को बताया कि लगातार पानी की क़िल्लत उनका इलाका अबरी (मक्के का एक ड्रिंक) से प्यास बुझाने पर मजबूर हो गया है. उनके मुताबिक़, उनके आस पास की दुकानें बंद हो चुकी हैं. कुछ बेकरी खुली हैं लेकिन वहां भी आटे की क़िल्लत हो गई है.
लड़ाई शुरू होने से पहले सेना ने नागरिकों को राशन इकट्ठा कर लेने की चेतावनी जारी की थी क्योंकि आरएसएफ़ के सुरक्षा बल शहर के आस पास तैनात किए गए थे.




















