कार्ति चिदंबरम की 11 करोड़ की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय ने की ज़ब्त
यह मामला आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से कथित तौर पर अवैध धन पाने से जुड़ा है.
लाइव कवरेज
कुमारी स्नेहा and दीपक मंडल
कार्ति चिदंबरम की 11 करोड़ की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय ने की ज़ब्त

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएनएक्स मनी लाॅन्ड्रिंग केस में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की क़रीब 11 करोड़ रुपए की संपत्ति मंगलवार को कुर्क कर ली.
ईडी ने इस बारे में जारी एक बयान में बताया कि कुर्क की गई चार संपत्तियों में से एक कर्नाटक के कुर्ग ज़िले में स्थित एक अचल संपत्ति है.
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इस बयान में बताया गया है कि कार्ति चिदंबरम के खि़लाफ़ प्रिवेंशन ऑफ मनी लाॅन्ड्रिंग एक्ट के तहत एक अंतरिम आदेश भी जारी किया गया है.
यह मामला आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से सीधे या परोक्ष रूप से कथित तौर पर अवैध धन पाने से जुड़ा है. यह कार्ति चिदंबरम के पिता पी चिदंबरम के केंद्रीय वित्त मंत्री रहने के समय का मामला है.
ईडी का आरोप है कि चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी मिली और उसके बदले में अवैध रूप से धन का लेन-देन किया गया.
ब्रिटेन ने कहा- भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा का मसला उसके लिए है 'बेहद गंभीर'

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ब्रिटेन में पिछले महीने भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटना पर ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि वे उच्चयोग की सुरक्षा के मुद्दे को 'बेहद गंभीरता' से लेते हैं.
भारतीय मूल के लेबर सांसद नवेंदु मिश्रा के एक लिखित सवाल पर सरकार ने संसद में यह जानकारी दी.
ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री टॉम टिगेंदत ने सोमवार को जवाब देते हुए कहा कि पिछले महीने भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़ और कर्मचारियों पर हुआ हमला स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने कहा, ''सरकार भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को बेहत गंभीरता से लेती है. सरकार ब्रिटेन के भीतर दूतावासों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें इस तरह की घटनाओं को रोकना और इससे निपटना भी शामिल है.''
उन्होंने कहा कि जैसा कि कहा गया है कि लंबे समय से यह नीति रही है कि राजनयिक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत जानकारियां नहीं दी जाती हैं.
मिश्रा ने पिछले महीने उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर सवाल किए थे और ब्रिटेन की सरकार ने हमले के बाद जो सुरक्षा आकलन का आश्वासन दिया था, उसके बारे में उन्होंने जानकारियां मांगी थी.
वहीं, अब भारत में एनआईए, उच्चायोग में तोड़फोड़ की कोशिश और प्रदर्शन की जांच करेगा. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी.
सूडान हिंसा में फंसे भारतीयों को निकालने के सिद्धारमैया के सवाल पर जयशंकर ने दिया ये जवाब

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सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच जारी संघर्ष में भारतीय लोगों को सुरक्षित निकालने को लेकर कांग्रेस नेता सिद्धरमैया के ट्वीट का केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर ने जवाब दिया है.
उन्होंने कहा, ''लोगों की ज़िंदगी दांव पर लगी हैं, ऐसे में राजनीति न करें.''
सिद्धारमैया ने एक ट्वीट में कहा था, ''ऐसी ख़बर है कि कर्नाटक के हक्की पिक्की ट्राइब के 31 लोग गृह युद्ध की आग में झुलस रहे सूडान में फंसे हैं. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस बोम्मई से अपील करता हूं कि वे तत्काल इन लोगों की वापसी सुनिश्चित करें."

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इमेज कैप्शन, सूडान संघर्ष इस पर केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा, ''आपके ट्वीट से स्तब्ध हूं. वहां लोगों की ज़िंदगी दांव पर लगी है, ऐसे में राजनीति न करें. जब 14 अप्रैल से संघर्ष शुरू हुआ, तब से सूडान की राजधानी खार्तूम में भारतीय दूतावास ज्यादातर भारतीय नागरिकों के संपर्क में है.''
जयशंकर ने एक और ट्वीट में कहा कि उनके स्थानों की जानकारियां सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं की जा सकती. वहां चल रहे संघर्ष की वजह से उनकी आवाजाही प्रभावित है.
उन्होंने कहा कि उनके लिए बनाई जाने वाली योजनाओं में सुरक्षा स्थिति का ख़ास ख़्याल रखना होता है. उनके हालात का राजनीतिकरण करना चिंताजनक है. कोई भी चुनावी हित विदेश में भारतीयों की सुरक्षा से बड़ा नहीं है.
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि पिछले कुछ दिनों से हक्की पिक्की समुदाय के लोग सूडान में बिना खाना-पानी के बेसहारा छोड़ दिए गए हैं और सरकार उन्हें वापस लाने के लिए अब भी क़दम नहीं उठा रही है.
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'मलियाना नरसंहार' क्या है और 72 मुसलमानों को इंसाफ़ क्यों नहीं मिला?
23 मई, 1987 को मेरठ के मलियाना गांव में 72 मुसलमानों की हत्या हुई.
लेकिन बीते महीने सेशन कोर्ट ने इस मामले में सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया.
स्थानीय लोग और पत्रकार आरोप लगाते हैं कि इस नरसंहार में प्रादेशिक आर्म्स कॉस्टेब्यूलरी (PAC) भी शामिल थी.
PAC यूपी पुलिस की एक शाखा है, जिसे गंभीर स्थिति में तैनात किया जाता है.
इस रिपोर्ट में बीबीसी ने पड़ताल की कि इस घटना में मारे गए 72 मुसलमानों को न्याय क्यों नहीं मिल सका.
कैसे पुलिस की जांच और कोर्ट के ट्रायल में ये केस इतना कमज़ोर हुआ कि कोई भी दोषी नहीं पाया गया?
वीडियो: कीर्ति दूबे और सिराज अली
सूडान में हिंसा के पीछे क्या है सियासत और कैसे होगा इसका समाधान?
अतीक़, अशरफ़ का मर्डर: एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश पुलिस को भेजा नोटिस

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस को अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ की प्रयागराज में हत्या के मामले में नोटिस जारी किया है.
एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर से चार सप्ताह के भीतर हत्या से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
आयोग ने अतीक़ और अशरफ़ की हत्या से संबंधित हर जानकारी मांगी है. संस्था ने अतीक़ और अशरफ़ के ख़िलाफ़ जो शिकायतें और प्राथमिकियां दर्ज हैं, उसकी कॉपी भी मांगी है.
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उनकी मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच की रिपोर्ट, मजिस्ट्रट जांच रिपोर्ट समेत अन्य सभी जानकारियां मांगी हैं.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ज़िले में बीते शनिवार अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद की सनसनीख़ेज अंदाज़ में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.
जिस वक्त अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ पर हमला हुआ, उस वक्त पुलिसकर्मी उन्हें मेडिकल चेक-अप के लिए प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल लेकर आए थे.
माउंट अन्नपूर्णा: पर्वतारोही बलजीत कौर सुरक्षित मिलीं, अनुराग मालू अब भी लापता
....में - Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

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इमेज कैप्शन, अनुराग मालू भारतीय पर्वतारोही बलजीत कौर नेपाल के 'माउंट अन्नपूर्णा' शिखर से उतरते समय 'चौथे कैंप' के पास से सोमवार को लापता हो गईं थीं.
इसके एक दिन बाद मंगलवार को वह सुरक्षित मिलीं. वहीं, अजमेर के पर्वतारोही अनुराग मालू माउंट अन्नपूर्णा से गिरने के बाद अब भी लापता हैं.
इसे लेकर किशनगढ़ में अनुराग के परिजन चिंतित हैं.
अजमेर के किशनगढ़ के रहने वाले अनुराग मालू के पिता ओम प्रकाश मालू ने बीबीसी को बताया, "अनुराग अब भी लापता हैं. हम अभी अनुराग के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं."
ओम प्रकाश मालू ने बीबीसी से कहा कि 24 मार्च को अनुराग दिल्ली गए और वहां से नेपाल के काठमांडू गए.
उनके लापता होने की जानकारी मिलने के बाद उनके छोटे भाई अभिषेक नेपाल गए हैं.
मीडिया में आई ख़बरों में सेवन समिट ट्रेक्स के अध्यक्ष मिंग्मा शेरपा के हवाले से लिखा है, "सोमवार सुबह कैंप थ्री से उतरते समय वो लापता हो गए. 34 साल के अनुराग मालू पहाड़ों के बीच की दरार में गिरे हैं."

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इमेज कैप्शन, अपने परिवार के साथ अनुराग मालू (चश्मा पहने हुए). हिमालयन टाइम्स की ख़बर में बताया गया था कि एक हवाई सर्च टीम ने बलजीत कौर का पता लगाया.
पायनियर एडवेंचर के चेयरमैन पासंग तेंजी शेरपा ने बताया कि आज सुबह कौर का रेडियो सिग्नल मिलने के बाद हवाई सर्च शुरू किया गया.
शेरपा के अनुसार, उन्होंने कल शाम करीब पांच बजे दो अन्य शेरपा गाइड के साथ अन्नपूर्णा की चढ़ाई की थी.

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इमेज कैप्शन, बलजीत कौर दिनभर: सूडान में क्यों भड़की हिंसा, समाधान क्या?
आईपीएल 2023ः सनराइजर्स हैदराबाद ने जीता टाॅस, मुंबई इंडियन्स को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्योता

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हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने टाॅस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.
यह आईपीएल के मौजूदा सीज़न का 25वां मैच है.
आईपीएल के मौजूदा सीज़न में दोनों ही टीमों का अब तक का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा है. दोनों ही टीमों ने अब तक खेले गए कुल चार मैचों में से दो ही जीते हैं.
लेकिन बेहतर रन रेट के कारण मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स हैदराबाद से एक पायदान आगे आठवें नंबर पर है. इस तरह अभी तक दोनों ही टीमें टाॅप चार टीमों की रेस से बहुत नीचे है.

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हालांकि दोनों ने अपने आख़िरी मैच में जीत दर्ज की थी. और दोनों के ही ख़िलाफ़ हारने वाली टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ही थी.
हैदराबाद ने शुक्रवार को खेले गए अपने पिछले मैच में केकेआर को 23 रन से हराया था.
उस मैच की ख़ासियत ये थी कि हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज़ हैरी ब्रुक ने आईपीएल के मौजूदा सीज़न का पहला शतक लगाया. वहीं हैदराबाद के कप्तान ऐडन मार्करम ने भी अर्धशतक जड़ा था.
वहीं मुंबई ने रविवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के खि़लाफ़ पांच विकेट से जीत दर्ज की थी.
उस मैच में इशान किशन ने शानदार अर्धशतक जमाया था, जबकि टीम के स्टार बल्लेबाज़ सूर्य कुमार यादव भी कई मैच बाद लय में आ गए.
अतीक़ अहमद के वकील का दावा- घर के बाहर फेंका गया बम, पुलिस ने किया इनकार

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के कटरा इलाके में बम फेंकने की ख़बर सामने आई है. अतीक़ अहमद के वकील दया शंकर मिश्रा का दावा है कि बम उनके घर के बाहर फेंका गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, इस हमले में कोई घायल नहीं है.
हालांकि, पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज की ओर से जारी एक ट्वीट में कहा गया है कि यह दो पक्षों के बीच आपसी विवाद का मामला है और इस दौरान बम फेंकने की घटना हुई. अतीक़ अहमद के वकील के घर पर हमले की ख़बर सही नहीं है.
पुलिस ने बताया कि आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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वकील दया शंकर मिश्रा ने दावा किया, ''तीन बम फेंके गए. मुझे लगता है कि इसके पीछे बड़ी साज़िश है. यह सब मुझे डराने के लिए किया जा रहा है.''
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पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गैंगस्टर से नेता बने अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.
जिस वक्त अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ पर हमला हुआ, उस वक्त पुलिसकर्मी उन्हें मेडिकल चेक-अप के लिए प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल लेकर आए थे.
पत्रकार बनकर आए हमलावरों ने अस्पताल के ठीक पास, पुलिस के घेरे में चल रहे अतीक़ और अशरफ़ पर बेहद नज़दीक़ से गोलियां चलाईं और उनकी मौत के बाद धार्मिक नारेबाज़ी की.
बिलकिस बानो मामला: याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा

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इमेज कैप्शन, बिलकिस बानो बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों की रिहाई के ख़िलाफ़ डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजरात सरकार को अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखना चाहिए था.
इस मामले की सुनवाई जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की बेंच कर रही थी.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, ''सेब की तुलना संतरे से नहीं की जा सकती है और उसी तरह नरसंहार की तुलना एक हत्या से नहीं की जा सकती है.''
बेंच ने कहा कि इस तरह के नृशंस अपराधों में जब राहत देने पर विचार किया जाता है तो इससे पूरा समाज प्रभावित होता है और इस तरह के मामलों में शक्तियों का इस्तेमाल करते समय जनहित का ध्यान रखना चाहिए.
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सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्य सरकार के फ़ैसले से सहमत थी तो इसका मतलब यह नहीं होता कि राज्य को सोचना ही नहीं चाहिए था.
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से यह भी पूछा कि यह फ़ैसला लेने के पीछे की क्या वजहें थीं.
लाइव लॉ के अनुसार जस्टिस जोसेफ ने कहा, ''सवाल यह है कि क्या सरकार ने इस मामले पर विचार किया, वो क्या तथ्य थे जो इस फ़ैसले का आधार बने... इस मामले में, न्यायिक आदेश के अनुसार दोषी को जीवन भर जेल में रहना चाहिए. लेकिन उन्हें एग्जीक्यूटिव आदेश पर रिहा कर दिया गया. आज बिलकिस, कल आप और हम हो सकते हैं. अगर आप हमें इस फ़ैसले के पीछे का कारण नहीं बताते हैं तो फिर हमें खुद से ही निर्णय पर पहुंचना होगा.''
बेंच दोषियों की समय से पहले रिहाई के ख़िलाफ़ डाली गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी.
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बेंच ने अब इस मामले की सुनवाई दो मई के लिए सूचीबद्ध कर दी.
गुजरात सरकार ने 11 सज़ायाफ़्ता मुजरिमों को रिहा करने के अपने फ़ैसले का बचाव किया है.
सरकार ने पहले बताया था कि सभी दोषियों ने 14 साल या इससे अधिक समय जेल में बिताया और उनके अच्छे व्यवहार को देखते हुए रिहाई दी गई है. साथ ही ये फ़ैसला केंद्र सरकार की सहमति के बाद लिया गया था.
गुजरात सरकार ने 10 अगस्त 2022 को बलात्कार और बच्चे की हत्या के मामले में उम्र कैद की सज़ा काट रहे दोषियों को रिहा करने का आदेश जारी किया था जिसे लेकर देशभर में खूब आलोचना हुई और सरकार की मंशा पर सवाल भी उठे.
चीन में खरगोश समझकर चलाई गोली, एक शख़्स की मौत

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चीन में शिकारियों ने जंगल में हिलती घास के बीच खरगोश समझकर एक व्यक्ति पर गोली चला दी.
इस घटना में वांग माउजीन नाम के व्यक्ति की मौत हो गई. इस मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
यह घटना पिछले सप्ताह शुक्रवार शाम में हुई. चार लोग जियांगशी प्रांत में शिकार करने गए थे. चीन में गोली लगने से संबंधित घटनाएं दुर्लभ हैं.
पुलिस ने बताया कि जंगल में घास की सरसराहट सुनने के बाद इन चार में से एक ने गोली चला दी. पीड़ित वहां मछली पकड़ने गए थे. व्यक्ति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनकी मौत डूबने से हुई है.
दरअसल गोली लगने के बाद वो पानी के एक गड्ढे़ में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई. चीन में बंदूक रखने का नियम काफ़ी सख़्त है.
इस घटना को लेकर चीन में सोशल मीडिया पर काफ़ी बहस छिड़ी हुई है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर एक व्यक्ति ने लिखा, ''ऐसे कैसे संभव है कि इस देश में व्यक्ति के पास बंदूक है.''
वहीं दूसरे ने लिखा, ''इस ख़बर को पढ़कर लगा कि यह तो अमेरिका की कोई न्यूज़ होगी.''
बॉर्नविटा में ज़्यादा शुगर होने के दावे को कंपनी ने बताया ग़लत, कहा- तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया

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मोंडलिज़ इंडिया के हेल्थ ड्रिंक ब्रांड बॉर्नविटा ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के उन दावों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि इस ड्रिंक में शुगर की मात्रा काफी ज़्यादा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के मुताबिक़ बॉर्नविटा ने कहा है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में दावा किया जा रहा है कि उसकी हेल्थ ड्रिंक में काफी ज़्यादा शुगर है. लेकिन ये दावा गलत और अवैज्ञानिक है. इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. साथ ही इसमें गलत और नकारात्मक तर्क दिए गए हैं.
ये वीडियो इन्फ्लुएंसर रेवन्त हिमतसिंगका ने पोस्ट किया था. कंपनी ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा था. इसके बाद इन्फ्लुएंसर ने इस वीडियो को हटा लिया.
हालांकि इससे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया ये वीडियो वायरल हो चुका था और इसने कंपनी की परेशानियां बढ़ा दीं.
हटाए जाने से पहले इस वीडियो को एक करोड़ बीस लाख व्यूज़ मिल चुके थे. इसे अभिनेता और नेता परेश रावल और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद ने भी शेयर किया था.
बॉर्नविटा ने एक बयान में कहा है कि पिछले सात दशक से यह भारत में मौजूद है और इसने भारत में उपभोक्ताओं का विश्वास हासिल किया है.
यह वैज्ञानिक तरीके से बनाया गया प्रोडक्ट है और यह पूरी तरह गुणवत्ता मानकों का पालन करता है. साथ ही ये इस देश के कानून का भी पालन करता है.
तेजस्वी यादव के ‘अतीक जी’ कहने पर सुशील मोदी बोले- जैसे रिश्तेदार की मौत हुई हो

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बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के गैंगस्टर अतीक़ अहमद को ‘अतीक जी’ कहने पर बीजेपी ने उनकी कड़ी निंदा की है.
बीजेपी नेता सुशील मोदी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि ‘दिग्विजय सिंह ने कहा ओसामा जी और डिप्टी सीएम कह रहे हैं अतीक जी. एक गुंडा, माफ़िया, आतंक, अत्याचार, अधर्म के प्रतीक गैंगस्टर के अंत होने पर ये लोग बहुत दुखी हैं.’
“कैसे मारा गया ये महत्वपूर्ण नहीं है, एक आतंक का प्रयाय गुंडा और गैंगस्टर मारा गया है.”
“उसके प्रति दुख प्रकट कर रहे हैं और उसकी मौत पर ऐसे विलाप कर रहे हैं जैसे उनके किसी सगे रिश्तेदार की मौत हो गई हो.”
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बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोमवार को अतीक़ अहमद की मौत पर टिप्पणी की थी.
उन्होंने कहा था, “यूपी में अतीक़ जी का नहीं बल्कि क़ानून का जनाज़ा निकला है. पुलिस कस्टडी में जहां सबसे ज़्यादा हत्याएं हुई हैं तो वो यूपी में हुई हैं.”
लॉरेंस बिश्नोई को 7 दिन की एनआईए की कस्टडी में भेजा गया

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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 दिन की एनआईए की कस्टडी में भेज दिया है.
बीते साल दर्ज हुए एक मामले के सिलसिले में सोमवार को लॉरेंस बिश्नोई को पंजाब की बठिंडासेंट्रल जेल से दिल्ली लाया गया था.
कोर्ट ने एनआईए से कहा है कि वो कस्टडी ख़त्म होने के बाद उसके सामने सुबूत पेश करे.
वहीं एक अप्रैल को मुंबई पुलिस ने राज्यसभा सांसद संजय राउत को मौत की धमकी देने के मामले में बिश्नोई के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी.
धमकी मिलने के बाद राउत ने मुंबई पुलिस को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी.
अजित पवार ने एनसीपी छोड़ने की ख़बरों पर दिया जवाब

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महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार ने कहा है कि वो एनसीपी के साथ हैं और आगे भी पार्टी में बने रहेंगे.
उन्होंने कहा कि उनके एनसीपी से टूटने की ख़बरें 'निराधार' हैं.
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पवार ने कहा, ''विधायक मुझसे नियमित काम के लिए मिलने आते-जाते रहते हैं. लेकिन इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. मैं अपने कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि उन बातों में कोई सच्चाई नहीं है.''
उन्होंने सोमवार को उन ख़बरों को भी ख़ारिज किया था जिसमें यह कहा जा रहा था कि मंगलवार को उन्होंने विधायकों की बैठक बुलाई है.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी मंगलवार को अजित पवार को लेकर मीडिया में आ रही ख़बरों को ख़ारिज कर दिया और कहा कि किसी ने भी एनसीपी विधायकों की बैठक नहीं बुलाई है.

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शरद पवार ने कहा, ''हमारा ध्यान एनसीपी को मज़बूत करने पर है. मेरी किसी के साथ बैठक नहीं हुई है.''
ख़बरों में ऐसा कहा जा रहा था कि अजित पवार की नज़दीकियां बीजेपी के साथ बढ़ रही हैं. और एनसीपी के विधायकों को तोड़कर वे शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल हो सकते हैं.
कर्नाटक के 31 लोग सूडान में फंसे, कांग्रेस ने जल्द से जल्द निकालने की मांग की

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कर्नाटक में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने सूडान में सेना में चल रहे हथियारबंद संघर्ष में फंसे कर्नाटक के 31 लोगों को जल्द से जल्द निकालने की अपील की है.
कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और कर्नाटक के सीएम बासवराज बोम्मई से हक्की पिक्की जनजाति के लोगों को सूडान से तुरंत निकालने की मांग की है.
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उन्होंने ट्वीट कर कहा है, ''पिछले कुछ दिनों से ये लोग सूडान में फंसे हुए हैं. इन लोगों के पास खाना भी नहीं है. लेकिन अभी तक भारत सरकार ने उन्हें वापस लाने के लिए कोई क़दम नहीं उठाया है. उन्होंने सूडान में लोगों के परिवार वालों के प्रति संवेदना जताई है.''
सेम सेक्स मैरिज की सुनवाई आज, अब तक क्या–क्या हुआ?

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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ आज यानी मंगलवार से समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए दायर की गयीं याचिकाओं पर सुनवाई करना शुरू कर रही है.
इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एस रवींद्र भट्ट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने ही साल 2018 में समलैंगिक रिश्तों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाला ऐतिहासिक फ़ैसला दिया था.
इसके बाद से भारत में समलैंगिक विवाह को कानूनी आधार देने की मांग पुरजोर ढंग से उठाई जा रही है.
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पुतिन खेरसोन में रूसी क़ब्जे़ वाले इलाके में पहुंचे, हालात का लिया जायज़ा

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खेरसोन पहुंचने की ख़बर है.
रूस के मुताबिक़, पुतिन यूक्रेन में ख़ेरसोन के उन इलाकों में गए थे, जिन पर उसकी सेना का क़ब्ज़ा बना हुआ है.
कहा जा रहा है कि उन्होंने वहां पहुंच कर सेना की कमान की एक बैठक की. इस बैठक में उन्होंने सैन्य कमांडरों से रिपोर्ट ली.
समझा जाता है कि पुतिन ने लुहांस्क का भी दौरा किया है. रूस ने पिछले साल ख़ेरसोन और लुहांस्क पर कब्ज़ा कर लिया था. पुतिन इस तरह का दौरा बहुत कम करते हैं.
हालांकि मार्च में उन्होंने अचानक मारियोपोल शहर का दौरा किया था.. इस बात का पता नहीं चल पाया है कि पुतिन ने ख़ेरसोन का दौरा कब किया था लेकिन रूसी मीडिया ने ख़बर दी है कि उन्होंने ज़ोपोरिज़िया के हालात के बारे में जानकारी ली है.
रूस का दावा है कि ज़ोपोरिज़िया उसका क्षेत्र है.
बताया जा रहा है खेरसोन में रूसी कमांडरों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ''वो नहीं चाहते कि आपका अपनी ड्यूटी से ध्यान हटे लेकिन मेरे लिए आपकी राय जानना भी अहम है. मैं जानना चाहता हूं कि हालात किधर जा रहे हैं. हम आपसे यहां के हालात के बारे में जानना चाहते हैं. हम सूचनाएं साझा करना चाहते हैं.''
पिछले साल रूसी सेना ख़ेरसोन से वापस लौट गई थी. फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद यही एक राजधानी थी, जिस पर इसने कब्ज़ा करने में सफलता हासिल की थी. हालांकि इसके कुछ इलाकों में अभी भी रूसी सैनिकों का कब्ज़ा बरकरार है.
