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अतीक़ अहमद के बाकी बचे बेटों को भी शायद मार दिया जाएगाः रामगोपाल यादव

समाजवादी पार्टी के नेता प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव ने आशंका जताई है कि अतीक़ अहमद के बाकी बचे बेटों की भी हत्या हो सकती है.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल and कमलेश मठेनी

  1. कौन हैं अतीक़ अहमद और उनके भाई की गोली मारकर हत्या करने वाले?, अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ पर हमला करने वाले तीनों लोग पहले भी जेल जा चुके हैं और वहीं रहते हुए उनके बीच दोस्ती हुई थी. पढ़िए आज के अख़बारों में क्या-क्या छपा है.

    कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच प्रयागराज में शनिवार रात को अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ़ की मीडिया से बात करने दौरान कुछ हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

    उत्तर प्रदेश की पुलिस ने अब तक हत्या के पीछे का मक़सद के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. हालांकि पुलिस ने हत्या की पुष्टि की है और कहा है कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

    उत्तर प्रदेश के प्रमुख हिंदी अख़बारों में से एकदैनिक जागरणने अपनी वेबसाइट पर दी गई ख़बर में हमलावरों का कथित 'कबूलनामा' छापा गया है. आज के प्रेस रिव्यू में सबसे पहले ये जानते हैं कि अतीक़ और अशरफ़ अहमद पर हमला करने वाले तीनों लोग कौन थे.

    दैनिक जागरण के अनुसार, गोली चलाने वाले अभियुक्तों ने पुलिस के सामने कथित तौर पर दिए अपने बयान में कहा है, "माफ़िया अतीक़ का पाकिस्तान से संबंध था. उसने और उसके गैंग में शामिल सदस्यों ने तमाम निर्दोष लोगों का कत्ल किया था. अतीक़ ज़मीन हड़पने के लिए हत्या करता था और विरोध में गवाही देने वालों को भी नहीं छोड़ता था. उसका भाई अशरफ़ भी ऐसा करता था, इसलिए हमने दोनों को मार डाला."

  2. अतीक़ अहमद और अशरफ़ की हत्या के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलर्ट

      • Author, शहबाज़ अनवर
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से

    अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद की शनिवार (15 अप्रैल) की रात हत्या के बाद वेस्ट यूपी के कई ज़िलों में पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है.

    पुलिस के आला अधिकारियों ने देर रात फ्लैग मार्च किया.

    मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, मुज़फ़्फ़रनगर के अलावा आसपास के ज़िलों में पुलिस के आला अधिकारी रात 11 बजे से लेकर देर रात एक बजे तक फ्लैग मार्च करते देखे गए.

    सिटी मैजिस्ट्रेट राहुल विश्वकर्मा ने पत्रकारों से कहा, "मेरठ में अभी शांति बरक़रार है. जनसामान्य और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिल रहा है. शासन के दिए गए निर्देशों का पालन कराते हुए लगातार निगरानी की जा रही है."

    "सभी चौकियों पर जहां पूर्व में कोई घटना हुई है, उन्हें चिह्नित किया गया है, पैदल गश्त की जा रही है."

    ज़िले में धारा 144 लागू किए जाने पर उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर धारा 144 पूर्व से ही लागू है, उसका कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा.

    रात के समय अचानक पुलिस की चहलक़दमी से तमाम लोगों में इसको लेकर उत्सुकता बढ़ गई.

    रमज़ान चल रहा है, ऐसे में तमाम मुस्लिम इलाक़ों में लोग सड़कों पर भी इकट्ठा थे.

    इसे देखते हुए पुलिस ने सभी से किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की सलाह दी है.

    बिजनौर में पुलिस गश्त तेज

    बिजनौर के एएसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल ने बीबीसी से कहा, "देर रात पुलिस ने क्षेत्र में गश्त लगाई . यहां धारा 144 पहले से ही लागू है, ऐसे में बिना पुलिस अनुमति कोई सभा या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम पर रोक है. प्रयागराज में हुई घटना के बाद पुलिस का गश्त लगातार जारी है."

    पुलिस पर दबाव बढ़ा

    इस हत्याकांड के लिए पुलिस की चुनौती बढ़ गई गई है. शांति व्यवस्था के लिए गश्त बढ़ा दी गई है.

    एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "देखिए निकाय चुनावों को लेकर शांति बरक़रार रखना तो ख़ुद में एक चुनौती होती ही है, वहीं प्रयागराज में हुई घटना के बाद पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है.संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाक़ों पर कड़ी निगाह रखनी पड़ रही है."

  3. अतीक़ अहमद और अशरफ़ की कैमरों के सामने हुई हत्या

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पूर्व सासंद अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ की गोली मार कर हत्या कर दी गई है.

    जिस वक्त उन पर गोली चलाई गई उन्हें पुलिस सुरक्षा के बीच मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था.

    उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूर्व सांसद अतीक़ अहमद और उनके भाई की हत्या की पुष्टि की है. पुलिस के मुताबिक़ हमलावर पत्रकार बनकर आए थे.

    पुलिस का कहना है कि तीनों हमलावरों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया है और उच्चस्तरीय बैठक की है.

    रिपोर्ट: अनंत झणाणें और शुभम वर्मा

  4. अतीक़ की हत्या पर ओवैसी का तंज़, ट्विटर पर लिखा- शासन क़ानून का या बंदूक का

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने पूर्व सांसद अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद को गोली मारे जाने की घटना पर एक शेर के ज़रिये तंज़ किया है.

    उन्होंने ट्वीट कर सवाल किया है कि "शासन क़ानून का है या बंदूक का?"

    उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक शेर लिख कर इस मामले पर तंज कसा.

    उन्होंने लिखा, "तुझ को कितनों का लहू चाहिए ऐसे अर्ज़-ए-वतन, जो तेरे आरिज़-ए-बरायुंग को गुलनार करें, कितने आहों से कलेजा तेरा ठंडा होगा, कितने आंसू तेरे सहरों को गुलज़ार करें, तेरे ऐवानों में पुर्ज़े हुए पैमां कितने.... शासन क़ानून का है या बंदूक का?''

    इससे पहले एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, "एनकाउंटर राज का जश्न मनाने वाले भी इस हत्या के ज़िम्मेदार हैं.

    "अतीक़ और उनके भाई पुलिस की हिरासत में थे उनके हाथों में हथकड़ियां लगी हुई थीं. उन्हें मारने वालों ने JSR (जय श्री राम) के नारे भी लगाये गए."

    उन्होंने लिखा, "दोनों की हत्या योगी के क़ानून व्यवस्था की नाकामी है. एनकाउंटर राज का जश्न मनाने वाले भी इस हत्या के ज़िम्मेदार हैं. जिस समाज में हत्यारे हीरो होते हैं, उस समाज में कोर्ट और इंसाफ़ के सिस्टम का क्या काम?"

  5. गोली मारे जाने से पहले क्या थे अतीक़ अहमद मीडिया से क्या कह रहे थे?

    प्रयागराज में मेडिकल जांच के लिए जाने से पहले अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद पत्रकारों से बात कर रहे थे. ठीक उसी वक्त उन्हें और उनके भाई को गोली मार दी गई.

    दोनों को गोली मारे जाने की घटना वहां मौजूद मीडियाकर्मियों के कैमरे में कैद हो गई.

    दोनों भाई को एक ही हथकड़ी से बांध कर ले जाया जा रहा था. अतीक़ और उनके भाई बीएसपी विधायक राजू पाल और उमेश पाल की हत्या के अभियुक्त थे. उमेश पाल राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह थे.

    एक वीडियो में गोली मारे जाने से पहले पत्रकारों के सवालों के जवाब देते दिख रहे हैं. उनसे पूछा जा रहा है कि आपको आपके बेटे को सुपुर्दे खाक करने के दौरान वहां नहीं ले जाया गया, क्या कहेंगे.

    इस पर अतीक़ अहमद ने कहा, "नहीं ले गए ते तो नहीं ले गए."

    ठीक इसी वक्त अशरफ़ बोले "मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम....."

    अतीक़ और अशरफ को इसी मामले में इस सप्ताह की शुरुआत में प्रयागराज में चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था.

    अदालत ने उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया था. जिस वक़्त ये हत्या हुई उस वक्त पुलिस अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ को मेडिकल चेप-अप के लिए अस्पताल ले जा रही थी.

    पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में दोनों जेल में बंद थे. राजू पाल हत्या के गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए उन्हें साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया था.

  6. कपिल सिब्बल बोले, यूपी में दो हत्याएं हुईं- पहली अतीक़ और उनके भाई की, दूसरी क़ानून-व्यवस्था की

    राज्यसभा सांसद और जाने-माने वकील कपिल सिब्बल ने यूपी में अतीक अहमद और उनके भाई की हत्या पर प्रतिक्रिया दी है.

    इस मामले पर उन्होंने ट्वीट कर लिखा है, ''यूपी में दो हत्याएं हुई हैं- 1. अतीक़ और उनके भाई अशरफ़ की और 2. क़ानून-व्यवस्था की.''

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पूर्व सांसद अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ की बीती रात गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

    अतीक़ अहमद और अशरफ़ पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में जेल में बंद थे और राजू पाल हत्या मामले में गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए प्रयागराज लाया गया था.

    अतीक़ अहमद के बेटे असद का दो दिन पहले ही यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने झांसी में कथित एनकाउंटर किया था.

    असद के साथ ग़ुलाम मोहम्मद नाम के एक अन्य व्यक्ति की मौत भी इस एनकाउंटर में हुई थी. ग़ुलाम मोहम्मद असद के साथी बताए जाते हैं.

    इससे पहले शनिवार को ही अतीक़ के बेटे असद और ग़ुलाम का अंतिम संस्कार किया गया था.

  7. अतीक़ अहमद हत्याकांड: अस्पताल के सामने पसरा सन्नाटा

    अतीक़ अहमद हत्याकांड में पुलिस ने अभी तक हमलावरों के नाम नहीं बताए हैं. हालांकि पुलिस ने कहा है कि इस मामले में उन्होंने तीन लोगों को पकड़ा है जिसने पूछताछ जारी है.

    दूसरी तरफ प्रयागराज में हत्या की रात के बाद सवेरे सड़कों पर सन्नाटा देखा जा सकता है.

    प्रयागराज में मौजूद बीबीसी संवदादता अनंत झणाणें ने बताया है कि प्रयागराज में जिस अस्पताल के सामने अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ की हत्या हुई वहां सवेरे सन्नाटा पसरा हुआ है.

    अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के बाहर जहां हत्या हुई वहां कोई भी व्यक्ति बाहर सड़क पर नहीं दिख रहा है. हालांकि रविवार को बाज़ार बंद रहने की वजह से घटनास्थल से सटे इलाक़ों में लोगों की आवाजाही कम है.

    घटनास्थल को चारों ओर से घेर दिया गया है. अस्पताल के दोनों तरफ की सड़कों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है.

    साथ ही इलाक़े में पुलिस दल की गश्ती हो रही है. सड़कों पर सवेरे मीडिया की मौजूदगी भी दिख रही है.

    अतीक़ अहमद और उनके भाई के शवों का पोस्टमार्टम स्वरूपरानी अस्पताल में होगा, जो काल्विन अस्पताल से क़रीब तीन किलोमीटर दूर है.

    इधर देर रात जारी एक आदेश में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

    मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ़ से जारी आदेश में कहा है, "प्रदेश में शांति व्यवस्था बनी रहनी चाहिए, इसमें सभी प्रदेश वासी सहयोग भी कर रहे हैं. आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी ना आए इसका ध्यान रखें."

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि क़ानून के साथ कोई भी खिलवाड़ न करें.

    पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लगा दी गई है और पुलिस बल गश्त कर रहे हैं.

  8. नमस्कार! बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 15 अप्रैल के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.