भारत के गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को भरतपुर में बीजेपी के बूथ सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे.
इस दौरान उन्होंने राज्य की अशोक गहलोत सरकार को 'थ्री डी' की सरकार बताया और अशोक गहलोत और सचिन पायलट के विवाद पर तंज किए.
अमित शाह ने कहा, "पायलट जी आपका नंबर कभी नहीं आएगा."
अमित शाह ने पायलट को ज़मीनी स्तर पर बहुत सक्रिय बताते हुए कहा कि कांग्रेस के खजाने में गहलोत की भागीदारी बड़ी है.
"राजस्थान में कुर्सी के लिए गहलोत और पायलट लड़ रहे हैं. कुर्सी के लिए क्यों लड़ रहे हो, वैसे भी अब किसी का नंबर नहीं आना है."
शाह ने राज्य की अशोक गहलोत सरकार को थ्री डी सरकार बताते हुए कहा, "यह सरकार तीन डी पर चलती है. यह थ्री डी सरकार है. पहला डी दंगे का, दूसरा डी महिलाओं से दुर्व्यवहार और तीसरा डी यानी दलितों पर अत्याचार. राजस्थान की जनता अब नहीं रहने देगी."
जयपुर बम ब्लास्ट मामले पर अमित शाह ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "गहलोत सरकार ने ढंग से आर्ग्यूमेंट नहीं किए और बम ब्लास्ट के सारे आरोपी छूट गए. अरे शर्म करो गहलोत जी, जो मर चुके हैं, जो बम ब्लास्ट के पीड़ित हैं उनकी मृत्यु पर आप राजनीति कर रहे हैं."
अमित शाह के बयान के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने अमित शाह को ट्वीट करते हुए लिखा, "अमित शाह जी सही कहा आपने. राजस्थान में थ्री डी की सरकार है."
उन्होंने थ्री डी के मायने बताते हुए ट्वीट किया, "डी डेवलपमेंट, डी डेडिकेशन और डी डायलॉग."
भरतपुर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा.
उन्होंने राज्य में अपराध और जयपुर बम ब्लास्ट को लेकर भी अशोक गहलोत सरकार पर सवाल खड़े किए.
वसुंधरा राजे ने गहलोत और पायलट विवाद पर कहा, "एक कुर्सी नहीं छोड़ने की ज़िद पर है, तो दूसरा कुर्सी पाने की ज़िद में. दोनों की ज़िद में राजस्थान पिस रहा है. इसलिए सब मिल कर कृष्ण की इस पवित्र भूमि पर संकल्प लें कि कंस रूपी गहलोत साकार को उखाड़ कर ही दम लेंगे."
"गहलोत सरकार ने ऊँचाइयाँ तो नापी हैं. लेकिन विकास में नहीं, महिला अत्याचार, दलित अत्याचार, भ्रष्टाचार, बेरोज़ग़ारी और साम्प्रदायिक उन्माद में. करौली के दंगों का खोफ आज भी है."
वसुंधरा राजे ने आगे कहा, "उदयपुर में कन्हैया की गला काट कर हत्या की. उदयपुर के लोपड़ा में एक आठ साल की आदिवासी बच्ची के साथ कुकर्म कर उसके 10 टुकड़े किए."
जयपुर बम ब्लास्ट मामले में अशोक गहलोत सरकार पर जानबूझ कर सही पैरवी नहीं करने के आरोप लगते हुए कहा, "80 लोगों की जान लेने वाले सभी आतंकी हाईकोर्ट से बरी हो गए. पीड़ित तो सुप्रीम कोर्ट चले गए. लेकिन, सरकार नहीं."