बिहार में 6 लोग की मौत, ज़हरीली शराब से मरने की आशंका
- Author, विष्णु नारायण
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
बिहार के मोतिहारी ज़िले में 6 लोगों के संदिग्ध हालत में मौत की ख़बर सामने आ रही है.
परिजनों का कहना है कि ये मौतें ज़हरीली शराब पीने से हुई हैं, वहीं प्रशासन ने इन मौतों के लिए डायरिया की संभावना जताई है.
यहाँ, हम आपको यह बताते चलें कि लोगों की मौत का सिलसिला गुरुवार की रात ज़िले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र से शुरू हुआ और शुक्रवार की रात तक 6 लोग मर चुके हैं.
अभी 8 से 10 और लोगों का इलाज ज़िले और आसपास के दूसरे अस्पतालों में चल रहा है.
मौतों का आँकड़ा बढ़ सकता है.
सिविल सर्जन एसएन सिंह ने मीडियाकर्मियों के सवाल पर मृत लोगों के विसरा सुरक्षित रखने की बात और आगे जाँच में सारी बातें स्पष्ट होने की बात कही है.
ज़िले में पहली मौत का मामला हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मठ लोहियार गाँव से प्रकाश में आया.
हालाँकि उस घर से पिता (नवल दास) और पुत्र (परमेंद्र दास) की मौत 4 घंटे के अंतराल में ही हो गई.
दोनों शवों को परिजनों ने आनन-फानन में जला दिया.
मामले के प्रकाश में आने के बाद ज़िले के उत्पाद और स्वास्थ्य विभाग के साथ ही वरीय पुलिस अधिकारी गांव तक पहुंचे थे.
चिकित्सकों ने मौत के पीछे डायरिया को वजह बताया है.
इसके साथ ही नवल दास के पड़ोसी हरिलाल सिंह की स्थिति भी नाजुक बनी हुई थी. किन्हीं निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान वे भी चल बसे.
हरसिद्धि थाना क्षेत्र के अलग-अलग गावों के साथ ही ज़िले के तुरकौलिया थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव से भी 4 लोगों के मौत की खबर आ रही है.
अन्य तीन प्रभावित लोगों को इलाज के लिए परिजन अलग-अलग अस्पतालों में ले गए हैं.
इलाजरत लोगों में से प्रमोद और रामेश्वर शाह ने स्थानीय मीडियाकर्मियों से बातचीत में यह बात स्वीकारी है कि लोकल शराब पीने के बाद से परसों शाम से ही उनकी तबियत गड़बड़ाने लगी, साफ़ दिखना बंद होने लगा.
इसके अलावा सुगौली प्रखंड के अलग-अलग गावों से भी ज़हरीली शराब की चपेट में आने की वजह से और 5 लोगों की मौत होने की खबर भी सामने आ रही है.
मोतिहारी में ज़हरीली शराब से हुई मौतों के संदर्भ में बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में ऐसी आशंका जताई गई है कि इन मौतों के पीछे की वजह ज़हरीली शराब हो सकती है.
पुलिस मुख्यालय का यह भी कहना है कि इस संदर्भ में और अधिक जानकारी व साक्ष्य जुटाने के लिए विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम के पटना से मोतिहारी के लिए रवाना होने की भी बात कही जा रही है.
इस संबंध में अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही अन्य प्रभावित लोगों को चिह्नित किया जा रहा है.