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नीतीश, तेजस्वी के बाद शरद पवार से मिले राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and शुभम किशोर

  1. सावरकर के पोते ने राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दर्ज कराया

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विनायक दामोदर सावरकर का अपमान करने का आरोप लगाते हुए सावरकर के पोते ने पुणे में आपराधिक मानहानि का एक मामला दर्ज कराया है.

    सावरकर के पोते सात्यकि सावरकर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि 'बस,अब बहुत हो गया'.

    उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी पिछले महीने इंग्लैंड गए थे. वहां उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि वीर सावरकर ने अपनी एक किताब में लिखा है कि उन्होंने अपने 5-6 दोस्तों के साथ एक मुसलमान को पीटा और उस झगड़े का लुत्फ़ लिया.’’

    ‘‘यह बयान सावरकर का अपमान है. हम राहुल गांधी और उनके समर्थकों से तथाकथित पेंशन और याचिका पर काफ़ी बातें सुनते रहे हैं. असल में वो गुजारा भत्ता और दया याचिका थी. हमने अदालत का रुख़ किया है.’’

    इससे पहले, आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने राहुल गांधी के जनवरी में दिए गए एक बयान के आधार पर उन पर संघ को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए हरिद्वार में एक एफआईआर दर्ज कराई थी.

    उस शिकायत में गांधी के उस बयान को आधार बनाया गया है जिसमें राहुल गांधी ने आरएसएस को 21वीं सदी का कौरव बताया था.

  2. फ़िल्म और रंगमंच जगत की जानी मानी अभिनेत्री उत्तरा बाओकर का निधन

    हिंदी और मराठी फ़िल्मों की जानी मानी अभिनेत्री और रंगमंच कलाकार उत्तरा बाओकर का बुधवार को पुणे में निधन हो गया. वो 79 साल की थीं.

    तमस, सरदारी बेगम, तक्षक, डोर, आजा नच ले जैसी हिंदी फ़िल्म और दोघी, उत्तरायण, रेस्तरां, संहिता जैसी मराठी फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाली बाओकर ने दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से एक्टिंग की पढ़ाई की थी.

    महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में 1944 में पैदा होने वाली बाओकर ने पद्मावती, मीना गुर्जरी, तुग़लक़, छोटे सैयद बड़े सैयद और उमराव जान जैसे मशहूर नाटकों में अहम भूमिका निभाई.

    उन्होंने उड़ान, अंतराल, रिश्ते, कोरा काग़ज़, नज़राना, जस्सी जैसी कोई नहीं जैसे कई धारावाहिकों में भी अभिनय किया था.

    बाओकर को हिंदी रंगमंच में योगदान देने के लिए 1984 में संगीत नाटक अकादमी से नवाज़ा गया था.

    मृणाल सेन की फ़िल्म ‘एक दिन अचानक’ के लिए उन्हें 1988 में बेस्ट सपोर्टिंग अभिनेत्री का नेशनल फ़िल्म अवाॅर्ड मिला था.

    उनके अभिनय को लोग कर रहे याद

    बाओकर के निधन के बाद कई लोगों और संस्थाओं ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

    आकाशवाणी ने उनके कई रेडियो नाटकों जैसे ‘सांप बूटी, तीन हाथ, एक अंगूठी’, ‘सत्यमेव जयते’, ‘अंधा युग’ को भी ट्वीट किया है.अभिनेता यशपाल शर्मा, मनोज जोशी और इरफ़ान जैसे पत्रकारों ने भी उनके योगदान को याद किया है.

  3. नमस्कार!

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