उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर
में ट्रांसपोर्ट मैनेजर अंशुल जौहरी की मौत मामले में बेरहमी से उनकी पिटाई करने का एक
वीडियो सामने आया है.
वीडियो में अंशुल जौहरी को
बांधकर डंडों से पीटा जा रहा है.
अंशुल जौहरी के परिवार ने शाहजहांपुर के ही
कन्हैया होजरी के मालिक नीरज गुप्ता और उनके कर्मचारियों पर हत्या करने का आरोप
लगाया है.
बीबीसी हिंदी से बात करते हुए अंशुल जौहरी के चाचा मुकेश जौहरी ने कहा, "11 अप्रैल को सूरी ट्रांसपोर्ट वाले अंशुल को कन्हैया हौजरी ले गए थे. यहां गौदाम में मेरे भतीजे अंशुल को ले जाकर टॉर्चर किया गया. उसे तालिबानी तरीके से मारा है."
उन्होंने कहा, "मरने के बाद अंशुल को ज़िला अस्पताल छोड़ दिया गया. जब मैं अस्पताल पहुंचा तो वह मोर्चरी में पड़ा हुआ था. उसके शरीर पर भयंकर तरीके से डंडों के निशान थे. सर भी फटा हुआ था."
परिवार का कहना है कि "कन्हैया होजरी वालों का सामान सूरी ट्रांसपोर्ट पर आता था, जहां अंशुल काम करते थे. कन्हैया हौजरी वालों ने अंशुल पर झूठा सामान चोरी का आरोप लगाया था, जबकि ट्रांसपोर्ट से बिल बनकर ही रिक्शा से दुकान पर जाता है."
पिता अधीश जौहरी ने पुलिस को लिखित शिकायत में बेटे को करंट देकर मारने का आरोप भी लगाया है.
पुलिस ने 12 अप्रैल को पीड़ित परिवार की शिकायत पर कन्हैया होजरी के मालिक नीरज गुप्ता, सूरी ट्रांसपोर्ट के मालिक बंकिम सूरी समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
गिरफ्तारी के सवाल पर शाहजहांपुर के सीओ सिटी वीर सिंह ने बीबीसी हिंदी से कहा, "परिवार की शिकायत पर अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले में पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, साक्ष्यों को देखकर और पूछताछ के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा."
सीओ सिटी का कहना है कि डॉक्टरों के पैनल से अंशुल जौहरी का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है, फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई है.
पीड़ित परिवार के मुताबिक पिछले सात साल से अंशुल जौहरी सूरी ट्रांसपोर्ट में मैनेजर का काम कर रहे थे. 14 अप्रैल को 33 साल के अंशुल को शादी के लिए लड़की देखने जाना था.
अंशुल के परिवार में अब सिर्फ उनके पिता बचे हैं. उनके बड़े भाई की साल 2016 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी.