भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. हालांकि, इसके साथ ही पार्टी में मतभेद की ख़बरें भी तेज़ हो गई हैं.
नई सूची में पार्टी ने कुछ मौजूदा मंत्रियों सहित 10 अन्य लोगों को टिकट नहीं दिया और 52 नए चेहरों को मैदान में उतारा है. तीन दिन के मंथन के बाद बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने 224 में से 189 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान किया है.
इस बीच ये ख़बरें भी ज़ोर पकड़ रही हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार को दिल्ली से ये निर्देश मिला है कि वो युवाओं के लिए रास्ता साफ़ करते हुए विधानसभा चुनाव न लड़ें. 67 वर्षीय शेट्टार ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दी है.
शेट्टार को टिकट न मिलने की ख़बरें फैलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके हुबली स्थित आवास के बाहर जुटने लगे, जहाँ उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं की घोषणा की थी. हालांकि, बाद में शेट्टार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली आने के लिए कहा. ख़ास बात ये है कि अभी तक शीर्ष नेतृत्व ने शेट्टार की सीट पर उम्मीदवार का एलान नहीं किया है.
जगदीश शेट्टार के साथ ही पूर्व उप-मुख्यमंत्री लक्षमण सावडी को भी टिकट नहीं मिला है. माना जा रहा है कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व स्पष्ट तौर पर रमेश जरकिहोली के दबाव में है जिन्होंने साल 2019 में जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस के गठबंधन में फूट डालने में अहम योगदान दिया था और बीजेपी की सत्ता में वापसी हुई थी.
अन्य पूर्व उप-मुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा ने भी शिवमोगा सीट से टिकट न मिलने की आशंका के बीच केंद्रीय नेतृत्व को सूचित किया है कि वो चुनावी राजनीति से संन्यास से रहे हैं.
पार्टी ने उडुपी के विधायक रघुपति भट की जगह भी किसी और को टिकट दिया है. भट उस प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज के चेयरमैन भी थे, जहाँ से बीते साल हिजाब विवाद शुरू हुआ था. उनकी जगह यशपाल सुवर्ण को टिकट दिया गया है, जो पार्टी के संगठन सचिव बीएल संतोष के क़रीबी माने जाते हैं.
हालांकि, पार्टी ने पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजेंद्र को उनके पुराने गढ़ शिकारियापुरा से टिकट दी है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया के ख़िलाफ़ वरुण क्षेत्र से वी सोमन्ना को खड़ा किया गया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के ख़िलाफ़ पार्टी ने आर अशोका को टिकट दिया है. सोमन्ना और अशोका दोनों ही दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ेंगे.
जातिगत आधार पर देखें तो 189 उम्मीदवारों में से 51 लिंगायत समुदाय से हैं तो वहीं 41 वोक्कालिगा समुदाय से. उम्मीदवारों में से 32 ओबीसी, 30 एससी और 16 एसटी समुदाय से आते हैं. पार्टी ने आठ महिलाओं, 9 डॉक्टरों, शिक्षा क्षेत्र से संबंध रखने वाले तीन, एक पूर्व आईएएस अधिकारी और एक पूर्व आईपीएस अधिकारी को टिकट दी है. बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव को पार्टी ने बेंगलुरु सिटी के चामराजेपट सीट से उम्मीदवार बनाया है.