पिछले चार साल में बाघों की संख्या 200 बढ़ी, जानिए कितनी हुई बाघों की संख्या
भारत में 2018 से 2022 के बीच बाघों की संख्या में 200 की बढ़ोतरी हुई है. इस तरह देश में बाघों की संख्या अब 3,167 हो गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कर्नाटक के मैसुरू में बाघों की गणना के आंकड़े जारी किए.
पीएम मोदी ने 1973 में लाॅन्च हुए ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के 50 साल पूरा होने के मौके पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी शुरुआत की.
इस मौके़ पर उन्होंने ‘इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस’ (IBCA) भी लाॅन्च किया है.
इस परियोजना के तहत पूरी दुनिया में बाघ, शेर, चीता जैसी ‘बिग कैट’ की 7 प्रजातियों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए काम किया जाएगा.
प्रधानमंत्री ने इस दौरान ‘अमृत काल का टाइगर विज़न’ नामक बुकलेट जारी किया गया.
इस बुकलेट में अगले 25 साल में बाघों के संरक्षण की योजना पेश की गई है.
विलुप्ति से बचाने के लिए लॉन्च हुआ प्रोजेक्ट टाइगर
1 अप्रैल, 1973 को तब की पीएम इंदिरा गांधी ने जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत की थी.
साथ ही बाघों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पशु बदलने का फैसला किया गया और सिंह की जगह बाघ को भारत का राष्ट्रीय पशु बनाया गया.
सरकार ने पिछले साल उत्तर प्रदेश में एक नया टाइगर रिज़र्व बनाने का एलान किया.
रानीपुर वन्यजीव अभयारण्य के शामिल होने के बाद अब देश में टाइगर रिज़र्व की संख्या बढ़कर 54 हो गई है.