सट्टेबाजी के विज्ञापन दिखाने वाले मीडिया संस्थानों को सरकार की चेतावनी
केंद्र सरकार ने मीडिया संगठनों को सट्टेबाज़ी प्लेटफार्मों के विज्ञापन प्रकाशित करने पर चेतावनी दी है.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and शुभम किशोर
जहांगीरपुरी: हनुमान जयंती पर हिंसा का एक साल, अब कैसा है माहौल?- ग्राउंड रिपोर्ट
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मस्जिद के सामने भगवा झंडे, उकसाऊ नारे और बुलडोज़र की कार्रवाई.
एक साल पहले दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाक़े की इन तस्वीरों ने भारत में सांप्रदायिक सद्भाव पर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे.
अब एक साल बाद यहां का मंज़र बदला हुआ हुआ है. रमज़ान की शाम, इफ़्तारी का वक़्त और हाथों में खाने का सामान लिए मस्जिद की तरफ बढ़ते नमाजी.
पिछले साल हनुमान जयंती पर हुई हिंसा ने इस साल भी लोगों के मन में कई तरह के डर पैदा किए हैं, लेकिन इस बार माहौल शांतिपूर्ण है, हालांकि पुलिस और स्थानीय लोग अपनी तरफ से पूरी एहतियात बरत रहे हैं.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने किस बात पर कहा- चीन पर भरोसा कर सकते हैं...
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैकों ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा कि वो जानते हैं कि यूक्रेन के मुद्दे पर रूस को वापस बातचीत के लिए मनाने पर वो चीन पर भरोसा कर सकते हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मैक्रों ने ये बातें चीन दौरे के दौरान बीजिंग में कही.
मैक्रों ने कहा, "यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस का आक्रमण (अंतरराष्ट्रीय) स्थिरता के लिए धक्का है."
उन्होंने कहा, "मुझे भरोसा है कि रूस को समझा कर वापस बातचीत के लिए मेज़ पर ला सकेंगे."
पूर्व गोरखा सैनिकों को देश से निकालने पर ब्रिटेन ने फिलहाल रोक लगाई
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इमेज कैप्शन, ये गोरखा गार्ड काबुल में ब्रितानी दूतावास की सुरक्षा का काम देखते थे
ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि वो उन 13 पूर्व गोरखा सैनिकों के मामले पर पुनर्विचार करेगी, जिन्हें ब्रिटेन से बाहर निकाला जा रहा है. ये सभी पूर्व सैनिक अफ़ग़ानिस्तान से बचा कर ब्रिटेन लाए गए थे.
ये पूर्व सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन के दूतावास में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम कर रहे थे. हालांकि, काबुल में तालिबान का शासन आने के बाद इन्हें बचाव दल ब्रिटेन ले गए थे.
अब ये सभी लंदन में ही काम कर रहे हैं. लेकिन बीते सप्ताह इन लोगों को अचानक हिरासत में ले लिया गया और बताया गया कि इन्हें नेपाल या भारत वापस भेजा जाएगा.
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ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने कहा है कि इन लोगों को ब्रिटेन से निकालने पर फिलहाल 'रोक' लगा दी गई है.
इन सैनिकों के वकीलों का कहना है कि इन 13 लोगों को ब्रिटेन में रहने का क़ानूनी हक़ है.
इन नेपाली भारतीय नागरिकों की उम्र 37 से 60 वर्ष के बीच बताई जा रही है.
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ये सभी एक प्राइवेट सिक्योरिटी फ़र्म के लिए काम करते थे, जिसे काबुल में यूके और कनाडा के दूतावासों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी मिली थी.
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल अगस्त 2021 में तालिबान के नियंत्रण में आ गई थी. जिसके बाद राष्ट्रपति अशरफ़ गनी की सरकार गिर गई थी और वो देश से भाग गए थे.
इस दौरान ब्रिटिश सेना के साथ काम कर चुके हज़ारों अफ़ग़ानी और सरकारी कर्मियों को काबुल से सुरक्षित निकाला गया था.
बिहार: वो जगह जहां लोगों के घर-दुकान सब जला दिए गए
वीडियो कैप्शन, बिहार: वो जगह जहां लोगों के घर-दुकान सब जला दिए गए
रामनवमी के मौके पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा के बाद बिहार के सासाराम में भी हिंसा देखने को मिली.
यहां कई लोगों के घरों में आग लगा दी गई.
फिलहाल पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान जगह-जगह तैनात हैं.
देखिए हिंसाग्रस्त इलाके में अभी क्या हालात हैं.
ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई, आठ चरमपंथियों की मौत
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी सैनिकों की फ़ाइल फ़ोटो
पाकिस्तान की सेना ने बताया है कि ख़ैबर पख़्तूनख्वाह प्रांत में रात भर छिपे हुए चरमपंथियों के लिए चले अभियान में एक सैनिक और आठ चरमपंथियों की मौत हो गई है.
इंटर सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की ओर से बुधवार को जारी बयान में बताया गया है कि सुरक्षा कर्मियों और चरमपंथियों के बीच दक्षिणी वज़ीरीस्तान ज़िले के शिनवरसक इलाके में भीषण गोलीबारी हुई. सुरक्षाकर्मियों ने ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर ये अभियान शुरू किया था.
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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आईएसपीआर के बयान में कहा गया है, "आठ चरमपंथियों को जहन्नुम भेजा गया है, जिनमें इनके कमांडर भी शामिल हैं."
इन चरमपंथियों के पास से हथियार और गोला बारूद भी बरामद किए गए हैं.
एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार के हवाले से पीटीआई ने लिखा है कि ख़ैबर पख़्तूनख्वाह प्रांत में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभी तक कम से कम 1960 ऑपरेशन चलाए गए हैं. इनमें से 301 ऑपरेशन ख़ुफ़िया सूचना के आधार पर हुए.
पाकिस्तान में रमज़ान पर महंगाई की मार
वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान: रमज़ान पर महंगाई की मार
रमज़ान का महीना चल रहा है. लेकिन पाकिस्तान में रोज़ेदारों पर मंहगाई की मार पड़ रही है.
हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवारों के लिए एक वक्त का खाना जुटाना तक मुश्किल हो रहा है.
देखिए इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता तरहब असगर की रिपोर्ट.
बहुमत के बावजूद बीजेपी अदानी मुद्दे पर जेपीसी से डर क्यों रही है: कांग्रेस
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अदानी मुद्दे पर जेपीसी गठन की मांग, संसद में बिना बहस के क़ानून पारित किए जाने को लेकर सत्ता पक्ष की भूमिका पर एक बार फिर से सवाल उठाया है.
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "सरकार ने इस बजट को चर्चा में नहीं लाने का पूरा प्रयास किया. मोदी सरकार लोकतंत्र की बहुत बातें कहती है लेकिन जो कहती है उसके तहत चलती नहीं हैं. 50 लाख करोड़ का बजट केवल 12 मिनट में पास किया गया है. वे हमेशा कहते रहे कि विपक्ष को दिलचस्पी नहीं है लेकिन विघ्न तो सरकार की तरफ से हुआ है."
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विपक्ष को चर्चा के लिए समय नहीं देने का मुद्दा उठाते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "जब भी हम नोटिस देते थे और उस पर चर्चा की मांग करते थे तब वे हमें बोलने नहीं देते थे. ऐसा पहली बार हुआ है, मैंने 52 सालों में ऐसा कभी नहीं देखा. यहां 2 साल से मैं देख रहा हूं कि खुद सत्तारूढ़ पार्टी के लोग विघ्न डालते हैं."
अदानी मुद्दे पर उन्होंने कहा, "हमारा सामूहिक मुद्दा था कि अदानी को इतना महत्व क्यों दिया जा रहा है? अदानी की संपत्ति केवल 2.5 साल में 12 लाख करोड़ कैसे हुई? उन्होंने सरकार का पैसा और संपत्ति खरीदी है. क्यों मोदी जी एक ही व्यक्ति को इतनी चीजें दे रहे हैं?"
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कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अदानी के मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग करते रहे हैं.
इस बात पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "किन-किन देशों के प्रधानमंत्रियों और उद्योगपतियों से वे (अदानी) मिले? इस पर चर्चा होनी चाहिए. हम संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग कर रहे हैं. इसमें उन्हें कोई नुकसान नहीं होने वाला था. उनके पास बहुमत है तो ज्यादा लोग आपके रहेंगे. इसके बावजूद वे (भाजपा) जेपीसी से क्यों डर रहे हैं?."
भारत में रामनवमी पर हिंसा को लेकर विदेशों से आ रही ऐसी प्रतिक्रिया
बीते दिनों भारत के कुछ हिस्सों में रामनवमी के दिन हुई हिंसा को लेकर विदेशों से भी प्रतिक्रिया आ रही है.
ख़ासकर इस्लामिक देश, संगठन और मानवाधिकार संस्थाओं ने भारत को इस मामले में आड़े हाथों लिया है. इस्लामिक देश के कुछ पत्रकारों ने भी भारत के ख़िलाफ़ पाबंदी की मांग की है.
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान ने कहा है कि भारत में इस्लामोफ़ोबिया से जुड़ी घटनाएं बढ़ रही हैं, इसे लेकर सरकार को क़दम उठाना चाहिए.
पाकिस्तान ने कहा है कि भारत में मुसलमानों पर हो रहे हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी से वो चिंतित है.
ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने चीन में की हाई लेवल मीटिंग
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मध्य पूर्व के दो प्रतिद्वंद्वी देश ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने साल 2016 के बाद पहली बार वार्ता की है.
सऊदी के अल-अख़बाररिया टीवी ने इस मुलाक़ात का एक छोटा सा वीडियो ऑन-एयर किया, जिसमें प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद और हुसैन आमिर-अब्दुल्लाहियां को चीन में एक दूसरे का अभिवादन करते देखा गया.
बीते महीने ही दोनों देशों ने कूटनीतिक रिश्ते बहाल करने की घोषणा की थी. ये घोषणा भी चीन में ही हुई थी.
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सऊदी अरब ने साल 2016 में तेहरान में अपने दूतावास पर हमले के बाद ईरान से संबंध तोड़ लिए थे.
सऊदी अरब में एक चर्चित शिया धर्म गुरु को फांसी की सज़ा के बाद तेहरान में ये हमला हुआ था.
सुन्नी बहुल सऊदी अरब और शिया बहुल ईरान के बीच इसके बाद से ही तनाव चरम पर था.
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मध्य पूर्व में वर्चस्व की होड़ वाले दोनों देश एक-दूसरे को अपने लिए ख़तरा मानते रहे हैं.
इस होड़ में दोनों देश लेबनान, सीरिया, इराक़ और यमन समेत मध्य पूर्व के कई देशों में प्रतिद्वंद्वी गुटों को समर्थन देते रहे हैं.
ईरान ने यमन में हूती विद्रोहियों का समर्थन किया था.
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इसके बाद विद्रोहियों ने 2014 में सऊदी समर्थक सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था.
इसके बाद सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ भीषण हवाई हमले शुरू कर दिए थे.
CUET (UG): 12वीं के बाद कॉलेज में दाख़िले के लिए कैसे देनी होगी ये परीक्षा?
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बारहवीं की परीक्षाओं के बाद अब कॉलेज में दाख़िले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित देश के कई विश्वविद्यालयों में दाख़िले के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) देनी होगी, जिसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) कर रही है.
विश्वविद्यालयों में स्नातक की पढ़ाई के लिए दाख़िले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा पिछले साल से शुरू हुई थी.
इस परीक्षा में क्वॉलीफाई होने वाले छात्र देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित कई अन्य विश्वविद्यालयों के अंडर ग्रैजुएट कोर्सेज़ में दाख़िला ले सकते हैं.
मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की
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दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन सत्येंद्र जैन की मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत याचिका खारिज कर दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ ये मामला प्रवर्तन निदेशालय ने दर्ज किया है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि वो एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं.
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सत्येंद्र जैन को पिछले साल 30 मई को ईडी ने गिरफ़्तार किया था और उन पर चार कंपनियों के जरिए पैसे के अवैध लेन-देन का आरोप है. ये कंपनियां उनसे जुड़ी हुई हैं.
जस्टिस दिनेश शर्मा ने सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका के साथ-साथ इस मामले में उनके साथ अन्य सह अभियुक्त वैभव जैन और अंकुश जैन की याचिका भी खारिज कर दी है.
हाई कोर्ट ने कहा कि जमानत याचिका रद्द करने ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले में कुछ भी अवैध नहीं है.
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तीनों अभियुक्तों ने पिछले साल 17 नवंबर के ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.
इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने 21 मार्च को जमानत याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा था.
ईसाई लड़की से बात करने पर मुसलमान युवक के साथ मारपीट
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कर्नाटक के मेंगलुरु में ईसाई समुदाय की एक युवती से बात करने पर एक मुसलमान युवक की पिटाई का मामला सामने आया है.
इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
अंग्रेज़ी अख़बारद हिंदूने इस ख़बर को अपने पन्ने पर जगह दी है.
अख़बार लिखता है कि दक्षिण कन्नड पुलिस ने ईसाई समुदाय की एक लड़की से बात करने पर एक युवक को कथित तौर पर पीटने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. यह घटना मंगलवार को बेलतांगड़ी तालुका के उजिरे नाम की एक जगह के पास हुई थी.
क़तर में क़ैद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों की रिहाई कब, कांग्रेस ने किया पीएम मोदी से सवाल
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पिछले साल क़तर में गिरफ़्तार किए गए भारतीय नौसेना के आठ अधिकारियों के अब तक न छूटने पर कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार से सवाल किए हैं.
कांग्रेस पार्टी के मीडिया सचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने इस बारे में एक बयान जारी किया है और तंज़ करते हुए ये भी पूछा है कि क़तर से "मोदानी" के विशेष संबंध होने के बावजूद अब तक ये पूर्व नौसेना अधिकारी क्यों नहीं छूट पाए हैं.
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जयराम रमेश ने इस बयान में लिखा है, "सात महीने पहले, 30 अगस्त 2022 को क़तर के अधिकारियों ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को गिरफ़्तार किया था, जो क़तर नौसेना को ट्रेनिंग देने के कार्य में शामिल थे. आठों को कथित तौर पर एकांत कारावास में रखा गया है. भारत सरकार को न तो गिरफ़्तारियों की सूचना दी गई और न ही इनके ख़िलाफ़ आरोपों के बारे में कोई जानकारी दी गई."
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उन्होंने लिखा है, "मोदी सरकार ने भारत-क़तर संबंधों में काफ़ी इनवेस्ट किया है. भारत क़तर का तीसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है. क़तर में सात लाख प्रवासी भारतीय हैं.पीएम मोदी ने 2016 में दोहा, क़तर का दौरा किया था. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी द्विपक्षीय संबंधों में काफ़ी इनवेस्ट किया है. उन्होंने पिछले तीन सालों में क़तर की चार यात्राएं की हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी नियमित रूप से वहां की यात्रा करने के लिए जाने जाते हैं."
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उन्होंने सवाल किया कि भारत सरकार अभी भी इस मामले में तथ्यों का पता लगाने या नौसेना के पूर्व कर्मियों और उनके परिवारों को न्याय के लिए आश्वस्त करने में असमर्थ क्यों है?
जयराम रमेश ने गौतम अदानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ज़िक्र करते हुए कहा, "क्या प्रधानमंत्री इस वजह से क़तर पर दबाव बनाने में उत्साह नहीं दिखा रहे हैं क्योंकि क़तर का सॉवरेन वेल्थ फ़ंड अदानी इलेक्ट्रिसिटी. मुंबई में एक प्रमुख निवेशक हैं? कांग्रेस पार्टी सरकार से आग्रह करती है वो भारत के परिवारों और लोगों को बताए कि हमारे पूर्व सैन्य कर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है."
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रूस ने अपनी नई विदेश नीति में भारत के लिए जो कहा, उसके मायने क्या हैं?
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रूस ने पिछले सप्ताह जारी किए अपने विदेश नीति दस्तावेज़ में भारत और चीन को अहम जगह दी है.
रूस ने अपनी नई विदेश नीति में ब्रिक्स, एससीओ (शंघाई कोऑपरेशन आर्गेनाइज़ेशन), सीएसटीओ (कलेक्टिव सिक्यॉरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाइज़ेशन) और आरआईसी (रूस, भारत, चीन) जैसे संगठनों की क्षमता और भूमिका बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया है.
रूस ने कहा है कि वह भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करेगा और ख़ासतौर पर द्विपक्षीय कारोबार बढ़ाने पर ज़ोर देगा.
पिछले सप्ताह ही शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन की दिल्ली में हुई बैठक में शामिल होने आए रूस की ताक़तवर सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पात्रुशेव ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की थी.
पीएम मोदी ने स्थापना दिवस पर बीजेपी को बताया- 'लोकतंत्र की कोख से जन्मी पार्टी'
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भारतीय जनता पार्टी के 44वें स्थापना दिवस के मौके पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि नफ़रत से भरे लोग हताशा में जी रहे हैं और खुलेआम कहने लगे हैं, "मोदी तेरी कब्र खुदेगी."
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि उन्होंने (विपक्ष) कभी ये सोचा नहीं था कि अनुच्छेद 370 एक दिन इतिहास बन जाएगा. वो बीजेपी के किए कामों को पचा नहीं पा रहे हैं. आज, वो इतने हताश हो गए हैं कि अब खुलेआम कह रहे हैं "मोदी तेरी कब्र खुदेगी."
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पीएम मोदी ने कहा कि समाजिक न्याय के नाम पर कई राजनीतिक पार्टियों ने देश के साथ खिलवाड़ किया. उन्होंने जनता नहीं बल्कि अपने परिवारों का कल्याण सुनिश्चित किया.
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की कोख़ से जन्म लिया...ये लोकतंत्र के अमृत से पोषित है और भाजपा देश के लोकतंत्र और संविधान को मज़बूत करते हुए समर्पण भाव से दिन-रात देश के लिए काम कर रही है.
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हनुमान जयंती का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "जब हनुमान जी को राक्षसों का सामना करना पड़ा था तो वो उतने ही कठोर भी हो गए थे. इसी प्रकार से जब भ्रष्टाचार की बात आती है, जब परिवारवाद की बात आती है, कानून व्यवस्था की बात आती है तो भाजपा उतनी ही संकल्पबद्ध हो जाती है..."
PBKSvsRR में कांटे की टक्कर और 22 साल के दो युवा विकेट कीपरों का 'इम्पैक्ट'
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31 मार्च को शुरू हुए आईपीएल 2023 का यह सबसे रोमांचक मैच था.
इस बेहद क़रीबी मुक़ाबले का फ़ैसला आख़िरी ओवर में हुआ और जीत का अंतर केवल पाँच रन रहा.
पंजाब किंग्स ने पहले खेलते हुए 197 रन बनाए तो जवाब में राजस्थान की टीम 192 रन बनाने में कामयाब रही.
पंजाब किंग्स के बल्लेबाज़ शुरू से लेकर अंत तक क़रीब 10 रन के औसत से खेलते रहे तो संजू सैमसन की टीम ने भी अपने दूसरे घरेलू मैदान (गुवाहाटी) पर लक्ष्य का पीछा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
पद्मश्री पाने वाले कर्नाटक के रशीद अहमद कादरी बोले- पीएम ने मुझे ग़लत साबित किया
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बुधवार को पद्मश्री पुरस्कार पाने वाले कर्नाटक के बीदरी कारीगर शाह रशीद अहमद कादरी ने पीएम मोदी से कहा है कि उनका ये सोचना ग़लत था कि बीजेपी सरकार उन्हें प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से सम्मानित नहीं करेगी.
पुरस्कार समारोह के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कादरी ने कहा कि वो बीते 10 सालों से इस पुरस्कार को पाने का इंतज़ार कर रहे थे.
शाह रशीद कादरी ने कहा, "इस अवॉर्ड के लिए मैंने 10 साल से कोशिश की. हर साल मेरा 12 हज़ार का खर्चा आता था. पाँच साल तक किया, फिर बीजेपी सरकार आ गई. फिर मैंने ये सोच के कोशिश छोड़ दी कि बीजेपी सरकार मुसलमानों को कुछ नहीं देती. मगर मोदी जी ने मुझे चुनकर मुझे ग़लत साबित कर दिया. मैं मोदी जी का, अमित शाह का शुक्रिया अदा करता हूं."
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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रशीद कादरी से जब पीएम मोदी ने हाथ मिलाया तब भी उन्होंने यही बातें कहीं.
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ब्याज दरों के बढ़ने का सिलसिला रुका, रिज़र्व बैंक ने उठाया ये क़दम
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बढ़ती महंगाई के बीच ईएमआई चुकाने वालों को आरबीआई ने कुछ राहत दी है.
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में पहली मौद्रिक नीति का एलान कर दिया है और इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
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इसस पहले मई 2022 के बाद से आरबीआई लगातार रेपो रेट में वृद्धि कर रहा था.
कोरोना महामारी के दौरान रेपो दर में कोई बदलाव नहीं हुआ था लेकिन मई 2022 में बढ़ोतरी शुरू हुई थी. इसके बाद लगातार छह बार रेपो दर बढ़ाई गई थी.
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आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि दुनियाभर में बैंकों के नाकाम होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था चुनौतियों का सामना कर रही है. उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में महंगाई दर 5.2 फ़ीसदी रहने का अनुमान है.
वहीं, अर्थव्यवस्था 7 फ़ीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में बढ़ते जा रहे कोरोना के नए मामले, आज के आँकड़े से और बढ़ी चिंता
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भारत में एक बार फिर से कोरोना के मामलों में बड़ी वृद्धि हुई है. पिछले 24 घंटे में देशभर में 5 हज़ार 335 नए कोविड केस दर्ज किए गए हैं.
अब देश में कोरोना के एक्टिव मामले बढ़कर 25 हज़ार 587 तक पहुंच गए हैं.
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इससे पहले बुधवार को देशभर में कोरोना के 4,435 मामले आए थे, जो पिछले साल 25 सितंबर के बाद से सबसे ज़्यादा थे.
कुल एक्टिव मामलों में सबसे ज़्यादा (8,229) केरल में है. इसके बाद दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है जहाँ कोरोना के 3,874 मरीज़ इलाज करवा रहे हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते एक दिन में कोरोना से 6 लोगों की मौत भी हुई है. इस दौरान कुल 2,826 कोरोना मरीज़ स्वस्थ हुए हैं.
जयराम रमेश ने सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता से सिंधिया परिवार को घेरा, मिला यह जवाब
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कांग्रेस के मीडिया प्रभारी और सांसद जयराम रमेश और बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच ट्विटर पर ज़ुबानी जंग छिड़ गई.
दरअसल, जयराम रमेश ने कांग्रेस छोड़कर गए ग़ुलाम नबी आज़ाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा था और लिखा था कि ये दोनों अपना असल चरित्र अब दिखा रहे हैं.
जयराम रमेश ने लिखा, "ग़ुलाम नबी आज़ाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों ही कांग्रेस सिस्टम और पार्टी नेतृत्व के बड़े लाभभोगी रहे हैं. लेकिन अब हर गुज़रते दिन के साथ, वे प्रमाण देते हैं कि इस उदारता के वे योग्य नहीं थे. वे अपना असली चरित्र दिखा रहे हैं, जिसे उन्होंने इतने लंबे समय तक छुपा कर रखा था."
कांग्रेस सांसद की इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की मर्यादा और विचारधारा पर सवाल उठाए.
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ट्वीट किया, "मुंह में राम बगल में छुरी! आपके ऐसे वक्तव्य साफ़ दर्शाते हैं कि कितनी मर्यादा और विचारधारा कांग्रेस में बची है. वैसे भी आप केवल स्वयं के प्रति समर्पित हैं, इसी से आपकी राजनीति जीवित है. मैं और मेरा परिवार हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहे हैं."
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इससे पहले बुधवार को ग़ुलाम नबी आज़ाद ने एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में ये कहा था कि राहुल गांधी की वजह से वो और कई नेता आज कांग्रेस पार्टी छोड़ चुके हैं. आज़ाद ने ये भी कहा कि कांग्रेस पार्टी में बने रहने के लिए 'बिना रीढ़' के होना ज़रूरी है.
इसके बाद जयराम रमेश ने एक ख़बर को शेयर करते हुए फिर से ट्वीट किया और लिखा, "क्या वह झांसी की रानी पर रानी सुभद्रा कुमारी चौहान की अमर कविता भूल गए हैं? अंग्रेज़ों के मित्र सिंधिया ने छोड़ी राजधानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी."
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इस पर जवाब देते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जवाहरलाल नेहरू की 'ग्लिम्पसेस ऑफ़ वर्ल्ड हिस्ट्री' किताब का एक अंश साझा किया और साथ में लिखा, "कविताएं कम और इतिहास ज़्यादा पढ़ें."
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किताब के जिस अंश को सिंधिया ने ट्वीट किया है उसके मुताबिक़, "उन्होंने (मराठा) दिल्ली साम्राज्य को जीता, मराठा ब्रिटिश वर्चस्व को चुनौती देने के लिए बने रहे, लेकिन मराठा शक्ति ग्वालियर के महादजी सिंधिया के निधन के बाद कई हिस्सों में बंट गई. मराठों ने 1782 में दक्षिण में अंग्रेज़ों को हराया. उत्तर में ग्वालियर के सिंधिया का प्रभुत्व था और दिल्ली के ग़रीब असहाय सम्राट को नियंत्रित किया."