पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया है कि दक्षिणपंथी संगठनों के साथ मिलकर बीजेपी ने हावड़ा में राम नवमी के मौके पर हिंसा फैलाई.
उन्होंने से लोगों ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की.
समाचार चैनल एबीपी आनंदा से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हावड़ा में जो हुआ, वो दुखद है. हावड़ा में हिंसा के पीछे न हिंदू थे न मुसलमान. बंजरंग दल जैसे संगठनों के साथ बीजेपी हिंसा में शामिल थी."
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "वे सांप्रदायिक दंगों को अंजाम देने के लिए राज्य के बाहर से गुंडे बुलाते रहे हैं. उनकी शोभायात्रा को किसी ने नहीं रोका लेकिन उन्हें तलवारें और बुलडोजर लेकर मार्च करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने मार्ग क्यों बदल दिया और अनधिकृत मार्ग को विशेष रूप से एक समुदाय पर हमला करने के लिए क्यों चुना?"
उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित लोगों की राज्य सरकार से मदद करेगी.
उन्होंने कहा, "31 लोगों को गुरुवार को हावड़ा में हुई हिंसा के लिए गिरफ़्तार किया गया है."
पुलिस के मुताबिक़, रामनवमी के दिन दो गुटों में टकराव के बाद कई गाड़ियों में आग लगा दी गई थी और दुकानों को लूटा गया था.
काज़ीपारा इलाके में, जहां राम नवमी पर हिंसा हुई थी. शुक्रवार को वहां शांति थी. वहां भारी संख्य में पुलिस बल मौजूद था.
वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी देश को शर्मसार कर रही हैं.
उन्होंने कहा, "केवल हावड़ा नहीं पूरे बंगाल में भय का वातावरण बना हुआ था. ममता बनर्जी जो भाषण दे रही थीं, वो देश को शर्मसार करने वाला है. तुष्टीकरण की हद है."
"जिस समय उनका बयान आया उसके बाद ही आगजनी की ख़बरे शुरू हुई. बंगाल में ममता बनर्जी ने ऐसा माहौल बना दिया है जैसे इस्लामिक स्टेट हो."
इससे पहले गुरुवार की हिंसा के लिए बीजेपी ने ममता बनर्जी को ज़िम्मेदार बताया था.
बीजेपी प्रवक्ता अमित मालवीय ने कहा, "हिंदू भावनाओं को आहत करते हुए, ममता बनर्जी ने राम नवमी पर धरना दिया, फिर हिंदुओं को मुस्लिम क्षेत्रों से बचने की चेतावनी दी, क्योंकि रमज़ान चल रहा है, ये भूलकर कि हिंदू भी नवरात्र के उपवास कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल की गृह मंत्री के रूप में वह हावड़ा हिंसा के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं."