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राहुल गांधी की संसद सदस्यता जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर जुटे विपक्षी दलों के नेता

राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी को लेकर खुद गाड़ी चलाते हुए वहां पहुंचे.

लाइव कवरेज

विकास त्रिवेदी and चंदन शर्मा

  1. इसराइलः न्यायिक सुधार के विरोध में ट्रेड यूनियन ने बुलाई हड़ताल, तेल अवीव में थमी उड़ानें

    इसराइल में प्रस्तावित न्यायिक सुधार के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन तेज हो गया है. ऐसे में प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू पहले से तय सार्वजनिक बयान देने में देरी कर रहे हैं.

    राष्ट्रपति आइजक हरज़ोग ने यह कहते हुए पीएम नेतन्याहू से इस कानून को टालने का अनुरोध किया है कि इसके कारण इसराइली नागरिकों की एकता खतरे में पड़ गई है.

    ये भी दावा किया जा रहा है कि कि विवादास्पद कानून का भारी विरोध देखते हुए पीएम नेतन्याहू इसे टाल देंगे.

    हालांकि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पीएम नेतन्याहू यदि यह सुधार रोकने का फैसला करते हैं तो उन्हें अपने गठबंधन के धुर दक्षिणपंथी सहयोगियों की बगावत का सामना करना पड़ सकता है.

    इस बीच उनके सहयोगी और देश के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-गिवीर ने मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार से अनुरोध किया है कि वह ‘अराजकता के सामने समर्पण’ न करे.

    देश की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन ने बुलाई हड़ताल

    उधर, इसराइल की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन के प्रमुख ने तत्काल प्रभाव से आम हड़ताल की अपील की है.

    इसके कारण तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट से विमानों का प्रस्थान अगली सूचना तक रोक दिया गया है.

    स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेड यूनियन की हड़ताल को अब मेडिकल एसोसिएशन और स्थानीय प्रशासन के महासंघ ने भी अपना समर्थन दे दिया है.

    रक्षा मंत्री को हटाने के बाद तेज़ हुआ प्रदर्शन

    प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रविवार को अपने रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के मंत्रिमंडल से हटाने के बाद सड़कों पर हज़ारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

    योआव गैलेंट ने न्याय व्यवस्था से जुड़े बदलावों का विरोध किया था. इसराइल में बीते कुछ वक़्त से इन बदलावों का विरोध हो रहा है.

    यरूशलम में पुलिस और सेना ने नेतन्याहू के आवास के पास प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन यानी पानी की तेज़ बौछारों का इस्तेमाल किया.

  2. राहुल गांधी के सावरकर पर बयान को लेकर बीजेपी सांसदों का प्रदर्शन

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सावरकर पर दिए बयान को लेकर बीजेपी सांसदों ने आज (सोमवार को) संसद परिसर में प्रदर्शन किया.

    बीजेपी नेता सावरकर की तस्वीर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इन तख्तियों पर लिखा था, 'वीर सावरकर का अपमान बंद करो'

    प्रदर्शन में बीजेपी के महाराष्ट्र से आने वाले सांसदों ने हिस्सा लिया.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वो 'सावरकर नहीं गांधी हैं और गांधी माफी नहीं मांगते.'

    राहुल गांधी के इस बयान को शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता भी ग़लत बता रहे हैं.

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रविवार को उद्धव ठाकरे ने कहा कि वो सावरकर की आलोचना स्वीकार नहीं करेंगे.

    पार्टी नेता संजय राउत ने भी सोमवार को राहुल गांधी के बयान को ग़लत बताया.

    संजय राउत ने कहा, “ये बयान ग़लत है. सावरकर जी हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं. महाराष्ट्र में हम लड़ाई कर रहे हैं, उसमें हमारी प्रेरणा के स्रोत शिवाजी और वीर सावरकर जी हैं.”

  3. वीमेंस प्रीमियर लीग के कामयाब आयोजन के बाद भी कुछ सवाल हैं

    रविवार को मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेले गए फ़ाइनल और मुंबई इंडियंस की ख़िताबी जीत के साथ ही भारतीय क्रिकेट की पहली वीमेंस प्रीमियर लीग का समापन हुआ.

    31 मार्च से इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत हो रही है. ऐसे समय में वीमेंस प्रीमियर लीग के आकलन का यह सबसे अच्छा समय है.

    सबसे पहले, महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और लोगों की दिलचस्पी और बाज़ार में इसकी जगह को लेकर जितनी भी शंकाएं थीं, वो समाप्त हो चुकी हैं.

    रविवार को खेले गए फ़ाइनल मुक़ाबले से पहले प्री मैच शो में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और अब कमेंटेटर मेलाने जोंस ने ब्रेबोर्न स्टेडियम में लोगों के उत्साह को देखते हुए इसे 'वर्ल्ड कप जैसी अनुभूति' वाला पल बताया.

  4. लंबे समय बाद चीन लौटे अरबपति कारोबारी जैक मा

    लंबे समय से लोगों की नज़रों से दूर रहे चीनी कंपनी अलीबाबा के संस्थापक जैक मा हांगझोऊ के स्कूल में दिखाई दिए हैं.

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, जैक मा हाल में चीन लौटे हैं. वो एक साल से ज़्यादा वक़्त से विदेश में थे. इस अख़बार का स्वामित्व जैक मा की कंपनी अलीबाबा के पास है.

    58 साल के जैक मा ने 2020 में चीन के आर्थिक नियामकों की आलोचना की थी. उसके बाद से वो सार्वजनिक तौर पर कम ही नज़र आए हैं.

    टेक उद्यमियों के ख़िलाफ़ अभियान के बाद ग़ायब हो जाने वाले लोगों में जैक मा सबसे हाई प्रोफ़ाइल अरबपति थे.

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़, वो कुछ वक़्त के लिए हॉन्ग कॉन्ग में रुके जहां वो दोस्तों से मिले. वो इंटरनेशनल आर्ट फेयर में भी गए.

    अख़बार ने ये भी बताया है कि जैक मा खेती की तकनीक की जानकारी लेने के लिए अलग-अलग देशों का दौरा कर रहे थे लेकिन अख़बार ने इस बारे में जानकारी नहीं दी है कि वो हालिया सालों में लोगों की नज़रों से दूर क्यों रहे.

    जैक मा किसी वक़्त चीन के सबसे अमीर व्यक्ति थे. इस साल जनवरी में उन्होंने टैक जायंट एंट ग्रुप पर से अधिकार छोड़ दिया था.

  5. म्यांमार सेना प्रमुख ने कहा- हमारे विरोधी आतंकवादी, कुचल डालेंगे

    म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग लाइंग ने कहा है कि जो गुट उनकी सत्ता से संघर्ष में जुटे हैं वो आतंकवादी हैं.

    उन्होंने कहा है कि इन गुटों के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी.

    सेना की सालाना परेड में मिन आंग लाइंग ने कहा, ''जो देश मानवाधिकारों के मुद्दे और 2021 में हुए तख्ता पलट पर हमारी आलोचना कर रहे हैं वो सब आतंकवाद के समर्थक हैं.''

    इस परेड में शामिल हुई कई सैन्य टुकड़ियों पर नरसंहार करने के आरोप भी हैं.

    ये परेड सेना की स्थापना की सालगिरह पर आयोजित होती है. म्यांमार की सेना दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान 1945 में जापान का मुक़ाबला करने के लिए बनाई गई थी.

    आंग लाइंग 2021 में सत्ता में आए थे. सेना के सत्ता में आने के बाद से देश में गृह युद्ध की स्थिति है. इस संघर्ष में अब तक हज़ारों लोगों की जान गई है और लाखों लोगों को बेघर होना पड़ा है.

    जनरल मिन आंग लाइंग ने कहा, ''जो लोग सत्ता का विरोध करेंगे, म्यांमार की सेनाएं उनके ख़िलाफ़ जंग जारी रखेंगी चाहे कुछ भी हो जाए.''

    लाइंग ने म्यांमार में चुनाव कराए जाने की बात भी कही. लाइंग ने कहा, ''चुनाव करवाए जाएंगे और जीतने वाली पार्टी को सत्ता सौंप दी जाएगी.''

    हालांकि म्यांमार में जारी संघर्ष को देखते हुए ये साफ़ नहीं है कि देश में कब चुनाव होंगे.

    नरसंहार के आरोपों को झेल रही म्यांमार की सेना पर हाल ही में अमेरिका ने फिर प्रतिबंध लगाए थे. हालांकि म्यांमार को रूस और चीन जैसे देशों को साथ मिलता रहा है.

    सेना की परेड के दौरान भी रूस, चीन के अधिकारी मौजूद थे. साथ ही रूस और चीन से लिए गए हथियारों को भी परेड में प्रदर्शित किया गया था.

  6. शिवसेना नेता संजय राउत बोले- बीजेपी 'डरपोक' पार्टी, अब है हमारी लहर

    शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने बीजेपी को ‘डरपोक‘ पार्टी बताया है.

    राउत ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, “बीजेपी एक डरपोक पार्टी है. उनमें सामने आकर लड़ने की हिम्मत नहीं है. ईडी, सीबीआई उनके हथियार हैं.”

    उन्होंने कहा, “हम कहते हैं कि सामने आकर लड़ाई करो. महाभारत का युद्ध कौरव और पांडवों का एक बार फिर हो जाएगा.”

    संजय राउत ने दावा किया कि देश में अब मोदी लहर का कोई असर नहीं है और साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र की सत्ता में बदलाव होना तय है.

    उन्होंने कहा, “लहर वहर कुछ नहीं, अब हमारी लहर है.”

    उर्दू को लेकर क्या बोले?

    शिवसेना की रैली में उर्दू बैनर के इस्तेमाल पर पूछे गए सवाल पर संजय राउत ने कहा, “उर्दू इस देश की भाषा है और रहेगी. सरकार ने उर्दू पर बैन नहीं लगाया है.”

    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा था कि उद्धव ठाकरे की मालेगांव रैली के पहले उर्दू में लिखे बैनर लगाए गए थे.

    उन्होंने कहा, “हम किसी धर्म के ख़िलाफ़ नहीं हैं. हम उर्दू भाषा के ख़िलाफ़ भी नहीं हैं. हमारा विरोध सिर्फ़ उन लोगों से है जो इस तरह से दूसरों को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं.”

    इस बारे में पूछे गए सवाल पर संजय राउत ने कहा, “न हमने हिंदुओं को छोड़ा है. न हिंदुओं ने हमें छोड़ा है.”

    राहुल गांधी के सावरकर पर बयान को ग़लत बताया

    संजय राउत से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान के बारे में भी सवाल हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो सावरकर नहीं गांधी हैं और गांधी माफ़ी नहीं मांगते.

    संजय राउत ने कहा, “ये बयान ग़लत है. सावरकर जी हमारे लिए प्रेरणास्रोत्र हैं. महाराष्ट्र में हम लड़ाई कर रहे हैं, उसमें हमारी प्रेरणा के स्रोत शिवाजी और वीर सावरकर जी हैं.”

    इसके पहले उद्धव ठाकरे भी राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठा चुके हैं.

  7. प्रियंका गांधी के आक्रामक तेवर से मुश्किल में फंसी कांग्रेस की नैया पार लग पाएगी?

    राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने के बाद प्रियंका गांधी सामने आकर खुले मंच से केंद्र की मोदी सरकार को चुनौती दे रही हैं. प्रियंका गांधी क्या कांग्रेस को फिर से सत्ता दिला पाएंगी, क्या कहते हैं राजनीति के जानकार?

  8. पाकिस्तान के गृह मंत्री बोले- इमरान ने राजनीति को दुश्मनी में बदला, अब वो नहीं या हम नहीं

    पाकिस्तान के गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने राजनीति को ‘दुश्मनी‘ में बदल दिया है.

    राना सनाउल्लाह के मुताबिक़, पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ़ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान ख़ान स्थिति को ‘उस हद तक ले गए हैं, जहां या तो वो रहेंगे या हम.’

    एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान के गृह मंत्री ने इमरान ख़ान को आगाह किया कि उनकी सत्ताधारी पार्टी अपने अस्तित्व को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएगी.

    उन्होंने इमरान ख़ान को अपनी पार्टी का ‘दुश्मन’ बताते हुए कहा कि उनसे भी ‘उसी तरह का बर्ताव किया जाएगा.’

    राना सनाउल्लाह ने कहा कि सत्ताधारी पीएमएल- एन को लगता है कि उनका अस्तित्व ख़तरे में है और वो अपने प्रमुख विरोधी के ख़िलाफ़ किसी भी हद तक जाएगी.

    पीटीआई नेता असद उमर ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी. असद ने कहा, ''कोर्ट को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए.''

    कोर्ट में इमरान ख़ान की पेशी

    इमरान ख़ान पर बीते साल नवंबर में पंजाब के वज़ीराबाद में हमला हुआ था. तब उन्होंने राना सनाउल्लाह पर आरोप लगाया था. उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और कई अधिकारियों पर भी आरोप लगाए थे.

    सनाउल्लाह ने कहा कि इमरान ख़ान के बयानों की वजह से दोनों पार्टियों को समर्थकों के बीच मतभेद पैदा हो रहे हैं.

    पाकिस्तान के अख़बार डॉन ने उनके हवाले से लिखा है, “(एक दूसरे के समर्थकों के जरिए) या तो वो या हम मारे जा सकते हैं.”

    क्या ऐसे बयानों से पाकिस्तान में अराजकता की स्थिति बन सकती है, इस सवाल पर गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान में पहले से ही अराजकता की स्थिति है.

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को आज (सोमवार को) इस्लामाबाद हाई कोर्ट में पेश होना है. वो लाहौर से इस्लामाबाद जा रहे हैं.

  9. राहुल गांधी के मुद्दे पर कांग्रेस का 'ब्लैक प्रोटेस्ट', ममता बनर्जी का मिला साथ

    राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द किए जाने के मामले में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है.

    सोमवार को संसद में कांग्रेस के विरोध के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने के एक मिनट के भीतर ही स्थगित कर दी गई.

    लोकसभा में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई थी, कांग्रेस सांसद नारे लगाते हुए स्पीकर की कुर्सी के पास जा पहुंचे थे. कुछ नेता हाथ में रखे क़ाग़ज़ के टुकड़ों को भी स्पीकर की ओर फेंकते दिखाई दिए.

    सोमवार को कांग्रेस नेता और सांसद काले रंग के कपड़े पहनकर अपना विरोध जता रहे हैं.

    कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी काले रंग के कपड़ों में दिखीं.

    देश के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली में कांग्रेस संसद से विजय चौक तक मार्च कर रही है.

    अब तक विपक्षी एकजुटता के मामले में ममता बनर्जी की टीएमसी कांग्रेस से दूरी बनाती दिखी है. मगर राहुल गांधी को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में कांग्रेस को टीएमसी का साथ मिल रहा है.

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''लोकतंत्र की रक्षा के लिए जो भी आगे आता है, हम उसका स्वागत करते हैं.''

    राहुल गांधी के मामले पर विपक्षी दलों की हुई बैठक में डीएमके, सपा, जेडीयू, बीआरएस, सीपीआई (एम), आरजेडी, एनसीपी, सीपीआई, आईयूएमएल, एमडीएमके, केरल कांग्रेस, शिवसेना और टीएमसी जैसे दलों के नेता शामिल हुए.

    कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ''तानाशाह सरकार के ख़िलाफ़ हम आवाज़ बुलंद करते रहेंगे. अदानी महाघोटाले पर सवाल पूछते रहेंगे.''

    खड़गे ने कहा, ''इससे पहले ऐसी चीज़ें कभी नहीं हुईं. मोदी सरकार ने स्पीकर को बोलकर मिनटों में राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई ताकि राहुल गांधी अदानी के मुद्दे पर ना बोल पाएं.''

    केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के सावरकर पर निशाना साधने पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

    अनुराग ठाकुर ने कहा, ''राहुल गांधी कभी सावरकर नहीं हो सकते. राहुल गांधी विदेश घूमने नहीं जाते थे. वो देश के लिए समर्पित थे. राहुल गांधी, कम से कम इंदिरा गांधी और नेहरू की इज़्ज़त तो बचा लेते. इंदिरा गांधी ने पत्र लिखकर सावरकर के योगदान का ज़िक्र किया था.''

  10. प्रयागराज लाए जा रहे अतीक़ अहमद क्यों बोले- काहे का डर?

    यूपी के बाहुबली नेता रहे अतीक़ अहमद को साबरमती से प्रयागराज लाया जा रहा है.

    सोमवार शाम तक अतीक़ अहमद के प्रयागराज पहुंचने की उम्मीद है. ख़बर लिखे जाते वक़्त अतीक़ अहमद झांसी पहुंच चुके थे.

    तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि अतीक़ अहमद के साथ पुलिस का लंबा काफ़िला चल रहा है और इस लंबे सफ़र में अतीक़ अहमद के साथ-साथ मीडिया चैनलों की गाड़ियां भी पीछे-पीछे चल रही हैं.

    सफ़र में एक जगह जब अतीक़ को गाड़ी से उतारा जा रहा था, तब पत्रकारों ने सवाल पूछा- अतीक़ क्या आपको डर लग रहा है?

    इस पर अतीक़ जवाब देते हैं - काहे का डर?

    पुलिस के काफ़िले के साथ-साथ अतीक़ अहमद का परिवार भी चल रहा है.

    एक निजी चैनल ने इस सफ़र के दौरान अतीक़ की बड़ी बहन से बात की.

    अतीक़ की बहन ने कहा, ''हमारे बड़े भाई हैं तो हम उनके साथ चल रहे हैं. उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है. सड़क से लाने लायक उनकी हालत नहीं थी. अब सड़क से ला रहे हैं.''

    एनकाउंटर की आशंका पर निजी चैनलों ने जब सवाल पूछा तो अतीक अहमद की बहन बोलीं, ''हां हमें लगता है कि एनकाउंटर हो सकता है. हमने प्रेस में भी ये बात कही थी. एनकाउंटर की आशंका है. हम गुजरात से ही काफ़िले के पीछे आ रहे हैं.''

    समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में अतीक़ की बहन आएशा नूरी ने कहा, ''अदालत जाकर जो फ़ैसला आएगा, वो हमें स्वीकार है. हमें सिर्फ़ सुरक्षा की चिंता है.''

    अतीक़ अहमद के वकील विजय मिश्रा ने कहा, ‘’अदालत से जो भी फ़ैसला होगा, वो हमें स्वीकार होगा. अगर न्याय नहीं मिला तो हम हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे.’’

    प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि एक पुराने अपहरण के मुकदमे में कोर्ट के आदेश के बाद सभी अभियुक्तों को जेल से न्यायालय के सामने पेश करना है.

    इसी प्रक्रिया के तहत इस केस से संबंधित सभी अभियुक्तों को 28 मार्च को कोर्ट के सामने पेश किया जाना है.

    प्रयागराज के जेल अधीक्षक आनंद कुमार ने बताया है कि अतीक़ को इलाहाबाद जेल के एक हाई सिक्योरिटी बैरक में अकेले रखा जाएगा.

    अतीक़ की सेल में सीसीटीवी कैमरा होगा. जेल कर्मचारियों को उनके रिकॉर्ड के आधार पर चुना और तैनात किया जाएगा. उनके पास बॉडी कैमरे भी होंगे.

  11. बीजेपी सांसद-विधायक के साथ मंच पर दिखे बिलकिस बानो गैंगरेप के दोषी

    बिलकिस बानो गैंगरेप केस में जेल से रिहा हुए 11 दोषियों में से एक शैलेश भट्ट फिर चर्चा में हैं.

    शैलेश भट्ट गुजरात सरकार के एक कार्यक्रम में मंच पर हाल ही में दिखाई दिए. शैलेश भट्ट जब मंच पर थे, तब उनके साथ बीजेपी सांसद जसवंत सिंह भाभोर और विधायक शैलेश भाभोर भी मौजूद थे.

    ये कार्यक्रम शनिवार को दाहोद में हुआ था.

    सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरों में देखा जा सकता है कि शैलेश मंच में आगे की कतार में ही बैठे हुए हैं. मंच के पीछे जो बैनर लगा हुआ है, उसमें पीएम मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की तस्वीर लगी हुई है.

    बीबीसी गुजराती के स्थानीय पत्रकार दक्षेश शाह ने बताया कि बिलकिस गैंगरेप केस के दोषी शैलेश भट्ट जेल से निकलने के बाद से ही इलाक़े में चर्चा में रहते हैं.

    द इंडियन एक्सप्रेस से शैलेश भट्ट ने कहा, ''ये एक पब्लिक इवेंट था जिसमें मैं शामिल हुआ था. इसके अलावा मुझे कुछ नहीं कहना.''

    हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में विधायक शैलेश भाभोर का बयान छापा गया है. इस बयान के मुताबिक़, विधायक ने कहा, ''मैं कार्यक्रम में इतना व्यस्त था कि जान नहीं पाया कि मंच पर कौन बैठा है. चाहे फिर वो शैलेश भट्ट हों या कोई और.

    दाहोद प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें नहीं मालूम कि शैलेश भट्ट को किसने कार्यक्रम में बुलाया था.

    इस कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं.

    टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, ''बिलकिस बानो के बलात्कारी गुजरात बीजेपी सांसद और विधायक के साथ मंच साझा कर रहे हैं. मैं इन दैत्यों को फिर से जेल में देखना चाहती हूं. ये बेरहम सरकार जो इंसाफ़ का मज़ाक उड़ाती है, मैं चाहती हूं कि ये सत्ता से बाहर हो. मैं चाहती हूं कि भारत अपने नैतिक मूल्यों को फिर से हासिल करे.''

    बीते साल अगस्त में बिलकिस बानो गैंगरेप के 11 दोषियों को रिहा कर दिया गया था.

    ये 11 लोग साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में उम्र-क़ैद की सज़ा काट रहे थे और गोधरा जेल में बंद थे.

    गुजरात सरकार ने ये फ़ैसला ऐसे समय पर लिया था जब केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जून के महीने में एक चिट्ठी लिखी थी, उसमें ये कहा गया था कि उम्र-कै़द की सज़ा भुगत रहे और बलात्कार के दोषी पाए गए क़ैदियों की सज़ा माफ़ नहीं की जानी चाहिए.

  12. अमेरिका: सिख परेड के दौरान चली गोलियां, दो सिख गंभीर रूप से ज़ख़्मी

      • Author, रविंदर सिंह रॉबिन
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    अमेरिका के कैलिफॉर्निया प्रांत की राजधानी सेकरामेंटो में रविवार दोपहर एक गुरुद्वारे में दो सिखों को गोली मारे जाने की घटना सामने आई है.

    इन दोनों लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, स्थानीय प्रशासन ने बताया कि ये मामला नफ़रती हिंसा का नहीं है और गोलीबारी जान-पहचान के दो लोगों के बीच हुई है.

    गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपने बयान में बताया, ''इस लड़ाई से गुरुद्वारे का कोई संबंध नहीं है. गुरुद्वारे में जो कीर्तन दरबार चल रहा था वह बहुत शांतिपूर्ण था.''

    ये हमला तब हुआ, जब ब्राडशॉ सिख सोसाइटी की ओर से पहली बार सिख परेड निकाली जा रही थी.

    सिख सोसाइटी के बयान के मुताबिक़, ''परेड शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जा रही थी. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोगों ने एक धार्मिक आयोजन में खलल डालने की कोशिश की. हम उम्मीद करते हैं कि दोषियों को सज़ा मिलेगी. हमला करने वाले परेड का हिस्सा नहीं थे.''

    पुलिस संदिग्ध की तलाश कर रही है.

  13. कोलकाता: सात साल की बच्ची का शव मिलने के बाद तनाव, लोगों ने थाने को घेरा

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    कोलकाता के तिलजला इलाक़े में सात साल की एक बच्ची का शव बोरे में मिला है. इस शव के मिलने के बाद से ही इलाक़े में तनाव का माहौल है.

    ये बच्ची रविवार सुबह से लापता थी.

    प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस को आशंका है कि यौन उत्पीड़न के बाद बच्ची की हत्या की गई है. बच्ची के सिर पर पेचकस जैसी किसी नुकीली चीज़ से चोट के निशान हैं.

    पुलिस ने इस मामले में आलोक कुमार नाम के शख़्स को गिरफ़्तार किया है. ये शख़्स बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है.

    तिलजला थाने के एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, "अभियुक्त ने हत्या की बात कबूल कर ली है."

    मामले में पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में स्थानीय लोगों ने रात भर तिलजला थाने का घेराव किया और पथराव किया. कुछ लोगों ने थाने का गेट तोड़ कर भीतर घुसने का भी प्रयास किया. बाद में पुलिस ने लाठी के ज]रिए भीड़ को तितर-बितर किया.

    बच्ची के पिता ने बताया, "सुबह सात बजे बेटी से कचरा नीचे सड़क पर फेंकने को कहा था. उसके बाद वो इमारत के भीतर भी घुसी. लेकिन तब से उसका कोई पता नहीं चल रहा था."

    बच्ची की तलाश

    बच्ची के गायब होने के बाद लोगों ने उसकी तलाश शुरू की. लोगों का आरोप है कि सुबह नौ बजे थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाए जाने पर पुलिस ने काफ़ी उदासीनता दिखाई थी.

    लोगों ने बताया कि उस इमारत में स्थित एक फ़्लैट के दरवाज़े पहले बंद थे. लेकिन शाम को दरवाज़ा खुला देख कर लोग भीतर गए. रात नौ बजे वहां एक बोरे में रखा शव बरामद किया गया.

    फ़्लैट में रहने वाले 32 साल के आलोक कुमार को गिरफ़्तार कर लिया गया है. स्थानीय लोग पुलिस से उसे अपने सौंपने की मांग कर रहे थे. लेकिन पुलिस उसे भीड़ से बचा कर थाने ले आई. इस घटना की जांच शुरू हो गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने अगर पहले ही सक्रियता दिखाई होती तो बच्ची को बचाया जा सकता था. रात को थाने के सामने हुए हंगामे के बाद से ही इलाक़े में तनाव है. पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है.

  14. किस क्रिकेट खिलाड़ी को मिलेंगे कितने रुपये? BCCI ने बताया

    बीसीसीआई ने साल 2022-23 के लिए खिलाड़ियों के सालाना कॉन्ट्रैक्ट का एलान किया है.

    इस कॉन्ट्रैक्ट में बताया गया है कि कौन-सा खिलाड़ी किस ग्रेड में रहेगा और किसे कितने रुपये मिलेंगे?

    ये कॉन्ट्रैक्ट क्रिकेट की सीनियर पुरुष टीम का है और इसकी मियाद अक्टूबर 2022 से सितंबर 2023 के बीच की है.

    ग्रेड A+ के खिलाड़ियों को सात करोड़ रुपये, ग्रेड A के खिलाड़ियों को पांच करोड़ रुपये, ग्रेड B के खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपये और ग्रेड C के खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

    आगे जानिए किस ग्रेड में हैं कौन से खिलाड़ी?

    ग्रेड A+, सात करोड़ रुपये

    रोहित शर्मा

    विराट कोहली

    जसप्रीत बुमराह

    रवींद्र जडेजा

    ग्रेड A, पांच करोड़ रुपये

    हार्दिक पांड्या

    आर अश्विन

    मोहम्मद शमी

    ऋषभ पंत

    अक्षर पटेल

    ग्रेड B, तीन करोड़ रुपये

    चेतेश्वर पुजारा

    केएल राहुल

    श्रेयस अय्यर

    मोहम्मद सिराज

    सूर्यकुमार यादव

    शुभमन गिल

    ग्रेड C, एक करोड़ रुपये

    उमेश यादव

    शिखर धवन

    शार्दुल ठाकुर

    ईशान किशन

    दीपक हुड्डा

    युजवेंद्र चहल

    कुलदीप यादव

    वॉशिंगटन सुंदर

    संजू सैमसन

    अर्शदीप सिंह

    केएस भरत

  15. इसराइल में नेतन्याहू के ख़िलाफ़ सड़कों पर क्यों उतरे हज़ारों लोग?

    इसराइल में पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू के ख़िलाफ़ सड़कों पर हज़ारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

    ये प्रदर्शन बिन्यामिन नेतन्याहू के अपने रक्षा मंत्री को कैबिनेट से बाहर निकालने के बाद हो रहे हैं.

    योआव गैलेंट ने न्याय व्यवस्था से जुड़े बदलावों का विरोध किया था. इसराइल में बीते कुछ वक़्त से इन बदलावों का विरोध हो रहा है.

    यरूशलम में पुलिस और सेना ने नेतन्याहू के आवास के पास प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन यानी पानी की तेज़ बौछारों का इस्तेमाल किया.

    क़ानून में किए जा रहे ये बदलाव अगर लागू हो गए तो इससे जजों की नियुक्ति पर पूरा अधिकार सरकार के पास चला जाएगा.

    न्याय व्यवस्था में प्रस्तावित सुधारों के लागू होने के बाद इसराइल की संसद के लिए देश के सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को पलटना आसान हो जाएगा.

    आलोचकों का कहना है कि प्रस्तावित बदलाव न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता को कम करेंगे और इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा.

  16. नमस्ते.

    आपका दिन शुभ हो.

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