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कांग्रेस पूरे देश में चलाएगी 'जन आंदोलन'

पूरे देश में चलाए जाने वाला यह आंदोलन सोमवार से शुरू होगा.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and चंदन शर्मा

  1. राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द किए जाने के फ़ैसले पर क्या बोले बीजेपी के नेता

    भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने लोकसभा सचिवालय द्वारा राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द किए जाने के निर्णय को अदालत का फ़ैसला करार दिया है.

    उनका कहना है कि ये कोई राजनीतिक निर्णय नहीं है और क़ानून की नज़र में सब बराबर हैं. केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री एसपीएस बघेल ने लोकसभा सचिवालय के फ़ैसले को 'वैध' करार दिया है.

    उन्होंने बीजेपी के एक एमएलए का जिक्र करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के एक पार्टी विधायक की हाल ही में एक आपराधिक मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई थी.

    संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि फ़ैसला क़ानूनी है और उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस न्यायपालिका पर सवाल उठा रही है.

    उन्होंने कहा, "ये एक क़ानूनी फ़ैसला है और किसी राजनीतिक दल ने ये निर्णय नहीं किया है. ये अदालत का फ़ैसला किया है. कांग्रेस को ये स्पष्ट करना चाहिए कि वो किनका विरोध कर रहे हैं."

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने कहा, "क्या एक पूरे समाज को चोर बोल सकते हैं? क्या कांग्रेस जैसी पार्टी के लिए छोटे समाज और ओबीसी समाज का अपमान करना और माफी भी न मांगना ही अभिव्यक्ति की आज़ादी है. गाली देने में और आलोचना करने में अंतर है. वे (राहुल गांधी) ओबीसी समाज को गाली देने का काम कर रहे थे जिसकी वजह से उन्हें सजा हुई."

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नीमच में कहा, "जो जैसे करता है उसको वैसा परिणाम भोगना पड़ता है, राहुल गांधी ने जो किया उसका परिणाम अब उन्हें भोगना है."

    बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा, "ये कोर्ट का फैसला है और न्यायपालिका के फैसले को स्वीकार करना चाहिए. देश में न्यायालय के सामने सब समान हैं. वे (कांग्रेस) आरोप लगा रहे हैं कि देश में तानाशाही आ गई है. जो लोग भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं वो कह रहे हैं कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे थे. वे कोर्ट के फैसले को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं."

    केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने जम्मू में कहा, "स्पीकर को अधिकार है कि वे ऐसी स्थिति में किसी सांसद को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. सूरत ज़िला अदालत के फैसले के बाद ये निर्णय लेना बहुत जरूरी था, स्पीकर ने उचित फैसला लिया है."

  2. सेफ़्टी पिन: वो छोटा सा 'हथियार' जिसका इस्तेमाल महिलाएं करती हैं यौन उत्पीड़न से लड़ने के लिए

    लगभग सभी महिलाओं ने भीड़-भाड़ वाले इलाके में यौन उत्पीड़न का सामना किया होगा, जब किसी ने उनके सीने पर हाथ रखा हो, चिकोटी काटी हो या फिर कोहनी से उनकी छाती पर मारा हो.

    ऐसे मनचलों पर पलटवार करने के लिए महिलाओं के हाथ जो भी आता है वो उसका इस्तेमाल करती हैं. जैसे उदाहरण के तौर पर कोलकाता में कॉलेज के दिनों में मैं और मेरी दोस्त भीड़भाड़ वाली बसों में और ट्रामों में छतरियों का इस्तेमाल करते थे.

    साल 1849 में इसके अविष्कार के बाद से दुनिया भर की महिलाओं के द्वारा कई कपड़ो का एक साथ पहनने और अचानक कपड़ों के ढ़ीलेपन या किसी तरीके की ख़राबी से निपटने के लिए किया जाता रहा है.

    सेफ़्टी पिन का इस्तेमाल महिलाओं ने अपने उत्पीड़कों के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए किया, यहां तक उन्होंने इसकी मदद से उत्पीड़कों का ख़ून तक निकाल दिया.

  3. राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना मोदी सरकार की प्रतिशोध की नीति: अधीर रंजन चौधरी

    'मोदी सरनेम' पर टिप्पणी करने के मामले में अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई है.

    लोकसभा स्पीकर के इस फ़ैसले पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना मोदी सरकार की प्रतिशोध की नीति का उदाहरण है.

    उन्होंने कहा, "भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गांधी की लोकप्रियता बहुत बढ़ी है और मोदी सरकार को यही हजम नहीं हो रहा."

    अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "उन्हें लग रहा है कि राहुल गांधी का मुंह बंद करना होगा क्योंकि अगर उन्हें बोलने दिया गया तो भारतीय जनता पार्टी सरकार से बाहर हो जाएगी."

  4. दिल्ली से LIVE: राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने के बाद कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

  5. राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने के बाद बोली कांग्रेस- हर तरह से लड़ेंगे ये लड़ाई

    राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि उनकी पार्टी कानूनी और राजनीतिक दोनों तरह से ये लड़ाई लड़ेगी.

    ट्विटर पर उन्होंने लिखा, "हम डरने या चुप रहने वाले नहीं हैं. प्रधानमंत्री से जुड़े अदानी महाघोटाले में संयुक्त संसदीय समिति के बजाय राहुल गांधी को अयोग्य करार दिया गया है."

    अपने इस ट्वीट के अंत में उन्होंने भारतीय लोकतंत्र के हालात पर तंज़ कसते हुए लिखा, "भारतीय लोकतंत्र, ओम शांति."

    कांग्रेस ने भी कहा- 'जारी रहेगी लड़ाई'

    कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी ट्वीट किया गया, "राहुल गांधी जी की लोकसभा सदस्यता ख़त्म कर दी गई. वह आपके और इस देश के लिए लगातार सड़क से संसद तक लड़ रहे हैं, लोकतंत्र को बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं."

    "हर षड्यंत्र के बावजूद वह यह लड़ाई हर क़ीमत पर जारी रखेंगे और इस मामले में न्यायसंगत कार्यवाही करेंगे."

  6. 'मोदी सरनेम' मामले में राहुल गांधी को दो साल की सज़ा, फिर ज़मानत - क्या है पूरा मामला

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत की अदालत ने चार साल पुराने आपराधिक मानहानि केस में दो साल की सज़ा सुनाई है. हालांकि, उन्हें तुरंत बेल भी मिल गई है.

    कोर्ट ने राहुल गांधी को सज़ा के ख़िलाफ़ ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिनों का समय दिया है. याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में राहुल गांधी को अधिक से अधिक सज़ा दिए जाने की मांग की थी.

    साल 2019 का ये मामला 'मोदी सरनेम' को लेकर उनकी एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है.

  7. राहुल गांधी पर अनुराग ठाकुर का हमला, कहा- वो बिना सबूत के आरोप लगाने के आदी हैं...

    आपराधिक मानहानि के एक मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सज़ा मिलने के बाद उन्हें लेकर बीजेपी का आक्रामक रुख़ शुक्रवार को भी बना हुआ है.

    केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने उन पर हमला करते हुए कहा है, "राहुल गांधी का मामला क्या है? वो नेशनल हेराल्ड में भ्रष्टाचार के एक मामले में पहले से ही ज़मानत पर हैं."

    "राहुल गांधी 2018 में मानहानि के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में माफी मांग चुके हैं. उस मामले में अदालत ने उन्हें चेतावनी दी थी कि उन्हें आगे भी बिना किसी आधार के कोई आरोप लगाने और लोगों की छवि धूमिल करने से बचना चाहिए."

    उन्होंने कहा, "उन्हें संसद में सच्चाई से दूर जाने की आदत है. वो अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज़ नहीं पेश करते."

    ठाकुर ने कहा, "उन्होंने 2019 में कहा था कि 'सारे चोर मोदी हैं'. उन्होंने इसे बार-बार कहा. उनके ख़िलाफ़ सुशील मोदी की ओर से दाख़िल एक मामला पटना हाईकोर्ट में लंबित है, जिसमें वो ज़मानत पर हैं."

    ठाकुर के अनुसार, "एक अन्य मामला सूरत की एक अदालत में पूर्णेश मोदी ने दाख़िल किया, जिसमें उन्हें सज़ा दी गई. अदालत के फैसले में साफ़ कहा गया कि वो इस तरह के आरोप लगाने के आदी हैं."

    "मुझे लगता है कि राहुल गांधी का मानना ​​है कि वो संसद, कानून देश से ऊपर हैं. वो मानते हैं कि उन्हें विशेषाधिकार हासिल है और गांधी परिवार कुछ भी कर सकता है."

    उन्होंने कहा, "पिछले 15-20 साल में कांग्रेस ने लगातार ओबीसी की छवि ख़राब करने की कोशिश की है. राहुल गांधी की मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी ओबीसी की छवि ख़राब करने की कोशिश है औरओबीसी का अपमान है."

  8. क्या ख़त्म हो जाएगा दुनिया से पानी? यूएन की रिपोर्ट में जताई गई चिंता

    पानी जीने के लिए ज़रूरी है. पर क्या होगा जब जब ये ये दुनिया ख़त्म हो जाएगा.

    इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है.

    पानी के वैश्विक संकट पर अपनी नई रिपोर्ट में यूएन ने कहा है कि ऐसा हो सकता है.

    ज़्यादा खपत, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की वजह से संभव है कि पानी ख़त्म हो जाए.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करते हुए लोकसभा सचिवालय ने अपनी अधिसूचना में क्या कहा

    चार साल पुराने एक आपराधिक मानहानि में दो साल की सज़ा मिलने के एक दिन बाद शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया गया है.

    लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक अधिसूचना में अब से थोड़ी देर पहले यह जानकारी दी गई है.

    इसमें बताया गया है कि केरल की वायनाड लोकसभा सीट के सांसद राहुल गांधी को सज़ा सुनाए जाने के दिन यानी 23 मार्च, 2023 से अयोग्य करार दिया जाता है.

    ऐसा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 102(1) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत किया गया है. इससे पहले अदालत ने गांधी पर 15 हज़ार का जुर्माना भी लगाया. साथ ही सज़ा 30 दिन के लिए स्थगित कर दी थी.

    साल 2019 का ये मामला 'मोदी सरनेम' को लेकर राहुल गांधी की एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिसमें उन्होंने नीरव मोदी, ललित मोदी और अन्य का नाम लेते हुए कहा था, "कैसे सभी चोरों का सरनेम मोदी है."

    कोर्ट के इस फ़ैसले ने राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता पर संकट खड़ा कर दिया था. इस संकट की वजह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधान और सुप्रीम कोर्ट के दिए पुराने फ़ैसले थे.

  10. जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा का दावा- महात्मा गांधी के पास नहीं थी क़ानून की डिग्री

    महात्मा गांधी की क़ानून की डिग्री के बारे में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के बयान पर चर्चा छिड़ गई है.

    मनोज सिन्हा ने एक कार्यक्रम में कहा कि महात्मा गांधी क़ानून की प्रैक्टिस करते थे, लेकिन उनके पास क़ानून की डिग्री नहीं थी. वो डिग्री न होने के बाद भी इतने प्रशिक्षित थे कि राष्ट्रपिता बने.

    मनोज सिन्हा ने कहा, ''गांधी जी ने बड़े-बड़े काम किए लेकिन सब कुछ जो हासिल हुआ, उसके केंद्र बिंदु में एक ही बात थी- 'सत्य' और वो जीवन भर सत्य से बंधे रहे. सत्य के अधीन उन्होंने काम किया. आप उनके जीवन के हर पहलू को जांचिए. इसके अलावा उनके जीवन में और कुछ नहीं था. जितनी चुनौतियां आईं, जितनी परीक्षाएं आईं, सत्य कभी नहीं त्यागा और महात्मा गांधी ने अंतर्ध्वनि को पहचाना. परिणाम हुआ कि राष्ट्रपिता हो गए.''

    ''एक और चीज मैं आपसे कहना चाहता हूं, शायद कम लोगों को मालूम है. देश में पढ़े-लिखे लोगों को भ्रांति है कि गांधी जी के पास लॉ डिग्री थी. गांधी के पास कोई डिग्री नहीं थी. कुछ लोग मंच पर भी प्रतिकार करेंगे लेकिन मैं तथ्यों के साथ आगे बात करूंगा. कौन कहेगा कि गांधी जी प्रशिक्षित नहीं थे. मुझे नहीं लगता कि किसी में ये साहस है कि ये बात कह सकता है.''

    उन्होंने कहा, ''लेकिन, क्या आपको पता है कि उनके पास विश्वविद्यालय की एक भी डिग्री और योग्यता नहीं थी. हम में से कई लोग ऐसा सोचते हैं कि उनके पास क़ानून की डिग्री थी. लेकिन, उनके पास नहीं थी. उनकी एकमात्र शैक्षणिक योग्यता हाई स्कूल डिप्लोमा थी.''

    ''वो क़ानून की प्रैक्टिस के योग्य हो गए थे पर उनके पास क़ानून की डिग्री नहीं थी. लेकिन, देखें कि वो कितने प्रशिक्षित थे कि राष्ट्रपिता बने. मैं ये बताना चाहता हूं कि सिर्फ़ डिग्री की औपचारिकता तक ही न रहें या इसे ही शिक्षा न समझें.''

    मनोज सिन्हा के इस बयान पर भारतीय राष्ट्र समिति के नेता वाई सतीश रेड्डी ने सवाल किया है.

    उन्होंने ट्वीट किया, ''क्या कोई इनकी अज्ञानता को दूर कर सकता है. गांधी जी बैरिस्टर थे और यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन से क़ानून की पढाई की थी.''

    तेलंगाना सरकार में मंत्री और मुख्यमंत्री केसीआर के बेटे केटी रामा राव ने लिखा, ''मुझे हैरानी नहीं होगी कि अगर ये गोडसे को नोबेल शांति पुरस्कार देने के लिए अभियान शुरू कर दें. आखिकार व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट हैं.''

  11. राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता पर मंडराता ख़तरा, क्या जा सकती है मेंबरशिप?

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत ने चार साल पुराने आपराधिक मानहानि के मामले में दो साल की सज़ा सुनाई है.

    कोर्ट ने 15 हज़ार का जुर्माना भी लगाया है. साथ ही सज़ा 30 दिन के लिए स्थगित कर दी है. यानी राहुल गांधी के पास सज़ा के ख़िलाफ़ ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए एक महीने का समय है.

    साल 2019 का ये मामला 'मोदी सरनेम' को लेकर राहुल गांधी की एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिसमें उन्होंने नीरव मोदी, ललित मोदी और अन्य का नाम लेते हुए कहा था, "कैसे सभी चोरों का सरनेम मोदी है?"

    कोर्ट के इस फ़ैसले ने राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता पर संकट खड़ा कर दिया है और इस संकट की वजह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधान और सुप्रीम कोर्ट के दिए पुराने फ़ैसले हैं.

  12. लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस

    दिल्ली पुलिस ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के ख़िलाफ़ शुक्रवार को मामला दर्ज किया है.

    स्पेशल सेल ने यह मामला आईपीसी, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया है.

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारतीय नागरिकता वाले कुछ लोगों के विदेश में गैर-क़ानूनी गतिविधियों में शामिल होने के चलते इन क़ानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    भारतीय उच्चयोग के बाहर 19 मार्च को हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने उचित क़ानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

    पिछले रविवार को भारतीय उच्चायोग के बाहर खालिस्तान समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था और उच्चायोग से भारत का झंडा उतारने की कोशिश की थी. इस मामले में कुछ गिरफ़्तारियां भी हुई थीं.

    हालांकि, उच्चायोग के अधिकारियों का कहना था कि तिरंगा हटाने की प्रदर्शनकारियों की कोशिश को नाकाम कर दिया गया. साथ ही इमारत पर एक बड़ा झंडा लगा दिया गया है.

    इसे लेकर रविवार को ही भारत ने ब्रिटिश उप उच्चायुक्त को तलब किया था और भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा में खामी को लेकर जवाब मांगा था.

  13. इज़्ज़त के नाम पर जब एक पिता ने की बेटी को मारने की कोशिश- BBCShe

    "मेरी मां ने मुझे डंडे और हाथ से पीटा था. उन्होंने मेरे तलवों को जलाकर टॉर्चर किया था. मेरे पिता ने मुझे अरुवामनाई (सब्ज़ी काटने के औज़ार) से मार डालने की कोशिश की."

    वान्नियार समुदाय की कीर्ति (बदला हुआ नाम) अब भी 2018 के उस दिन को याद करके कांप उठती हैं, जिस दिन उन्होंने बताया था कि वो एक दलित लड़के सौंदर (बदला हुआ नाम) से शादी करना चाहती हैं.

    कीर्ति की बात सुनकर उनके मां-बाप ग़ुस्से से भड़क उठे थे क्योंकि तमिलनाडु में वान्नियार समुदाय को अति पिछड़ा वर्ग का दर्जा हासिल है.

    इससे कीर्ति के मां-बाप के जातिगत ग़ुरूर को झटका लगा और फिर, साल 2018 के अगले छह महीनों तक कीर्ति को भयंकर जज़्बाती और शारीरिक ज़ुल्म झेलना पड़ा था. रिपोर्टर: विष्णुप्रिया, बीबीसी तमिल और नित्या पांडियान, द न्यूज़ मिनट

  14. चीन में अमेरिकी कंपनी के दफ़्तर पर सरकारी अधिकारियों की रेड

    चीन में अधिकारियों ने अमेरिकी फर्म मिंट्ज़ ग्रुप के बीजिंग दफ़्तर पर छापेमारी की है.

    मिंट्ज़ ग्रुप एक ड्यू डिलिजेंस फर्म है, जिसकी विशेषज्ञता धोखाधड़ी के मामलों की पड़ताल करने में है.

    कंपनी ने कहा है कि उसके पांच स्टाफ़ को हिरासत में लिया गया है और दफ़्तर में कामकाज बंद कर दिया गया है.

    हिरासत में लिए गए लोग चीन के नागरिक हैं.

    छापेमारी की ये कार्रवाई सोमवार को की गई और कहा जा रहा है कि कंपनी के कर्मचारी बीजिंग से बाहर चले गए हैं.

    चीनी अधिकारियों की ये कार्रवाई अमेरिका और चीन में बढ़ रहे तनाव के बीच हुई है.

    संवाददाताओं का कहना है कि इस कार्रवाई से विदेशी कंपनियों में चिंता का माहौल बढ़ेगा. चीन में स्थानीय कंपनियों के साथ कारोबार करने की उनकी क्षमता भी इससे प्रभावित होगी.

    मिंट्ज़ ग्रुप का कहना है कि वो किसी गलतफहमी को दूर करने के लिए चीनी अधिकारियों के साथ सहयोग करने को तैयार हैं.

  15. फ़्रांस में सड़कों पर उतरे लाखों लोग, क्यों उबल रहा है देश?

    फ़्रांस में पेंशन मिलने की उम्र बढ़ाने को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

    इसी क्रम में प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को बोर्डो टाउन हॉल में आग लगी दी. इस आग में इमारत का दरवाज़ाबुरी तरह झुलस गया है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई.

    हालांकि यह साफ़ नहीं है कि हॉल में आग किसने लगाई, लेकिन जल्द ही आग को बुझा लिया गया.

    गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक़, गुरुवार को फ़्रांस में क़रीब 10 लाख लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, वहीं राजधानी पेरिस में क़रीब 1 लाख 19 हज़ार लोग प्रदर्शन में शामिल हुए.

  16. अमेरिका और दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया ने दी पानी के भीतर ड्रोन अटैक की चेतावनी

    उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि उसने पानी के भीतर ड्रोन अटैक का परीक्षण किया है.

    अमेरिका और दक्षिण कोरिया के ताज़ा सैन्य अभ्यास रोकने के लिए उत्तर कोरिया की ये ताज़ा चेतावनी है.

    उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने कहा है कि न्यूक्लियर वॉर हेड से लैस ड्रोन दुश्मन को तबाह कर देगा.

    इस बारे में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की एक तस्वीर भी जारी की गई, जिसमें वो 'टॉरपीडो' जैसी किसी चीज़ के साथ दिखाई दे रहे हैं.

    दक्षिण कोरिया और अमेरिका एक महत्वाकांक्षी युद्धाभ्यास कर रहे हैं.

    कहा जा रहा है कि बीते सालों में इतने बड़े पैमाने पर दोनों देशों ने ऐसा युद्धाभ्यास नहीं किया था.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने वादा किया है कि उत्तर कोरिया को उसकी लापरवाही भरी उकसावे की कार्रवाई की क़ीमत चुकानी होगी.

    उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया लगातार अपने परमाणु हथियारों की क्षमता को विकसित कर रहा है.

  17. BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

    नमस्ते.

    उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे होंगे.

    हम जानते हैं कि रोज़मर्रा की आपा-धापी के बीच आपके लिए देश-दुनिया की हर ख़बर पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.

    ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.

    ये पाँच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.

  18. केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 14 राजनीतिक दल, क्या है मामला

    चौदह राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार पर क़ानूनी संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस मामले की सुनवाई पांच अप्रैल को होगी.

    इन पार्टियों का आरोप है कि केंद्र सरकार राजनीतिक विरोधियों को गिरफ़्तार करने के लिए क़ानूनी संस्थानों का इस्तेमाल कर रही है.

    मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हम इस याचिका पर सुनवाई पांच अप्रैल को करेंगे.

    राजनीतिक दलों के वक़ील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट गिरफ़्तारी से पहले जांच एजेंसियों के लिए और गिरफ़्तारी के बाद अभियोजकों और अदालतें के लिए दिशानिर्देश बनाए.

  19. 'मैं अपनी दादी का शरीर क्यों नहीं छू सकती थी?'

    अपनी दादी की मौत से पहले हर्षिता ने कभी भी उस लैंगिक भेदभाव का सामना नहीं किया था. लेकिन उस तज़ुर्बे ने हर्षिता को उस लैंगिक भेदभाव पर सवाल उठाने को मजबूर किया जिसे औरतें संस्कार और रीति-रिवाज के नाम पर झेलती रहती हैं.

    बीबीसी और वीमेन्स वेब के लिए हर्षिता शारदा:-

    मेरी दादी के देहांत ने मुझे हिला दिया था. हम रिश्ते की एक ख़ास डोर से बंधे थे. वो मुझे ये एहसास कराती थीं कि मैं इस दुनिया में सबसे अच्छी हूं. हर मामले में संपूर्ण.

    अपनी दादी की मौत से मैंने सिर्फ़ वो इंसान ही नहीं खोया जिससे मैं बहुत प्यार करती थी, उनकी मौत ने मुझे उस भेदभाव का हिला देने वाला तज़ुर्बा भी कराया जिसकी शिकार महिलाएं उस वक़्त होती हैं, जब बात उनके प्रिय लोगों के अंतिम संस्कार की आती है.

  20. पीएम मोदी पर मानहानि का केस करेंगी रेणुका चौधरी, 'शूर्पणखा' से तुलना करने का लगाया आरोप

    राहुल गांधी पर 'मोदी सरनेम' मामले में सूरत की अदालत के फ़ैसले के बाद कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने कहा है कि वो पीएम मोदी के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दर्ज करेंगी.

    रेणुका चौधरी ने ट्वीट में आरोप लगाया, "एक अभिमानी ने सदन में मेरी तुलना शूर्पणखा से की थी. मैं उनके ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दर्ज कराऊंगी. देखते हैं कि अदालतें कितनी तेज़ी से काम करती हैं."

    रेणुका चौधरी ने इस ट्वीट के साथ पीएम मोदी का एक वीडियो भी पोस्ट किया है.

    इस वीडियो में वो सदन में बोल रहे हैं, "मेरी आपसे प्रार्थना है कि रेणुका जी को कुछ मत कीजिए. रामायण सीरियल के बाद ऐसी हंसी सुनने का आज सौभाग्य मिला है."

    ये मामला 2018 के संसद सत्र के दौरान का है. तब पीएम मोदी सदन को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान रेणुका चौधरी के हंसने की आवाज़ तो सभापति ने उन्हें शांत रहने के लिए कहा था. इसके बाद पीएम मोदी ने सभापति को संबोधित करते हुए ये बात कही थी.

    चार साल पुराने 'मोदी सरनेम' मानहानि मामले में सूरत की अदालत ने राहुल गांधी को दो साल जेल की सजा सुनाई है.

    कांग्रेस का आरोप है कि सरकार राहुल गांधी की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है क्योंकि वो सरकार पर सवाल उठाते हैं.