आपराधिक मानहानि के मामले में सूरत की एक निचली अदालत से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मिली सज़ा पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है.
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा, "राहुल गांधी जी को सूरत की एक कोर्ट ने मानहानि के मामले में दो साल की सजा दी है. कांग्रेस पार्टी बहुत कुछ कह रही है लेकिन ये नहीं बता रही है कि राहुल गांधी ने कहा क्या? राहुल गांधी ने कर्नाटक में 2019 की चुनावी रैली में कहा था... सारे चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?"
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के उस ट्वीट का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी की कही एक बात पोस्ट की है.
रविशंकर प्रसाद ने इसका जिक्र करते हुए कहा, "राहुल गांधी ने कहा कि मैं सत्य और अहिंसा में विश्वास रखता हूं. क्या सत्य और अहिंसा में विश्वास करना लोगों को अपमानित करना है? देश को जातिसूचक गाली देना है? अगर राहुल गांधी को अपनी जिद से लोगों को अपमानित करने का और गाली देने का अधिकार है तो उनकी गाली से पीड़ित लोगों को मानहानि का केस करने का अधिकार है."
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रतिक्रिया पर कहा, "खड़गे साहब ने आज कहा कि कोर्ट के फैसले को बार-बार बदला गया है. कांग्रेस पार्टी कोर्ट में विश्वास नहीं करती है. क्या ये न्यायपालिका को भी अपनी जेब में रखना चाहती है? राफेल मामले में भी राहुल गांधी ने कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाया था और फिर माफी मांगी थी."
विपक्ष के आलोचना के अधिकार पर बीजेपी नेता ने कहा, "आलोचना का हम सम्मान करते हैं, लेकिन राहुल गांधी आलोचना नहीं करते हैं, राहुल गांधी देश को बदनाम करते हैं, जनतंत्र को बदनाम करते हैं और देश की जनता को बदनाम करते हैं. आप गाली देंगे, आप देश की सेना का अपमान करेंगे, देश के शहीदों की शहादत का मजाक बनाएंगे, आप देश की राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रशक्ति का अपमान करेंगे, आप देश के मतदाताओं का अपमान करेंगे और कहेंगे कि मैं सत्य और अहिंसा में विश्वास करता हूं, ऐसा कैसे चलेगा?"