कश्मीरी पत्रकार इरफ़ान मेहराज की 'टेरर फ़ंडिग' के आरोप में गिरफ़्तारी पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने क्या कहा

इमेज स्रोत, Twitter@IrfanMehraj
कश्मीरी पत्रकार इरफ़ान मेहराज की गिरफ़्तारी पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चिंता जताई है.
एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने कहा है कि पत्रकारों के ख़िलाफ़ बढ़ते यूएपीए के मामलों और कश्मीर के पत्रकार इरफ़ान मेहराज की एनआईए द्वारा गिरफ़्तारी बेहद चिंता का विषय है.
गिल्ड ने राज्य प्रशासन से कहा है कि वो लोकतांत्रिक मूल्यों का ख़्याल रखें.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
गिल्ड ने कहा, "इरफ़ान मेहराज कश्मीर में उस बढ़ते ट्रेंड का हिस्सा हैं, जिसके तहत कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां पत्रकारों को सरकार की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग के लिए गिरफ़्तार कर रही हैं. इनमें आसिफ़ सुल्तान, साजिद गुल और फहद शाह भी शामिल हैं."
"कश्मीर में मीडिया की स्वतंत्रता की जगह कम होती जा रही है."
"गिल्ड की गुज़ारिश है कि राज्य प्रशासन स्वतंत्रता के मूल्यों का आदर करे और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर पत्रकारों का उत्पीड़न कम किया जाए."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
इससे पहले एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक बयान जारी कर कहा था, "इरफ़ान मेहराज जैसे मानवाधिकार रक्षकों को प्रोत्साहित और संरक्षित किया जाना चाहिए, न कि सताया जाना चाहिए. उसे तुरंत रिहा किया जाना चाहिए. दमन बंद होना चाहिए."
एनआईए ने मेहराज को 'टेरर फ़ंडिग' मामले में गिरफ़्तार किया है.












