सऊदी अरब और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंधों की बहाली पर इसराइल के पूर्व पीएम ने क्या कहा
सऊदी अरब और ईरान के कूटनीतिक संबंध बहाल करने के फ़ैसले को लेकर इसराइल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने नेतन्याहू सरकार को निशाने पर लिया है. साथ ही उन्होंने इस फ़ैसले को इसराइल के लिए ख़तरनाक बताया है.
नफ्ताली बेनेट ने ट्वीट किया, ''सऊदी अरब और ईरान के संबंधों की बहाली इसराइल के लिए एक गंभीर और ख़तरनाक बदलाव है और ये ईरान की राजनीतिक जीत है. यह ईरान के ख़िलाफ़ क्षेत्रीय गठबंधन बनाने की कोशिशों को एक बड़ा झटका है.''
उन्होंने इस बदलाव को प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की सरकार की नाकामी करार दिया है.
उन्होंने कहा, ''ये नेतन्याहू सरकार की एक बड़ी विफ़लता है. साथ ही देश में आंतरिक संघर्ष और राजनीतिक उपेक्षा का परिणाम है. ''
नफ्ताली बेनेट ने कहा, ''दुनिया और क्षेत्र के देश इसरायल में एक ऐसी निष्क्रिय सरकार के साथ संघर्ष देख रहे हैं जो अपने ही विनाश में लगी हुई है. ऐसे में वो देश एक पक्ष चुन लेते हैं.''
''नेतन्याहू सरकार आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा के मोर्चे पर बुरी तरह विफ़ल रही है. हमें एक व्यापक राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार की ज़रूरत है, जो कई नुक़सानों को ठीक करने का काम करेगी.''
सऊदी अरब और ईरान सात साल बाद कूटनीतिक संबंधों की बहाली पर सहमत हो गए हैं.
वे पारस्परिक सहयोग के अन्य समझौतों पर भी अमल करेंगे और इस पर भी बातचीत करेंगे कि दोनों देशों के संबंधों को और कैसे मजबूत बनाया जाए.
चीन में हुई वार्ता के बाद दोनों देशों की ओर से ये घोषणा की गई है.
साल 2016 में तेहरान स्थित सऊदी दूतावास पर हमले के बाद से ही सऊदी अरब और ईरान के बीच कोई औपचारिक संबंध नहीं थे.