आर्थिक मुसीबत में फंसे पाक पीएम ने कहा - खुद की मदद नहीं की तो बाहर से भी कोई नहीं आएगा

आर्थिक संकट से पाकिस्तान को निकालने के लिए प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक व्यापक रणनीति तैयार करने का संकल्प लिया है.

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कीर्ति दुबे and कमलेश मठेनी

  1. अदानी-हिंडनबर्ग मामले पर मीडिया कवरेज पर रोक नहीं लगाएंगे- सुप्रीम कोर्ट

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है जिसमें ये मांग की गई थी कि अदानी-हिंडनबर्ग मामले पर मीडिया की कवरेज रोक दी जाए.

    इसके साथ ही कोर्ट ने ये साफ़ किया है वह इस मामले की जांच के लिए समिति के गठन को लेकर अपना फ़ैसला सुरक्षित कर चुकी है और जल्द ही इस फ़ैसले को सुनाया जाएगा.

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    चीफ़ जस्टिस डॉ. धनंजय यशवंत चद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने कहा, "हम मीडिया पर कवरेज करने से रोक नहीं लगाएंगे. हम मीडिया कवरेज के ख़िलाफ़ कोई आदेश जारी नहीं करने जा रहे हैं. हम जल्द ही अपना आदेश सुनाएंगे."

    ये याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दायर की थी और सुप्रीम कोर्ट से अदानी-हिंडनबर्ग मामले की मीडिया रिपोर्टिंग पर प्रतिबंध लगाने की अपील की थी जिसे कोर्ट से ख़ारिज कर दिया.

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    17 फरवरी को इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम ने साफ़ किया था कि इस कमेटी में शामिल करने के लिए सदस्यों के नाम का सुझाव केंद्र सरकार अगर सीलबंद लिफ़ाफे में देगी तो कोर्ट उस सुझाव को नहीं लेगा.

    साथ ही चीफ़ जस्टिस ने कहा था कि "इस कमेटी का गठन सुप्रीम कोर्ट करेगी और दोनों पक्षों को पता होगा कि समिति में कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं, ताकि हम इस मामले में पारदर्शिता बनाए रख सकें."

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    ये समिति अदानी समूह को लेकर आई अमेरिकी फ़र्म की रिपोर्ट की पूरी जांच करेगी.

  2. कहानी ज़िंदगी की: मेरी ज़िंदगी, हीरो भी मैं...

    कहानी ज़िंदगी की

    कहानी ज़िंदगी की,मेरी ज़िंदगी, हीरो भी मैं ना सिर्फ़ पंकज त्रिपाठी बल्कि ऐसे बहुत से नाम हैं, जो रवि प्रकाश के लिए 'असल हीरो' हैं...

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  3. पवन खेड़ा ने अपने बयान पर मांगी माफ़ी, हिमंत बिस्वा ने कहा- आगे से मर्यादा बनाए रखें

    पवन खेड़ा

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    कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर बिना शर्त माफ़ी मांगी है.

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा के वकील अभिषेक मनु सिंधवी की ओर से दाखिल किए गए बयान का ज़िक्र करते हुए ट्विटर पर लिखा, “क़ानून की हमेशा जीत होगी. अभियुक्त ने बिना शर्त माफी मांगी है. (पैराग्राफ़ 7).”

    “हम आशा करते हैं कि सार्वजनिक जगहों की मर्यादा को बनाए रखते हुए आगे से कोई भी राजनीतिक विमर्श में अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करेगा. असम पुलिस मामले को फॉलो करेगी.”

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    गुरुवार को पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया.

    पवन खेड़ा की ओर से दाख़िल की गई अर्ज़ी में कहा गया था कि इस मामले में दर्ज की गई सभी एफ़आईआर को क्लब कर दिया जाए, इस अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताई और सभी एफ़आईआर को एक साथ जोड़ने का आदेश दिया.

    साथ ही पवन खेला ने अर्जी में कोर्ट के समने अपने बयान को लेकर बिना शर्त माफ़ी भी मांगी.

    असम पुलिस ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को हिरासत में लिया था. वे दिल्ली से कांग्रेस के कई दूसरे नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर में कांग्रेस पार्टी के 85वें महाधिवेशन में शामिल होने के लिए जा रहे थे.

  4. यूक्रेन पर रूस के हमले के एक साल पूरे, दुनिया के तमाम देश कहां खड़े हैं?

    यूक्रेन

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    24 फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था. आज इस युद्ध को एक साल पूरे हो चुके हैं.

    इस दौरान दुनिया के तमाम देश दो धड़ों में बंटे गए हैं. एक गुट पश्चिमी देशों का है जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देश शामिल हैं और ये गुट रूस के हमले के खिलाफ़ खड़ा है.

    वहीं एक गुट वो है जो इस हमले में रूस के साथ खड़ा है जिसमें बेलारूस, सीरिया, दक्षिण कोरिया, माली जैसे देश हैं.

    इस एक साल से जारी युद्ध में कुछ महत्वपूर्ण देश ऐसे हैं जो खुलकर रूस के हमले आलोचना तो नहीं करते लेकिन शांति और अंतराष्ट्रीय क़ानून और संप्रभुता की वकालत ज़रूर करते हैं. ऐसे देशों में भारत, चीन और तुर्की शामिल हैं.

    इस युद्ध के एक साल पूरे होने पर हम आपको इससे जुड़ी मुख्य बातें बता रहे हैं.

    • 24 फ़रवरी 2022 को व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ विशेष सैन्य अभियान की घोषणा की. इस युद्ध को आज 365 दिन हो चुके हैं.
    • रूस से यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से से शुरुआत की और लुहांस्क, दोनेत्स्क के कई इलाक़ों पर कब्ज़ा कर लिया. उसने इन्हें रूस का हिस्सा घोषित कर दिया.
    • युद्ध के एक साल पूरे होने के एक दिन पहले फरवरी 23 को संयुक्त राष्ट्र आम सभा में रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव लाया गया. इसमें मांग की गई कि रूस जल्द से जल्द यूक्रेन से बाहर निकले.
    • प्रस्ताव के पक्ष में 141 वोट पड़े, इसके विरोध में 7 वोट पड़ें. भारत और चीन समेत 32 देशों में इस प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं की.
    यूक्रेन

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    • संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, युद्ध के कारण अब तक1.86 करोड़ लोग यूक्रेन छोड़ कर जा चुके हैं.
    • अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा जैसे कई मुल्क साफ़ तौर पर यूक्रेन की मदद के लिए आगे आए. वहीं बेलारूस ने रूस का साथ देने की बात की.
    • भारत रूस के मुद्दे पर तटस्थ रहा है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि ये युद्ध का दौर नहीं है और दोनों को बातचीत के ज़रिए मुद्दे को हल करना चाहिए.
    • चीन भी बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे का समाधान निकालने पर ज़ोर देता रहा है. लेकिन हाल ही में चीन के विदेश मंत्रालय के नेता वांग यी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कीन मुलाकात चर्चा में हैं. इस बैठक के बाद सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या सच में चीन इस युद्ध में न्यूट्रल है या रूस के साथ खड़ा है.
  5. अमेरिका को जवाब देने के लिए क्या एकजुट हो रहे रूस और चीन?

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: अमेरिका को जवाब देने के लिए एकजुट हो रहे रूस और चीन?

    जहां यूएन में रूस के ख़िलाफ़ देशों को एकजुट करने की कोशिशें चल रही हैं. वहीं रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं.

    ये सैन्य अभ्यास दक्षिण अफ्रीका के तट पर हो रहा है.

    माना जा रहा है कि अभ्यास के दौरान रूस क्रूज़ मिसाइल नहीं दागेगा, बल्कि सिर्फ बमबारी करेगा.

    दक्षिण अफ्रीका के विपक्षी नेताओं ने इस साझा सैन्य युद्धाभ्यास की आलोचना की है.

    बीबीसी संवाददाता एंड्रू हार्डिंग की रिपोर्ट

  6. उत्तर कोरिया ने लॉन्च की चार सामरिक क्रूज़ मिसाइलें

    उत्तर कोरिया

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    इमेज कैप्शन, फ़ाइल फ़ोटो

    उत्तर कोरिया ने कहा है कि उसने गुरुवार को अपने पूर्वी तट से चार सामरिक क्रूज़ मिसाइलें लॉन्च की हैं.

    सोल में मौजूद बीबीसी संवाददाता ज़ीन मैकेंन्ज़ी के अनुसार, शुक्रवार को उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के हवाले से बताया गया कि ‘अगर किसी तनावपूर्ण माहौल में परमाणु हमला होता है तो उसकी जवाबी कार्रवाई’ के लिए ये एक ड्रिल था.

    अब तक दक्षिण कोरिया और जापान ने इस लॉन्च को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है.

    उत्तर कोरिया पर बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्च करने पर संयुक्त राष्ट्र की ओर प्रतिबंध है लेकिन ये प्रतिबंध क्रूज़ मिसाइलों पर लागू नहीं होता.

  7. संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन पर वोटिंग में भारत नहीं हुआ शामिल, चीन ने भी बनाई दूरी

    संयुक्त राष्ट्र आम सभा

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    संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने गुरुवार को यूक्रेन में शांति बहाली को लेकर लेकर एक प्रस्ताव पारित किया. प्रस्ताव में कहा गया कि रूस से यूक्रेन में युद्ध समाप्त कर अपनी सेनाएं वापस बुलाएं.

    भारत और चीन इस प्रस्ताव पर वोटिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए.

    हालांकि यूक्रेन पर लाया गया यह प्रस्ताव 141 वोटों से पारित हुआ. भारत के साथ साथ 32 देश इस प्रस्ताव पर वोटिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए.

    193 सदस्यीय आम सभा ने यूक्रेन और उसके समर्थकों की ओर को अपनाया गया. प्रस्ताव का शीर्षक था- ‘यूक्रेन में एक व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति’.

    रूस ने 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण किया था. आज इस युद्ध को एक साल पूरे हो रहे हैं.

    इस दौरान संयुक्त राष्ट्र की महासभा, सुरक्षा परिषद और मानवाधिकार परिषद में, हमले की की बार निंदा की गई और यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया.

    भारत इससे पहले यूक्रेन रूस युद्ध पर लाए गए कई प्रस्तावों से दूरी बना चुका है. भारत बार -बार इस बार पर ज़ोर देता है कि यूएन चार्टर, अंतराष्ट्रीय क़ानून, राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए.

  8. जापान के तट पर मिला बड़ा मेटल बॉल हटाया गया, लेकिन ये था क्या इसका पता नहीं

    जापान

    जापान के एक समुद्रतट पर मिले बड़े मेटल बॉल को अब क्रेन की मदद से हटाया गया है.

    स्थानीय मीडिया के अनुसार, जापान के तट पर मिले इस मेटल बॉल से स्थानीय लोग परेशान थे और इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे.

    जापान के शहर हमामात्सु में स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इसे ‘एक निश्चित अवधि के लिए’ संग्रहीत किया जाएगा और फिर इसे ‘ख़त्म’ कर दिया जाएगा. कई लोगों ने सवाल उठाएं हैं कि आख़िर जापानी अधिकारियों ने इसे लेकर साफ़-साफ़ क्यों नहीं बताया कि ये आख़िर है क्या?

    इस सप्ताह की शुरुआत में तट पर इस असामान्य वस्तु की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई जिसके बाद इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे, मसलन- ये "गॉडज़िला का अंडा" है, "मूरिंग बॉय" है "बाहरी अंतरिक्ष से" आई हुई कोई चीज़ है.

    पुलिस और यहां तक की एक बम स्क्वाड को भी इसकी जांच करनेके लिए भेजा गया था.

    अधिकारियों ने चारों ओर से घेरकर इस मेटल बॉल का एक्स-रे किया था, जिससे बस यही पता चला कि इसमें कोई घातक चीज़ नहीं है लेकिन इसके अलावा इसके बारे में और कुछ पता नहीं चल सका.

    अब इस मेटल बॉल को समुद्रतट से हटा दिया गया है.

    एक स्थानीय अधिकारी ने जापानी मीडिया को बताया, "मुझे लगता है कि हमामात्सु शहर में हर कोई इस बारे में चिंतित और उत्सुक था कि यह क्या है, लेकिन हमें राहत मिली है कि काम ख़त्म हो गया है."

  9. नमस्ते! आपका दिन शुभ हो. बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 23 फरवरी के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.