सोमवार को तुर्की और सीरिया में आए शक्तिशाली भूकंप में अब तक 20 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि आपदा के कारण हुए नुक़सान की पूरी तस्वीर अभी साफ़ नहीं है.
दोनों ही मुल्कों में तेज़ी से राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है लेकिन भूकंप को अब सौ घंटों से अधिक हो चुका है और मलबे में दबे होने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं.
इस बीच हज़ारों लोग जो भूकंप से बच गए हैं उनके लिए कड़कड़ाती ठंड नई चुनौतियां पेश कर रही है. यहां रहने की जगह के अलावा, खाने-पीने की चीज़ों की भारी किल्लत हो रही है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने कहा है कि इस आपदा की पूरी तस्वीर अब तक सामने नहीं आ सकी है, ख़ास कर सीरिया में जो बीते कुछ सालों से गृह युद्ध की मार झेल रहा था और पहले से ही बदहाली का सामना कर रहा था.
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर आपदा में बचे लोगों तक खाना, पानी, दवाएं और रहने की जगह जैसी मदद "तेज़ी से न पहुंचाई गई" तो दूसरी आपदा आ सकती है.
तुर्की के राष्ट्रपति रिचेप तैय्यप अर्दोआन ने दक्षिणी तुर्की के 10 प्रांतों में तीन महीने का आपातकाल लगा दिया है और इस भूकंप को 'सदी की तबाही' कहा है.
ओस्मानिये प्रांत में राहत और बचाव कार्य का जायज़ा लेने के बाद उन्होंने कहा, "इस भूकंप से बड़े पैमाने पर जानमाल का नुक़सान हुआ है. इसे सदी की तबाही कहा जा सकता है. हज़ारों लोग राहत और बचाव कार्य में मदद करने के लिए सामने आ रहे हैं. पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों से और दूसरे देशों से हर तरह की मदद और गाड़ियां इस इलाक़े में लाई जा रही हैं."
तुर्की और सीरिया की मदद के लिए सामने आए देश
-
विश्व बैंक ने गुरुवार को तुर्की की मदद के लिए 1.78 अरब डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा की है.
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने तुर्की से चर्चा की है और कहा है कि वो मौजूदा हालात में तुर्की और सीरिया की हरसंभव मदद करेगा.
-
अमेरिका ने 8.5 करोड़ डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा की है. साथ ही अमेरिकी सरकार ने कहा है कि विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाक़ों में राहतकर्मियों को पहुंचने दिया जाए.
-
ज़मीनी स्तर पर राहत कार्य में क़रीब एक लाख लोग लगे हैं लेकिन गाड़ियों की कमी और कई इलाक़ों से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाने के कारण उन्हें राहत कार्य में मुश्किल आ रही है.
-
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वो दोनों मुल्कों के लिए राहत पैकेज भेज रहे हैं. हालांकि, सीरिया में विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाक़ों की तरफ़ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि राहतकर्मियों और राहत के सामान को रोका न जाए. गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र की भेजे गए मानवीय मदद की एक खेप उत्तर-पश्चिमी सीरिया पहुंची.
-
इससे पहले साल 1999 में उत्तर-पश्चिमी तुर्की में शक्तिशाली भूकंप आया था जिसमें 17,134 लोगों की मौत हो गई थी.