महिला टी-20 ट्राई सीरिज़: भारत को हराकर दक्षिण अफ़्रीका ने जीता टूर्नामेंट
दक्षिण अफ़्रीका में हुआ भारत, वेस्ट इंडिज़ और साउथ अफ़्रीका की महिला क्रिकेट टीमों के बीच टी-20 टूर्नामेंट घरेलू टीम ने जीत लिया है.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and दीपक मंडल
मुस्लिम महिलाएं 'खुला' के लिए फ़ैमिली कोर्ट जाएं, शरिया काउंसिल को पास अधिकार नहीं- हाईकोर्ट
इमेज स्रोत, Getty Images
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि मुस्लिम महिलाओं को ‘खुला’(वो प्रक्रिया जिसमें महिला पति से
तलाक़ चाहती हैं) के लिए फ़ैमिली कोर्ट जाना चाहिए ना कि शरिया काउंसिल जैसी निजी
संस्थाओं के पास जाना चाहिए.
कोर्ट ने कहा है कि ऐसी संस्थाओं के पास किसी की शादी को ख़त्म
करने का अधिकार नहीं होगा.
कोर्ट ने कहा, “ना तो वो कोर्ट है और ना ही विवाद
में कोई मध्यस्थ, कई कोर्ट इस तरह के तरीकों को ख़ारिज़ कर चुके हैं. इसलिए इस तरह की निजी संस्थाओं की तरफ से जो 'खुला' दिया जाता है, उनकी कोई वैधता नहीं होती."
इस्लाम में 'खुला' उस प्रक्रिया को कहते
हैं जिसमें महिला शादी ख़त्म करने की पहल करती है, ठीक इसी तरह तलाक़ वह प्रक्रिया
है जिसमें पुरुष शादी को तोड़ने की अर्ज़ी देते हैं.
एक शख्स को पत्नी के द्वारा दिए खुला सर्टिफ़िकेट को रद्द करने की मांग से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस सी सर्वानन ने ये फ़ैसला दिया.
ये सर्टिफ़िके साल 2017 में शरिया काउंसिल
की ओर से महिला को जारी किया गया था.
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख़्वाजा को मिला भारत का वीज़ा, कहा- आ रहा हूं इंडिया
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, उस्मान ख़्वाजा
वीज़ा मिलने में देर होने के कारण ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट खिलाड़ी उस्मान ख़्वाजा बुधवार को फ़्लाइट नहीं ले सके थे, लेकिन गुरुवार की सुबह उन्होंने ट्वीट करके बताया है कि अब वो भारत आ रहे हैं.
ट्विटर और इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा, ''इंडिया, मैं आ रहा हूं.''
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम उस्मान ख़्वाजा के बिनाही बुधवार को भारत के लिए रवाना हो गई थी. ऑस्ट्रेलिया की टीम अपने भारत के दौरे पर चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सिरीज़ और एक वनडे सिरीज़ खेलेगी.
कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी मूल का होने की वजह से उस्मान ख़्वाजा को भारत का वीज़ा मिलने में देरी हुई. हालांकि आधिकारिक तौर पर देरी के पीछे की वजहों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है.
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले ख़्वाजा ने बुधवार को एक मीम के साथ पोस्ट किया, "मैं भारत का वीज़ा मिलने का इंतज़ार कुछ तरह कर रहा हूं…"
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
कौन हैं उस्मान ख़्वाजा?
पाकिस्तान में पैदा हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ उस्मान ख़्वाजा अब तक ऑस्ट्रेलिया के लिए 56 टेस्ट, 40 वनडे और नौ टी-20 मैच खेल चुके हैं. 36 वर्षीय उस्मान ख़्वाजा 2016 में आईपीएल में भी खेल चुके हैं.
उस्मान को सोमवार को ही ऑस्ट्रेलिया के जानेमाने स्पिन गेंदबाज़ शेन वॉर्न के नाम पर शुरू किया गया ऑस्ट्रेलिया टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड मिला है.
भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया का पहला टेस्ट नौ फ़रवरी को नागपुर में खेला जाएगा. नागपुर पहुंचने से पहले टीम चार दिन तक बेंगलुरु में अभ्यास करेगी. दोनों ही टीमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में हैं.
एफ़पीओ वापस लेने के फ़ैसले पर क्या बोले अदानी समूह के मुखिया गौतम अदानी
इमेज स्रोत, Getty Images
अदानी एंटरप्राइज़ेज़ लिमिटेड के बोर्ड ने अपनी कंपनी के पूरी तरह से सब्सक्राइब हुए 20,000 करोड़ के फ़ॉलोऑन पब्लिक ऑफ़र (एफ़पीओ) को वापस लेने का
फ़ैसला लिया है.
अप्रत्याशित हालात
और बाज़ार की मौजूदा अस्थिरता का हवाला देते हुए
कंपनी ने निवेशक समुदाय के हितों को सुरक्षित रखने की बात कही है. इसके तहत, एफ़पीओ की प्रक्रिया वापस लेने और निवेशकों से लिए गए पूरे
पैसे लौटाने की बात कही गई है.
कंपनी ने एक बयान
में कहा कि निदेशक मंडल ने एक फ़रवरी (बुधवार) को हुई बैठक में एफ़पीओ वापस करने का
फ़ैसला किया है. सोमवार को एफ़पीओ की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई थी.
अदानी एंटरप्राइजेज़ के चेयरमैन गौतम अदानी ने कहा, “कंपनी का बोर्ड
एफ़पीओ को समर्थन देने और प्रतिबद्धता जताने के लिए अपने सभी निवेशकों का शुक्रिया अदा
करता है.''
उन्होंने कहा कि ''पिछले हफ़्ते शेयर बाज़ार की अस्थिरता के बावजूद कंपनी, इसके कारोबार और प्रबंधन पर आपका जताया भरोसा और विश्वास, बहुत सुखद और आश्वस्त करने वाला है. इसके लिए धन्यवाद.''
अदानी ने मंगलवार को बाज़ार के हालातों को अप्रत्याशित
क़रार देते हुए बताया कि कंपनी के शेयर की क़ीमतों में पूरे दिन उतार चढ़ाव आता
रहा.
उसके अनुसार, ''ऐसे अप्रत्याशित
हालात में कंपनी के बोर्ड ने महसूस किया कि एफ़पीओ की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना
नैतिक रूप से उचित नहीं होगा.''
इमेज स्रोत, Reuters
उन्होंने बताया कि निवेशकों के हित सबसे अहम हैं, इसलिए उन्हें बड़े नुक़सान से बचाने के लिए बोर्ड ने एफ़पीओ की प्रक्रिया को आगे न बढ़ाने का फ़ैसला लिया है.
उनके अनुसार, ''निवेशकों के पैसे रिफ़ंड करने के लिए वह काम कर रही है. उसके अनुसार, कंपनी की बैलेंसशीट काफ़ी अच्छी दशा में है और उसके पास पयाप्त नकदी है.''
गौतम अदानी के अनुसार, '' मौजूदा गतिविधियों और आगे की योजनाओं पर इस फ़ैसले का कोई असर नहीं होगा. हमें लंबी अवधि के वैल्यू क्रिएशन पर ध्यान देना है. एक बार बाज़ार स्थिर हो जाए तो हम पूंजी बाज़ार की अपनी रणनीति की समीक्षा करेंगे. हमें पूरा भरोसा है कि आपका समर्थन मिलता रहेगा. हम पर भरोसा रखने के लिए आपका शुक्रिया.''
दरअसल हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अदानी समूह के शेयर तेजी से गिरे हैं. गिरावट का यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में समूहों की कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन सात लाख करोड़ रुपये घट गया है.
शुरू में लड़खड़ाने के बाद मंगलवार को बाजार बंद होने तक अदानी इंटरप्राइजेज का एफ़पीओ पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुका था. एफपीओ को आखिरी दिन निवेशकों का समर्थन मिला जिनमें कुछ साथी उद्योगपतियों की पारिवारिक कंपनियां और गैर-रिटेल निवेशक शामिल हैं.
बुधवार को गौतम अदानी का नाम एशिया के सबसे अमीर शख़्स की फ़ेहरिस्त में नीचे खिसक गया और मुकेश अंबानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर शख़्स बन गए.
राष्ट्रपति बाइडन के आवास पर एफ़बीआई का सर्च ऑपरेशन, वजह क्या है
इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन
के वकील ने कहा है कि उनके डेलावेयर स्थित घर पर एफ़बीआई की तलाशी अभियान के दौरान
कोई ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं मिला है.
उन्होंने ये भी कहा कि
बुधवार का सर्च ऑपरेशन राष्ट्रपति के ‘पूर्ण समर्थन’ के साथ ‘योजनाबद्ध’ तरीके से किया गया.
ये सर्च ऑपरेशन चार
घंटों तक चला और ये बाइडन के ओबामा प्रशासन में उप-राष्ट्रपति रहते हुए संवेदनशील
दस्तावेज़ों से जुड़े मामले की व्यापक जांच का हिस्सा था.
हालांकि एफ़बीआई ने इस मामले पर अब तक कोई बयान
जारी नहीं किया है. दरअसल ये तलाशी राष्ट्रपति की सहमति के साथ हुई तो ऐसे में
सर्च वॉरंट की ज़रूरत नहीं थी.
बाइडन के वकील, बॉब बाउर ने
कहा कि ‘संचालन
की सुरक्षा’ का
ख़्याल रखते हुए सर्च ऑपरेशन की जानकारी पहले सार्वजनिक नहीं की गई थी.
बाउर ने बताया कि कोई ख़ास
दस्तावेज़ एफ़बीआई को नहीं मिले हैं.लेकिन साल 2009 से 2017 के दौरान बाइडन के उप राष्ट्रपति
रहते हुए कुछ‘ ख़ास हाथों से लिखे नोट’ मिले हैं जिसे ‘समीक्षा’ के लिए एफ़बीआई अपने
साथ ले गई है.
वॉशिंगटन स्थित पेन बाइडन सेंटर दफ़्तर में कुछ संवेदनशील जानकारियों वाले
दस्तावेज़ मिले जिसके बाद कई जगहों की तलाशी ली गई. राष्ट्रपति बाइडन के डेलावेयर स्थित घर की तलाशी
भी उसी अभियान का हिस्सा है.
दिसंबर और जनवरी में बाइडन के डेलावेयर स्थित आवास पर किए गए सर्च आपरेशन में
और भी कई अहम दस्तावेज़ मिले हैं. हालांकि अब तक कुल कितने संवेदनशील दस्तावेज़
मिले हैं इसकी संख्या की सटीक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन माना जा रहा है कि
दर्जनों दस्तावेज़ अकेले जनवरी में की गई तलाशी में ही मिले हैं.
नमस्कार!
बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया.
हम यहाँ आपको दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है.
01 फ़रवरी के अपडेट्स के लिए आपयहां क्लिककर सकते हैं.