अब से थोड़ी देर बाद बीजेपी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल का बजट पेश करेंगी.
कल पहली बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया, जिसके बाद आज वित्त मंत्री का बजट भाषण होगा.
पिछले दो सालों की तरह इस साल भी यूनियन बजट पेपरलेस होगा.
प्राधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट पेश होने से पहले कहा है कि ये बजट देश के आम लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरेगा और दुनिया के लिए भी उम्मीद की किरण साबित होगा.
उन्होंने कहा, "संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू पहली बार अपना भाषण दिया. ये गर्व की बात तो है ही और ख़ासकर महिला सम्मान की बात है. पूरा विश्व आज भारत की तरफ देख रहा है. वित्त मंत्री भी एक महिला हैं जो इसके बाद एक और साल बजट पेश करेंगी."
उन्होंने कहा, "वैश्विक आर्थिक स्थिति पहले ही मुश्किलों में है, ऐसे में भारत का बजट के देश के आम लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश तो होगी ही, साथ ही ये दुनिया के लिए भी उम्मीद की किरण होगी."
अगले साल होने लोकसभा चुनावों से ठीक पहले ये मौजूदा सरकार का आख़िरी पूर्ण बजट होगा, इस लिहाज़ से माना जा रहा है कि इसमें कई वर्गों के लिए छूट दी जा सकती है.
हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि वित्त मंत्री के लिए सरकारी खज़ाने और नए एलानों के लिए खर्च की व्यवस्था करने के बीच के संतुलन को साधना मुश्किल काम हो सकता है.
बजट पेश होने से पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश के लिए बढ़ती महंगाई दर चिंता का विषय नहीं है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि रिज़र्व बैंक ने वित्त वर्ष 2023 के लिए महंगाई दर 6.8 फ़ीसदी रहने का अनुमान लगाया है जो कि टारगेट रेंज से बाहर है.
उन्होंने कहा, "न तो ये इतना अधिक है कि इससे खपत पर असर पड़ेगा और न ही ये इतना कम है कि इससे निवेश पर कोई असर पड़े."
बजट पेश होने से पहले ये ख़बरआई कि पिछले महीने यानी दिसंबर में अर्थव्यवस्था के आठ कोर सेक्टर्स ने 7.4 फ़ीसदी की गति से विकास किया है. साल भर पहले इन सेक्टर्स की वृद्धि दर केवल 4.1 फ़ीसदी थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है.
बजट से क्या है बड़ी उम्मीदें?
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माना जा रहा है कि इस साल के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को पिछले साल की तुलना में थोड़ा और बढ़ाया जाएगा ताकि इससे नई नौकरियां पैदा हों और स्टील से लेकर ऑटो इंडस्ट्री और रिएल इस्टेट जैसे सभी सेक्टर में विकास बढ़े.
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कोरोना महामारी का बड़ा असर ऑटो इंडस्ट्री पर पड़ी और गाड़ियों की बिकवाली काफी कम हुई. इस सेक्टर को पटरी पर लाने के लिए बजट में कुछ ख़ास घोषणा हो सकती है.
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वित्त मंत्री से ये भी उम्मीद की जा रही है कि वो इस साल मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत दे सकती हैं. बीते कुछ दिनों से अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस बजट में स्टैन्डर्ड डिडक्शन को थोड़ा बढ़ाया जा सकता है और टैक्स स्लैब में या तो थोड़ा बदलाव किया जा सकता है.
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कई लोगों को ये भी उम्मीद है कि टैक्स में महिलाओं के लिए थोड़ी राहत की घोषणा की जा सकती है.
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कई जानकार मान रहे हैं कि इस साल और आने वाले सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास जारी रहेगा और औसत प्रति व्यक्ति आय भी आने वाले वक्त में बढ़ेगी.
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सरकार पहले ही ग्रीन एनर्जी की तरफ़ बढ़ने की मंशा जता चुकी है. ऐसे में सरकार की कोशिश रहेगी कि उपभोक्ता अधिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदें और इसके लिए देश में एक बेहतर बाज़ार बने. इस बजट में इसके उत्पादन और बिक्री से जुड़ी घोषणा की उम्मीद की जा सकती है.
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सरकार इस साल सौ से अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की घोषणा कर सकती है. भारतीय रेल राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों की जगह वंदे भारत ट्रेनों को लाने के बारे में विचार कर रही थी, ऐसे में इससे जुड़ी घोषणा आज हो सकती है.
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हाल के सालों में डिजिटल करेंसरी का इस्तेमाल बढ़ा है और इसके मद्देनज़र इसे बढ़ावा देने की कोशिश कर सकती है. बीते साल दिसंबर में रिज़र्व बैंक ने रीटेल सीबीडीसी (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) का पायलट लॉन्च किया था.
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जानकार मानते हैं कि इस साल ग्रामीण इलाको़ं में लागू होने वाली योजनाओं का खर्च बढ़ाए जाने की उम्मीद की जा रही है, जिसके कारण बजट पर थोड़ा दवाब पड़ सकता है और सरकार की ग्रॉस बॉरोइंग अधिक रहेगी.
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ये भी उम्मीद की जा रही है कि प्रोडक्शन लिंक्ट स्कीम का विस्तार और सेक्टर में भी कर सकती है. अब तक इसमें 14 सेक्टर को शामिल किया गया है. माना जा रहा है कि इससे नई नौकरियां पैदा होंगी.
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साल 2022-23 के बजट में विनिवेश के लिए 65 हज़ार करोड़ का लक्ष्य रखा गया था लेकिन सरकार इसका आधा ही हासिल कर सकी थी. ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल सरकार विनिवेश के लिए अपना लक्ष्य घटाकर पेश कर सकती है और इसे 30 से 35 करोड़ रुपये तक कर सकती है.
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दो साल से तंबाकू और तंबाकू उत्पादों पर सरकार ने टैक्स नहीं बढ़ाया था, इस साल इसमें लगने वाले टैक्स को बढ़ाया जा सकता है.
आगे बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे ओलिविएर गौरिनचास ने बताया है कि वैश्विक विकास में भारत और चीन दोनों देशों की हिस्सेदारी क़रीब 50 फ़ीसदी की होगी.
वहीं, अमेरिका और यूरोपीय संघ के देशों की वैश्विक विकास में हिस्सेदारी केवल 10 फ़ीसदी की ही होगी.अमेरिका और यूरोपीय संघ के देशों की वैश्विक विकास में हिस्सेदारी केवल 10 फ़ीसदी की ही होगी.
आईएमएफ़ ने अपने विकास के पूर्वानुमानों में बताया है कि 2023 में दुनिया की विकास दर 2.9 फ़ीसदी रहेगी. इसके अनुसार, विकसित देशों की विकास दर 1.2 प्रतिशत और विकासशील देशों की विकास दर 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
साल 2023 में भारत की विकास दर 6.1 प्रतिशत और चीन की 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है.