जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का निधन, राष्ट्रपति और पीएम ने जताया दुख

जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का गुरुग्राम के फ़ोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया. वो 75 साल के थे.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and शुभम किशोर

  1. मध्य प्रदेश: मोदी पर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले कांग्रेसी नेता की जमानत याचिका रद्द

    राजा पटेरिया

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया की जमानत याचिका मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है.

    पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादास्पद टिप्पणी को लेकर उन्हें गिरफ़्तार किया गया था.

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी बुधवार को दिए अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता जो एक पब्लिक लीडर भी हैं, उनके पास देश के प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा इस्तेमाल करने की कोई वजह नहीं थी.

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    राजा पटेरिया को 13 दिसंबर, 2022 को दमोह स्थित उनके घर से गिरफ़्तार किया गया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

    पन्ना ज़िले की निचली अदालत ने उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उन्होंने बेल के लिए हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में राजा पटेरिया कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ये कहते हुए सुने जा सकते हैं, "मोदी को मारने के लिए तैयार रहो... मारने से मतलब उन्हें हराने से है... मोदी चुनाव ख़त्म कर देंगे. मोदी धर्म, जाति और भाषा के नाम पर लोगों को बांट देंगे. दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों का भविष्य ख़तरे में है. अगर आप संविधान बचाना चाहते हैं तो मोदी को मारने के लिए तैयार रहें. मारने से मतलब उन्हें हराने से है."

  2. जोशीमठ से LIVE: दरकते पहाड़, तबाह होते घर. उत्तराखंड के जोशीमठ में ताज़ा हालात क्या हैं?, ताज़ा हाल आप तक पहुंचा रहे हैं बीबीसी संवाददाता विनीत खरे

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  3. ग्लोबल साउथ समिट में पीएम मोदी ने कहा- हमने विदेशी शासन के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ाई लड़ी है...

    पीएम मोदी

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    पीएम मोदी ने आज गुरुवार को दो दिवसीय वर्चुअल ग्लोबल साउथ समिट को संबोधित किया. उन्होंने समिट में शामिल देशों से साथ मिलकर नई वैश्विक व्यवस्था बनाने और एक-दूसरे के विकास में सहयोग देने की अपील की.

    पीएम मोदी ने नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा, ''हमने चुनौती भरे एक और साल में प्रवेश किया है जिसमें युद्ध, टकराव, आतंकवाद और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियां सामने हैं. खाद्य पदार्थों और कीटनाशकों की बढ़ती कीमतें और कोविड महामारी का आर्थिक प्रभाव के चलते दुनिया संकट से गुज़र रही है.''

    ''एक वैश्विक आवाज़ के तौर पर हमें भविष्य में बड़ी भूमिका निभानी है. हमारे देशों में तीन चौथाई मानवता बसती है. दुनिया की बेहतरी के लिए हमारी भी समान आवाज़ होनी चाहिए.''

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    उन्होंने कहा, ''दुनिया के सामने मौजूद कई वैश्विक चुनौतियां ग्लोबल साउथ के कारण पैदा नहीं हुईं हैं लेकिन उनका असर यहां भी है. हम साथ मिलकर असमानता कम कर सकते हैं, मौके बढ़ा सकते हैं, विकास में सहायता करके प्रगतिशील और संपन्न हो सकते हैं.''

    पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दशक में हमने विदेशी शासन के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ाई लड़ी है. हम लोगों के कल्याण के लिए नई वैश्विक व्यवस्था बनाने के लिए इस दशक में भी ऐसा कर सकते हैं. जहां तक भारत की बात है तो आपकी आवाज़, भारत की आवाज़ है. आपकी प्राथमिकताएं, भारत की प्राथमिकताएं हैं.

    उन्होंने बताया, ''अलगे दो दिनों में आठ प्राथिमक क्षेत्रों को लेकर चर्चाएं होंगी. मुझे पूरा भरोसा है कि ग्लोबल साउथ मिलकर नए और क्रिएटिव आइडिया पर काम कर सकता है.''

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    भारत में दो दिवसीय ''वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ समिट'' की आज से शुरुआत हो गई है. इसका आयोजन 12 से 13 जनवरी के बीच होगा.

    इसकी थीम ''वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ: मानव-केंद्रित विकास'' रखी गई है. इससे पहले इतने बड़े पैमाने पर ग्लोबल साउथ के देशों का सम्मेलन नहीं हुआ है.

    इस सम्मेलन में आर्थिक विकास, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और कारोबार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी.

  4. पाकिस्तान में आटा आसमान पर और अवाम सड़कों पर, दोषी कौन?

    70 वर्षीय इमाम बीबी
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    "औरतों के लिए यह अच्छी बात नहीं कि वह 20 किलो आटे की थैली के लिए कई दिन तक सड़कों पर बैठकर इंतज़ार करें. बड़ी संख्या में हम औरतें भी कई घंटे अलग-अलग जगहों पर आटे की ख़रीदारी के लिए बैठी रहती हैं. इस दौरान अगर किसी को पेशाब की ज़रूरत हो तो वो कहां जाएंगी? यह कोई इज़्ज़त की बात तो नहीं है न."

    यह कहना है बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में बरौरी रोड इलाके की 70 वर्षीय इमाम बीबी का जिन्हें सोमवार को क्वेटा रेलवे स्टेशन के सामने कई घंटे इंतज़ार के बावजूद सरकारी रेट पर मिलने वाली आटे की थैली नहीं मिल सकी.

    पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों से बीते कई दिनों से सरकारी दरों पर आटा नहीं मिलने की ख़बरें मिल रही हैं.

    बलूचिस्तान में बीते दो हफ़्तों से आटे का संकट गहरा गया है. इसकी वजह से राजधानी क्वेटा में 20 किलो के आटे की थैली की क़ीमत 2800 पाकिस्तानी रुपये हो गई है. वहीं राज्य के अन्य क्षेत्रों में इसकी कीमत 3,200 रुपये के सर्वाधिक स्तर तक पहुंच गई है.

  5. ह्यूमन राइट्स वॉच ने मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर की भारत की कड़ी आलोचना

    विरोध प्रदर्शन

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    अंतरराष्ट्रीय संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी वैश्विक रिपोर्ट में कहा है कि भारत सरकार ने एक्टिविस्ट समूहों और मीडिया पर हमले तेज़ कर दिए हैं.

    ह्यूमन राइट्स वॉच ने 100 से ज़्यादा देशों में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर अपनी वैश्विक रिपोर्ट जारी की है.

    712 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यकों को दबाने के लिए अपमानजनक और भेदभावपूर्ण नीतियां अपनाई हैं.

    रिपोर्ट कहती है, ''पूरे भारत में एक्टिविस्ट, पत्रकारों और सरकार के अन्य आलोचकों को राजनीतिक कारणों से आपराधिक मामलों में गिरफ़्तार किया जा रहा है. इसमें आतंकवाद संबंधी मामले भी हैं. प्रशासन आयकर छापों, वित्तीय अनियमितताओं को आरोपों और विदेशी अंशदान विनियम अधिनियम के ज़रिए मानवाधिकारों के लिए काम करने वालों को परेशान कर रहा है.''

    ''बीजेपी शासित राज्यों में प्रशासन ने मुसलमानों के घर और संपत्तियां तोड़ी हैं और ये कदम बिना क़ानूनी वैधता या प्रक्रिया के तहत उठाया गया है. ऐसा विरोध प्रदर्शन या कथित अपराधों की सज़ा के तौर पर किया गया है.''

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    ह्यूमन राइट्स वॉच की दक्षिण एशियाई निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने कहा, ''बीजेपी सरकार का हिंदू बहुसंख्यकवादी विचारधारा को बढ़ावा देने से प्रशासन और उनके समर्थकों धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसात्मक कार्रवाई कर रहे हैं. अधिकारियों को आलोचकों को जेल भेजने के बजाय उत्पीड़न करने वाले पार्टी के सदस्यों और समर्थकों पर लगाम लगानी चाहिए.''

    बिलकिस बानो

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    इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ईसाइयों को निशाना बनाने के लिए जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने को लेकर क़ानून बनाए गए हैं.

    इसमें बिलकिस बानो के मामले का भी ज़िक्र है. बताया गया है, ''2002 के दंगों के दौरान एक गर्भवती मुसलमान महिला के गैंगरेप के मामले में11 हिंदुओं को सजा पूरी होने से पहले ही रिहा कर दिया गया. उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली थी.''

    साथ ही लिखा है कि जम्मू-कश्मीर का स्वायत्त दर्जा हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के तीन सालों बाद भी अभिव्यक्ति की आज़ादी, शांतिपूर्ण सभाओं और अन्य अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं.

    इस रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के 'टू फिंगर टेस्ट या वर्जिनिटी टेस्ट' पर प्रतिबंध लगाने के फ़ैसले का भी ज़िक्र किया गया है.

  6. आज से शुरू हो रहा है ग्लोबल साउथ समिट, भारत की मेज़बानी में जुड़ेंगे 120 देश

    पीएम मोदी

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    भारत में आयोजित हो रहे दो दिवसीय ''वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ समिट'' की आज से शुरुआत हो रही है. इसका आयोजन 12 से 13 जनवरी के बीच होगा.

    इसकी थीम ''वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ: मानव-केंद्रित विकास'' रखी गई है. इसके उद्घाटन समारोह को पीएम मोदी संबोधित करेंगे.

    भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ इस सम्मेलन में 120 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं.

    भारत इस साल जी-20 का अध्यक्ष भी है और इस वर्चुअल सम्मेलन को भारत के जी-20 की अध्यक्षता के प्रभाव को बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है.

    इससे पहले इतने बड़े पैमाने पर ग्लोबल साउथ के देशों का सम्मेलन नहीं हुआ है.

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    क्या है ग्लोबल साउथ?

    आर्थिक और सामाजिक विकास के आधार पर दुनिया को बाँटने की संकल्पना में दुनिया को दो हिस्सों में बाँटा गया है.

    एक है ग्लोबल नॉर्थ और दूसरा है ग्लोबल साउथ.

    ग्लोबल नॉर्थ में दुनिया के अधिक विकसित, समृद्ध और ओद्योगिक विकास वाले देश हैं, जैसे अमेरिका, यूरोपीय देश, जापान, दक्षिण कोरिया आदि.

    वहीं ग्लोबल साउथ में आर्थिक और सामाजिक विकास के आधार पर कम विकसित देश हैं. इनमें लातिन अमेरिका, अफ़्रीका, एशिया और ओसिनिया के देश हैं.

    भौगोलिक आधार पर भी ये देश दुनिया के दक्षिणी हिस्से में आते हैं.

    भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ दो दिन तक चलने वाले इस वर्चुअल सम्मेलन में 10 सत्र होंगे, जिनमें अलग-अलग देशों के मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे.

    इस सम्मेलन का मक़सद ग्लोबल साउथ में आने वाले देशों को अलग-अलग वैश्विक मुद्दों पर अपना पक्ष रखने के लिए प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराना है.

    विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' पर आधारित है.

    इस सम्मेलन में आर्थिक विकास, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और कारोबार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी.

  7. बिहार के शिक्षा मंत्री ने रामचरितमानस को बताया नफ़रत फ़ैलाने वाला ग्रंथ, हुआ विवाद

    बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर

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    बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफ़ेसर चंद्रशेखर अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं.

    उन्होंने 'मनुस्मृति', 'रामचरितमानस' और 'बंच ऑफ़ थॉट्स' को नफ़रत फ़ैलाने वाले ग्रंथ बताया है.

    शिक्षा मंत्री ने कहा, ''मनुस्मृति को इसलिए जलाया गया क्योंकि उसमें एक बड़े तबके के ख़िलाफ़ अनेकों गालियां दी गई हैं. रामचरितमानस का क्यों प्रतिरोध हुआ. इसमें नीच जाति के लोगों को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार ना देने की बात कही गई है.''

    ''इस चीज़ को कोट करके बाबा साहब आंबेडकर ने दुनिया के लोगों को बताया. ये जो ग्रंथ हैं नफ़रत को बोने वाले- एक युग में मनुस्मृति, दूसरे में रामचरितमानस और तीसरे युग में गुरु गोलवलकर का बंच ऑफ़ थॉट्स. ये हमारे देश-समाज को नफ़रत में बांटती हैं. नफ़रत देश को महान नहीं बनाएगी बल्कि मोहब्बत बनाएगी.''

    शिक्षा मंत्री के रामचरितमानस को लेकर दिए गए बयान पर आपत्ति ज़ाहिर की गई है. बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्या के संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने शिक्षा मंत्री को उनके पद से हटाने की मांग की है.

    जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, ''बिहार के शिक्षा मंत्री ने रामचरितमानस को नफ़रत फ़ैलाने वाली पुस्तक कहा जिससे पूरा देश आहत है. ये सभी सनातनियों का अपमान है और मैं इसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की मांग करता हूं. उन्हें एक हफ़्ते में उनके पद से हटाया जाना चाहिए और उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं बिहार के शिक्षा मंत्री की जीभ काटने वाले को 10 करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा करता हूं.''

    शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर बुधवार को नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में 15वीं कॉनवोकेशन समारोह में संबोधित करने पहुंचे थे. उन्होंने अपने संबोधन में रामचरितमानस और मनुस्मृति को समाज को बांटने वाली किताबें बताया था.

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  8. दो भारतीय कफ़ सिरप पर WHO की चेतावनी, इस्तेमाल ना करने की सिफ़ारिश

    विश्व स्वास्थ्य संगठन

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    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारतीय कंपनी मरीन बायोटेक के दो कफ़ सिरप को इस्तेमाल ना करने की सिफ़ारिश की है.

    चिकित्सकीय उत्पाद को लेकर जारी चेतावनी में डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को कहा कि मरीन बायोटेक के दो दूषित चिकित्सकीय उत्पाद (कफ़ सिरप) गुणवत्ता मानकों या विशिष्टताओं पर खरे नहीं उतरे.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इन कफ़ सिरप की बिक्री को पूरी तरह रोकना ज़रूरी है. इसके लिए प्रभावित देशों और इलाक़ों में आपूर्ति को लेकर निगरानी बढ़ाई जाए.

    उज़्बेकिस्तान ने मरीन बायोटेक के दो कफ़ सिरप से 19 बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया था. ये कंपनी उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित है.

    डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट के मुताबिक़, ''ये दो उत्पाद 22 दिसंबर, 2022 को उज़्बेकिस्तान में पहचाने गए थे. ये उत्पाद हैं AMBRONOL सिरप और DOK-1 Max सिरप. इन दोनों उत्पादों का निर्माण मरीन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड करती है. तब से अब तक कंपनी ने डब्ल्यूएचओ को गुणवत्ता को लेकर कोई गारंटी नहीं दी है.''

    उज़्बेकिस्तान में की गई जांच में इन कफ़ सिरप में डाइथिलीन ग्लाइकोल और इथिलीन ग्लाइकोल अस्वीकृत मात्रा में पाया गया था.

    गुरुवार को उत्तर प्रदेश ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मरीन बायोटेक का लाइसेंस रद्द कर दिया था.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, गौतमबुद्ध नगर ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बाबर ने कहा था, ''पर्याप्त दस्तावेज़ ना देने के चलते हम मरीन बायोटेक का लाइसेंस रद्द कर रहे हैं. साथ ही कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.''

  9. रूस ने यूक्रेन युद्ध के लिए अपने शीर्ष कमांडर को हटाया, क्या है वजह

    रूसी चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़ वलियरी गेरासिमोफ़

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    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में रूस के शीर्ष कमांडर सर्गेई सुरोविकिन को उनके पद से हटा दिया है. उन्हें यूक्रेन में तीन महीने पहले ही नियुक्त किया गया था.

    अब चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़ वलियरी गेरासिमोफ़ इस 'विशेष सैन्य अभियान' का नेतृत्व करेंगे.

    जनरल गेरासिमोफ़ ने सर्गेई सुरोविकिन की जगह नियुक्त किया गया है. शीर्ष कमांडर के तौर पर सुरोविकिन रूस की संयुक्त सेनाओं के प्रमुख थे.

    सुरोविकिन ने हाल ही में यूक्रेन के ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमले की ज़िम्मेदारी संभाली थी.

    ये बदलाव तब हुआ है जब रूस ने दावा किया है कि वो पूर्वी यूक्रेन में आगे बढ़ रहा है. रूस ने यूक्रेन में पिछले साल 24 फ़रवरी को हमला किया था.

    जनरल गेरासिमोफ़ साल 2012 से चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़ के पद पर बने हुए हैं. वो सोवियत काल के बाद सबसे लंबे समय तक अपने पद पर रहने वाले चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़ हैं.

    जनरल सुरोविकिन अब उनके डिप्टी के तौर पर काम करेंगे. उन्हें पिछले युद्धों में उनकी क्रूर नीतियों के लिए जाना जाता है. जिसमें सीरिया में रूस के अभियान और अलेप्पो शहर में भारी बमबारी शामिल है.

    इसके तुरंत बाद उन्हें अक्टूबर में इस अभियान का नेतृत्व सौंपा गया. तब रूस यूक्रेन में ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को ख़त्म करना चाहता था. खेरसोन से रूसी सेना के निकलने के दौरान भी सुरोविकिन मौजूद थे.

    रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सुरोविकिन की जगह किसी और को लाने का मक़सद है ''सेना की अलग-अलग शाखाओं के बीच नज़दीकी संपर्क बनाना और प्रबंधन की गुणवत्ता और प्रभाव में सुधार करना.''

    लेकिन, ऐसा भी कहा जा रहा है कि सुरोविकिन ने बहुत ज़्यादा ताक़त हासिल कर ली थी.

    सैन्य मामलों के जानकार रोब ली ने ट्वीट पर लिखा, ''तीनों सेनाओं के कमांडर के तौर पर सुरोविकिन बहुत ताक़तवर हो रहे थे और राष्ट्रपति पुतिन से बात करते हुए रक्षा मंत्री और गेरासिमो को नज़रअंदाज करते रहे थे.''

  10. नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 11 जनवरी के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिककर सकते हैं.