राहुल गांधी ने कहा, '21वीं सदी के कौरव 'ख़ाकी हाफ़ पैंट' पहनते हैं और शाखा लगाते हैं'
पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर ने सोमवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने पर बात की.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and शुभम किशोर
राहुल गांधी ने कहा, '21वीं सदी के कौरव 'ख़ाकी हाफ़ पैंट' पहनते हैं और शाखा लगाते हैं'
इमेज स्रोत, Getty Images
भारत जोड़ो यात्रा पर निकले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला है. राहुल ने इस बार आरएसएस की तुलना महाभारत के कौरवों से की.
हरियाणा में राहुल गांधी ने कहा, "21वीं सदी के कौरव ख़ाकी हाफ़ पैंट पहनते हैं, हाथ में लाठी लिए रहते हैं, और शाखा लगाते हैं. हिंदुस्तान के दो-तीन अरबपति कौरवों के साथ खड़े हैं."
इसके अलावा उन्होने सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने दबाव में ये क़दम उठाए हैं.
उन्होंने कहा, "नोटबंदी किसने करवाई, ग़लत जीएसटी किसके ख़िलाफ़ की गई, इसे आप समझिए. नोटबंदी, ग़लत जीएसटी नरेंद्र मोदी ने ज़रूर साइन किया मगर नरेंद्र मोदी की शक्ति ने ग़लत जीएटी और नोटबंदी नहीं लागू करवाई. हिंदुस्तान के दो-तीन अरबपतियों की शक्तियों ने प्रधानमंत्री का हाथ चलाया."
कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने कहा था कि अदानी और अंबानी उनके भाई को नहीं ख़रीद पाए.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
टी शर्ट पर क्या बोले राहुल
ठंड में टी-शर्ट पहन कर यात्रा करने के सवाल पर उन्होंने कहा मध्यप्रदेश में सुबह "तीन बच्चियां मेरे पास आईं, जैसे ही मैंने उन्हें पकड़ा, तो पाया कि वो ठंड से कांप रही थीं. मैंने देखा उन्होंने पतली सी शर्ट पहन रखी थी."
"उस दिन मैंने निर्णय लिया कि जब तक मैं कांपना नहीं शुरू करूंगा, टी शर्ट ही पहनूंगा. जब मुझे अच्छी ठंड लगने लगेगी, ज़बरदस्त कठिनाई होगी, तब मैं स्वेटर पहनने का सोचूंगा."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
पाकिस्तान की मदद के लिए वित्तीय संस्थानों से बात कर रहे हैं - फ्रांस के राष्ट्रपति मैंक्रों
इमेज स्रोत, Getty Images
फ़्रास के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रों ने कहा है कि वो पाकिस्तान की मदद के लिए वित्तीय संस्थानों से बात कर रहे हैं. पाकिस्तान में बाढ़ के कारण बहुत नुकसान हुआ है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक फ्रांस आर्थिक और अन्य तरह की मदद देने की बात की है. मैंक्रों ने ये बातें एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में संयुक्त राष्ट्र के एक कॉन्फ्रेंस में कही, जो कि पाकिस्तान की मदद के लिए आयोजित किया गया था.
पाकिस्तान में आए बाढ़ के कारण कम से कम 1700 लोगों की मौत हो गई थी और पाकिस्तान को बहुत आर्थिक नुकसान हुआ था. नुकसान की भरपाई में एक अनुमान के मुताबिक 16 बिलियन डॉलर लगेंगे.
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने सोमवार को पाकिस्कान की मदद के लिए "बड़ा निवेश" की मांग की है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर "दोहरी मार" पड़ी है, जलवायु परिवर्तन से और "नैतिक तौर पर ख़त्म हो चुके वैश्विक आर्थिक सिस्टम से"
एंटोनियो गुटेरस ने कहा, "जो पाकिस्तान ने झेला है, उसका हकदार कोई देश नहीं है."
पाक आर्मी चीफ़ से मिले सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस, क्या हुई बात?
इमेज स्रोत, @spagov
पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर ने सोमवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने पर बात की.
पाकिस्तान की ख़राब आर्थिक हालात के बीच जनरल मुनीर एक हफ़्ते के लिए सऊदी अरब के दौरे पर हैं. नवंबर में सेनाध्यक्ष बनने के बाद ये उनका पहला विदेश दौरा है.
सऊदी अरब की सरकारी 'सऊदी प्रेस एजेंसी' के मुताबिक, "मुलाक़ात के दौरान दोनों ने द्विपक्षीय रिश्तों को बेहतर बनाने पर बात की. इसके अलावा कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई."
इससे पहले सेना ने एक बयान जारी कर कहा था कि जनरल मुनीर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के देशों के कई वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे.
पाकिस्तान अपने बुरे आर्थिक हालात से निबटने की हरसंभव कोशिश कर रहा है. सरकार ने डिफ़ॉल्ट करने की अटकलों को ख़ारिज कर दिया है.
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच गहरे सैन्य और आर्थिक संबंध हैं, और सऊदी अरब कई मौकों पर पाकिस्तान की मदद करता रहा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
रोहित शर्मा: 'टी-20 फ़ॉर्मेट मैंने अभी छोड़ा नहीं है...'
इमेज स्रोत, ICC via Getty Images
भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने सोमवार को कहा है कि "टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट को छोड़ने" का उनका कोई प्लान नहीं है.
ये बयान एक ऐसे वक्त पर आया है जब हार्दिक पंड्या के नेतृत्व में बदलाव दिखने लगे हैं.
रोहित शर्मा, पूर्व कप्तान विराट कोहली और हाल ही में उप-कप्तान के पद से हटाए गए केएल राहुल फिलहाल टीम का हिस्सा नहीं हैं.
श्रीलंका सिरीज़ की शुरुआत से एक दिन पहले, मीडिया से बात करते हुए रोहित शर्मा ने कहा, "सबसे पहली बात एक के बाद एक लगातार मैच खेलने मुमकिन नहीं है. आपको उन्हें (अलग-अलग फ़ॉर्मेट को) ब्रेक देना पड़ता है. मैं भी इसी खांचे में आता हूं. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हमें तीन टी-20 खेलने हैं. आईपीएल के बाद हम देखेंगे कि क्या होता है. मैंने अभी इस फ़ॉर्मैट को छोड़ने के बारे में नहीं सोचा है."
बिहार में ज़हरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पीआईएल पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
....में
Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, ANI
बिहार के छपरा में ज़हरीली शराब के कारण हुई मौतों से जुड़ी एक पीआईएल पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है.
आर्यवर्त महासभा फ़ाउंडेशन ने छपरा ज़हरीली शराब मामले में एक एसआईटी जांच और मरने वालों के परिवार को मुआवज़ा देने की मांग की थी.
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस मामले को हाईकोर्ट डील कर सकता है.
पीआईएल में कोर्ट से निवेदन किया गया था, "इस मामले में राज्य सरकार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाने के लिए दिशा निर्देश दिए जाएं और परिवार को मुआवज़ा दिया जाए क्योंकि लोगों के अधिकारों का हनन हुआ है."
दिसंबर में ज़हरीली शराब पीने से 65 लोगों की मौत हो गई है.
09 जनवरी 2023 का ‘दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर’, मोहम्मद शाहिद और प्रेरणा के साथ
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
कर्नाटक: कांग्रेस हाई कमान के एलान से पहले बोले सिद्धारमैया- चुनाव कोलार से लड़ेंगे
....में
Author, इमरान क़ुरैशी
पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, राहुल गांधी के साथ कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया
कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने सोमवार को उनके चुनाव क्षेत्र को लेकर चल रही सभी अटकलों को विराम देते हुए ये साफ़ कर दिया कि वे कोलार सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे.
हालांकि सिद्धारमैया ने ये भी साफ़ किया है कि उनके फ़ैसले के लिए पार्टी हाई कमान की मंज़ूरी ज़रूरी होगी.
साल 2018 में सिद्धारमैया ने महज 1600 वोटों के अंतर से बदामी सीट से चुनाव जीता था.
लेकिन इसी चुनाव में वे अपने गृह ज़िले मैसूरू की चामुंडेश्वरी सीट पर जनता दल सेकुलर के उम्मीदवार के हाथों 36 हज़ार से भी अधिक मतों के अंतर से हार गए थे.
इमेज स्रोत, ANI
हालांकि इससे पहले के चुनावों में सिद्धारमैया मैसूरू की ही वरुणा सीट से चुनाव जीतते रहे थे लेकिन 2018 में ये सीट उन्होंने अपने बेटे डॉक्टर एस यतींद्र को दे दी थी. उनके बेटे वरुणा सीट पर विजयी रहे थे.
कोलार सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा सिद्धारमैया ने एक सार्वजनिक सभा में की. दरअसल, इस जनसभा में उनसे पहले कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री केएम मुनियप्पा ने कहा कि अगर सिद्धारमैया कोलार सीट से चुनाव लड़ते हैं तो "हम उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे."
इमेज स्रोत, ANI
ऐसी चर्चा थी कि सिद्धारमैया पर कोलार और कुछ अन्य विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी कार्यकर्ता दबाव बना रहे थे.
लेकिन कोलार से चुनाव लड़ने का फ़ैसला उन्होंने वहां से मौजूदा विधायक श्रीनिवास गौड़ा से मुलाकात के बाद किया. श्रीनिवास गौड़ा ने ये सीट जेडीएस के टिकट पर जीती थी और बाद में वे कांग्रेस के करीब चले गए.
श्रीनिवास गौड़ा ने सिद्धारमैया से कोलार सीट से चुनाव लड़ने की अपील की थी. कोलार को पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के वर्चस्व वाली सीट माना जाता है.
वो जगह जहां की कुछ औरतें आजीवन कुंवारी रहने की शपथ लेती हैं
वीडियो कैप्शन, वो जगह जहां की कुछ औरतें आजीवन कुंवारी रहने की शपथ लेती हैं
उत्तरी अल्बानिया में एक शताब्दी पुरानी परंपराएं अभी भी मौजूद हैं.
यहां के पारंपरिक क़ानून महिलाओं को बहुत कम अधिकार देते हैं.
कुछ महिलाओं ने अविवाहित रहने की शपथ ली और वे पुरुषों की तरह रहती हैं.
ऐसी महिलाओं को बर्नेशा या स्वॉर्न वर्जिन कहते हैं, यानी आजीवन कुंवारी औरतें.
जोशीमठ: असुरक्षित इमारतों पर लगाया गया लाल X का निशान
इमेज स्रोत, ANI
जोशीमठ में बिगड़ते हालात के बीच प्रशासन ने उन इमरतों पर लाल रंग में क्रॉस का निशान लगा दिया है जो अब रहने लायक नहीं रहे हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने कहा कि शहर की ख़तरनाक इमारतों को लाल क्रॉस से चिह्नित किया गया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
यहां रहने वाले लोगों को पहले ही दूसरी सुरक्षित जगहों पर शिफ़्ट कर दिया गया है.
खु़राना ने कहा, "डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत हमने असुरक्षित इलाकों में क्रॉस का निशान लगाया है, जो अब रहने लायक नहीं रहे. इनमें सिंधी गांधीनगर और मनोहर बाघ के इलाके शामिल हैं."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
पिछले कई दिनों में इमारतों और सड़कों पर दरार आने के बाद जोशीमठ को 'सिंकिंग ज़ोन' बताया गया था.
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, 600 से ज़्यादा घरों में दरारें आ गई हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने सात अलग-अलग संस्थाओं के एक्सपर्ट्स की टीम बनाकर उन्हें राय देने के लिए कहा है.
इन सभी ने हालात का जायज़ा लेना शुरू कर दिया है.
भारत इस सम्मेलन के ज़रिए अपनी विदेश नीति को देना चाहता है और धार
इमेज स्रोत, Getty Images
भारत विदेश नीति में नए और अनूठे प्रयास के तहत 12-13 जनवरी को वॉयस ऑफ़ ग्लोबल साउथ के नाम से एक वर्चुअल सम्मेलन का आयोजन कर रहा है.
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ इस सम्मेलन में 120 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं.
भारत इस साल जी-20 का अध्यक्ष भी है और इस वर्चुअल सम्मेलन को भारत के जी-20 की अध्यक्षता के प्रभाव को बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है.
इससे पहले इतने बड़े पैमाने पर ग्लोबल साउथ के देशों का सम्मेलन नहीं हुआ है.
आईएएस अधिकारी अशोक खेमका का एक और ट्रांसफर
इमेज स्रोत, Arijit Sen/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, आईएएस अधिकारी अशोक खेमका
हरियाणा सरकार ने आईएएस अधिकारी अशोक खेमका का एक बार फिर ट्रांसफर कर दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उनके साथ हरियाणा सिविल सर्विस के चार और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है.
सरकारी बयान के अनुसार, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में एडिश्नल चीफ़ सेक्रेटरी के तौर पर तैनात अशोक खेमका को अब आर्काइव डिपार्टमेंट भेज दिया गया है. यहां भी वे एडिश्नल चीफ़ सेक्रेटरी ही रहेंगे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
सरकारी बयान के अनुसार, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में एडिश्नल चीफ़ सेक्रेटरी के तौर पर तैनात अशोक खेमका को अब आर्काइव डिपार्टमेंट भेज दिया गया है.
आईएएस खेमका का करियर विवादों और लगातार होने वाले तबादलों की वजह से सुर्खियों में रहा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
तीन दशकों के करियर में उनका 50 से अधिक बार ट्रांसफर हुआ है.
उनकी आख़िरी पोस्टिंग अक्टूबर, 2021 में हुई थी.
हरियाणा सरकार के बयान में इस तबादले की कोई वजह नहीं बताई गई है.
वडोदरा की महारानी की तिजोरियां, जो बेशकीमती आभूषणों से भरी रहती थीं
वीडियो कैप्शन, वडोदरा की महारानी की तिजोरियां, जो बेशकीमती आभूषणों से भरी रहती थीं
वडोदरा की महारानी की विशालकाय तिजोरियों में किसी ज़माने में बेशकीमती आभूषण और हीरे-जवाहरात रखे जाते थे.
इन अलमारियों को विशेष रूप से लंदन से मंगाया गया था.
इसकी ख़ासियत ये है कि ना तो इन्हें तोड़ा जा सकता है और ना ही इनमें आग लगाई जा सकती है.
फिलहाल ये तिजोरियां महाराज सयाजीराव यूनिवर्सिटी के हंसा मेहता लाइब्रेरी में रखी हैं.
प्रचीन पांडुलिपियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए महाराज सयाजीराव गायकवाड़ ने ये तिजोरियां ओरिएंटल इंस्टीट्यूट को तोहफ़े के रूप में दी थीं.
ओरिएंटल इंस्टीट्यूट प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और रिसर्च का काम देखता है.
ब्रेकिंग न्यूज़, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टीवी चैनलों को आगाह किया, पढ़िए क्या है वजह
इमेज स्रोत, Getty Images
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टीवी चैनलों को परेशान करने वाले फ़ुटेज दिखाने को लेकर टीवी चैलनों को आगाह किया है.
मंत्रालय ने कहा कि खून, शव और उत्पीड़न से जुड़ी तस्वीरें प्रोग्रैमिंग कोड के ख़िलाफ़ हैं.
मंत्रालय ने कहा है कि सोशल मीडिया से उठाए गए वीडियो बिना एडिटिंग के चलाए जा रहे हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
मंत्रालय के मुताबिक टीवी चैनलों पर खू़ून, महिलाओं, बच्चों और बूढ़ों को पीटने के वीडियो, रोके के वीडियो, टीचर द्वारा बच्चे की पीटाई के वीडियो, कई बार काफ़ी देर तक चलाए गए हैं.
इसके अलावा कई वीडियों में एक्शन को घेरा बनाकर दिखाया जाता है जो कि इन्हें और ख़तरनाक बनाता है.
मंत्रालय ने ऐसे कई मामलों में रिपोर्टिंग के तरीकों को भी ग़लत बताया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
मंत्रालय ने ऐसी कई घटनाओं की लिस्ट जारी कि जिनमें उनके अनुसार कोड का उल्लंघन किया गया.
इस लिस्ट में ऋषभ पंत और कंझावला मामले से जुड़े वीडियो का भी ज़िक्र है.
एडिथ थॉमसन: वो महिला जिसे अपने आशिक़ के अपराध के लिए मिली सज़ा-ए-मौत
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, एडिथ और पर्सी ने वेस्टक्लिफ, एसेक्स में जनवरी 1916 में शादी की
9 जनवरी 1923 को एडिथ थॉमसन और उनके प्रेमी फ्रेडरिक बायवाटर्स को एडिथ के पति की हत्या के जुर्म में मौत की सज़ा दी गई थी.
हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं था कि एडिथ को ये बात पहले से मालूम थी कि उनके पति की हत्या की जाएगी.
फिर भी एडिथ को क्यों मुजरिम ठहराया गया? और, आज एक सदी बाद भी ये केस कैसे चर्चा में बना हुआ है?
9 जनवरी 1923 को मंगलवार था. जल्लाद और उसके सहायक मुस्तैदी से लंदन की हॉलोवे जेल की कालकोठरी के बाहर पहुंच गए. वो बेहद सर्द सुबह थी.
असम में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या, एक गिरफ्तार
....में
Author, दिलीप कुमार शर्मा
पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, DILIP KUMAR SHARMA
इमेज कैप्शन, पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए उस इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है
असम के करीमगंज शहर के पास बाजारिचेरा पुलिस थाने के बाजारिचेरा में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या का एक मामला सामने आया है.
यह घटना रविवार शाम की है.
पुलिस ने इस घटना के संदर्भ में सोमवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
इमेज स्रोत, TWITTER@BaruahPadmanabh
इमेज कैप्शन, करीमगंज जिले के पुलिस अधीक्षक पद्मनाभ बरुआ
करीमगंज शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर लोवेरपुआ इलाके में 16 साल के युवक की हत्या के बाद तनाव का माहौल है.
करीमगंज जिले के पुलिस अधीक्षक पद्मनाभ बरुआ ने बीबीसी से इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा, "यह बाजारिचेरा पुलिस थाने के इलाके की घटना है. दरअसल यह दो लोगों के बीच आपसी रंजिश का मामला था. पहले भी दोनों के बीच छोटी-मोटी लड़ाई हुई थी लेकिन रविवार को अभियुक्त ने धारदार हथियार से संभू कोइरी नामक युवक पर हमला कर दिया जिससे उनकी मौत हो गई."
इमेज स्रोत, DILIP KUMAR SHARMA
इमेज कैप्शन, करीमगंज में कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की भी घटना हुई है
उन्होंने कहा, "हमने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रहे है. इस मामले में जो अभियुक्त है वो दूसरे समुदाय से है. लेकिन इसमें कोई साम्प्रदायिक एंगल नहीं है. हालांकि पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए उस इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है."
इमेज स्रोत, DILIP KUMAR SHARMA
एक सवाल का जवाब देते हुए पुलिस अधीक्षक बरुआ ने कहा कि मरने वाला युवक का बजरंग दल से संबंध था. यहां बजरंग दल के स्थानीय लोगों ने इस बारे में बताया है.
ऐसा बताया जा रहा है कि कोइरी पास के हैलाकांडी जिले में बजरंग दल के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के बाद करीमगंज जिले में लौट रहे थे.
उसी दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया था.
इमेज स्रोत, DILIP KUMAR SHARMA
'उमराव जान' बनाने वाले मुज़फ़्फ़र अली की कहानी
वीडियो कैप्शन, 'उमराव जान' बनाने वाले मुज़फ़्फ़र अली की कहानी
फ़िल्म 'उमराव जान' बनाने वाले फ़िल्मकार मुज़फ़्फ़र अली की आत्मकथा 'ज़िक्र' हाल में ही प्रकाशित हुई है.
इस किताब में उनके फ़िल्मी करियर और ज़िंदगी के कई दूसरे दिलचस्प किस्सों का ज़िक्र है.
बीबीसी संवाददाता रेहान फ़ज़ल ने उनसे उनकी किताब पर ख़ास बातचीत की.
पाकिस्तान में चिकन के दाम लगातार क्यों बढ़ रहे हैं, डॉलर संकट का असर तो नहीं?, आजम खान, बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद से
इमेज स्रोत, Getty Images
पाकिस्तान में चिकन फीड को लेकर पॉल्ट्री एसोसिएशन और सरकार के बीच तनाव के माहौल में ये आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में चिकन मीट की कीमतों में तेज़ी जारी रह सकती है.
पाकिस्तान पॉल्ट्री एसोसिएशन की ये चेतावनी संघीय खाद्य सुरक्षा मंत्री तारिक बशीर चीमा के बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सेहत के लिए नुक़सानदेह फ़ीड पर तैयार गए चिकन को नहीं खाने का सुझाव दिया था.
आर्थिक संकट और मंहगाई के इस दौर में पाकिस्तान में अन्य खाद्य पदार्थों की तरह चिकन के दाम पहले ही काफी बढ़ गए थे, लेकिन पिछले दो हफ़्ते के दौरान चिकन के दाम प्रति किलो डेढ़ से दो सौ रुपये तक बढ़ गए हैं.
इमेज स्रोत, Getty Images
वहीं, कीमतों में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है.
इन सबके बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि मुर्गों के रेट कैसे तय होते हैं, वे कौन से कारक हैं जिनकी वजह से कीमतों में कमी या भारी बढ़ोतरी होती है और क्या चिकन के दाम तय करने में सरकार की भी कोई भूमिका है.
चिकन और मीट का कारोबार करने वाले इस्लामाबाद के मलिक साबिर अली ने बीबीसी को बताया कि रविवार को उन्होंने मुर्गे का मांस 700 रुपये किलो बेचा, जो कुछ दिन पहले 440 से 480 रुपये किलो के बीच था.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
मलिक साबिर अली उन दुकानदारों में शामिल हैं जो बाजार की मांग के अनुसार चिकन बेच रहे हैं और वह इस बात से सहमत हैं कि दर को नियंत्रित करने के लिए कोई हलचल नजर नहीं आ रही है.
उनका कहना है कि जब खरीदार उनकी दुकान पर आते हैं तो उनसे शिकायत करते हैं कि 'महंगाई बहुत हो गई है, अब हम क्या करेंगे?'
पाकिस्तान में पॉल्ट्री उद्योग से जुड़े व्यापारी इस संकट के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जो आटे समेत खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से पहले से ही लोगों की आलोचना का शिकार है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
इन आरोपों और जनता की आलोचना पर पिछले हफ्ते पांच जनवरी को संघीय खाद्य सुरक्षा मंत्री तारिक बशीर चीमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनता को चिकन से दूर रहने की सलाह दी थी.
उन्होंने बताया कि वह खुद चिकन या मीट नहीं खाते हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को चिकन खाना बंद कर देना चाहिए क्योंकि चिकन खाना सेहत के लिए हानिकारक होता है.
पॉल्ट्री सेक्टर से जुड़े व्यवसायियों का कहना है कि मौजूदा समय में सबसे बड़ा संकट चिकन का नहीं बल्कि उसके चारे का है, जिससे बाजार में चिकन की आपूर्ति काफी कम हो गई है जबकि मांग बढ़ गई है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
मियां मुहम्मद जावेद, मियां मुहम्मद असलम और मुहम्मद अशरफ पॉल्ट्री व्यवसाय से जुड़े हैं.
उनके मुताबिक इस समय सोयाबीन और कनोला से लदे 12 जहाज पिछले ढाई महीने से कराची के बंदरगाह पर खड़े हैं और सरकार उन्हें रोके हुए है जिससे यह चिकन फीड कारखानों तक नहीं पहुंच रहा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 4
गौरतलब है कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट को देखते हुए कई तरह के आयात पर रोक लगा दी गई है.
इस्लामाबाद से नेशनल असेंबली के पूर्व सदस्य मियां मुहम्मद असलम के मुताबिक इन जहाजों को टेक्नीकल रीजन बताकर बंदरगाह पर रोका गया है.
अखिलेश यादव ने क्यों ठुकराई उत्तर प्रदेश पुलिस की चाय
वीडियो कैप्शन, अखिलेश यादव ने ठुकराई उत्तर प्रदेश पुलिस की चाय
यूपी पुलिस मुख्यालय पहुंचे अखिलेश यादव ने वहां चाय पीने से इनकार कर दिया. समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के बाद अखिलेश यादव यहां पहुंचे थे.
गिरफ्तारी के खिलाफ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने यूपी पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया.
लखनऊ पुलिस के मुताबिक़, सपा कार्यकर्ता मनीष जगन अग्रवाल के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज़ कर उन्हें जेल भेजा गया है.
अमेरिकी किसानों ने जीती जॉन डियर ट्रैक्टर के ख़िलाफ़ ये लड़ाई, मोनिका मिलर, बीबीसी न्यूज़
इमेज स्रोत, DEERE & CO
ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनी जॉन डियर ने अमेरिका में अपने ग्राहकों को खुद वाहनों की मरम्मत करने का अधिकार दे दिया है.
इससे पहले किसानों को ट्रैक्टर में खराबी आने पर केवल कंपनी के कल-पुर्जे या सेवाएं लेने की ही मंज़ूरी थी लेकिन नए बदलाव के बाद किसान सस्ते में मरम्मत करवा सकेंगे.
डियर एंड कंपनी खेती से जुड़े उपकरण बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है.
इमेज स्रोत, Mohammad Khursheed/Reuters
अमेरिकन फार्म ब्यूरो फ़ेडरेशन (एएफ़बीएफ़) और डियर एंड कंपनी ने इस मामले में रविवार को मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए.
किसान राइट-टू-रिपेयर अभियान का अहम हिस्सा रहे हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
इस अभियान का के ज़रिए मैन्युफ़ैक्चर कंपनियों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई ताकि ग्राहक अपने उपकरणों की मरम्मत खुद कर सकें या फिर अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी दुकान से करवा सकें.
साल 2022 में इस संबंध में एप्पल ने 'सेल्फ़ सर्विस रिपेयर स्कीम' लॉन्च की थी जिसके ज़रिए उसने अपने ग्राहकों को आईफ़ोन में बैटरी, स्क्रीन और कैमरा बदलने की इजाज़त दी.
सऊदी अरब, भारत और तुर्की के तेवर की क्यों हो रही चर्चा
इमेज स्रोत, Getty Images
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2019 में 25 और 26 अक्तूबर को अज़रबैजान के बाकू में आयोजित गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नॉन एलाइनमेंट मूवमेंट यानी नाम) के 19वें समिट में शामिल नहीं हुए थे.
इससे पहले वह 2016 में भी वेनेज़ुएला में नाम के 18वें समिट में शामिल नहीं हुए थे.
गुटनिरपेक्ष आंदोलन के इन दोनों समिट में भारत की ओर से उपराष्ट्रपति गए थे.
2016 में वेनेज़ुएला समिट में भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और 2019 में बाकू समिट में तत्कालीन उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
गुटनिरपेक्ष आंदोलन के समिट में पीएम मोदी के शरीक नहीं होने को निर्णायक क़दम के रूप में देखा गया था क्योंकि भारत नाम का संस्थापक सदस्य रहा था.