You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

पश्चिम बंगाल में मिड डे मील में मिलेंगे चिकन और फल

पंचायत चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी स्कूलों के मिड डे मील में जनवरी से चार महीनों के लिए चिकन और फल देने का फ़ैसला किया है

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and शुभम किशोर

  1. अमेरिकी संसद में छह बार मतदान के बाद भी नहीं चुना जा सका स्पीकर

    अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा में बुधवार को छह बार मतदान होने के बावजूद भी अध्यक्ष नहीं चुना जा सका.

    रिपब्लिकन पार्टी के नेता केविन मैकार्थी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं. मंगलावर से बुधवार तक छह बार मतदान होने पर भी उन्हें बहुमत नहीं मिल सका.

    अमेरिका में 100 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब बिना अध्यक्ष के ही सदन को स्थगित करना पड़ रहा है.

    आज सातवीं बार सदन में अध्यक्ष पद के लिए मतदान हो सकता है.

    ऐसा 1923 के बाद पहली बार हुआ जब मतदान में अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया.

    क्यों नहीं जीत पा रहे हैं मैकार्थी

    नवंबर में हुए चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी के लिए प्रतिनिधि सभा में अध्यक्ष पद पाना आसान माना जा रहा था. मैकार्थी को जीत के लिए कुछ ही वोटों की ज़रूरत थी.

    लेकिन, उन्हें अपनी ही पार्टी में विरोध का सामना करना पड़ा.

    उन्हें जीत के लिए 218 वोटों की ज़रूरत थी. वैसे तो रिपब्लिकन पार्टी के पास 222 सीटें थीं लेकिन पार्टी के लगभग 20 धुर दक्षिणपंथी नेता उनके ख़िलाफ़ हो गए हैं.

    एक रिपब्लिकन लॉबिस्ट ने कहा, ''मैकार्थी ने कुछ समूहों में दोस्त नहीं बनाए हैं. उन्होंने कई दुश्मन बनाए हैं. कई लोग उन्हें राजनीतिक और निजी कारणों से पसंद नहीं करते.''

    छह बार मतदान होने के बाद कैलिफॉर्निया के सांसद मैकार्थी ने कहा कि कोई समझौता नहीं हो पाया है और दुबारा मतदान कराने का कोई मतलब नहीं है.

    उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि लोग इस पर थोड़ा और काम करें. आज रात होने वाले मतदान से कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन, बाद में होने वाले मतदान में कोई नतीजा निकल सकता है.''

    हालांकि, सदन फिर से शुरू होने पर स्थगन प्रस्ताव लाया गया जिसका डेमोक्रेट सांसदों ने विरोध किया.

    ये प्रक्रियात्मक देरी कराने का एक तरीक़ा और ये रिपब्लिकन पार्टी भी ये तरीक़ा अपनाती आई है. हालांकि, बाद में सदन को स्थगित कर दिया गया.

  2. सऊदी अरब ने बताया, पिछले साल कितने लोगों ने किया उमराह

    सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने बताया कि साल 2022 में 70 लाख लोगों ने उमराह किया. इसमें से 40 लाख लोग उमराह वीज़ा पर थे.

    मंत्रालय ने बताया कि तीर्थयात्री सुविधाजनक तरीक़े से उमराह कर सकें इसके लिए सभी प्रयास किए गए.

    साथ ही मंत्रालय ने ये भी बताया कि देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किस तरह के क़दम उठाए गए हैं.

    सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक़ हज और उमराह को लेकर मंत्रालय की नीतियां सऊदी अरब के विज़न 2030 के को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं.

    ये नीतियां एक संपन्न अर्थव्यवस्था, जीवंत समाज और महत्वाकांक्षी राष्ट्र के तीन स्तंभों पर आधारित हैं.

    मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए 14 अलग-अलग भाषाओं में 13 जागरूकता मार्गदर्शिकाएं और उमराह के बारे में बताने वाली एक व्यापक मार्गदर्शिका जारी की हैं.

    इससे उमराह करने वालों को आने से पहले ही सभी ज़रूरी धार्मिक, चिकित्सकीय और प्रक्रियात्मक जानकारियां मिल सकती हैं.

    मंत्रालय ने सभी तरह के वीज़ा जैसे टूरिस्ट, इंस्टेंट, फैमिली वीज़ा, ब्रिटेन और अमेरिकी वीज़ा धारकों को भी उमरा पर आने की इजाज़त देना भी एक उपलब्धि बताया है.

    मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया कि उमराह वीज़ा को 30 से बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया है, जिससे उमराह के लिए आने वाले तीर्थयात्री सऊदी अरब में बने ऐतिहासिक स्मारकों और धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं.

  3. नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 02 जनवरी के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिककर सकते हैं.

    आज की अहम ख़बरें –

    • सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्रालय ने बताया कि साल 2022 में 70 लाख लोगों ने उमरा किया.
    • यूरोपीय संघ ने सभी सदस्य देशों को सलाह दी है कि वो चीन से आने वाले यात्रियों का नेगेटिव कोरोना टेस्ट दिखाने के लिए ज़ोर दें.
    • केंद्र सरकार ने चक्रवात मांडस से प्रभावित आंध्र के तंबाकू किसानों को राहत देने के लिए 28.11 करोड़ रुपयों की मंज़ूरी दी है.
    • ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता खामेनेई पर बने एक कार्टून को अपमानजनक बताते हुए फ्रांसीसी राजदूत को तलब किया है.
    • ईरान में अभिनेत्री तारानेह अलीदूस्ती को 18 दिनों की हिरासत के बाद रिहा कर दिया गया. उन पर हिजाब विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन करने का आरोप था.