अंजलि केस: वारदात की मिनट दर मिनट पड़ताल और वो अनसुलझे सवाल
कंझावला केस में दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर अब तक की जांच के बारे में जानकारी दी है. अब तक की जांच के आधार पर दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी सागरप्रीत हुड्डा ने क्या-क्या जानकारी दी है, पहले उसे जानते हैं -
दिल्ली पुलिस ने क्या-क्या बताया -
- चश्मदीद निधि का अभियुक्तों से कोई कनेक्शन नहीं. उनका बयान रिकॉर्ड किया गया है, जिसके बारे में जानकारी अभी नहीं दी जा सकती है.
- सीसीटीवी के आधार पर दो और लोगों का पता चला है. यानी पांच नहीं सात अभियुक्त हैं.
- बाकी के दोनों अभियुक्तों ने सच छुपाने की कोशिश की. अपराधियों को बचाने में मदद की. उनकी गिरफ़्तारी की कोशिश की जा रही है.
- पुलिस को फ़ोरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार है
- पोस्टमॉर्टम की फ़ाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है.
- सीसीटीवी की टाइमिंग का विश्लेषण किया जा रहा है.
- कॉल डिटेल के आधार पर मृतक अंजलि और अभियुक्तों के बीच कोई पुराना कनेक्शन नहीं मिला है.
- बाकी पहलुओं का विश्लेषण कर पुलिस जल्दी ही चार्जशीट दाखिल करेगी.
- लास्ट सीन को ट्रेस करते हुए पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि निधि इस मामले में अहम चश्मदीद है. 164 सीआरपीसी के तहत कोर्ट में उसका बयान दर्ज हुआ है.
- घटना के बाद पुलिस को सूचना नहीं दी गई, इसकी भी जांच की जा रही है कि इसकी वजह क्या थी.
- अभी तक ये पूरा मामला मर्डर केस नहीं बन रहा है. बिना पुख़्ता सबूत धारा 302 (हत्या) नहीं लगाई जा सकती. अभी तक के सबूतों के आधार पर धारा 304 (ग़ैर इरादतन हत्या) का केस बनता है.
- पुलिस की भूमिका को लेकर इंटरनल एन्क्वायरी हो रही है कि ये ह्यूमन एरर है या प्रोसेस में एरर हुआ है. नतीजे के आधार पर कार्रवाई होगी.
- मौके पर मिली स्कूटी के आधार पर पुलिस उसके मालिक के घर तक पहुंची. डेड बॉडी उसके बाद मिली थी. पुलिस की तरफ़ से अभी तक कोई चूक सामने नहीं आई है.