दिल्ली पुलिस ने बताया है कि रविवार (1
जनवरी) को कार हादसे में मारी गई युवती का जिस्म कार के साथ करीब 10-12 किलोमीटर
तक घिसटता रहा.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (कानून
व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा ने आज (सोमवार) को मीडिया को बताया, “(पीड़िता) लगभग 10-12 किलोमीटर तक घिसटती रही.”
दिल्ली पुलिस के मुताबिक ये हादसा रविवार
को तड़के ढाई से तीन बजे के बीच हुआ.
पहले पुलिस ने जानकारी दी थी कि हादसे
के बाद युवती का शरीर गाड़ी में फंस गया था और वो 'कुछ किलोमीटर' तक गाड़ी के साथ
घिसटती रही थी. इस वजह से उसके सिर का पिछला हिस्सा और शरीर का पिछला भाग बुरी तरह
से छिल गया.
जांच से संतुष्ट नहीं परिजन
पुलिस की थ्योरी पर पीड़िता की मां और
बाकी परिजन सवाल उठा रहे हैं. पीड़ित की मां ने आरोप लगया, "उनकी बेटी के साथ पांच लोगों ने
ग़लत काम किया है और उसे मारकर गाड़ी के नीचे घसीटा है.‘’
पुलिस की जांच को लेकर स्थानीय लोगों
ने आज (सोमवार को) सुल्तानपुरी थाने का घेराव भी किया.
हालांकि, पुलिस अभी घटना को एक्सीडेंट ही मान रही है.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी हुड्डा ने बताया, “इस मामले में एक मेडिकल बोर्ड बनाया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कुछ और सेक्शन जोड़े जा सकते हैं.”
उन्होंने बताया कि इस मामले में पांच अभियुक्त गिरफ़्तार हैं. पुलिस उन्हें क्राइम सीन पर ले जाएगी. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर टाइमलाइन बनाई जाएगी. अभियुक्तों ने जो बताया है, उसकी पुष्टि की जाएगी.
स्पेशल सीपी हुड्डा ने पुलिस की जांच पर उठ रहे सवालों को ख़ारिज किया.
उन्होंने कहा कि पुलिस के पास गाड़ी का सही नंबर नहीं था. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नंबर पता करने के बाद अभियुक्तों को पकड़ा गया.
स्कूटी के जरिए पीड़िता के बारे में जानकारी जुटाई गई.
उन्होंने ये भी बताया कि इस मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और पुलिस पीड़िता के रिश्तेदारों के भी संपर्क में है.
पीड़िता के रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों के अलावा आम आदमी पार्टी भी इस मामले को लेकर आक्रामक है.
आम आदमी पार्टी दिल्ली पुलिस पर की जांच पर सवाल उठा रही है. इसे लेकर पार्टी ने आज दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के घर को घेरने की कोशिश भी की.
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने भी इस घटना पर दुख जाहिर किया. उन्होंने कहा कि वो अपराधियों की 'राक्षसी असंवेदनशीलता' देख हैरान हैं.