कोविड को रोकने के लिए राज्य बढ़ाएं टेस्टिंग: स्वास्थ्य मंत्री

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पड़ोसी देश चीन में तेज़ी से बढ़ते कोविड संक्रमण के मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि पहले की तरह ही राज्यों और केंद्र सरकार को साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा कि टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-वैक्सीनेट और कोविड प्रोटोकॉल का पालन ही कोविड के रोकथाम की विश्वसनीय रणनीति है.
आधिकारिक बयान के मुताबिक़, राज्यों से कहा गया है कि वे सावधानी बरतें और पहले से जारी किए गए एहतियाती कदमों का पालन करना जारी रखें.
मनसुख मांडविया ने कहा, “इंडियन सार्स कोविड-2 जेनोमिक्स कंसोर्टियम के ज़रिए नए मामलों में कोविड के नए वैरिएंट की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाए ताकि समय रहते इसके प्रसार की पहचान की जा सके. इसके लिए समुदाय के स्तर पर निगरानी के साथ-साथ अस्पतालों, सीवेज और सांस से फ़ैलने वाले वायरस की निगरानी ज़रूरी है.”
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इस मीटिंग में राज्यों को केंद्रशासित प्रदेशों से टेस्टिंग को बढ़ाने की अपील की गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 22 दिसम्बर तक देश में कोविड टेस्ट की दर दस लाख में 79 है जिसे बढ़ाने की ज़रूरत है.
राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों, प्रधान सचिवों, एडिशनल चीफ़ सेक्रेटरी और इनफ़ार्मेशन कमिश्नर की एक वर्चुअल मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कोविड मैनेजमेंट के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है.
चीन, जापान, ब्राज़ील और अमेरीका में कोविड के बढ़ते मामलों के चलते देश में कोविड-19 से निपटने की तैयारियों और वैक्सिनेशन की प्रगति को लेकर ये समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी.
इस बैठक में राज्य मंत्री (स्वास्थ्य) भारती प्रवीन पवार और नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल भी मौजूद थे.


















