भारत ने गुरुवार को 5,000 किलोमीटर से अधिक की रेंज वाली परमाणु ताकत से सक्षम अग्नि-V बैलिस्टिक मिसाइल का कथित तौर पर सफ़लतापूर्वक परीक्षण किया.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and शुभम किशोर
भारत-चीन ताज़ा विवाद के बीच 60 साल पुराना युद्ध क्यों याद आ रहा है
इमेज स्रोत, Getty Images
60 साल पहले पतझड़ के मौसम की सुबह थी जब युद्ध शुरू हुआ था. 23 अक्टूबर 1962 को चीन और भूटान की सीमा नॉर्थ ईस्ट फ़्रंटियर एजेंसी (नेफ़ा) में चीन के सैनिकों ने भयंकर गोलाबारी शुरू कर दी.
यह इलाक़ा आज अरुणाचल प्रदेश है जिस पर चीन अपना हक़ होने का दावा करता है. दोनों पक्षों के बीच साल भर में तनाव की ये ताज़ा घटना यहीं की है.
'चाइनाज़ इंडिया वॉरः कोलिज़न कोर्स ऑन द रूफ़ ऑफ़ द वर्ल्ड' के लेखक और स्वीडिश पत्रकार बर्टिल लिंटनर को भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया, "गोलाबारी से आसमान में उजाला हो जाता था और विस्फोट की आवाज़ पहाड़ों में गूंजती थी."
चीनी सैनिकों ने एक भारतीय पोस्ट को क़ब़्जा कर लिया, 17 भारतीय सैनिक मारे गए और 13 को पकड़ लिया गया.
न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी केन विलियमसन ने छोड़ी टेस्ट कप्तानी
इमेज स्रोत, Getty Images
न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज़ केन विलियमसन
ने टेस्ट क्रिकेट की कप्तानी छोड़ने का निर्णय लिया है.
केन की जगह अब न्यूज़ीलैंड टेस्ट टीम की कमान गेंदबाज टिम
साउदी को सौंपी जा रही है. हालांकि केन वनडे फॉर्मेट और टी20 फॉर्मेट में न्यूज़ीलैंड के कप्तान रहेंगे.
न्यूज़ीलैंड टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने को लेकर केन
विलियमसन ने कहा कि “टेस्ट कप्तानी
छोड़ने का फ़ैसला करने का यह सही समय है. मैंने टेस्ट टीम की कप्तानी की यह मेरे
लिए सौभाग्य की बात है. टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सबसे ऊपर है और इसके कैप्टन के रूप
में आई चुनौतियों का मैने आनंद लिया."
"कैप्टन के रूप में आपका काम और बढ़ जाता है.
करियर के इस मोड़ पर आकर मुझे लगा कि यह सही समय है कि मैं टेस्ट कप्तानी छोड़ दूं.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
Live: छपरा में ज़हरीली शराब से कई मौतें, जानिए क्या कह रहे हैं पीड़ित परिवार
Live: छपरा में ज़हरीली शराब से कई मौतें. मशरक में पीड़ित परिवारों से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता चंदन जजवाड़े
ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन से जुड़े यूएन के प्रस्ताव पर भारत ने वोटिंग में नहीं लिया हिस्सा
इमेज स्रोत, Getty Images
भारत ने गुरुवार को ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शनकारियों के
ख़िलाफ़ की जा रही कथित ज़्यादती को लेकर एक फ़ैक्ट-फ़ाइंडिंग मिशन गठित करने के संयुक्त
राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के प्रस्ताव पर वोटिंग से हिस्सा नहीं लिया.
16 सितंबर से ईरान में हिजाब ना पहनने को लेकर शुरू हुए
विरोध प्रदर्शन अब ईरान भर में फैल चुके हैं, और सुरक्षाबलों की ओर से प्रदर्शनकारियों
पर भारी बल प्रयोग की रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. ईरान में सार्वजनिक तौर पर मौत की
सज़ा देने के भी दो मामले सामने आए हैं.
ये सब कुछ शुरू हुआ एक 22 साल की महिला महसा अमीनी की मौत
से. अमीनी को ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने ‘हिजाब ठीक से ना पहनने’ के कारण गिरफ़्तार
कर लिया और हिरासत में ही उनकी मौत हो गई.
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, गुरुवार को हुए संयुक्त राष्ट्र
सत्र में जर्मनी और आइसलैंड ने फ़ैक्ट-फ़ाइंडिंग मिशन गठित
करने का प्रस्ताव लाया जिसका अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जापान
सहित 25 देशों ने समर्थन किया.
छह देशों - चीन, पाकिस्तान, क्यूबा, इरिट्रिया, वेनेज़ुएला और
आर्मेनिया ने इसका विरोध किया, जबकि 16 देशों ने
वोटिंग में भाग नहीं लिया और भारत उनमें से एक था.
अगला साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल - रघुराम राजन
इमेज स्रोत, Getty Images
पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि भारतीय
अर्थव्यवस्था के लिए अगला साल मुश्किल होने वाला है, देश के लिए 5 फ़ीसदी की विकास
दर भी हासिल कर पाना मुश्किल होगा और दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए भी आने वाला
साल आसान नहीं होगा.
बुधवार को राजस्थान में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने
वाले रघुराम राजन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ एक बातचीत में ये बातें कहीं.
राजन ने कहा, “अगर हम अगले साल 5 फ़ीसदी की दर से वृद्धि कर पाए तो हम भाग्यशाली
होंगे, आपको समझना होगा कि विकास के आंकड़ों के साथ समस्या ये है कि इसकी तुलना
किसके साथ करते हुए इसे माप रहे हैं. अगर आपकी पिछली तिमाही बेहद बुरी रही तो
ज़ाहिर है नंबर्स उसके मुकाबले बेहतर दिखेंगे.”
“कायदे से अगर हम 2019 यानी महामारी के समय के पहले की तुलना 2022 से करें
तो हमारी विकास दर 2 फ़ीसदी रही है जो बेहद कम है.”
इमेज स्रोत, SOCIAL MEDIA
मंदी के पीछे के कारण के बारे में पूछे जाने पर राजन ने कहा कि कोविड -19 महामारी "समस्या का हिस्सा" ज़रूर थी लेकिन भारत की "महामारी से पहले ही धीमे विकास” की ओर बढ़ रहा था.
उन्होंने कहा कि भारत वो सुधार लाने में फेल साबित हुआ जिससे देश की विकास दर बेहतर की जा सकती थी.
भारत की पाकिस्तान को दो टूक- ओसामा की मेज़बानी करने वालों को उपदेश का हक़ नहीं
इमेज स्रोत, DrSJaishankar/Twitter
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार शाम संयुक्त
राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा है कि ‘जो मुल्क पड़ोसी देश की संसद पर हमला करता हो और
लादेन को पनाह देता हो, उसे यहां ज्ञान नहीं देना चाहिए.’
भारत संयुक्त इस समय राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता
कर रहा है.
सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री
बिलावल भुट्टो जरदारी ने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ‘हम मानते हैं कि ये एक बहुराष्ट्रीय उद्देश्य है. संयुक्त
राष्ट्र सुरक्षा परिषद का उद्देश्य है.
अगर आप इस बहुपक्षीय संस्थान और बहुपक्षवाद
को सफल होते देखना चाहते हैं तो आप इस दिशा में योगदान दे सकते हैं. कश्मीर से जुड़े
यूएनएससी के प्रस्तावों को अनुमति दी जाए.
ये साबित करें कि बहुपक्षवाद सफल हो
सकता है. और ये साबित करें कि यूएनएससी सफल होकर हमारे क्षेत्र में शांति ला सकता
है.’
इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पलटवार करते हुए कहा,
‘संयुक्त राष्ट्र
की विश्वसनीयता इस पर टिकी है कि यह हमारे दौर की बड़ी चुनौतियां जैसे महामारी, जलवायु
परिवर्तन, संघर्ष या
आतंकवाद का कैसे सामना करती है.
हम आज यहां बहुपक्षवाद में सुधार पर बात करने के
लिए आए हैं. ये स्वाभाविक है कि हमारे अपने विचार हैं. लेकिन ये माना जा रहा है कि
इसे अब टाला नहीं जा सकता.
और हम जब इन समस्याओं के उचित और सटीक समाधान तलाश
रहे हैं तो हमारी बातचीत में इनके सामान्यीकरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता. दुनिया
जिसे अस्वीकार्य मानती है, उसे सही ठहराने का सवाल ही नहीं उठना चाहिए.
ये बात किसी
राज्य की ओर से पोषित सीमा पार आतंकवाद पर निश्चित रूप से लागू होती है. और न ही ओसामा
बिन लादेन को पनाह देने एवं पड़ोसी देश की संसद पर हमला करना आपको इस सभा में
ज्ञान देने का आधार नहीं देता.’
चीन ने राजनयिकों को ब्रिटेन से वापस बुलाया, मैनचेस्टर हिंसा को लेकर उठाया क़दम
इमेज स्रोत, Reuters
चीन ने अपने छह अधिकारियों को ब्रिटेन से वापस बुला लिया है. इसमें
चीन के ब्रिटेन में सबसे वरिष्ठ राजनयिक का नाम भी शामिल है. मैनचेस्टर में चीन के वाणिज्य दूतावास पर हुई
हिंसा के दो महीने बाद ये क़दम उठाया गया है.
ब्रिटेन ने चीनी अधिकारियों से अपील की थी कि वह अपने राजनयिक संरक्षण
को ख़त्म कर अक्टूबर में हुई घटना की जांच की अनुमति दें.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने चीन के इस फ़ैसले पर
निराशा ज़ाहिर करते हुए कहा कि अब इन छह राजनयिकों को न्याय नहीं मिल पाएगा.
चीन ने जिन लोगों को वापस बुलाया है उनमें काउंसल-जनरल ज़ांग ज़ाइयुएन
का नाम शामिल है, जिन पर एक लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी की पिटाई करने का आरोप
है.
काउंसल-जनरल ज़ांग ज़ाइयुएन मैनचेस्टर में चीन के वाणिज्य दूतावास के
संचालन का काम देखते हैं और उन पर आरोप है कि उन्होंने दूतावास के बाहर लोकतंत्र-समर्थक
प्रदर्शनकारी बॉब चैन की पिटाई की.
इमेज स्रोत, Getty Images
क्या है ये पूरा ममाला?
16 अक्टूबर को लगभग 40 लोग मैनचेस्टर में चीनी वाणिज्य दूतावास के बाहर लोकतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए जुटे थे. चूंकि ये दूतावास था इसलिए कोई प्रदर्शनकारी इसके अंदर दाख़िल नहीं हो सकता था.
पुलिस के मुताबिक़ लगभग दोपहर 12 बजे कुछ लोग दूतावास की इमारत से बाहर निकले और एक प्रदर्शनकारी बॉब चैन को घसीट कर दूतावास के भीतर ले गए और उनकी पिटाई की.
इस घटना के बाद एक कंज़र्वेटिव सांसद ने तस्वीरों में ज़ांग ज़ाइयुएन की पहचान की और आरोप लगाए कि प्रदर्शनकारी बॉब चैन को मारने वालों में ज़ाइयुएन भी शामिल थे. हालांकि ज़ाइयुएन ने इस तरह के आरोपों को ख़ारिज किया है.
अब घटना के लगभग दो महीने बाद चीन ने अपने अधिकारियों को वापस बुलाने का फ़ैसला किया है. माना जा रहा है कि चीन ने ब्रिटेन के साथ आगे ‘जैसे को तैसा’ वाली कार्रवाई से बचने के लिए और विवाद को हल्का करने के लिए ये क़दम उठाया है.
हालांकि, लंदन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि “ब्रिटेन, चीनी कर्मचारियों की सुरक्षा करने में विफल रहा है.”
साथ ही कहा गया कि ज़ांग ज़ाइयुएन को वाणिज्य दूतावास में उनके कार्यकाल ख़त्म होने के बाद एक सामान्य रोटेशन प्रक्रिया के तहत चीन वापस बुलाया गया है.
नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.
ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 14 दिसंबर के अपडेट्स के लिए आपयहां क्लिककर सकते हैं.
आज की अहम ख़बरें -
चीन ने अपने छह अधिकारियों को ब्रिटेन से वापस बुला लिया है, इसमें चीन के ब्रिटेन में सबसे वरिष्ठ राजनयिकों का नाम भी शामिल है.
मोरक्को को 2-0 से हरा कर फ़्रांस पहुंचा फ़ाइनल में, अब रविवार को फ़ीफ़ा विश्वकप का फ़ाइनल अर्जेंटीना और फ़्रांस के बीच खेला जाएगा.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि जिस देश ने ओसामा बिन लादेन की मेज़बानी की उसे 'उपदेश' देने का हक़ नहीं.
ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने तीसरे टी-20 मैच में भारतीय महिला टीम को 21 रन से हरा दिया.