भारत ने गुरुवार को 5,000 किलोमीटर से अधिक की रेंज वाली परमाणु ताकत से सक्षम अग्नि-V बैलिस्टिक मिसाइल का कथित तौर पर सफ़लतापूर्वक परीक्षण किया.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and शुभम किशोर
कोटा क्यों बन रहा है छात्रों के लिए 'मौत की फ़ैक्टरी'- ग्राउंड रिपोर्ट
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एंबुलेंस में रखे डीप फ़्रीज़र को पकड़ कर एक महिला लगातार रोए जा रही है. उनके आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.
'मेरा भाई, मेरा भाई' कहते हुए वो बिलख रही हैं.
यह एंबुलेस राजस्थान में कोटा के एमबीएस अस्पताल की मॉर्चरी के सामने खड़ी है. मॉर्चरी के बाहर पुलिसकर्मी काग़ज़ी कार्रवाई कर रहे हैं. आस-पास कुछ छात्र भी हैं.
एक छात्र से पूछने पर मालूम हुआ कि डीप फ़्रीज़र में 17 साल के अंकुश का शव रखा हुआ है. डीप फ़्रीज़र से लिपट कर रो रही महिला अंकुश की बड़ी बहन हैं.
पुलिस के मुताबिक़, कोटा में एक ही दिन में ख़ुदकुशी करने वाले तीन छात्रों में से एक अंकुश भी था.
सऊदी अरब के लिए जासूसी करने के आरोप में ट्विटर के एक पूर्व कर्मचारी को सज़ा
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ट्विटर
के एक पूर्व मैनेजर को सऊदी अरब के लिए जासूसी करने के मामले में दोषी पाया गया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कई
साल पहले उन्होंने सऊदी अरब के साथ डेटा शेयर किया था और संभावित रूप से यूज़र्स की पहचान
को ज़ाहिर किया.
अमेरिकी
अभियोजकों ने कहा है कि उन्हें साढ़े तीन साल की सज़ा सुनाई गई है.
सैन
फ्रांसिस्को की संघीय अदालत ने इस साल अगस्त में अहमद अबूम्मो को दोषी पाया.
अभियोजकों
ने अबूम्मो के लिए सात से अधिक क़ैद की सज़ा की मांग की थी इसके पीछे तर्क दिया था
कि सज़ा कड़ी होनी चाहिए ताकि ‘सोशल
मीडिया और तकनीक की इंडस्ट्री में लोग आम यूज़र्स के डेटा स तरह ना बेंच सकें.’
हालांकि
जूरी ने उन्हें साढ़े तीन साल की सज़ा ही सुनाई.
देसी शराब बनाने में आख़िर ग़लती कहाँ हो जाती है और कैसे बन जाती है ये जानलेवा?
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ज़हरीली शराब से हुई मौतों ने एक बार फिर इस सवाल को हमारे सामने रख दिया है कि आख़िर 'कच्ची शराब' बनाने में वो क्या ग़लती है जिससे ये ज़हर बन जाती है.
ऐसा भी नहीं है कि देसी शराब बनाने, बेचने और पिलाने का धंधा नया है और देसी शराब के कारोबार में ज़हर का क़हर कोई पहली बार टूटा है. जब से ये कारोबार है तब से इस तरह की मिलावट का सिलसिला जारी है. कई बार देश के कई हिस्सों से ज़हरीली शराब के कारण मौत की ख़बरें आ चुकी हैं.
देसी शराब जिसे आम बोलचाल की भाषा में 'कच्ची दारू' भी कहते हैं, उसका रासायनिक सच बहुत ही साधारण सा है.
कच्ची शराब को अधिक नशीली बनाने के चक्कर में ही ये ज़हरीली हो जाती है. सामान्यत: इसे गुड़, शीरा से तैयार किया जाता है. लेकिन इसमें यूरिया और बेसरमबेल की पत्तियां डाल दी जाती हैं ताकि इसका नशा तेज़ और टिकाऊ हो जाए.
बिहार में ज़हरीली शराब से मरने वालों पर तेजस्वी यादव ने क्या कहा
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बिहार में कथित तौर पर ज़हरीली शराब से हुई मौतों पर राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है कि बीजेपी शासित राज्यों में अधिक गंभीर स्थिति है.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, "ज़हरीली शराब की वजह से मरने वालों के मामले में भारतीय जनता पार्टी द्वारा शासित राज्य टॉप 3-4 में आते हैं. अगर आप बिहार और गुजरात की तुलना करें तो पिछले चार सालों में गुजरात में 50 लोगों की मौत हुई है जबकि बिहार में 21 लोग मरे हैं. बीजेपी के लोगों का एजेंडा केवल झूठ और नफ़रत फैलाना है."
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उन्होंने कहा, "अभी छपरा में शराबकांड हुआ है जिसमें लोगों की मृत्यु हुई है, तो ये लोग (भाजपा) 3-4 महीने पहले कहां थे. जब गोपालगंज कांड हुआ था तब भाजपा वाले मौन धारण किए हुए थे. तब उनके एक मंत्री के रिश्तेदार के घर पर शराब बरामद हुआ था तब कोई कुछ क्यों नहीं बोल रहा था?"
"आज वे लोग केवल नाटक कर रहे हैं. जब सत्र चल रहा हो तो बीच में इस तरह का नाटक करना उचित नहीं है. दरअसल, इनके पास कोई मुद्दा नहीं है, ये 2024 को लेकर डरे हुए हैं."
पाकिस्तान: एक शख़्स ने बलूचिस्तान में बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया
वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान के एक शख़्स ने बलूचिस्तान के दुर्गम इलाक़े में बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया.
हर बच्चे को शिक्षा मिले ये उसका अधिकार है, लेकिन उन बच्चों का क्या जो पाकिस्तान के दुर्गम इलाकों में रहते हैं.
पर पाकिस्तान के एक शख़्स ने बलूचिस्तान के दुर्गम इलाक़े में बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का बीड़ा उठाया और तमाम मुश्किलों के बावजूद एक स्कूल खोलने में कामयाब रहे.
देखिए पाकिस्तान से मोहम्मद काज़िम की ये रिपोर्ट.
गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन जलाए जाने के मामले में दोषी ठहराये गए एक व्यक्ति को बेल
....में
Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, SEBASTIAN D'SOUZA/AFP VIA GETTY IMAGES
इमेज कैप्शन, 27 फरवरी, 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में आग लगा दी गई थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद गुजरात में दंगे भड़क गए थे.
गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन जलाए जाने के मामले में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे एक शख़्स फ़ारूक़ को सुप्रीम कोर्ट ने आज जमानत दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फ़ारूक़ पहले ही 17 साल जेल में रह चुके हैं और ट्रेन जलाए जाने के मामले में उनकी भूमिका पत्थरबाज़ी करने की थी.
चीफ़ जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ की बेंच ने गुरुवार के आदेश में कहा, "हम फ़ारूक़ को जमानत देंगे क्योंकि वो पहले ही 17 साल जेल में रह चुके हैं."
साल 2002 में गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच को जलाए जाने के मामले में फ़ारूक़ को पत्थरबाज़ी के आरोप में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.
वीडियो कैप्शन, इस बार गोधरा सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर ख़बरों में है.
चीफ़ जस्टिस ने जमानत देने का फ़ैसला सुनाते हुए कहा, "17 साल बीत गए हैं. दोषी ठहराए जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उनकी अपील शीर्ष अदालत में पेंडिंग है."
सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में 13 मई, 2002 को एक अन्य अभियुक्त अब्दुल रहमान धनतीया उर्फ कनकट्टू को छह महीने के लिए जमानत दे दी थी. अब्दुल की पत्नी को कैंसर था और उनकी बेटियां मानसिक रूप से बीमार थीं.
11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अब्दुल की जमानत 31 मार्च, 2023 तक के लिए बढ़ा दी थी. 27 फरवरी, 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में आग लगा दी गई थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद गुजरात में दंगे भड़क गए थे.
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सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस मामले में गुजरात सरकार का पक्ष रखते हुए फ़ारूक़ को जमानत दिए जाने का विरोध किया.
उनका कहना था कि इस मामले में फ़ारूक़ और दूसरे अभियुक्तों ने ट्रेन पर पत्थर फेंके थे जिससे जलती हुई ट्रेन से लोगों को भागने में बाधा पहुंची थी.
उन्होंने कहा, "ये महज पत्थरबाज़ी का मामला नहीं है. फ़ारूक़ समेत अन्य अभियुक्तों को इस केस में जमानत नहीं दी जानी चाहिए."
अक्टूबर, 2017 में गुजरात हाई कोर्ट ने इस केस में 11 अभियुक्तों की सज़ा को मृत्युदंड से उम्र क़ैद में बदल दिया था और 20 दोषियों के आजीवन कारावास की सज़ा को बरकरार रखा था.
चीन और भारत ने लगाया एक-दूसरे पर आरोप
वीडियो कैप्शन, भारतीय रक्षा मंत्री का बयान अरुणाचल में घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सैनिकों ने किया नाकाम.
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प की ये घटना 9 दिसंबर को हुई.
इससे पहले जून 2020 में पूर्वी लद्दाख में चीन की सेना के साथ गलवान में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की जान चली गई थी.
गलवान के बाद यह पहला मौका है जब चीन और भारत के सैनिकों के बीच कोई हिंसक झड़प हुई है.
अरुणाचल में जो विवाद हुआ है.
उसकी क्या वजह है? यही जानने के लिए बीबीसी ने बात की काठमांडू की त्रिभुवन यूनिवर्सिटी में भारत-चीन संबंधों के जानकार प्रोफ़ेसर पुष्प अधिकारी से.
भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ़ पहली पारी में बनाए 404 रन
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भारत
और बांग्लादेश के बीच चल रहे टेस्ट मैच में पहली पारी में भारत ने 404 रन बनाए. पहली
पारी में चेतेश्वर पुजारा, श्रेयस अय्यर और रविचंद्रन
अश्विन ने शानदार प्रदर्शन किया. रविचंद्रन अश्विन ने अपना 13वां टेस्ट अर्धशतक लगाया और
कुलदीप यादव ने 40 रन बनाए.
श्रेयस अय्यर ने 86 बनाए, उन्होंने 192 गेंदों पर 10 चौके लगाए. अश्विन ने 58 रनों की अहम पारी खेली. उन्होंने 113 गेंदों पर 2 चौके और 2 छक्के लगाए. अश्विन और कुलदीप के बीच अच्छी साझेदारी हुई. इन दोनों ने 200 गेंदों का सामना करते हुए 87 रनों की साझेदारी निभाई.
मुकाबले के पहले दिन भातीय कप्तान केएल
राहुल और शुभमन गिल ने ओपनिंग की. राहुल ने 54 गेंदों में 22 रन बनाए और शुभमन गिल 40 गेंदों में 20 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. विराट कोहली महज 1 बनाया.
उत्तर प्रदेश: अयोध्या में सड़कें चौड़ी हो रही हैं, दुकानें टूट रही हैं और लोग रो रहे हैं
वीडियो कैप्शन, उत्तर प्रदेश: अयोध्या में सड़कें चौड़ी हो रही हैं, दुकानें टूट रही हैं और लोग रो रहे हैं
अयोध्या में इन दिनों राम जन्म भूमि को जाने वाली तीन सड़कों (राम पथ, जन्म भूमि पथ और भक्ति पथ) को चौड़ा करने का काम चल रहा है. लेकिन कुछ अयोध्या वासी दुकानों को तोड़ने और सरकार के इन सड़कों के इर्द गिर्द हो रहे ज़मीन अधिग्रहण की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं.
कुछ ऐसे भी हैं जो कहते हैं कि उन्होंने राम मंदिर के लिए कारसेवकों की देखभाल की, लेकिन आज उन्हें अपनी रोज़ी-रोटी छिनती हुई नज़र आ रही है.
वो सरकार से मिल रहे मुआवज़े को कम बता रहे हैं और कुछ कहते हैं कि जो नई दुकाने उन्हें मिल रही हैं, वो मंदिर परिसर से दूर हैं और वहां उन्हें नए सिरे से व्यापार करना पड़ेगा.
अयोध्या के ये दुकानदार कहते हैं कि वो विकास विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें अपनी दुकाने और अपने घर टूटते देख ऐसा लगता है कि उनकी ज़िंदगियां उजड़ सी गई हैं.
प्रशासन का कहना है कि सड़कों के लिए अधिग्रहण का काम नियमों के अनुसार हो रहा है, लोगों की सहमति से हो रहा है, और उसके लिए उचित मुआवज़ा मिल रहा है.
प्रशासन कहता है कि वो दुकानदार और मकानमालिकों के प्रति संवेदनशील है, लेकिन जब कभी विकास होता है और सृजन होता है तो लोगों को थोड़ी पीड़ा ज़रूर होती है.
उद्धव ठाकरे की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने फ़ैसला सुरक्षित रखा
....में
Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
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दिल्ली हाई कोर्ट के एक जज के फ़ैसले के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अपील पर उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने गुरुवार को अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा है.
इससे पहले शिवसेना के चुनाव चिह्न 'तीर-धनुष' को फ्रीज़ करने के चुनाव आयोग के फ़ैसले को चुनौती देने वाली उद्धव ठाकरे की याचिका को हाई कोर्ट के सिंगल जज बेंच ने ठुकरा दिया था.
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रामोनियम प्रसाद की खंडपीठ ने उद्धव ठाकरे की अपील पर कहा, "इस मामले में हम अपना फ़ैसला सुरक्षित रख रहे हैं."
इस केस में कोर्ट में उद्धव ठाकरे की तरफ़ से कपिल सिब्बल और अन्य वकीलों ने पक्ष रखा.
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सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा, "जब मेरा चुनाव चिह्न ज़ब्त कर लिया गया तो चुनाव आयोग ने मेरा पक्ष नहीं सुना. इतिहास में पहले कभी भी दूसरे पक्ष को सुने बिना कोई फ़ैसला नहीं सुनाया गया था. हाई कोर्ट ने कहा कि प्रिलिमनेरी ऑब्जेक्शंस पर सुनवाई नहीं हो सकती है, ये कैसे संभव है? वे ऐसा कैसे कर सकते हैं, मैं इस आदेश में केवल इसका स्पष्टीकरण चाहता हूं. इससे ज़्यादा कुछ भी नहीं."
कपिल सिब्बल ने इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से वाजिब आदेश देने की मांग की है.
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस संजीव नरूला ने 15 नवंबर को उद्धव ठाकरे की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग की कार्यवाही के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोई रोक नहीं है.
8 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे, दोनों ही नेताओं को इस मामले में अंतिम फ़ैसला दिए जाने तक शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया था.
बिहार में सीटीईटी-बीटीईटी अभ्यर्थियों पर फिर चली लाठी
वीडियो कैप्शन, बिहार में सीटीईटी-बीटीईटी अभ्यर्थियों पर फिर चली लाठी
बिहार की राजधानी पटना के व्यस्ततम चौराहे ‘डाक बंगला चौराहे’ पर प्रदर्शन कर रहे सीटीईटी-बीटीईटी की परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों पर एक बार फिर से लाठीचार्ज हुआ.
सीटीईटी अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से विज्ञप्ति जारी करने और बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. मंगलवार से बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हुई है और सीटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव का कॉल दिया था.
सीटीईटी अभ्यर्थी जब गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़े तो उन्हें डाकबंगला चौराहे पर ही रोक लिया गया. कई घटों तक डाकबंगला चौराहे पर जाम की स्थिति बनी रही.
क़रीब तीन महीने पहले भी शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ था.
तब एक तिरंगा लिए सीटीईटी अभ्यर्थी पर लाठीचार्ज करने पर पटना के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर के के सिंह को सस्पेंड तक कर दिया था.
चीन से तनाव के बीच ईस्टर्न कमांड के सैन्य अभ्यास पर क्या कहा एयरफोर्स ने
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भारतीय
वायु सेना के ईस्टर्न कमांड अपने क्षेत्र में 15 और 16 दिसंबर को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैन्य अभ्यास करेगी.
एयरफोर्स ने अपने बयान में कहा है कि "तवांग में हाल के घटनाक्रमों से पहले ही इस अभ्यास की योजना
थी,
और इसका हालिया घटनाओं कोई ताल्लुक़ नहीं है." ये अभ्यास वायु सेना चालक दल के प्रशिक्षण के लिए आयोजित किया जा रहा है.
9 दिसंबर, 2022 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत
और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी.
रक्षामंत्री
राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में बयान देते हुए कहा कि "9
दिसंबर 2022 को पीएलए सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांगत्से एरिया में लाइन ऑफ
एक्चुअल कंट्रोल पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने का प्रयास किया. चीन के
इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया है."
उन्होंने
कहा,
"इस फेस ऑफ में हाथापाई भी हुई है. भारतीय
सेना ने पीएलए को उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया."
राजनाथ
सिंह ने कहा, "इस झड़प
में दोनों ओर के सैनिकों को चोटें भी आई हैं. इस घटना में हमारे किसी भी सैनिक की
न तो मृत्यु हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है."
बिहार की वो ‘निर्भया’ जो महज़ 13 साल की थी
वीडियो कैप्शन, बिहार की वो ‘निर्भया’ जो महज़ 13 साल की थी
बिहार की एक 13 साल की लड़की के सामूहिक बलात्कार और हत्या के लिए उसके टीचर समेत दो लोगों को मौत की सज़ा हुई. पर अपील पर उन्हें बरी कर दिया गया.
क्या अब ‘निर्भया’ के घर से निकलेगा उसके इंसाफ़ का रास्ता?
वीडियोः दिव्या आर्य और काशिफ़ सिद्दीक़ी
नीतीश कुमार पीएम बनने की महत्वाकांक्षा पर बिहार को कुर्बान कर रहे हैं: आरसीपी सिंह
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इमेज कैप्शन, पूर्व राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह
बिहार के छपरा ज़िले में ज़हरीली शराब से बड़ी संख्या में लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कभी सहयोगी रहे और पूर्व राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने उन पर आरोप लगाया है कि वे देश पर शासन करने की अपनी निजी महत्वाकांक्षा के लिए राज्य को कुर्बान कर रहे हैं.
पूर्व जेडीयू नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के मक़सद के लिए उन्होंने राज्य को दरकिनार कर दिया है.
उन्होंने कहा, "साल 2020 में जब से वे मुख्यमंत्री बने हैं, वे मुख्यमंत्री पद की अपनी जिम्मेदारी को पूरा नहीं कर रहे हैं."
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उन्होंने कहा, "उनका पूरा ध्यान इस बात पर है कि किस तरह से विपक्ष के लोग उन्हें प्रधानमंत्री बनाने के लिए अपना समर्थन दे दें. उन्होंने ईमानदारी से काम किया था लेकिन अब वे प्रधानमंत्री बनने के लिए बेकरार हो गए हैं."
"आपने बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए शपथ लिया था और सत्ता में आए आपको 17 साल हो गए हैं. आज बिहार की जीडीपी देश में सबसे निचले स्तर पर है."
अरुणाचल में झड़प के बाद जयशंकर ने यूएन में चीन का नाम लिए बग़ैर ये कहा
इमेज स्रोत, Twitter/DrSJaishankar
इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार शाम संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में नाम लिए बिना चीन को आड़े हाथों लिया.
उन्होंने कहा कि दुनिया जब आतंकवाद का सामना करने के लिए एक साथ, एक मंच पर आ रही है तब आतंकवाद फैलाने वालों का बचाव करने के लिए बहुपक्षीय मंचों का दुरुपयोग किया जा रहा है.
इस दौरान एस जयशंकर ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी पर भी निशाना साधा और कहा कि 'ओसामा बिन लादेन को पनाह देना और पड़ोसी देश की संसद पर हमला करना आपको उस सभा में ज्ञान देने का आधार नहीं देता.'
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, एस जयशंकर ने ये बातें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओपन डिबेट की अध्यक्षता करते हुए कही.
ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार में ज़हरीली शराब से हुई मौत पर नीतीश कुमार ने कहा- जो शराब पिएगा, वो मरेगा ही...
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बिहार के छपरा में कथित तौर पर
ज़हरीली शराब पीने से कम से कम 23 लोगों की मौत को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार ने कहा है कि जो शराब पिएगा
वो मरेगा ही, ये तो उदाहरण सामने है. ऐसी बातों पर दुख प्रकट करना चाहिए और लोगों को
समझाना चाहिए.
राज्य में लागू शराबबंदी क़ानून
पर विपक्ष की आलोचना झेल रहे नीतीश कुमार ने मीडिया से कहा, "ज़हरीली शराब से तो लोग मरते ही हैं, और देश भर में मरते है.
जब शराबबंदी नहीं थी तो भी लोग यहां मरते थे. लोगों को सचेत रहना चाहिए कि जो बंद
है वो बेच रहा है, तो कुछ गड़बड़ ही बेचेगा. लेकिन जो शराब पिएगा, वो मरेगा ही, ये
तो उदाहरण सामने है. ऐसी बातों पर दुख प्रकट करना चाहिए और लोगों को समझाना चाहिए."
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उन्होंने शराबबंदी कानून को सफल बताते हुए कहा, "समाज में कोई भी काम करिए तो कोई-ना-कोई तो गड़बड़ी करेगा ही. अपराध को रोकने के लिए कब से कानून बना हुआ है तब भी हत्या तो लोग करते ही हैं. शराबबंदी कानून से कई लोगों का फ़ायदा हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों ने शराब पीना छोड़ा है."
"कई महिलाओं ने बताया है उनके पति शराब पीते थे, झंझट करते थे, जब से शराबबंदी हुआ, वो सुधर गए, बच्चों को स्कूल भेजने लगे. लेकिन कुछ गड़बड़ करने वाले लोग हैं जिन पर एक्शन होगा, उनकी पहचान करनी है. कोई गरीब को अगर पैसे के लिए कुछ कर रहा तो उसे समझाना है. हमने ये अपनी इच्छा से नहीं किया, महिलाओं की मांग और सबके समर्थन से फैसला लिय़ा. विपक्ष जो सवाल पूछ रहा है उससे पूछिए कि आपका जहां शासन है वहां कितने लोग ज़हरीली शराब से मर रहे हैं, नहीं बोलेंगे."
तेजस्वी को कमान सौंपने के नीतीश के बयान का निहितार्थ और समीकरण क्या है
इमेज स्रोत, VISHNU NARAYAN/BBC
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक बार फिर दोहराया कि उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव 2025 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का नेतृत्व करेंगे.
वे बोले, "हम तो शुरू से ही बोल रहे हैं. ये तो नेतृत्व करबे करेंगे. एकदम करेगा. समझ गए न?"
तेजस्वी यादव को अक्सर बिहार के भविष्य का नेता बताने वाले नीतीश कुमार ने सोमवार को नालंदा में ये कहा था कि "तेजस्वी के नेतृत्व में महागठबंधन 2025 का चुनाव लड़ेगा."
सोमवार को नीतीश ने कहा था, "हम लोग इतना तो कर ही दिए हैं. बाकी जो होगा वो तेजस्वी जी करते रहेंगे, करवाते रहेंगे. कोई दिक़्क़त वगैरह नहीं होगी. कोई आपस में झंझट कराना चाहे तो उलझना नहीं है. आपस में एकजुटता रखना है."
जनरल बाजवा ने पाकिस्तान के साथ वो किया है जो कोई दुश्मन नहीं कर सका: इमरान ख़ान
इमेज स्रोत, PTI
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान का जो कोई दुश्मन नहीं कर सका, वह जनरल बाजवा ने कर दिखाया है.
इमरान खान ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि देश को इस आर्थिक भंवर से कौन निकालेगा.
उन्होंने कहा, "पीटीआई पाकिस्तान की सबसे बड़ी, राष्ट्रीय और संघीय पार्टी है, इसे कमज़ोर करने की कोशिश की गई है. उनका मुंह बंद करने के लिए कोशिश की गई, लेकिन यह बंद नहीं होगा."
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अपने ऊपर लगे मुकदमों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त उन्हें अयोग्य ठहराने के एक सूत्री एजेंडे पर आगे चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि तोशा खाना का मामला जब भी अदालत में जाएगा, यह साबित हो जाएगा कि सब कुछ नैतिक और कानूनी रूप से जायज है.
उन्होंने कहा, "जब विदेशी चंदे के मामले की भी जांच होगी तो यह साफ हो जाएगा कि तहरीक-ए-इंसाफ ही एक ऐसी पार्टी है जिसने ठीक से फंडिंग की है."
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चीन में बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पतालों पर बढ़ता बोझ
वीडियो कैप्शन, चीन में बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से वहां के अस्पतालोंं पर पड़ रहा है बोझ
चीन में ज़ीरो कोविड पॉलिसी लगभग ख़त्म हो गई है, लेकिन कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेज़ी से बढ़ रहा है और अस्पतालों पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है.
हालात इतने ख़राब हो गए हैं कि वायरस के संपर्क में आए डॉक्टरों और नर्सों से भी कहा जा रहा है कि वो काम पर आना जारी रखें क्योंकि मेडिकल स्टाफ़ की कमी है.
बीजिंग से बीबीसी संवाददाता स्टीफ़न मेकडॉनल की रिपोर्ट.
अमेरिका में यूपी के मंत्री ने कहा- योगी आदित्यनाथ को सुशासन के कराण दोबारा चुना गया
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उत्तर
प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि राज्य सरकार ने 25 क्षेत्रों में नीतियां
बनाई हैं और राज्य में सुशासन और सिंगल विंडो ग्रिवांस सेल हैं, जहां आपकी हर शिकायतों का
समाधान होगा.
अमेरिका
के सैन फ्रांसिस्को में मीडिया से बात करते हुए राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, "उत्तर प्रदेश में स्थिर
सरकार है और बेहतर कानून-व्यवस्था है. पहले कहा जाता था कि यूपी में सुरक्षा
व्यवस्था कमज़ोर है, लेकिन योगी आदित्यनाथ को उनके सुशासन के लिए ही दोबोरा चुना गया."
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, अगले
साल 10-12 फरवरी को लखनऊ में होने वाले उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स
समिट-2023 को देखते हुए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री
विदेश दौरे पर हैं. यूपी सरकार का मकसद है कि इस समिट में 10 लाख करोड़ रुपये का
निवेश लाया जाए.
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