अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारतीय
और चीनी सेना के बीच हुई झड़प के बाद हालात तनावपूर्ण हैं.
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में सैन्य यूनिफॉर्म में दो गुट आपस में लग रहे हैं. दोनों गुटों के बीच बाड़ है. कहा जा रहा है कि यह एलएसी का वीडियो है. यह भी कहा जा रहा है कि धक्कामुक्की कर रहे लोग भारत और चीन के सैनिक हैं. इस वीडियो में धक्कामुक्की के दौरान पंजाबी में गाली भी सुनी जा सकती है.
यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि वीडियो कब का और कहाँ का है. बीबीसी भी इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर लोग ख़ूब
प्रतिक्रिया दे रहे हैं. लोग भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की सराहना कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सेना की
तारीफ़ करते हुए कहा, “ये वीडियो जब का भी है और जहां का भी है, हमें गर्व है कि हमारी सेना ने दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए.जब हमारा राजनीतिक नेतृत्व कमर झुका कर और डाइनिंग टेबल
से उठ कर चीन के राष्ट्रपति के सामने मुख़ातिब होता है, तब भी हमारी सेना सीमा पर डट कर दुश्मन से दो-दो हाथ कर रही होती है.”
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने वीडियो को ट्वीट करते हुए कहा, “लगभग 100 बहादुर भारतीय सैनिक बनाम 300 से अधिक चीनी सैनिक, तवांग ने भारतीय सेना का शौर्य देखा, इस तरह हमारे जांबाज जवानों ने चीनी सेना को पीछे धकेल दिया.”
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, “मेरे मित्र और एक पूर्व फौजी ने मुझे ये वीडियो फॉरवर्ड किया है. उन्हें सेना का महावीर चक्र मिला है.नहीं कह सकता कि ये 9 दिसंबर का तवांग के यांग्त्से का वीडियो है लेकिन एक चीज़ साफ़ दिख रही है कि भारतीय सेना, चीनी सेना को सबक सीखा रही है. बहुत बेहतरीन भाइयों, देश आपके पीछे खड़ा है.”
मनीष तिवारी के इस ट्वीट के जवाब में जानी-मानी संपादक और प्रसार भारती की प्रमुख रहीं मृणाल पांडे ने लिखा है, ''एक बात कल से समझ में नहीं आ रही है. इन क्लिपिंग्स में दोनों ओर के सैनिकों की पोशाकें 17000 फ़ुट की ऊंचाई वाले इलाक़े में दिसंबर की हाड़ जमा देने वाली सर्दी के लिए क्या नाकाफ़ी नहीं लगती हैं?''
भारतीय एथलीट और बीजेपी नेता सुरेंदर सिंह पुनिया ने, “भारतीय सेना बनाम चीनी सेना, चीनी सेना भाग रही है. राहुल गांधी को ये देख कर बहुत बुरा लगा रहा होगा.”
मोनिका वर्मा नाम की एक यूज़र लिखती हैं, “नौ दिसंबर का वीडियो नहीं है लेकिन क्या बेहतर डिफ़ेंस दिखाया है भारतीय सेना ने.”
नौ सेना के सेवानिवृत अधिकारी और लेखक हरिंदर एस सिक्का ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, “एक बार फिर भारतीय सेना ने तवांग में चीनी सौनिकों को सबक सिखाने के लिए सिख सैनिकों को कमान सौंपीं. ख़लिस्तान की मांग करने वालों को शर्म से सिर झुका लेना चाहिए. 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल.”
ख़ुद को बॉम्बे हाई कोर्ट का वकील बताने वाले आशुतोष दुबे कहते हैं, “बहुत खूब भाइयों.”
ख़ुद को चीनी मामलों के जानकार बताने वाले एंड्रियू जे फेलान लिखते हैं, “लाठियों और पत्थरों से हड्डियां तोड़ी जाती हैं. अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र के वो दृश्य जो सीजीटीएन टीवी (चीन का सरकारी चैनल) पर नहीं दिखाया जाएगा. ये भारतीय सैनिक इसके अभ्यस्त हैं. यदि वे मारे जाते हैं तो उनके परिवारों की देखभाल की जाती है.”
नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर में भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच झड़प हुई. इसमें सेना के कुछ जवानों को मामूली चोटें आई हैं.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में बयान देते हुए कहा कि "9 दिसंबर 2022 को पीएलए सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांगत्से एरिया में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया. चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया है."
उन्होंने कहा, "इस फेस ऑफ में हाथापाई भी हुई है. भारतीय सेना ने पीएलए को उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया."
राजनाथ सिंह ने कहा, "इस झड़प में दोनों ओर के सैनिकों को चोटें भी आई हैं. इस घटना में हमारे किसी भी सैनिक की न तो मृत्यु हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है."