सोशल मीडिया पर झंडे से 'अल्लाह' हटाया, ईरान ने फ़ीफ़ा से की अमेरिका की शिकायत

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ईरान के फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन ने फ़ीफ़ा से शिकायत की है कि अमेरिका ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के झंडे से उसके राष्ट्र चिह्न को हटा दिया.
मंगलवार को हुई वर्ल्ड कप मीटिंग से पहले, अमेरिका ने ट्विटर, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए ग्राफ़िक्स में ईरान के झंडे से 'अल्लाह' शब्द हटा दिया. ईरान के झंडे पर हरे और लाल रंग के बीच में सफ़ेद रंग पर अल्लाह लिखा है.
अमेरिका ने कहा कि उन्होंने बुनियादी अधिकारों की लड़ाई लड़ रही ईरानी महिलाओं के समर्थन में ईरान का आधिकारिक झंडा न इस्तेमाल करने का फ़ैसला लिया.
ईरान में सितंबर महीने में 22 वर्षीय महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी है. अमीनी को ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने हिरासत में लिया था.
हालांकि ईरानी पुलिस का कहना है कि महसा की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, "ग़ैर-पेशेवर रुख़ अपनाते हुए अमेरिका ने यूएस फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन के इंस्टाग्राम पेज से ईरानी झंडे से अल्लाह शब्द हटा दिया."
"ईरान फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन ने फ़ीफ़ा को ईमेल भेजा है और अमेरिकी फ़ेडरेशन को सख़्त चेतावनी जारी करने की मांग की है."
वहीं, अमेरिकी फ़ुटबॉल के प्रवक्ता ने बाद में कहा कि सोशल मीडिया से पोस्ट हटा दिए गए हैं और उनकी जगह ईरान के सही झंडे लगाए गए हैं. हालांकि, उन्होंने कहा, "हम अभी भी ईरान की महिलाओं को समर्थन करेंगे."
ईरान इससे पहले अमेरिका और अन्य देशों पर प्रदर्शन को हवा देने का आरोप लगाता रहा है. प्रदर्शनकारियों पर ईरान की कार्रवाई के बाद अमेरिका ने भी कई ईरानी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच साल 1980 से कूटनीतिक रिश्ते नहीं है.















